विश्व अस्थमा दिवस: जानिए अस्थमा के कारण और इसे दूर करने के उपाय

Samachar Jagat | Tuesday, 07 May 2019 02:05:51 PM
World Asthma Day: Know the cause of asthma and ways to overcome it

लाइफस्टाइल डेस्क। विश्व अस्थमा दिवस प्रतिवर्ष मई महीने के पहले मंगलवार को पूरे विश्‍व में मनाया जाता है। वर्तमान में वायु प्रदूषण को देखते हुए अस्थमा के रोगियों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इस बीमारी से छोटे बच्चों से लेकर वयोवृध्द जन तक प्रभावित हो रहे हैं। दरअसल, आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और बिगडी लाइफस्टाइल के कारण आज विश्व भर में अस्थमा के ​मरीजों की संख्या में काफी बढ़ रही है। जब तक लोग इस बीमारी को समझ पाते, तब तक यह विकराल रूप धारण कर चुकी होती है। इस बात को मद्देनजर विश्व अस्थमा दिवस मनाने की शुरूआत हुई। जिससे की लोगों को इस रोग के बारे में जागरूक किया जा सके और इसकी रोकथाम की जा सकें। 

अस्थमा के कारण
आपको बता दें कि यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। अ​स्थमा सांस का रोग है। इसमे सांस की नलियों में विशेष संवेदी तत्वों के संपर्क में आने के बाद सिकुडन आ जाती है। यह सिकुडन कुछ घंटों और मिनटो तक रह सकती है। इसके अलावा सांस नली में ऐठन, सूजन और स्त्रावक की मात्रा बढ़ जाना आम बात है। 

तो वहीं जब मौसम में बदलाव होता है। तो बच्चों में अस्थमा और एलर्जी के लक्षण प्रकट होते है। विशेषज्ञ कहते हैं कि मध्यम आयु वर्ग के कुल लोगों में 5 से 10 फीसदी लोगों को एलर्जी और अस्थमा है तो किशोरों और युवाओं में इसका अनुपात 8 से 15 प्रतिशत तक है।

अस्थमा की शुरूआत वायरल इंफेक्शन से भी हो सकती है। युवा यदि बार—बार सर्दी, बुखार से परेशान हो तो यह एलर्जी का संकेत है। यदि इसका समय पर इलाज करवा कर संतुलित जीवन शैली से बच्चों को इस परेशानी से बचाया जा सकता है। 

अस्थमा के लिए आजमाएं ये इलाज

अस्थमा का इलाज डॉक्टर से कराएँ। इलाज के साथ ही इसके बढ़ने के कारणों से बचें, तो ही फायदा हो सकता है। नियम पालन अत्यंत जरूरी है। इसके अलावा आप मैथी के काढ़ा से भी दूर सकते है। इसके लिए एक चम्मच मैथीदाना और एक कप पानी उबालें। हर रोज सबेरे-शाम इस मिश्रण का सेवन करने से निश्चित लाभ मिलता है।


इस ​बीमारी में आप धूम्रपान न करें, कोई कर रहा हो तो उससे दूर रहें, ठंड से तथा ठंडे पेय लेने से बचें, थकान का काम न करें, साँस फूलने लगे ऐसा श्रम न करें। अदरक की गरम चाय में लहसुन की 2 पिसी कलियां मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है। सुबह और शाम इस चाय का सेवन करने से अस्थमा से परेशान मरीज को फायदा होता है।



 

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