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Samachar Jagat | Wednesday, 04 Jul 2018 04:19:33 PM
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एमएसपी वृद्धि से शेयर बाजार में लौटी बहार

Increase in stock market by MSP growth

मुंबई। सरकार के अधिकांश कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भारी बढोतरी करने के निर्णय से ऑटो, एनर्जी, हेल्थकेयर, रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं और बैंङ्क्षकग आदि समूह में बुधवार को हुई जोरदार लिवाली से शेयर बाजार में दो दिनों से जारी गिरावट पर ब्रेक लग गया और सेंसेक्स एवं निफ्टी करीब दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गये।

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 266.80 अंक बढ़कर 35645.40 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 70 अंक उठकर 10769.90अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों में जहां लिवाली को जोर अधिक दिखा वहीं मझौली कंपनियां गिरावट से नहीं उबर सकी और छोटी कंपनियों में कुछ कम लिवाली हुयी। इससे बीएसई का मिडकैप 0.17 प्रतिशत फिसलकर 15415.26 अंक पर रहा जबकि स्मॉलकैप 0.38 फीसदी चढ़कर 16050.59 अंक पर रहा।

सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुये खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए धान सामान्य का एमएसपी 200 रुपये प्रति क्विंटल जबकि मूंग की कीमत में 1400 रुपये और सूरजमुखी की कीमत में 1288 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गयी है।

ज्वार की एमएसपी में पिछले साल की कीमत की तुलना में 730 रुपये प्रति क्विंटल ,बाजरे में 525 रुपये, मक्का में 275 रुपये और कपास के एमएसपी में 1130 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। रागी का एमएसपी 997 रुपये प्रति क्विंटल, तिल का 949 रुपये, रामतिल का 1827 रुपये, सोयाबीन का 349 रुपये, मूंगफली में 440 रुपये अरहर का 225 रुपये और उड़द का एमएसपी प्रति क्विंटल 200 रुपये बढाया गया है।

इस बढोतरी के बाद धान का एमएसपी 1750 रुपये प्रति क्विंटल, तिल का 6249 रुपये, उड़द का 5600 रुपये तथा सोयाबीन का 3399 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। ज्वार का एमएसपी 2430 रुपये, मूंग का 6975 रुपये, अरहर का 5675 रुपये, रागी का 2897 रुपये, मूंगफली छिलका का 4890 रुपये, सूरजमुखी का 5388 रुपये और रामतिल का 5877 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5150 रुपये निर्धारित किया गया है।

वैश्विक स्तर मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर एमएसपी में की गयी बढोतरी से ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढऩे की संभावनाओं से विभिन्न क्षेत्रों में जोरदार लिवाली हुयी जिससे शेयर बाजार में दो दिनों की गिरावट थम गई। बीएसई का सेंसेक्स सुबह में वैश्विक स्तर से मिले संकेतों के आधार पर मामूली सात अंकों की बढ़त के साथ 35385.52 अंक पर खुला और बिकवाली के दबाव में शुरूआत में ही 35309.67 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया।

इसी दौरान सरकार के कृषि उपज की कीमतों में भारी बढोतरी करने की घोषणा से बाजार में लिवाली शुरू हुयी जिसका जोर अंतिम सत्र तक देखा गया। इस दौरान यह 35667.31 अंक के उच्चतम स्तर तक गया। अंत में यह पिछले दिवस के 35378.60 अंक की तलना में 0.75 फीसदी अर्थात 266.80 अंक बढ़कर 35645.40 अंक पर बंद हुआ। 

इसी तरह से एनएसई का निफ्टी 15 अंकों की बढ़त लेकर 10715 अंक पर खुला लेकिन बिकवाली के दबाव में यह 10677.75 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। इसी दौरान एमएसपी वृद्धि से शुरू हुयी लिवाली के बल पर यह 10777.15 अंक के उच्चतम स्तर तक चढ़ा और अंत में पिछले दिवस के 10699.90 अंक की तुलना में यह 70 अंक अर्थात 0.65 अंक की बढ़त लेकर 10769.90 अंक पर रहा। बीएसई में कुल 2745 कंपनियों में लेनदेन हुआ जिनमें से 1265 बढ़त में और 1350 गिरावट में रहे जबकि 130 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इस दौरान जिन समूहों में तेजी रही उनमें ऑटो 1.31 प्रतिशत, एनर्जी 1.03 प्रतिशत, हेल्थकेयर, वित्त, एफएमसीजी, बैंङ्क्षकग, तेल एवं गैस और रियल्टी शामिल है। 

उपराज्यपाल दिल्ली सरकार की सलाह मानने को बाध्य: सुप्रीम कोर्ट,केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया

The Supreme Court is bound to accept the advice of the Delhi Government: Supreme Court,Kejriwal calls it a victory of democracy

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को व्यवस्था दी कि दिल्ली के उपराज्यपाल को दिल्ली मंत्रिपरिषद की सलाह मानने के लिए बाध्य हैं। इस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार और केन्द्र के बीच सत्ता टकराव पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है और इसे शहर के लोगों और लोकतंत्र के लिए एक ‘बड़ा फैसला’ करार दिया। 

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अलग-अलग, परंतु सहमति वाले फैसले में कहा कि उपराज्यपाल संविधान के अनुच्छेद 219एए के प्रावधानों को छोडक़र अन्य मुद्दों पर निर्वाचित सरकार की सलाह मानने के लिए बाध्य हैं। न्यायमूर्ति मिश्रा ने साथी न्यायाधीश- न्यायमूर्ति ए के सिकरी और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की ओर से फैसला पढ़ा। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने अपना-अपना फैसला अलग से सुनाया।

न्यायालय ने कहा कि दिल्ली की स्थिति पूर्ण राज्य से अलग है और उपराज्यपाल कानून व्यवस्था, पुलिस और भूमि सम्बंधी मामलों के लिए विशेष रूप से जिम्मेदार हैं। लेकिन अन्य मामलों में उन्हें मंत्रिपरिषद की सलाह माननी होगी। संविधान पीठ ने कहा कि उपराज्यपाल मंत्रिपरिषद के प्रत्येक निर्णय को राष्ट्रपति के पास नहीं भेज सकते। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उपराज्यपाल को निर्वाचित सरकार के कामकाज को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

न्यायालय ने कहा कि उप राज्यपाल को मंत्रिपरिषद के साथ सामंजस्यपूर्ण तरीके से काम करना चाहिए और मतभेदों को विचार-विमर्श के साथ सुलझाने के लिए प्रयास करने चाहिए। उच्चतम न्यायालय के फैसले पर  मुख्यमंत्री अरविंद ने फैसले के कुछ मिनटों के बाद ट्वीट किया है कि दिल्ली के लोगों की एक बड़ी जीत, लोकतंत्र के लिए एक बड़ी जीत है। उल्लेख है कि  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार के लिए यह एक बड़ी जीत है। इनका उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ सत्ता पर अधिकार को लेकर लगातार टकराव रहा है।

मास्को में 11 जुलाई को मिलेंगे पुतिन और नेतन्याहू: इजरायल

Putin and Netanyahu meet on July 11 in Moscow: Israel

येरूशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगले सप्ताह मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। नेतन्याहू के कार्यालय ने मंगलवार को एक वक्तव्य जारी कर इस बात की जानकारी दी। वक्तव्य के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच 11 जुलाई को मास्को में मुलाकात होगी।

नेतन्याहू और पुतिन क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक समय अंतराल के बाद नियमित रूप से मिलते रहते हैं। इन क्षेत्रीय मुद्दों में विशेष रूप से सीरिया में जारी गृहयुद्ध में आपसी हित भी शामिल हैं जिसको लेकर चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि सीरिया में इजरायल और रूस दोनों की सेना है जिनके बीच आकस्मिक संघर्ष से बचने को लेकर भी बात होगी। दोनों नेता अंतिम बार मई में मास्को में मिले थे।

सीरिया में ईरान की बढ़ती हुई सैन्य उपस्थिति को लेकर इजरायल चितित है इसलिए वह ईरानी सेना के ठिकानों पर हमले किया करता है । वर्ष 2015 में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की तरफ से सीरियाई गृहयुद्ध में हस्तक्षेप करने के बाद, रूस ने ईरानी एवं हेजबुल्लाह सहयोगियों पर इजरायली हमले को नजरअंदाज किया है।

पुतिन और नेतन्याहू के बीच पिछले महीने फोन पर बातचीत हुई थी जिसमें दोनों नेता सीरिया के मुद्दे को लेकर आपसी तालमेल को मजबूत करने पर सहमत हुए तथा इसके अलावा दोनों नेताओं ने सीरियाई - इजरायली सीमा क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयासों पर भी चर्चा की।

FIFA 2018: अंतिम आठ के मुकाबलों के लिए तैयार विश्व कप के दिग्गज

FIFA 2018: World Cup legend ready for final eight bouts

मास्को। इंग्लैंड की टीम पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया को हराकर विश्व कप क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली अंतिम टीम बनी जबकि प्रबल दावेदार ब्राजील और फ्रांस ने अंतिम आठ में अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भिड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इंग्लैंड की टीम क्वार्टर फाइनल में स्वीडन के खिलाफ जीत की प्रबल दावेदार होगी जिसने कल प्री क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को 1-0 से हराया।

इन दोनों टीमों को मेजबान रूस और क्रोएशिया के साथ ड्रा के निचले हाफ में रखा गया है जिसमें सिर्फ इंग्लैंड पूर्व चैंपियन है। ऊपरी हाफ में कई बड़ी टीमों को जगह मिली है जिसमें 1998 के चैंपियन फ्रांस को दो बार के विजेता उरूग्वे से भिड़ना है जबकि ब्राजील को बेल्जियम का सामना करना है।

एरिक डायर ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदला जिससे इंग्लैंड विश्व कप में चार प्रयासों में पहली बार पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज करने में सफल रहा। इंग्लैंड के कोच गैरेथ साउथगेट ने कहा कि उनकी नजरें शनिवार को स्वीडन के खिलाफ होने वाले क्वार्टर फाइनल पर टिकी हैं और इस मैच में जीत उन्हें अंतिम चार में जगह दिलाएगी जहां क्रोएशिया या रूस से भिड़ंत हो सकती है।

दूसरी तरफ स्वीडन ने आरबी लेपजिग के मिडफील्डर एमिल फोर्सबर्ग के गोल की बदौलत स्विट्जरलैंड को हराया और अमेरिका में 1994 विश्व कप के बाद टीम पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रही। टूर्नामेंट का विजेता हालांकि शीर्ष हाफ से आने की उम्मीद है जहां की टीमों के पास पूर्व के आठ विश्व खिताब हैं।

प्रबल दावेदार ब्राजील शुक्रवार को कजान में बेल्जियम से भिड़ेगा जबकि काइलियान एमबापे की अगुआई में फ्रांस की युवा टीम को निजनी नोवगोरोद में उरूग्वे का सामना करना है। ब्राजील की नजरें रिकॉर्ड में इजाफा करने वाले छठे विश्व खिताब पर टिकी हैं। बेल्जियम की टीम प्री क्वार्टर फाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद हार की ओर बढ़ रही थी लेकिन अंतिम 21 मिनट के खेल में तीन गोल दागकर जीत दर्ज करने में सफल रही। नासेर चाडली ने टीम की ओर से इंजरी टाइम में विजयी गोल दागा।

एडेन हेजार्ड, रोमेलु लुकाकु, ड्राइस मर्टेन्स और केविन डि ब्रून ब्राजील के डिफेंस को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। दक्षिण अमेरिकी टीम ने हालांकि चार मैचों में सिर्फ एक बार गोल गंवाया है। फ्रांस ने एमबापे के दो गोल की बदौलत अर्जेन्टीना को 4-3 से शिकस्त दी और उरूग्वे से भिड़ने का हक पाया। उरूग्वे की सफलता जोस गिमेनेज और डिएगो गोडिन की मजबूत डिफेंस जोड़ी पर निर्भर है जबकि उसके पास लुइ सुआरेज और एडिनसन कवानी की स्ट्राइक जोड़ी भी है। एजेंसी

RBI को और शक्तियां देने पर सरकार बातचीत के लिए तैयार : गोयल

ready for talks on giving more powers to RBI: Goyal

मुंबई। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के नियमन के संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक को स्वायत्तता देने और उसकी ‘कम शक्तियों’ पर बातचीत के लिए तैयार है। हाल ही में केंद्रीय बैंक ने इस बात को उठाया था। गौरतलब है कि पंजाब नेशनल बैंक में करीब 13,500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के बाद सरकारी बैंकों पर कड़ी निगरानी रखने में असफल रहने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे रिजर्व बैंक के गर्वनर उर्जित पटेल ने हाल ही में कहा था कि सरकारी बैंकों के नियमन के संबंध में रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त अधिकार नहीं हैं।

इस मामले में गोयल ने कहा कि जहां तक आरबीआई की शक्तियों की बात है, हम इसे देख रहे हैं और यह ऐसा मसला है जिस पर हम आरबीआई के साथ बैठकर चर्चा करेंगे और इसे सुलझाएंगे। सरकार इसे लेकर खुला रुख रखती है। गांधीनगर में 14 मार्च को गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा कि सरकारी बैंकों में धोखाधड़ी से निपटने के लिए रिजर्व बैंक को और शक्तियों की जरुरत है। उद्योग जगत के एक कार्यक्रम में यहां गोयल ने कहा कि सरकारी बैंकों के नियमन को लेकर सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की सभी 20 सरकारी बैंकों में अपनी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी को कम करने की कोई योजना नहीं है। गोयल का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय जीवन बीमा निगम के आईडीबीआई बैंक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की सरकार की योजना का निगम और बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारी संघों ने कड़ा विरोध किया है।

गोयल ने स्वीकार किया कि बैंकिंग प्रणाली लोगों की अपेक्षा के अनुरूप काम करने में नाकाम रही है। बैंक कर्मियों से जिस उच्च नैतिक मानदंडों की उम्मीद की गई, वे उस पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने कहा कि सरकार सभी सरकारी बैंकों को पर्याप्त पूंजी की मदद देगी। गोयल ने यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में सरकारी बैंकों में राजनीतिक हस्तक्षेप रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार में किसी भी मंत्री ने बैंकों के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं किया है।

बैंकों के फंसे कर्ज के समाधान के लिए सुनील मेहता समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के एक दिन बाद गोयल ने यह बात कही। समिति ने एक परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी गठित करने का सुझाव दिया है जो ‘बैड बैंक’ (कबाड़ हो चुके ऋण को संभालने वाले बैंक) की तरह काम करेगी। यह 500 करोड़ रुपए तक के डूबे रिणों के मामलों का समाधान निकालेगी। गोयल ने कहा कि सभी फंसे कर्ज के लिए परिसमापन कोई रामबाण नहीं है, कई बार वास्तविक नुकसान भी होते हैं और उनका समाधान करने की जरुरत होती है।

Shocking! हाई ग्रेड कैंसर से जूझ रही है एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे, ट्विटर पर दी जानकारी न्यूयार्क में चल रहा है इलाज

Actress Sonali Bendre diagnosed with high grade cancer

एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा सोनाली बेंद्रे को लेकर एक दुखद खबर सामने आई हैं। सोनाली बेंद्रे को लेकर खबर आ रही है कि वे गंभीर बीमारी कैंसर से ग्रसित हैं। जी हां अपनी इस बीमारी का खुलासा खुद सोनाली बेंद्रे ने किया हैं। 

बताते चलें कि सोनाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर हाई ग्रेड कैंसर होने की बात साझा की हैं। सोनाली ने बताया है कि उन्हें काफी बढा हुआ कैंसर हैं। खबरों की मानें तो सोनाली इन दिनों न्यूयॉर्क में अपने कैंसर का इलाज करा रही हैं।  

अपने ट्वीट में उन्होंने साफ किया है कि कैसे वह इस बीमारी से जूझ रही हैं और इस दौरान उनके दोस्त और परिजन उनका पूरी तरह साथ दे रहे हैं। इस खतरनाक बीमारी के बाद भी सोनाली बेंद्रे ने अपने परिवार और दोस्तों का इस दौरान समर्थन करने के लिए शुक्रिया अदा किया है। सोनाली ने कहा है कि वह इस बीमारी के खिलाफ संघर्ष करेंगी और इसे पार पाने को लेकर आशावादी हैं।

बताते चलें कि बॉलीवुड में इस गंभीर समस्या से पहले ही अभिनेता इरफान खान जूझ रहे हैं। इरफान खान गंभीर बीमारी न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर बीमारी से जूझ रहे हैं। पिछले 3 महीनों से वे लंदन में अपना इलाज करा रहे हैं। 

बताते चलें कि सोनाली बेंद्रे ने बॉलीवुड में अपने अभिनय सफर की शुरुआत 1994 में आई फिल्म आग से की थी। सोनाली की ये डेब्यू फिल्म थी जिसमें वे गोविंदा के अपोजिट नजर आई थी। सोनाली ने बॉलीवुड को कई हिट, सुपरहिट फिल्में दी हैं। सोनाली ने 12 नवंबर 2002 को फिल्म निर्देशक गोल्डी बहल से शादी की। फिलहाल सोनाली फिल्मी इंडस्ट्री में सक्रीय नहीं हैं।

पंजाब जेल में बंद ब्रितानी सिख पर प्रधानमंत्री से दखल करने का आग्रह

Urges British Prime Minister to intervene in  British Sikh locked in Punjab jail

लंदन। ब्रिटेन में भारतवंशी सांसदों ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री से पंजाब की जेल में बंद एक ब्रितानी सिख पर यातना के आरोपों पर ‘ उच्च स्तरीय ’ दखल देने का आग्रह किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्रिटेन में भारतवंशी सांसदों समेत कम से कम 70 सांसदों ने प्रधानमंत्री टेरीजा मे से हत्या मामले में पंजाब की जेल में बंद एक ब्रितानी सिख पर यातना के आरोपों पर दखल देने का आग्रह करते हुए कहा है कि जगतार सिंह जोहाल स्कॉटलैंड के डम्बार्टन के रहने वाले हैं।

भारतीय अधिकारियों ने पिछले साल नवंबर में उसे गिरफ्तार किया था। उस पर पंजाब में साम्प्रदायिक अशांति को हवा देने का आरोप है।  ब्रिटेन में सिख समूहों ने 31 वर्षीय आरोपी के लिए ‘ फ्री जग्गी ’ नामक एक अभियान शुरू किया है। यह मुद्दा हाउस ऑफ कॉमंस में भी उठाया गया है। नए प्रयासों के तहत ऑल पार्टी पर्लियामेंट्री ग्रुप (एपीपीजी) फॉर ब्रिटिश सिख्स ने एक पत्र पर 70 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर लिए हैं।

इस पत्र में भारत में जोहाल को हिरासत में लिए जाने पर विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन से संसदीय बयान देने की मांग की गई है। लेबर पार्टी की सांसद एवं एपीपीजी फॉर ब्रिटिश सिख की अध्यक्ष प्रीत कौर गिल ने दो जुलाई को डाउनिंग स्ट्रीट को लिखे अपने पत्र में कहा है कि जोहाल का आरोप है कि भारतीय सुरक्षा बल के हाथों उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है।

उन्हें हर दिन लगातार कई बार यातना दी जा रही है। बिजली के झटके दिए जा रहे हैं। स्कॉटलैंड में जन्में जोहाल अक्टूबर में एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए अपने परिवार के साथ जालंधर गए थे, तभी सादा वर्दी में शहर के पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। पंजाब सरकार का दावा है कि जोहाल उन चार संदिग्धों में से एक हैं जिन्हें राज्य में हिंदू नेता की हत्या के सम्बंध में गिरफ्तार किया गया।  पिछले साल जनवरी में गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू के ब्रिटेन दौरे पर भी मंत्री स्तर पर यह मुद्दा उठाया गया था।

रोजगार पर गडकरी बोले, मेरे विभागों ने एक करोड़ युवाओं को दी नौकरी

Gadkari on employment, my departments gave jobs to 10 million youth

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने चार वर्ष में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का दावा किया है। गडकरी ने कहा कि उनके अधीन आने वाले विभागों ने मई 2014 में राजग सरकार आने के बाद से एक करोड़ युवाओं को रोजगार दिया है। गडकरी के पास सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग, पोत परिवहन और नदी विकास एवं गंगा संरक्षण जैसे अहम मंत्रालय हैं।

गडकरी ने कहा कि '' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कहा है कि उनकी सरकार ने लाखों नौकरियां पैदा की हैं , वह बिल्कुल सही है। हमारे प्रधानमंत्री (मोदी) के नेतृत्व में हमारी सरकार के बनने के बाद मेरे विभागों ने 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के ठेके दिए हैं और इसे प्रमाणित करने के लिए मेरे पास आंकड़े हैं। राजमार्ग, पोत परिवहन, बंदरगाह, अंतर्देशीय जलमार्ग, और जल संसाधन जैसे क्षेत्रों में यह हुआ है। विपक्षी दल रोजगार के मुद्दे पर सरकार की आलोचना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन विभागों ने बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा की हैं। मेरे अधीन आने वाले विभागों ने एक करोड़ युवाओं को रोजगार दिया है। पिछले चार वर्षों में रोजगार सृजन की दर बढ़ी है। गडकरी कहा कि जब कभी भी 1,000 करोड़ रुपए का निवेश होता है तो ’’50 हजार से एक लाख ’’ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजित होता है। सड़क एवं भवन निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों का विनिर्माण दोगुना हो गया है , सीमेंट उद्योग भी बढ़ रहा है।

इसलिए कोई भी कह सकता है कि इन विभागों से जुड़े उद्योग बढ़ रहे हैं और इंजीनियरों, मजदूरों, ट्रक चालकों जैसे कई लोगों को रोजगार दे रहे हैं। गडकरी ने कहा कि वह अपने दावे के समर्थन में आंकड़े और सांख्यिकी एकत्र करने की प्रकिया में है। उन्होंने कहा कि हम आंकड़े एकत्र कर रहे हैं। मैं अपने विभागों को लेकर चुनौती स्वीकार कर सकता हूं। हमने कश्मीर में एक सुरंग का निर्माण किया, जहां 2000 कश्मीरी युवकों ने काम किया। जोजी ला सुरंग में 4,000 कश्मीरी युवाओं को चार वर्षों के लिए रोजगार मिलेगा। गडकरी ने सरकारी सलाहकार एजेंसी वाप्कोस लिमिटेड के 50 वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से यह बात कही।

भारत ने इंग्लैंड को 8 विकेट से हराया, कुलदीप के पंच और राहुल के शतक ने दिलाई जीत

India beat England by 8 wickets

मैनचेस्टर। चाइनामैन कुलदीप यादव की कहर बरपाती गेंदबाजी के बाद लोकेश राहुल के आक्रामक शतक की मदद से भारत ने पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में इंग्लैंड को मंगलवार को आठ विकेट से हरा दिया। कुलदीप के बुने फिरकी के जाल के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज टिक नहीं सके और आठ विकेट पर 159 रन ही बना पाए।

जवाब में भारत ने 10 गेंद बाकी रहते दो विकेट पर 163 रन बनाए। सीनियर टीम के साथ पहली बार इंग्लैंड दौरे पर आये राहुल 101 रन बनाकर नाबाद रहे जो उनका दूसरा टी20 शतक है। इससे पहले टास जीतकर गेंदबाजी का कप्तान विराट कोहली का फैसला कुलदीप ने सही साबित कर दिया। उसने अपने कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में 24 रन देकर पांच विकेट लिये और इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

के लिये फार्म में चल रहे जोस बटलर और जासन रॉय ने धमाकेदार शुरूआत करते हुए पावरप्ले के पहले पांच ओवर में 50 रन बनाये थे। बटलर ने 45 गेंद में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से 69 रन बनाये जबकि जासन ने 20 गेंद में 3 रन जोड़े। वहीं बायें हाथ के स्पिनर युजवेंद्र चहल ने चार ओवर में 34 रन दिए और उन्हें विकेट नहीं मिला जबकि भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 44 रन दे डाले और विकेट नहीं ले पाए। उमेश यादव ने 21 रन देकर दो विकेट लिए।

उसने रॉय और हेल्स को पवेलियन भेजा। डेविड विली 15 गेंद में 28 रन बनाकर नाबाद रहे और दो चौके तथा दो छक्के लगाकर इंग्लैंड को 150 रन के पार पहुंचाया। जवाब में भारत की शुरूआत अच्छी नहीं रही और स्कोर बोर्ड पर सात ही रन टंगे थे कि शिखर धवन को डेविड विली ने बोल्ड कर दिया। राहुल 54 गेंद में 10 चौकों और पांच छक्कों के साथ 101 रन बनाकर अविजित रहे जबकि छक्के के साथ लक्ष्य तक पहुंचाने वाले कप्तान कोहली ने 20 रन बनाए।

मल्लिका शेरावत का चौंकाने वाला खुलासा, अभिनेता कहते थे-तुम मेरे साथ क्यूं नहीं कर सकती ये काम

Mallika Sherawat's shocking disclosure with Casting Couch

मुंबई। फिल्म इंडस्ट्री में अपने बोल्ड- ग्लैमरस अंदाज से सभी के दिलों में खास जगह बनाने वाली मल्लिका शेरावत के तारे इन दिनों आसमां छू रहे हैं। बता दें कि मल्लिका शेरावत एक लंबे वक्त से बॉलीवुड से दूर हैं। लेकिन वे जल्द ही बड़े पर्दे पर कमबैक करने जा रही हैं।

आपको बता दें कि मल्लिका के हाथ एक हॉलीवुड का बड़ा प्रोजेक्ट हाथ लगा है जिसमें वे लीड रोल में नजर आएंगी। लेकिन वहीं दूसरी तरफ मल्लिका ने फिल्मी पर्दे से दूरी बनाए रखने का एक चौंकाने वाला खुलासा किया हैं। 

मल्लिका शेरावत का कहना है कि, '' मुझे फिल्मों से इसलिए बाहर निकाल दिया गया क्योंकि अभिनेता कहते थे कि ''तुम मेरे साथ संबंध क्यों नहीं बना सकती? अगर तुम बड़े पर्दे पर ऐसा कर सकती हो, तो निजी जिंदगी में ऐसा करने में क्या आपत्ति है ? इसलिए मेरे हाथ से कई फिल्में चलीं गईं। यह समाज की सोच को प्रतिबिंबित करता है, जिसका सामना महिलाएं हमारे देश में करती हैं।"

इस छवि की एक कीमत है क्योंकि निर्देशक, सह - कलाकार सहित सभी लोगों को लगता था कि वह आसानी से 'समझौता' कर लेगी। वर्ष 2004 में आई फिल्म 'मर्डर' से बड़े पर्दे पर बोल्ड सीन का पर्याय बनी मल्लिका का कहना है कि इस छवि से लोगों को उनके चरित्र पर टिप्पणी करने का मौका मिल गया।

मल्लिका ने से कहा, ''मेरे पर कई आरोप हैं। अगर बड़े पर्दे पर आप शार्ट स्कर्ट पहनते हैं, किस करते हैं तो आपको अनैतिक महिला समझ लिया जाता है।" आपको बता दें कि मल्लिका का ये बयान खासा सुर्खियों में बना हुआ हैं। इससे पहले बेबाक रवैया रखने वाली स्वरा भास्कर ने भी कास्टिंग काउच के बारे में खुलकर बात की हैं।

 

 



 
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