05 दिसंबर : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Wednesday, 05 Dec 2018 04:02:14 PM
05 December top 10 news in hindi

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

राजस्थान में बीजेपी की सरकार बनने का पूरा भरोसा: अमित शाह

Rajasthan is confident of becoming BJP government: Amit Shah


जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने का विश्वास जाहिर करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस पर चुनाव प्रचार के दौरान जाति और धर्म की राजनीति को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। राज्य में विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए शाह ने कहा कि हम एक रचनात्मक, एक सकारात्मक एजेंडे को पूरे चुनाव में लेकर गए हैं और मुझे पूरा भरोसा है कि हम राजस्थान में निश्चित रूप से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रहे हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से 2019 में अब से बड़े बहुमत के साथ मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार भारत में बनेगी, यह निश्चित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने परंपरागत 3 मुद्दों पर चुनाव लड़ने का प्रयास किया। जातिवाद के मुद्दों को उभारने का प्रयास किया, परिवारवाद के आधार पर चुनाव लड़ने का प्रयास किया और तुष्टिकरण की नीति को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया। वहीं हमने राजस्थान का भविष्य, राजस्थान का विकास और गरीबों का कल्याण .... इन तीन मुद्दों पर विकास को आगे ले जाने का प्रयास किया है।

मुझे लगता है कि हमारे मुद्दों को उसी जनता ने स्वीकारा है जो कांग्रेस के तीनों मुद्दों को नकार चुकी है। शाह ने कहा कि हमने पूरे प्रचार में विकास की राजनीति को मुख्य मुद्दा बनाया है और उसको एक अच्छा जनप्रतिसाद लोगों की ओर से मिला है। कांग्रेस की स्थिति नेता तय कर पाने तक भी नहीं पहुंची है।

हर जिले में एक-एक व्यक्ति अपने आप को मुख्यमंत्री बताकर जनता के वोट बटोरने का काम कर रहा है। लेकिन जनता जानती है कि कांग्रेस में न नेता है, न नीति है न सिद्धांत है। कांग्रेस ने यहां जाति व धर्म की राजनीति को भी आगे बढाया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले यह स्पष्ट करे कि उसके नेता नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान गए और वहां के सेनाध्यक्ष को गले लगाया।

वे राहुल गांधी की सूचना पर गए थे या नहीं। सिद्धू ने स्पष्ट कहा है कि मेरा कप्तान राहुल गांधी है और मेरे कप्तान की सूचना पर मैं पाकिस्तान गया। बुलंदशहर में हिसा की घटना संबंधी एक सवाल पर शाह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और मुख्यमंत्री ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है।

मैं नहीं मानता कि इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को राजनीतिक रंग देना उचित है। कांग्रेस के आरोप पर उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट के बाद दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।

वीवीआईपी हेलीकाप्टर घोटाले में बिचौलिए ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल के भारत प्रर्त्यपण को बाकी मुद्दों से ध्यान बंटाने की कोशिश के विपक्ष के आरोप पर शाह ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है।

किसी बिचौलिए को पकड़ना चाहिए या नहीं? विपक्ष क्या चाहता है, उन्हें बचाना चाहता है? शाह ने बताया कि इस चुनाव प्रचार में बीजेपी ने राज्य में 222 बड़ी जनसभाएं कीं जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 13 सभाएं शामिल हैं।

कम्प्यूटर बाबा ने खोला अखाड़ा परिषद के खिलाफ मोर्चा, नया अखाड़ा बनाने की तैयारी

Computer Baba Akhara Parishad news

इंदौर। वैष्णव सम्प्रदाय के दिगंबर अनी अखाड़े से निष्कासित कम्प्यूटर बाबा ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि साधु-संतों के 13 अखाड़ों की शीर्ष संस्था भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रयागराज (इलाहाबाद) में आगामी 15 जनवरी से लगने वाले कुंभ मेले से पहले नया अखाड़ा बनाने पर विचार कर रहे हैं। कम्प्यूटर बाबा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि अखाड़ा परिषद के अनुचित आदेश पर मुझे दिगंबर अनी अखाड़े से निकाल दिया गया, जबकि मैं पवित्र नर्मदा नदी को बचाने का अभियान चला रहा था। अखाड़ा परिषद भाजपा के इशारे पर काम कर रही है।

नर्मदा नदी की कथित बदहाली के प्रमुख मुद्दे पर सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ संतों को लामबंद करने वाले वैष्णव संप्रदाय (अपने इष्ट देव के रूप में भगवान विष्णु को पूजने वाले हिदू मतावलम्बी) के इस संत को दिगंबर अनी अखाड़े से एक नवंबर को बाहर कर दिया गया था।

उनके खिलाफ इस आरोप के तहत यह सख्त कदम उठाया गया था कि वह दलीय राजनीति में शामिल होकर संतों की गरिमा के विपरीत आचरण कर रहे हैं। बहरहाल, मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार के खिलाफ कम्प्यूटर बाबा का अभियान दिगंबर अनी अखाड़े से निष्कासन के बाद भी जारी रहा था। उन्होंने यह अभियान सूबे में 28 नवम्बर को हुए विधानसभा चुनावों से महीना भर पहले संत समागम के नाम से शुरू किया था। कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि राजनीति में सक्रिय होने वाले वह देश के पहले संत नहीं हैं। लेकिन अखाड़ा परिषद ने उनके खिलाफ अन्यायपूर्ण कदम उठाते हुए उन्हें दिगंबर अनी अखाड़े से केवल इसलिये बाहर करा दिया, क्योंकि वह खुलेआम भाजपा के खिलाफ बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि उमा भारती सरीखी संन्यासिन मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री और फिर केंद्रीय मंत्री बन सकती हैं। गोरखनाथ मठ के महंत योगी आदित्यनाथ उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। लेकिन अखाड़ा परिषद को मैं कतई पसंद नहीं हूं, क्योंकि मैं भाजपा के खिलाफ खुलकर बोलता हूं। कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि वह प्रयागराज में 22 से 30 दिसंबर के बीच देश भर के साधु-संतों को जुटाएंगे और नए अखाड़े के गठन पर उनसे विचार-विमर्श करेंगे। उधर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कम्प्यूटर बाबा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि साधु-संतों की इस संस्था का किसी भी सियासी दल से कोई जुड़ाव नहीं है।

कम्प्यूटर बाबा के प्रस्तावित नये अखाड़े पर नरेंद्र गिरि ने कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार अखाड़ा परिषद केवल 13 अखाड़ों को मान्यता देती है। हम किसी भी नये अखाड़े को मान्यता नहीं दे सकते। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कम्प्यूटर बाबा पर कांग्रेस के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और उन पर कटाक्ष किया, ’’नया अखाड़ा बनाना बच्चों का खेल नहीं है। कम्प्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है।

वह मध्यप्रदेश में संतों की संस्था षट्दर्शन साधु मंडल के प्रमुख हैं। सूबे की शिवराज नीत भाजपा सरकार ने कम्प्यूटर बाबा सहित 5 धार्मिक नेताओं को अप्रैल में राज्य मंत्री का दर्ज़ा दिया था। लेकिन कम्प्यूटर बाबा ने इसके कुछ समय बाद ये आरोप लगाते हुए इस दर्जे से इस्तीफा दे दिया था कि शिवराज सरकार ने खासकर नर्मदा को स्वच्छ रखने और इस नदी से अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के मामले में संत समुदाय से वादाखिलाफी की है। 

हर 70 वें आदमी को मानवीय सहायता की जरूरत: संरा राहत प्रमुख

Every 70th man needs humanitarian aid: Chief of Army Staff

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र राहत प्रमुख ने कहा है कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्षों ने लाखों लोगों को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है जहां उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है। साथ ही उन्होंने 40 से अधिक देशों में अगले साल अत्यावश्यक राहत परियोजनाओं में सहयोग की खातिर कोष जुटाने की अपील भी की।

यह कोष 25 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। वैश्विक मानवीय आवश्यकता के सालाना विश्लेषण जारी किए जाने के मौके पर, आपदा राहत समन्वयक मार्क लोकॉक ने कहा कि विश्व भर में 40 से अधिक देशों में चल रहे संघर्षों को देखते हुये अगले साल 13 करोड़ से अधिक लोगों को मदद पहुंचाये जाने की आवश्यकता होगी।

यानी मोटे तौर पर दुनिया के हर 70 वें व्यक्ति को मानवीय सहायता देनी होगी। उन्होंने कहा कि संघर्षों के साथ साथ मौसम में आ रहे बदलावों की वजह से पड़ने वाले सूखे और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के चलते भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लोकॉक ने कहा कि दुनिया के हर 70 में से एक आदमी को संकटों का सामना करना पड़ रहा है और उसे तुरंत ही मानवीय मदद और संरक्षण देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग विस्थापित भी हुए हैं जिसका मुख्य कारण संघर्ष है। विस्थापितों की संख्या लगभग सात करोड़ है। यह स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक मानवीय सहायता अपील साल 2019 में 21.9 अरब डालर है। लेकिन अगर इसमें सीरिया की वित्तीय मदद को जोड़ लिया जाता है तो यह राशि 25 अरब डालर तक पहुंच सकती है। 

जो बाइडेन लड़ सकते हैं 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव

Who can fight Baiden in the 2020 US presidential election

वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2020 में राष्ट्रपति चुनाव लडऩे के संकेत दिये हैं। बाइडेन का कहना है कि वह राष्ट्रपति बनने के लिये सबसे काबिल व्यक्ति हैं। बाइडेन(76) ने सोमवार रात अपनी पुस्तक ‘‘प्रॉमिस मी, डैड‘‘ के प्रमोशन के दौरान मोंटना में यह बात कही। एक स्थानीय समाचार पत्र मिसोला करंट के मुताबिक बाइडेन ने कहा, ’’मैं समझता हूं कि मैं देश का राष्ट्रपति बनने के लिये सबसे योग्य व्यक्ति हूं।

उन्होंने कहा, ’’देश आज जिन परेशानियों का सामना कर रहा है, उन पर मैंने अपनी पूरी जिंदगी काम किया है, जिसमें मध्यम वर्ग की दुर्दशा और विदेश नीति जैसे विषय शामिल हैं। बराक ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार में उपराष्ट्रपति रह चुके बाइडेन ने कहा कि वह राष्ट्रपति चुनाव लडऩे से पहले अपने परिवार से चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अगले डेढ़-दो महीने में चुनाव लडऩे पर फैसला करेंगे। ‘प्रॉमिस मी, डैड’ ब्रेन कैंसर से मर गए उनके पुत्र बियू के बारे में है।

तो क्या अर्जुन और जाह्नवी को लेकर फिल्म नहीं बनाना चाहते बॉनी कपूर, उठा इस राज से पर्दा

Boney Kapoor does not want to make a film about Arjun-Jahnavi

मुंबई। अभी नई नई बॉलीवुद की दुनिया में कदम रखने वाली दिवंगत श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर के लिए एक दुख भरी खबर है, जी हां। क्योंकि जाह्नवी के पिता यानी बॉनी कपूर उनके साथ एक फिल्म बनाना चाहते थे, वो अभी उसे नहीं बनाना चाहते। मीडिया रिपोट्र्स की माने तो इससे पहले खबरे आ रही थी वह अपने बेटे अर्जुन कपूर और बेटी जाह्नवी को लेकर एक फिल्म बनाना चाहते है, लेकिन अब सामने आ रहा है कि वह ऐसी कोई फिल्म अभी नहीं बनाना चाहते। मीडिया रिपोट्र्स से प्राप्त जानकारी के अनुसार बॉलीवुड के जाने माने फिल्मकार बॉनी कपूर अभी अपने पुत्र अर्जुन कपूर और पुत्री जाह्नवी कपूर को लेकर फिल्म नहीं बनाना चाहते हैं।

बोनी कपूर ने हाल ही में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कहा था कि वह अपने बेटे अर्जुन कपूर और बेटी जाह्नवी कपूर को एक साथ एक फिल्म में कास्ट करने की इच्छा रखते हैं। बोनी कपूर ने कहा था कि काफी समय हो गया है जब एक भाई बहन के रिश्ते पर एक अच्छी कहानी आई हो, तो हो सकता है कि मैं ऐसी ही किसी कहानी के साथ वापसी करूं और उसमें अर्जुन और जाह्नवी मुख्य भूमिका निभाते दिखाई दें।

मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार बोनी कपूर ने अब कहा है कि यह महज एक इच्छा थी जो उन्होंने सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर शेयर की थी। बोनी कपूर ने कहा है कि मेरे पास अर्जुन कपूर और जाह्नवी कपूर को एक साथ कास्ट करने की अभी कोई ठोस योजना नहीं है। यह उन इच्छाओं में से एक थी, जो मेरे दिमाग में आई थी।

स्टार संतान नहीं, मम्मी की बेटी के रूप में जानी जाऊं : सारा अली खान

Not known as star child, as mother's daughter: Sarah Ali Khan

नयी दिल्ली। फिल्म जगत में करियर शुरू करने को लेकर किसी तरह की घबराहट से दूर नवोदित अभिनेत्री सारा अली खान का कहना है कि वह नहीं चाहतीं कि उनको यहां एक ‘स्टार संतान’ के तौर पर जाना जाए। सारा ने कहा कि वह चाहती हैं कि उन्हें अपनी मम्मी की बेटी के तौर पर जाना जाए। अमृता सिंह और सैफ अली खान की बेटी सारा चार साल की उम्र से ही हीरोइन बनना चाहती थीं और उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। इसके बाद ही उनका अभिनय का सपना सच हुआ। वह अभिषेक कपूर की ‘केदारनाथ’ फिल्म से अपना करियर शुरू करने जा रही हैं। यह फिल्म इस सप्ताह पर्दे पर प्रदॢशत होगी।

इसके तुरंत बाद उनकी अगली फिल्म ‘सिम्बा’ होगी जिसका निर्देशन रोहित शेट्टी ने किया है। सारा ने कहा जब आपकी उम्र चार साल हो और आप हीरोइन बनना चाहती हों तब यह एक अलग चीज होती है। हम वास्तव में नहीं जानते हैं कि इस उम्र में हम क्या चाहते हैं। उम्र बढ़ती जाती है और जब आप आठ साल के होते हैं, फिल्में देखते हैं तब आपकी सोच और अधिक दृढ़ हो जाती है। 

उन्होंने कहा कि फिर उन्हें कोलंबिया विश्वविद्यालय भेजा गया। डिग्री लेकर वापस आने पर भी फिल्मों में अभिनय का सपना नहीं टूटा। ‘‘यह चस्का नहीं है। यह आपकी लालसा है। इसकी एक अलग तीव्रता और गंभीरता है। इसके बाद आप इसकी तैयारी शुरू करती हैं। सारा की फिल्म ‘केदारनाथ’ इस शुक्रवार को सिनेमा घरों में प्रदर्शित होगी।

हिंदी और अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ रखने वाली सारा ने कहा पढ़ाई में मैंने कभी जालसाजी नहीं की। ऐसा इसलिए नहीं हुआ कि मैं नैतिकता पर जोर देती हूं और जालसाजी के खिलाफ हूं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मुझे पकड़े जाने का डर था। मैंने खुद को स्वाभाविक बनाए रखना चाहा। सारा ने कहा कि उनकी मां ने उन्हें और उनके भाई की परवरिश यथार्थ के साथ करने की कोशिश की। मां मेरे लिए बहुत खास हैं। मैं आज भी लगभग हर बात पर उनसे सलाह लेती हूं। मेरे लिए स्टार संतान होने से ज्यादा जरूरी है, अपनी मां की बेटी होना। उन्होंने बेहद सादा जीवन जिया है।

उन्होंने कहा ‘‘मां ने हमेशा चाहा कि मेरे और भाई के अंदर उनकी अच्छाइयां आएं। इसलिए नहीं कि वह एक स्टार रही हैं बल्कि इसलिए, कि अभिनय की दुनिया में आने से पहले वह बिंदास और ईमानदार महिला थीं। उनके साथ मैंने अब तक 23 साल बिताए हैं और उम्मीद है कि उनके गुण मुझमें जरूर होंगे। पिता सैफ के बारे में सारा ने कहा ‘‘वह बहुत सुरक्षात्मक हैं। वह मुझे अच्छी तरह समझते हैं और बहुत चाहते हैं। इस काम से भी वह भलीभांति परिचित हैं। मुझे नहीं लगता कि कभी उन्होंने मुझे इससे दूर रहने के लिए समझाने की कोशिश की। बल्कि उन्होंने मुझे कहा कि मुझे बहुत ज्यादा मजबूत होने की जरूरत है।

गौतम गंभीर : एक साहसी और कभी हार नहीं मानने वाला क्रिकेट योद्धा

Gautam Gambhir: A brave and never-ending cricketer

नयी दिल्ली।  कभी हार नहीं मानने का जज्बा जिसने लोगों का ध्यान खींचा, प्रतिबद्धता जिसकी सभी ने प्रशंसा की और बेबाक टिप्पणियां जिस पर लोगों ने आंखे तरेरी, कुछ इसी तरह से रहा गौतम गंभीर का भारतीय क्रिकेट में 15 साल का करियर जिसमें उन्होंने कई उपलब्धियां भी हासिल की।  उनके शानदार क्रिकेट करियर का अंत तो तभी हो गया था जब उन्हें इस साल के शुरू में आईपीएल में छह मैचों में असफलता के बाद हटने के लिये मजबूर किया गया और मंगलवार को आधिकारिक तौर पर उन्होंने हमेशा के लिये इस खेल को अलविदा कह दिया। 

लेकिन भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों के बीच वह अपनी विशेष छाप छोडक़र गये हैं। उनके पास भले ही सुनील गावस्कर जैसी शानदार तकनीक नहीं थी और ना ही उनके पास वीरेंद्र सहवाग जैसी विलक्षण प्रतिभा थी। इसके बावजूद भारतीय टीम का 2008 से लेकर 2011 तक के सफर को नयी दिल्ली के राभजदर नगर में रहने वाले बायें हाथ के इस बल्लेबाज के बिना पूरा नहीं हो सकता है। 

अपनी सीमित प्रतिभा के बावजूद वह सहवाग का अविश्वसनीय सलामी जोड़ीदार रहा और 2009 का आईसीसी का वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाज उनकी विशिष्ट उपलब्धि थी। वह विश्व कप के दो फाइनल (2007 में विश्व टी20 और 2011 में वनडे विश्व कप) में सर्वोच्च स्कोरर रहे। न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में 13 घंटे क्रीज पर बिताने के बाद खेली गयी 136 रन की पारी टेस्ट क्रिकेट में हमेशा याद रखी जाएगी। 

क्रीज पर पांव जमाये रखने के लिये जरूरी धैर्य और कभी हार नहीं मानने का जज्बा दो ऐसी विशेषताएं जिनके दम पर गंभीर शीर्ष स्तर पर बने रहे। यहंा तक कि 2003 से 2007 के बीच का भारतीय क्रिकेट भी गंभीर के बिना पूरा नहीं माना जाएगा। इस बीच वह टीम से अंदर बाहर होते रहे। उन्होंने जब 2007-08 में मजबूत वापसी की तो इसके बाद सहवाग के साथ भारत की टेस्ट मैचों में सबसे सफल जोड़ी बनायी लेकिन 2011 विश्व कप के बाद उनका करियर ढलान पर चला गया तथा इंग्लैंड दौरे ने रही सही कसर पूरी कर दी। 

आईपीएल में हालांकि उन्होंने अपनी नेतृत्वक्षमता का शानदार परिचय दिया। कोलकाता नाइटराइडर्स ने उनकी अगुवाई में ही दो खिताब जीते। वह भारत के भी कप्तान बनना चाहते थे। उन्होंने इच्छा भी जतायी लेकिन तब महेंद्र सिंह धोनी एक कप्तान के रूप में सफल चल रहे थे। गंभीर राजनीतिक टिप्पणियां करने से भी बाज नहीं आते थे। सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणियां काफी सुर्खियों में रहती थी। गंभीर की दूसरी पारी भी घटनाप्रधान रहने की संभावना है चाहे वह बीसीसीआई के बोर्ड रूम में हो या जनता के प्रतिनिधि के रूप में। उन्हें किसी का भय नहीं और वह हमेशा अपने दिल की बात कहने वाला इंसान के रूप में जाने जाते हैं।

पृथ्वी शॉ के फैंस के लिए खुशखबर, जल्द ही चोट से उबर कर करेगी वापसी

Injured  prithvi Shaw can Return to Boxing Day Test match

खेल डेस्क। टेस्ट सीरीज से पहले क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश के साथ एक मात्र अभ्यास मैच के दौरान चाटिल हुए युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ बाक्सिंग डे टेस्ट मैच में वापसी कर सकते हैं। इस बात का संकेत खुद कोच रवि शास्त्री ने दिया है। मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार भारतीय कोच रवि शास्त्री ने बुधवार को कहा है कि युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ टखने की अपनी चोट से तेजी से उबर रहे हैं और उनकी मेलबर्न में होने वाले ‘बाक्सिंग डे’ टेस्ट मैच में वापसी करने की संभावना है।

मुंबई का यह 19 वर्षीय बल्लेबाज क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश के खिलाफ सिडनी में भारत के अभ्यास मैच के दौरान डीप मिडविकेट बाउंड्री पर कैच लेते समय चोटिल हो गया था। उनके बायें टखने में चोट लगी है जिसके कारण वह पहले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे। बाक्सिंग डे टेस्ट 26 दिसंबर से 30 दिसंबर तक मेलबर्न में खेला जाएगा। शास्त्री ने ऑस्ट्रेलियाई रेडियो चैनल सेन वाटेले से कहा है कि उसका इस तरह से चोटिल होना दुखद है लेकिन अच्छी बात यह है कि उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है।

उसने चलना शुरू कर दिया है और अगर उसने सप्ताहांत तक दौडऩा शुरू कर दिया तो यह अच्छा संकेत होगा। उन्होंने कहा है कि वह अभी युवा है और वह जल्दी फिट हो सकता है। हम पर्थ (दूसरे टेस्ट मैच के दौरान) में उसको लेकर फैसला कर सकते हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच गुरुवार से शुरू होगा। शास्त्री ने कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम विराट कोहली की टीम के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगी। उन्होंने कहा है कि स्वदेश में कोई भी टीम कमजोर नहीं है।

स्वदेश में हर टीम मजबूत होती है। यह मायने नहीं रखता कि आपका प्रतिद्वंद्वी कौन है और मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगा। लेकिन हमारे पास प्रतिभा और अनुभव है। गेंदबाजी विभाग में हमारे पास कुशल गेंदबाज हैं। भारतीय कोच ने कहा है कि उन्हें कुछ सत्रों में नहीं बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने कहा है कि आप एक या दो अच्छे सत्र के आधार पर जीत नहीं सकते हो, आपको पूरे मैच में प्रतिस्पर्धी बने रहना होगा क्योंकि मैचों में एक घंटे के अंदर पासा पलट जाता है। खिलाड़ी इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे जानते हैं कि उन्हें हर समय अपना सर्वश्रेष्ठ करना होगा।

नव वर्ष पर हैदराबाद से नयी उड़ानें शुरू करेगी स्पाइसजेट

SpiceJet to launch new flights from Hyderabad on New Year

गुरुग्राम। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट ने नये साल पर हैदराबाद से कोलकाता, पुणे और कोयम्बटूर के लिए उड़ानें शुरू करने की घोषणा की है। एयरलाइंस ने आज बताया कि वह हैदराबाद से कोलकाता के लिए दो तथा पुणे और कोयम्बटूर के लिए एक-एक उड़ानें शुरू करेगी। इस प्रकार हैदराबाद से उसकी उड़ानों की संख्या बढक़र 41 हो जायेगी।

हैदराबाद से कोलकाता का किराया 2,699 रुपये और वापसी का किराया 3,199 रुपये रखा गया है। हैदराबाद से पुणे का किराया 2,429 रुपये और कोयम्बटूर का किराया 2,809 रुपये रखा गया है। पुणे से हैदराबाद का किराया 2,209 रुपये और कोयम्बटूर से हैदराबाद का किराया 2,309 रुपये होगा। जाड़े की छुट्टियों की माँग को ध्यान में रखते हुये कंपनी ने 05 जनवरी से 28 फरवरी तक बेंगलुरु से कोच्चि, पोर्ट ब्लेयर और बागडोगरा के लिए अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा भी की है। स्पाइसजेट ने बताया कि इन सभी मार्गों पर वह बोइंग 737-800 विमानों का परिचालन करेगी। 

250 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ सेंसेक्स

Sensex closes below 250 points

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में आज कारोबार गिरावट के साथ शुरू हुआ और कारोबार की समाप्ति पर भी ये लाल निशान पर बंद हुआ। गिरावट के इस माहौल में कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 249.90 अंक यानि 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 35,884.41 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पचास शेयरों वाले निफ्टी में भी कारोबार की समाप्ति पर गिरावट देखने को मिली और ये 86.60 अंक यानि 0.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,782.90 के स्तर पर बंद हुआ। 

गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला और गिरावट के साथ ही बंद हुआ। कारोबार की शुरूआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 3.55 अंक यानि 0.0098 प्रतिशत की गिरावट के साथ 36,237.45 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 106.69 अंक यानि 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 36,134.31 के स्तर पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी कारोबार की शुरूआत में 46.45 अंक यानि 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,877.10 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 14.25 अंक यानि 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,869.50 के स्तर पर बंद हुआ। 

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