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Samachar Jagat | Thursday, 05 Jul 2018 04:17:56 PM
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मोदी के संसदीय क्षेत्र में शाह ने चुनावी समीकरणों पर किया मंथन

Shah in parliamentary constituency of Modi Did churning on electoral equations

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर घंटों चुनावी समीकरणों का ‘गुणा-भाग’ किया। शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, अरुण सिंह सहित पार्टी के 2 दर्जन पदाधिकारियों के साथ बुधवार देर रात तक बैठक की।

घंटों चली बैठक में 2014 के लोक सभा चुनाव की जीत को दोहराने का लक्ष्य रखते हुए राजनीतिक, सामाजिक एवं जातीय समीकरणों के हर पहलू पर विचार-विमर्श किया गया। बीजेपी  अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं से पूर्वाचल के 30 लोकसभा क्षेत्रों में बीजेपी  सांसदों के कामों की मोटे तौर पर समीक्षा की और संभावित ‘महागठबंधन’ की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के उपायों पर मंथन किया।

शाह ने पार्टी पदाधिकारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों का तत्काल युद्धस्तर पर प्रचार-प्रसार शुरु करने को कहा। उन्होंने केंद्र एवं राज्य की पूर्व सरकारों और वर्तमान सरकारों के दौरान हुए जन कल्याणकारी एवं विकास कार्यों का तुलनात्मक अध्ययन कर के उसे रोचक तरीके से जनता के बीच ले जाने पर जोड़ दिया।

शाह ने आगाह करते हुए कहा कि अगले एक माह में देश में चुनावी माहौल काफी हद तक गरमा जाएगा। ऐसे में जनता को बताया जाना जरूरी है कि बीजेपी सरकारों ने किसानों, गरीबों, बेरोजगारों समेत समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए कौन-कौन से उल्लेखनीय एवं ऐतिहासिक किए हैं।

उन्होंने बदली हुई परिस्थितियों में प्रचार-प्रसार के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम को अपनाने और सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्मों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन माध्यमों से केंद्र सरकार द्वारा किसानों के फसलों के समर्थन मूल्यों में वृद्घि, स्वास्थ्य बीमा, गरीबों को रोसोई गैस का कनेशन देने, जन धन खाते खोलने, सडक़ एवं रेल मार्गों के विकास जैसे ढांचागत ऐतिहासिक कार्यों के बारे में जनता को बताया जाना चाहिए।

बीजेपी प्रमुख ने कहा कि राज्य की सभी लोक सभा सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर एक योद्धा की तरह तैयारियां शुरु की जानी चाहिए। वाराणसी में गंगा तट पर सामने घाट स्थित ज्ञानप्रवाह संस्था के सभागार में हुई बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख नेताओं में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, सूर्यप्रताप शाही, नंदगोपाल नंदी, राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी एवं अनिल राजभर, काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्त शामिल हैं। शाह ने रात्रि विश्राम गंगा किनारे स्थित अमेठी कोठी में किया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जेटली ने कहा, दिल्ली सरकार जांच एजेंसी गठित नहीं कर सकती

Jaitley on verdict of Supreme Court, Delhi Government can not constitute an Investigation Agency

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली सरकार के पास पुलिस का अधिकार नहीं है, ऐसे में वह पूर्व में हुए अपराधों के लिए जांच एजेंसी का गठन नहीं कर सकती। जेटली ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि इसके अलावा यह धारणा ‘पूरी तरह त्रुटिपूर्ण है’ कि संघ शासित कैडर सेवाओं के प्रशासन से संबंधित फैसला दिल्ली सरकार के पक्ष में गया है।

जेटली ने कहा कि कई ऐसे मुद्दे रहे जिनपर सीधे टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन वहां निहितार्थ के माध्यम से उन मामलों के संकेत जरूर हैं। लंबे समय तक वकालत कर चुके केंद्रीय मंत्री ने इसी संदर्भ में यह भी लिखा है कि जब तक कि महत्व के विषयों को उठाया न गया हो, उन पर विचार विमर्श नहीं हुआ और कोई स्पष्ट मत प्रकट न किया गया हो तब तक कोई यह नहीं कह सकता कि ऐसे मुद्दों पर चुप्पी का मतलब है कि मत एक या दूसरे के पक्ष में है।

मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास पुलिस का अधिकार नहीं है, ऐसे में वह पूर्व में हुए अपराधों के लिए जांच एजेंसी का गठन नहीं कर सकती। जेटली ने कहा कि दूसरी बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली अपनी तुलना अन्य राज्यों से नहीं कर सकती। ऐसे में यह कहना कि संघ शासित कैडर सेवाओं के प्रशासन को लेकर दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला दिया गया है , पूरी तरह गलत है।

सुप्रीम कोर्ट की 5 न्यायाधीशों की पीठ ने कल एकमत से फैसला दिया था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा पीठ ने उपराज्यपाल के अधिकारों पर कहा था कि उनके पास स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। उपराज्यपाल को चुनी हुई सरकार की मदद और सलाह से काम करना है। जेटली ने कहा कि यह फैसला संविधान के पीछे संवैधानिक सिद्धान्त की विस्तार से व्याख्या करता है और साथ ही संविधान में जो लिखा हुआ है उसकी पुष्टि करता है।

उन्होंने कहा कि इससे न तो राज्य सरकार या केंद्र सरकार के अधिकारों में इजाफा हुआ है और न ही किसी के अधिकारों में कटौती हुई है। यह फैसला चुनी गई सरकार के महत्व को रेखांकित करता है। चूंकि दिल्ली संघ शासित प्रदेश है इसलिए इसके अधिकार केंद्र सरकार के अधीन हैं। जेटली ने सामान्य तौर पर लोकतंत्र और संघीय राजनीति के वृहद हित में उपराज्यपाल को राज्य सरकार के काम करने के अधिकार को स्वीकार करना चाहिए। लेकिन यदि कोई ऐसा मामला है जिसकी सही वजह है और जिसमें असमति का ठोस आधार है तो वह (उपराज्यपाल) उसे लिख कर मामले को विचार के लिए राष्ट्रपति (अर्थात केंद्र सरकार) को भेज सकते हैं।

जिससे उपराज्यपाल और राज्य सरकार के बीच किसी मामले में मतभेद को दूर किया जा सके। जेटली ने इसी संदर्भ में आगे लिखा है कि ऐसे मामलों में केंद्र का निर्णय उपराज्यपाल और दिल्ली की निर्वाचित सरकार दोनों को मानना होगा। इस तरह केंद्र की राय सबसे बढ़ कर है। 

'ट्रंप ने सहयोगियों को दिया था वेनेजुएला पर कब्जा करने का सुझाव'

'Trump gave to the colleagues suggesting to capture Venezuela'

बोगोटा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल अगस्त में ओवल ऑफिस में वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगाने को लेकर हुई एक बैठक के अंत में अपने शीर्ष सहयोगियों से एक अजीब सा सवाल पूछकर सबको अचंभे में डाल दिया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला पर कब्जा क्यों नहीं कर लेता।

बैठक की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने इस गोपनीय बातचीत का खुलासा किया है। अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि ट्रंप ने बैठक के अंत में अपने शीर्ष सहयोगियों से मुखातिब होते हुए कहा था कि क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले वेनेजुएला पर जब कोई समाधान नहीं निकल रहा है तो अमेरिका उस अशांत देश पर कब्जा क्यों नहीं कर लेता?

ट्रंप के इस सुझाव से तत्कालीन विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच आर मैकमास्टर समेत बैठक में मौजूद अन्य अधिकारी हतप्रभ रह गए थे। अधिकारियों ने ट्रंप को इस विचार को छोड़ देने के बारे में बार - बार सुझाव दिया था हालांकि लंबे समय तक उनके मन में यह विचार उठता रहा।

वही हाल ही में खबर है आतंकवाद के मामले में सजायाफ्ता भारतीय मूल के खलील अहमद से अमेरिका अपनी नागरिकता वापस लेगा। अमेरिकी फौजों को मारने व जख्मी करने के लिए उसने आतंकियों की मदद की थी। इसके लिए न्यायालय में अपील दायर हुई है। बता दें 2009 में खलील ने अपना अपराध कबूल कर लिया था। 2010 में उसे आठ साल चार माह की सजा सुनाई गई थी।

गुफा में फंसी टीम को एक बार में बाहर नहीं निकाला जा सकता : थाई अधिकारी

Rescuers race to drain water inside Thai cave before more rain arrives

मे साई। थाईलैंड में बाढ़ग्रस्त गुफा में फंसी फुटबॉल टीम के बचाव अभियान की देखरेख कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि 12 खिलाड़ी और उनके कोच को एक ही बार में एक साथ बाहर नहीं निकाला जा सकता है। चिआंग राय प्रांत के गवर्नर नारोंगसक ओसातानाकोर्न ने बुधवार को कहा कि सभी 13 लोगों को एक ही बार में बाहर नहीं निकाला जा सकता।

अगर उनका स्वास्थ्य ठीक और व्यक्ति 100 प्रतिशत तैयार है तभी वह बाहर आ सकता है। उन्होंने बताया कि अधिकारी हर दिन इसका आकलन करेंगे कि क्या वह बाहर निकलने के लिए तैयार हैं और अगर कोई जोखिम होगा तो हम आगे नहीं बढ़ेंगे।

ताजा वीडियो में लडक़े और उनके कोच थाईलैंड की नेवी सील के साथ अंधेरी गुफा में बैठे हुए दिख रहे हैं। उनके चेहरे पर फ्लैश लाइट की रोशनी पड़ी जिसमें वे गर्म कंबल ओढ़े बैठे हुए हैं और उन्होंने पारंपरिक अभिवादन के तौर पर अपने दोनों हाथो को जोड़ा तथा एक एक करके अपना नाम बताया और यह भी बताया कि वे स्वस्थ हैं।

नारोंगसक ने बताया कि लडक़ों ने डाइविंग मास्क पहनने और सांस लेने का अभ्यास किया लेकिन उनका मानना है कि उन्होंने अभी तक गोताखोरी का कोई अभ्यास नहीं किया। गौरतलब है कि 11 से 16 वर्ष की आयु के ये खिलाड़ी और उनका 25 वर्षीय कोच 23 जून को फुटबॉल के एक मैच के बाद उत्तरी चिआंग राय प्रांत में थाम लुआंग नांग नोन गुफा देखने निकले थे और इसके बाद वे लापता हो गए थे।

भारी बारिश की वजह से गुफा के जलमग्न होने से वे उसमें फंस गए थे। एक ब्रिटिश गोताखोर ने सोमवार रात को उन्हें ढूंढा था। लडक़ों को देखकर उनके परिवार के सदस्यों ने थोड़ी राहत की सांस ली और अधिकारी गुफा तक इंटरनेट केबल लगाने पर काम कर रहे हैं ताकि माता-पिता अपने बच्चों से बात कर सकें।

आदेश ना मानने वाले नौकरशाहों पर कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है दिल्ली सरकार

Delhi Government is considering legal action on non-compliance bureaucrats

नई दिल्ली। दिल्ली के उप मुख्ममंत्री मनीष सिसोदिया ने आज कहा कि नौकरशाहों द्वारा प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन करने से इनकार करना अदालत की अवमानना के समान है और नेतृत्व इस विषय पर कानूनी विकल्प पर विचार कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक दिन बाद सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों और केंद्र से फैसले का पालन करने की अपील की। उच्चतम न्यायालय ने फैसला दिया कि उपराज्यपाल निर्वाचित सरकार की सलाह मानने को बाध्य है और वह बाधा डालने वाले नहीं हो सकते।

सिसोदिया ने पत्रकारों से कहा, ''मुख्य सचिव ने मुझे पत्र लिखकर बताया कि सेवा विभाग आदेशों का पालन नहीं करेंगे। अगर वे इसका पालन नहीं कर रहे हैं और तबादले की फाइलें अब भी उपराज्यपाल देखेंगे तो यह संवैधानिक पीठ की आवमानना होगी।’’ उन्होंने कहा, ''हम अपने वकीलों से सलाह - मश्विरा कर रहे हैं कि इस स्थिति में क्या किया जा सकता है।’’ उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि उपराज्यपाल केवल तीन विषयों में हस्तक्षेप कर सकते हैं जिनमें सेवा विभाग शामिल नहीं हैं। सिसोदिया ने कहा, ''मैं अधिकारियों के साथ - साथ केंद्र से अपील करता हूं कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का पालन करें।’’

उच्चतम न्यायालय के कल ऐतिहासिक फैसले के कुछ घंटे बाद दिल्ली सरकार ने नौकरशाहों के तबादलों और तैनातियों के लिए भी एक नयी प्रणाली शुरू की जिसके लिए मंजूरी देने का अधिकार मुख्यमंत्री केजरीवाल को दिया गया है। बहरहाल, सेवा विभाग ने यह कहते हुए आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में जारी उस अधिसूचना को नहीं हटाया जिसमें तबादलों और तैनातियों का अधिकार गृह मंत्रालय को दिया गया था।

करण जौहर की अपकमिंग फिल्म में फिर नजर आएंगी बॉलीवुड की मोस्ट रोमंटिक जोड़ी!

Karan Johar's next big Bollywood romantic couple shahrukh khan kajol

एंटरटेनमेंट डेस्क। फिल्म इंडस्ट्री में बादशाह कहे जाने वाले शाहरुख खान और अभिनेत्री काजोल की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे रोमांटिक जोड़ी में शामिल की जाती हैं। फिल्मी पर्दे पर इस जोड़ी को देखने के लिए फैंस भी बेसब्री से इंतजार करते रहते हैं। यूं तो दोनों ने ही बॉलीवुड में कई फिल्में की है लेकिन दोनों के साथ की हर फिल्म दर्शकों द्दारा बेहद पसंद की जाती हैं। यही कारण है कि फिल्म निर्माता और निर्देशक बार बार इस जोडी को पर्दे पर भुनाते हैं।

बॉलीवुड के जाने माने फिल्मकार करण जौहर भी एक बार फिर शाहरुख और काजोल के साथ काम करने जा रहे है। जी हां करण अपनी अगली फिल्म बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान और काजोल के साथ बनाने जा रहे हैं। करण जौहर ने शाहरुख खान और काजोल के साथ कई फिल्में बनाई हैं। इस लिस्ट में कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी गम, माई नेम इज खान जैसी फिल्में शामिल है।

बताते चलें कि यह जोड़ी एक बार फिर से पर्दे पर साथ वापसी कर सकती है। चर्चा है कि काजोल और शाहरुख करण जौहर की एक फिल्म से दोबारा साथ में वापसी कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि करण जौहर अपनी अगली फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने शाहरुख और काजोल से संपर्क किया है। दोनों की आखिरी फिल्म शाहरूख और काजोल साथ में वर्ष 2015 में प्रदर्शित फिल्म दिलवाले में साथ नजर आए थे।

बताते चलें कि जहां काजोल फिलहाल किसी फिल्म में नजर नहीं आ रही वहीं शाहरुख खान आने वाली फिल्म सैल्यूट और जीरो में नजर आएंगे। जीरो जहां इस साल के अंत में रिलीज होगी वहीं फिल्म सैल्यूट अगले साल रिलीज की जाएगी। 

कैंसर से जूझ रही एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे के लिए खड़ा हुआ बॉलीवुड, जल्द स्वस्थ होने की कामना की

bollywood stars reaction on Sonali Bendre high-grade cancer news on Twitter

मुंबई। अपने बेहतरीन अभिनय से करीब पच्चीस सालों से करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा सोनाली बेंद्रे हाईग्रेड कैंसर से ग्रसित हैं और न्यूयार्क में इलाज करा रही हैं। सोनाली बेंद्रे ने अपने कैंसर होने की बात की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।  जिसके बाद से ही ट्विटर पर बॉलीवुड स्टार्स की दुआओं का तांता लग गया हैं। बताते चलें कि सोनाली इन दिनों न्यूयॉर्क में अपने कैंसर का इलाज करा रही हैं।

सोनाली की इस मुश्किल घड़ी में बॉलीवुड ने स्वस्थ होने की कामना की हैं। करण जौहर, सोनम कपूर और रितेश देशमुख जैसी हस्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए अभिनेत्री के जल्द स्वस्थ होने की कामना की हैं। अभिनेता इरफान खान के पहले ही गंभीर बीमारी से ग्रसित होने से उनके प्रशंसक निराश हैं। 

फिल्म 'कल हो ना हो' में सोनाली के साथ काम कर चुके करण जौहर ने लिखा कि भगवान '' एक नेक इंसान और सच्ची योद्धा को शक्ति दे।" देशमुख ने कहा कि वह इस खबर से 'बेहद दुखी और विचलित' हैं तथा सोनाली के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने सोनाली के पति गोल्डी बहल को भी सांत्वना दी है। विवेक ओबे रॉय ने कहा कि इस लड़ाई में सोनाली कैंसर को हरा देंगी। हमारा प्रेम और प्रार्थना सदैव आपके साथ हैं।

अर्जुन कपूर ने ट्वीट में सोनाली को प्रोत्साहित किया। वहीं, सोनम ने सोनाली के इंस्टाग्राम पर सकारात्मक भावना भरने वाला संदेश भेजा है। इंस्टग्राम अकाउंट पर सोनाली ने अपनी बीमारी की जानकारी देते हुए लिखा हाल ही में जांच के बाद मुझे यह मालूम चला कि मुझे हाईग्रेड कैंसर है। इसकी उम्मीद मुझे कभी नहीं थी। लगातार होने वाले दर्द के बाद जब मैंने अपनी चिकित्सा जांच करवाई तो यह चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई।

सोनाली ने 1994 में बालीवुड में आग फिल्म से कदम रखा था और इसी वर्ष फिल्मफेयर के न्यू फेस आफ द ईयर अवार्ड से नवाजा गया। सोनाली की प्रमुख फिल्मों में सरफरोश.दिलजले और हम साथ.साथ के अलावा कई अन्य हैं। काले हिरण मामले में फंसे अभिनेता सलमान खान के साथ सोनाली का भी नाम था।

दूसरा टी-20 जीतकर श्रृंखला अपने नाम करने उतरेंगे विराट के वीर

Virat Kohli heroes to make series to win second T20

कार्डिफ। पहले मैच में शानदार जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम शुक्रवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में फिरकी से खौफजदा इंग्लैंड को हराकर श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी। पहले मैच में कुलदीप यादव ने 24 रन देकर 5 विकेट लिए जबकि के एल राहुल ने नाबाद शतक जमाया। इंडिया ने बेहतरीन हरफनमौला खेल का प्रदर्शन करते हुए मेजबान को आठ विकेट से हराकर श्रृंखला में बढत बनाई थी। शुक्रवार का मैच जीतकर विराट कोहली एंड कंपनी श्रृंखला झोली में डालना चाहेगी। भारतीय टीम टी20 क्रिकेट में लगातार छठी श्रृंखला जीतने की दहलीज पर है। इस सिलसिले का आगाज नवंबर 2017 में न्यूजीलैंड पर घरेलू श्रृंखला में मिली जीत के साथ हुआ था। उसके बाद से भारत ने एक भी द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला नहीं गंवाई है।

भारत अगर श्रृंखला 2. 0 से जीतता है तो आईसीसी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज आस्ट्रेलिया से अंतर कम हो जायेगा जबकि 3. 0 से जीतने पर वह पाकिस्तान के बाद दूसरे स्थान पर आ जाएगा। दूसरी ओर भारत को ऐसा करने से रोकने के लिए आस्ट्रेलिया को जिम्बाब्वे में चल रही मौजूदा त्रिकोणीय श्रृंखला के अगले दो मैचों में जीत दर्ज करनी होगी। दूसरी ओर इंग्लैंड अगर हारता है तो न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बाद सातवें स्थान पर आ जाएगा। इंग्लैंड ने पिछले 10 टी20 मैचों में से पांच ही जीते हैं। इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिये सबसे बड़ी चिंता चाइनामैन कुलदीप यादव की गेंदबाजी होगी।

पहले मैच में हार के बाद कप्तान इयोन मोर्गन और बल्लेबाज जोस बटलर ने अपने खिलाडिय़ों से क्रीज पर संयम बरतने और गेंद को सावधानी से देखने की अपील की थी। इंग्लैंड खेमा अभ्यास के लिये स्पिन गेंदबाजी मशीन ‘मर्लिन’ का इस्तेमाल करेगा क्योंकि उसके पास अभ्यास की खातिर कलाई के स्पिन गेंदबाज नहीं है।

इससे पहले 2005 एशेज से पहले इंग्लैंड ने इस मशीन का इस्तेमाल किया था जब आस्ट्रेलिया के पास शेन वार्न जैसा स्पिनर था। इंग्लैंड के शीर्षक्रम ने तेज आक्रमण को बखूबी झेला था जो इंडिया के लिए चिंता का सबब है। उमेश यादव और भुवनेश्वर कुमार दोनों ओल्ड टैफर्ड में नाकाम रहे थे। एक मैच के बाद भारतीय टीम प्रबंधन बदलाव करने के मूड में नहीं होगा।

युजवेंद्र चहल को महंगे साबित होने के बावजूद टीम में बरकरार रखा जा सकता है। कल के मैच पर मौसम की गाज भी गिर सकती है। अब तक खिली धूप में खेलने के बाद यहां आसमान बादलों से घिरा है और हल्की बारिश हो रही है। बाई बाजू में खिंचाव की वजह से तेज गेंदबाज टिम कुरेन इंग्लैंड टीम से बाहर है। उनकी जगह उनके भाई सैम को जगह दी गई है। 
टीमें :
भारत : 
विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, के एल राहुल, सुरेश रैना, मनीष पांडे, एम एस धोनी, दिनेश कार्तिक, युजवेंद्र सहल, कुलदीप यादव, कृणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चहार, हार्दिक पंड्या, सिद्धार्थ कौल, उमेश यादव। 
इंग्लैंड :
इयोन मोर्गन (कप्तान), मोईन अली, जानी बेयरस्टा, जैक बाल, जोस बटलर, सैम कुरेन, एलेक्स हेल्स, क्रिस जोर्डन, लियाम प्लंकेट, आदिल रशीद, जो रूट, जासन राय, डेविड विली, डेविड मालान। 
मैच का समय : रात 10 बजे से। 

भारत की सिंधू ने जापान की आया ओहोरी को हराया, सिंधू और प्रणय इंडोनेशिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में

india Sindhu defeat Japan's Oohori,Sindhu and Prannoy in Indonesia Open quarter-finals

जकार्ता। भारत की पी वी सिंधू ने अपने जन्मदिन पर जापान की आया ओहोरी का हराकर बैडमिंटन खेल प्रेमियों को नायाब  तोहफा दिया। ओलंपिक रजत पदक विजेता पी वी सिंधू ने अपना 23वां जन्मदिन गुरुवार को जापान की आया ओहोरी को हराकर मनाया। जबकि एच एस प्रणय भी इंडोनेशिया ओपन बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर सुपर 1000 टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए ।  दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी सिंधू पिछले सप्ताह मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थी। उसने 17वीं रैंकिंग वाली ओहोरी को 21.17, 21. 14 से मात दी। यह पांच मैचों में इस जापानी प्रतिद्वंद्वी पर उसकी पांचवीं जीत है।

अब उसका सामना थाईलैंड की बुसानन ओंगबामरूंगफान या चीन की ही बिंगजियाओ से होगा ।  सिंधू ने 0. 3 से पिछडऩे के बाद वापसी करते हुए 10 . 8 और 16 . 12 की बढ़त बनाई । उसने पहला गेम आसानी से जीत लिया और दूसरे गेम में भी दबाव बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की ।  वहीं प्रणय ने चीनी ताइपै के वांग झू को 21. 23, 21 . 15, 21 . 13 से हराया । अब उनका सामना तीसरी वरीयता प्राप्त आल इंग्लैंड चैम्पियन चीन के शि युकी से हो सकता है।

पहले गेम में दुनिया के 17 वें नंबर के खिलाड़ी वांग ने 14 . 10 की बढ़त बना ली थी , लेकिन प्रणय ने जल्दी ही इसे कम करके 13.14 कर दिया । वांग ने फिर 17.14 की बढ़त बनाई लेकिन प्रणय ने दो और अंक लेकर इसे 19.19 किया । वांग ने वापसी करते हुए चार अंक लेकर पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में प्रणय ने बेहतर खेल दिखाते हुए 11 . 8 की बढ़त बनाई। उसकी बढ़त 17. 12 हो गई और वांग की दो गलतियों के बाद प्रणय ने यह गेम जीतकर मैच में वापसी की । निर्णायक गेम में प्रणय काफी आक्रामक दिखे और 10 . 2 से बढत बना ली। बाद में उनकी कुछ गलतियों पर वांग ने वापसी की लेकिन प्रणय ने 19 . 13 से फिर बढ़त बना ली। वांग का अगला शाट बाहर चला गया और दूसरे पर वह रिटर्न नहीं लगा सके। इससे प्रणय ने मुकाबला जीत लिया ।

71 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ सेंसेक्स

Sensex closes below 71 points

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में आज सुबह कारोबार की शुरुआत मामूली घटत-बढ़त के साथ हुई। जहां कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स में मामूली गिरावट देखने को मिली वहीं निफ्टी में मामूली बढ़त के साथ कारोबार शुरू हुआ। वहीं कारोबार की समाप्ति पर ये घटत-बढ़त का माहौल गिरावट में बदल गया और बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। गिरावट के इस माहौल में कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 70.85 अंक यानि 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 35,574.55 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का पचास शेयरों वाला निफ्टी भी कारोबार की समाप्ति पर 20.15 अंक यानि 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,749.75 के स्तर पर बंद हुआ। 

गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान बीएसई का सेंसेक्स सुबह वैश्विक स्तर से मिले संकेतों के आधार पर मामूली सात अंकों की बढ़त के साथ 35385.52 अंक पर खुला और बिकवाली के दबाव में शुरूआत में ही 35309.67 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में यह पिछले दिवस के 35378.60 अंक की तुलना में 0.75 फीसदी अर्थात 266.80 अंक बढ़कर 35645.40 अंक पर बंद हुआ। 

इसी तरह से एनएसई का निफ्टी 15 अंकों की बढ़त लेकर 10715 अंक पर खुला लेकिन बिकवाली के दबाव में यह 10677.75 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में पिछले दिवस के 10699.90 अंक की तुलना में यह 70 अंक अर्थात 0.65 अंक की बढ़त लेकर 10769.90 अंक पर रहा। बीएसई में कुल 2745 कंपनियों में लेनदेन हुआ जिनमें से 1265 बढ़त में और 1350 गिरावट में रहे जबकि 130 में कोई बदलाव नहीं हुआ।



 
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