12 जनवरी: बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Friday, 12 Jan 2018 04:02:43 PM
12 january top10 news in hindi

इसरो ने रचा इतिहास, कार्टोसैट-2 सहित 31 उपग्रहों का प्रक्षेपण

ISRO created history, 31 satellites sent in space, India 100th satellite launch

बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष में एक और ऊंची छलांग लगाते हुए शुक्रवार को यहां के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-40 सी के जरिए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह कार्टोसैट-2 सहित 31 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया, जिसके साथ ही इसरो निर्मित उपग्रहों के प्रक्षेपण का शतक पूरा हो गया।

पीएसएलवी-सी40 रॉकेट का सुबह नौ बजकर 29 मिनट पर अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण किया गया, जो बादलों से भरे आसमान को चीरता हुआ अपने गंतव्य की ओर बढ गया। इस रॉकेट के जरिये 710 किलोग्राम वजनी कार्टोसैट-2 के साथ 28 विदेशी उपग्रहों का भी प्रक्षेपण किया गया जिनमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और फिनलैंड के उपग्रह शामिल हैं। 

इसरो अपने 100वें उपग्रह को अंतरिक्ष की कक्षा में प्रक्षेपित किया। लेकिन इंडिया की इस उपलब्धि से पहले ही पड़ोसी देश पाक की हालत कुछ ठीक नहीं लगती है। इंडिया की इस उपलब्धि पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इंडिया जिन उपग्रहों का प्रक्षेपण कर रहा है, उससे वे दोहरी नीति अपना रहा है। इन उपग्रहों का यूज नागरिक और सैन्य उद्देश्य में किया जा सकता है।

इसलिए ये जरूरी है कि इनका यूज सैन्य क्षमताओं के लिए ना किया जाए, अगर ऐसा होता है कि इसका क्षेत्र पर गलत प्रभाव पड़ेगा। खबरों के मुताबिक इसरो ने अपनी वेबसाइट पर गुरुवार को लिखा, PSLV-C 440 के चौथे चरण के प्रणोदक को भरने का काम चल रहा है। चौथे चरण के PSLV-C-40 की ऊंचाई 44.4 मीटर और वजन 320 टन है।

PSLV के साथ 1332 किलो वजनी 31 उपग्रह एकीकृत किए गए हैं ताकि उन्हें प्रेक्षपण के बाद पृथ्वी की ऊपरी कक्षा में तैनात किया जा सके। भेजे जा रहे कुल 31 उपग्रहों में से 3 इंडियन हैं और 28 छह देशों से हैं : कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका। सैटेलाइट केंद्र निदेशक एम. अन्नादुरई ने कहा कि माइक्रोउपग्रह अंतरिक्ष में इंडिया का 100वां उपग्रह होगा। 

मोदी ने दी इसरो को बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 100वें उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की टीम को शुक्रवार को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं शुक्रवार को  पीएसएलवी के सफल प्रक्षेपण पर इसरो और उसके वैज्ञानिकों को दिल की गहराइयों से बधाई देता हूं। नए वर्ष में उसकी इस सफलता से अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश के तीव्र विकास का लाभ किसानों ,मछुआरों और अन्य नागरिकों को मिलेगा।

पहली बार मीडिया के सामने आए SC के चार जज, SC प्रशासन नहीं कर रहा सही तरीके से काम

four senior judges of supreme court meet media

नई दिल्ली। देश में शायद यह पहली बार होगा की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश प्रेस काॅन्फ्रेंस करने प्रेस के सामने आए हो लेकिन हा आज यह पहली बार हुआ है की सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस के सामने आकर अपनी बात रखी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा की प्रशासन सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।

इन चार जजों ने कहा की हमने देश के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा से इन पर चर्चा भी लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई जिसके चलते हमे आज प्रेस के सामने आना पड़ा। चारों जजों का कहना था की भ्रष्टाचार को लेकर हमने शिकायत की थी लेकिन उस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया और हम नहीं चाहते की इस मामले में हम पर कोई आरोप लगे या अंगुली उठाई जाए। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे, जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा की अगर हमने देश के सामने ये बातें नहीं रखी और हम नहीं बोले तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। हमने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस से अनियमितताओं पर बात की। उन्होंने बताया कि चार महीने पहले हम सभी चार जजों ने चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था। जो कि प्रशासन के बारे में थे, हमने कुछ मुद्दे उठाए थे लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में बहुत कुछ ऐसा हुआ, जो नहीं होना चाहिए था। हमें लगा, हमारी देश के प्रति जवाबदेही है और हमने चीफ जस्ट्सि को मनाने की कोशिश की, लेकिन हमारे प्रयास नाकाम रहे अगर संस्थान को नहीं बचाया गया, लोकतंत्र नाकाम हो जाएगा।

लालू ने जेल में आम कैदियों की तरह होने वाले व्यवहार को लेकर जज से की शिकायत

treated as common prisone lalu prasad complaint to cbi judge

रांची। बिरसा मुंडा जेल में चारा घोटाले के आरोप में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सीबीआई जज से शिकायत की है की उनके साथ जेल में आम कैदियों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो जेल में राजनीति से जुड़े लोगों के साथ में अच्छा व्यवहार किया जाता है या फिर उन्हें कुछ विशेष सुविधाएं दी जाती है।

लालू यादव ने जज से शिकायत की है की उन्हें जेल में मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है, उनके साथ में आम कैदियों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। आपकों बता दें कि लालू यादव को चारा घोटाले के एक मामले में रांची की विशेष सीबीआई कोर्ट ने साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है और लालू फिलहाल रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं।

कोर्ट में एक अन्य मामले पेश हुए लालू से जब जज शिवपाल ने उन्हें जेल में होने वाली दिक्कतों के बारे में पूछा तो लालू ने अपने अंदाज में शिकायत की कि जेल प्रशासन उन्हें पार्टी कार्यकर्ता और अन्य लोगों से मिलने की इजाजत नहीं देते। लालू ने जज से साधारण कैदी की तरह बिहेव किए जाने पर भी शिकायत की जिस पर जज ने जवाब दिया कि नियम सभी के लिए एक है। 

भारी बर्फबारी की वजह से जापान में रातभर ट्रेन में फंसे रहे 430 लोग

430 people trapped in train overnight in Japan due to heavy snowfall

टोक्यो। गुरुवार को जापान में भारी बर्फबारी के चलते करीब 430 लोग रातभर एक ट्रेन में फंसे रहे। जापानी समुद्र तट का अधिकतर हिस्सा बर्फ की चादर से ढंक गया था। शुक्रवार को  रेलवे के एक अधिकारी ने ये जानकारी दी।

जेआर ईस्ट रेलवे कंपनी की निगाता शाखा के प्रवक्ता शिनिची सेकी ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 15 घंटे तक ट्रेन को रोक के रखा गया जिसके बाद शुक्रवार सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर ट्रेन को फिर से रवाना किया गया।

सेकी ने बताया कि 4 डिब्बों वाली ये ट्रेन बृहस्पतिवार को एक घंटे से अधिक की देरी से शाम 4 बजकर 25 मिनट पर भारी बर्फ के बीच निगाता शहर से रवाना हुई। बर्फ जमा होने की वजह से ट्रेन के पहिए मुड़ नहीं पा रहे थे जिससे वे स्टेशन से पहले ही करीब 7 बजे एक रेलवे क्रॉसिंग पर रुक गई। सेकी ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी। 

ISIS आतंकी आत्मसमर्पण करें या मरने को तैयार रहें: अमेरिकी सेना

ISIS should surrender terror or be ready to die: US Army

वाशिंगटन। अगर इस्लामिक स्टेट समूह के जिहादी अगर आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो अमेरिका एवं उसके सहयोगी देशों की सेना आतंकवादियों को गोली मार देगी या उनपर बम गिरा देगी। ये कहना हैं अमेरिकी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी का। कमांड सार्जेंट मेजर जॉन ट्रोकसेल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर आईएस के सदस्यों को चेताया कि अगर वह आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उन्हें मार दिया जाएगा।

उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि अगर वह आत्मसमर्पण करते हैं तो उन्हें जेल में सुरक्षित रखेंगे और उन्हें खाना, चारपाई देंगे और उचित प्रक्रिया का पालन करेंगे।उन्होंने कहा कि अगर वह आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो हम उन्हें सुरक्षा बलों द्वारा मरवा देंगे, उन पर बम गिराएंगे, उन्हें चेहरे पर गोली मार देंगे, या फावड़े से मार-मार कर उनकी हत्या कर देंगे।

हैती और अफ्रीकी अप्रवासियों को क्यों आने देते हैं: ट्रंपपोस्ट में अमेरिकी सैनिक की फोटो भी है जो फावड़ा पकड़ा हुआ है और किसी को संदेह है कि किसी व्यक्ति की फावड़े से कैसे हत्या की जा सकती है तो ट्रोकसेल ने बुधवार को एक डायग्राम पोस्ट करके इसे समझाया भी है। 

जयपुरः युवक की हत्या कर लाश जलाने का मामला, इंस्पेक्टर सहित छह लाइन हाजिर

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जयपुर। राजस्थान में जयपुर के शिप्रा पथ थाने के नजदीक खाली भूखंड पर बुधवार रात एक युवक की हत्या कर लाश जला देने के मामले में पुलिस कमिश्नर ने थाने के प्रभारी सहित छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार बुधवार रात थाने के पास खाली भूखंड में एक व्यक्ति की हत्या कर शव को जला दिया गया था जिसकी भनक तक पुलिस को नहीं लगी और सुबह भी किसी राहगीर ने अधजले शव की सूचना पुलिस थाने में दी तो पुलिस मौके पर पहुंची। 

इस मामले में थाना स्टाफ की बड़ी लापरवाही को कमिश्नर संजय अग्रवाल ने गंभीरता से लिया और थाना प्रभारी संजय गोदारा सहित छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। गोदारा के साथ लाइन हाजिर किए गए कांस्टेबलों में दिनेश कुमार, सुरेश, योगराज, जयकृष्ण और शैतान सिंह शामिल है।

टी-20 में नहीं चला युवराज सिंह का बल्ला

Yuvraj Singh failed in T-20

नई दिल्ली। टीम इंडिया में वापसी का प्रयास कर रहे सिक्सर किंग युवराज सिंह का सैयद मुश्ताक अली ट्वेंटी-20 घरेलू टूर्नामेट के उत्तर क्षेत्र लीग मैच में बल्ला नहीं चला है। 

यहां हरियाणा के  खिलाफ खेले जा रहे मैच में पंजाब की ओर से खेल रहे युवराज सिंह 16 गेंदों का सामना करने के बावजूद केवल आठ रन ही बना सके हैं। इस दौरान वह केवल एक चौका ही लगा सका है। वह जयंत यादव की गेंद पर कैच आउट हुए। 

पंजाब ने इस मुकाबले में पहले खेलते हुए निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 139 रन बनाए हैं। उनकी ओर से मनदीप सिंह ने सर्वाधिक 30 रन का योगदान दिया। बी सरन ने 19, अभिषेक गुप्ता ने 18 और मनप्रीत गोनी ने 17 रन का योगदान दिया। वहीं गुरुवार को राजकोट में केदार देवधर (नाबाद 62) के शानदार अर्धशतक से बड़ौदा ने पश्चिमी क्षेत्र लीग मैच में सौराष्ट्र को आठ विकेट से हरा दिया। 

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बढ़त के साथ बंद हुए Sensex-Nifty

Sensex-Nifty closed on the last trading day of the week

मुंबई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान पर बंद हुआ है। कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही बढ़त दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 88.90 अंक यानि 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 34,592.39 के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 30.05 अंक यानि 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,681.25 के स्तर पर बंद हुआ।गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान शेयर बाजार पूरे दिन के उतार-चढाव के बाद अंत में हरे निशान पर बंद होने में कामयाब हुआ।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 70.42 अंक यानि 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 34,503.49 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 19.00 अंक यानि 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,651.20 के स्तर पर बंद हुआ।

सोना और चांदी के भाव में तेजी कायम

Gold and silver prices climbed

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संकेतों के बल पर आज दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 30 रुपये चमक कर 30,650 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया और चांदी 120 रुपये की उछाल लेकर 39,800 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गयी। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में तेजी का रूख बना हुआ है। इस दौरान सोना हाजिर 0.55 प्रतिशत उछलकर 1329.66 डाॅलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। अमेरिका सोना वायदा 0.63 फीसदी की उछाल लेकर 1329 डॉलर प्रति औंस बोला गया है।

कल दिल्ली सराफा बाजार में सोना 145 रुपये चमककर सात सप्ताह से ज्यादा के उच्चतम स्तर 30,620 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुँच गया था। चाँदी भी 180 रुपये की छलाँग लगाकर 39,680 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव बिकी थी।

Death Anniversary: बॉलीवुड में खलनायकी की भूमिका निभाने के बाद भी 'अमरीश पुरी' ने किया फैंस के दिलों पर राज

 Amrish Puri Death Anniversary Special

मुंबई। बॉलीवुड में अमरीश पुरी को एक ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपनी कड़क आवाज रौबदार भाव भंगिमाओं और दमदार अभिनय के बल पर खलनायकी को एक नई पहचान दी। रंगमंच से फिल्मों के रूपहले पर्दे तक पहुंचे अमरीश पुरी ने करीब तीन दशक में लगभग 250 फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाया।

आज के दौर में जब कलाकार किसी अभिनय प्रशिक्षण संस्था से प्रशिक्षण लेकर अभिनय जीवन की शुआत करते हैं, अमरीश पुरी खुद एक चलते फिरते अभिनय प्रशिक्षण संस्था थे। पंजाब के नौशेरां गांव में 22 जून 1932 में जन्में अमरीश पुरी ने अपने करियर की शुरूआत श्रम मंत्रालय में नौकरी से की और उसके साथ ही सत्यदेव दुबे के नाटकों में अपने अभिनय का जौहर दिखाया। बाद में वह पृथ्वी राज कपूर के पृथ्वी थियेटर में बतौर कलाकार अपनी पहचान बनाने में सफल हुए।

पचास के दशक में अमरीश पुरी ने हिमाचल प्रदेश के शिमला से बीए पास करने के बाद मुंबई का रूख किया। उस समय उनके बड़े भाई मदन पुरी हिन्दी फिल्म में बतौर खलनायक अपनी पहचान बना चुके थे। वर्ष 1954 में अपने पहले फिल्मी स्क्रीन टेस्ट में अमरीश पुरी सफल नहीं हुए। अमरीश पुरी ने अपने जीवन के 40वें वसंत से अपने फिल्मी जीवन की शुरूआत की थी।

वर्ष 1971 में बतौर खलनायक उन्होंने फिल्म रेशमा और शेरा से अपने कैरियर की शुरूआत की लेकिन इस फिल्म से दर्शकों के बीच वह अपनी पहचान नहीं बना सके। उस जमाने के मशहूर बैनर बाम्बे टॉकीज में कदम रखने बाद उन्हें बड़े-बड़े बैनर की फिल्में मिलनी शुरू हो गयी। उन्होंने खलनायकी को ही अपने कैरियर का आधार बनाया। इन फिल्मों में निंशात, मंथन, भूमिका, कलयुग और मंडी जैसी सुपरहिट फिल्में भी शामिल है।

इस दौरान यदि अमरीश पुरी की पसंद के किरदार की बात करें तो उन्होंने सबसे पहले अपना मनपसंद और न कभी नहीं भुलाया जा सकने वाला किरदार गोविन्द निहलानी की वर्ष 1983 में प्रदर्शित कलात्मक फिल्म अद्र्धसत्य में निभाया। इस फिल्म में उनके सामने कला फिल्मों के अजेय योद्धा ओमपुरी थे।

इसी बीच हरमेश मल्होत्रा की वर्ष 1986 मे प्रदर्शित सुपरहिट फिल्म नगीना में उन्होंने एक सपेरे की भूमिका निभायी जो लोगो को बहुत भाई। इच्छाधारी नाग को केन्द्र में रख कर बनी इस फिल्म में श्रीदेवी और उनका टकराव देखने लायक था। वर्ष 1987 में उनके कैरियर में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ।

वर्ष 1987 में अपनी पिछली फिल्म.मासूम की सफलता से उत्साहित शेखर कपूर बच्चों पर केन्द्रित एक और फिल्म बनाना चाहते थे जो इनविजबल मैन के उपर आधारित थी। इस फिल्म में नायक के रूप में अनिल कपूर का चयन हो चुका था जबकि कहानी की मांग को देखते हुये खलनायक के रूप में ऐसे कलाकार की मांग थी जो फिल्मी पर्दे पर बहुत ही बुरा लगे। इस किरदार के लिये निर्देशक ने अमरीश पुरी का चुनाव किया जो फिल्म की सफलता के बाद सही साबित हुआ। इस फिल्म में अमरीश पुरी द्वारा निभाये गये किरदार का नाम था मोगैम्बो और यही नाम इस फिल्म के बाद उनकी पहचान बन गया।

जहां भारतीय मूल के कलाकार को विदेशी फिल्मों में काम करने की जगह नहीं मिल पाती है वही अमरीश पुरी ने स्टीवन स्पीलबर्ग की मशहूर फिल्म इंडियाना जोंस एंड द टेंपल आफ डूम में खलनायक के रूप में काली के भक्त का किरदार निभाया। इसके लिये उन्हें अंतराष्ट्रीय ख्याति भी प्राप्त हुई।

इस फिल्म के पश्चात उन्हें हालीवुड से कई प्रस्ताव मिले जिन्हे उन्होनें स्वीकार नहीं किया क्योंकि उनका मानना था कि हालीवुड में भारतीय मूल के कलाकारों को नीचा दिखाया जाता है। लगभग चार दशक तक अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिल में अपनी खास पहचान बनाने वाले अमरीश पुरी ने 12 जनवरी 2005 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया।



 
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