14 अप्रैल : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Sunday, 14 Apr 2019 03:41:11 PM
14 April top 10 news

असम के लोग कांग्रेस को कर रहे हैं पसंद, भाजपा नागरिकता विधेयक लाने को प्रतिबद्ध: रावत

People of Assam are liking Congress

गुवाहाटी। असम में कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने शनिवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव में असम के लोग भाजपा को वोट नहीं देंगे क्योंकि भगवा दल नागरिकता (संशोधन) विधेयक लाने पर अड़ा हुआ है। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि राज्य में 11 अप्रैल को पांच सीटों पर हुए मतदान में कांग्रेस को अच्छे वोट मिले हैं।

राज्य में पांचों सीटों पर कांग्रेस की जीत को लेकर आश्वस्त नेता ने कहा कि मौके से मिली रिपोर्टों के अनुसार असम के लोगों ने भाजपा के खिलाफ वोट दिया है क्योंकि वे पार्टी को असंवैधानिक विधेयक लाने के लिए दंडित करना चाहते हैं। रावत ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह चलन दूसरे (18 अप्रैल) और तीसरे चरण (23 अप्रैल) में भी जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि हमारे अध्यक्ष राहुल गांधी कहते आ रहे हैं कि अगर हम सत्ता में आए तो हम विधेयक को कूड़ेदान में फेंक देंगे। हमने अपने घोषणापत्र में भी इसे स्पष्ट किया है। रावत ने दावा किया,  क्योंकि लोग विधेयक का विरोध कर रहे हैं इसलिए मुझे नहीं लगता कि इस बार भाजपा जीतेगी। उन्होंने कहा कि असम में कांग्रेस 14 में से 10 सीट हासिल करेगी।

सियासी दलों को सबसे महंगे बॉन्ड से मिला 99.8 फीसद चुनावी चंदा : आरटीआई

Political parties get 99.8 per cent of the most expensive bonds in election: RTI

इंदौर। लोकसभा चुनाव के माहौल में चुनावी चंदे की पारदर्शिता को लेकर जारी बहस के बीच सूचना के अधिकार (आरटीआई) से खुलासा हुआ है कि सियासी दलों को चंदा देने वाले गुमनाम लोगों ने सबसे महंगे चुनावी बॉन्ड खरीदने के प्रति भारी रुझान दिखाया। सियासी दलों को एक मार्च 2018 से 24 जनवरी 2019 की अवधि में 99.8 फीसद चुनावी चंदा सबसे महंगे बॉन्ड से मिला। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से आरटीआई के जरिए मिले आंकड़ों के हवाले से पीटीआई-भाषा के साथ यह अहम जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि गुमनाम चंदादाताओं ने सरकारी क्षेत्र के इस सबसे बड़े बैंक की विभिन्न शाखाओं के जरिये एक मार्च 2018 से 24 जनवरी 2019 तक सात चरणों में पांच अलग-अलग मूल्य वर्ग वाले कुल 1,407.09 करोड़ रुपए के चुनावी बॉन्ड खरीदे। ये बॉन्ड एक हजार रुपए, दस हजार रुपए, एक लाख रुपए, दस लाख रुपए और एक करोड़ रुपए के मूल्य वर्गों में बिक्री के लिए जारी किए गए थे।

आरटीआई के तहत मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार आलोच्य अवधि में चंदादाताओं ने दस लाख रुपए मूल्य वर्ग के कुल 1,459 बॉन्ड और एक करोड़ रुपए मूल्य वर्ग के कुल 1,258 चुनावी बॉन्ड खरीदे। यानी दोनों सबसे महंगे मूल्य वर्गों में कुल मिलाकर 1,403.90 करोड़ रुपए के चुनावी बॉन्ड खरीदे गए। सियासी दलों को दिए गए चुनावी चंदे का यह आंकड़ा सभी पांच मूल्य वर्गों के बॉन्ड की बिक्री की कुल रकम यानी 1,407.09 करोड़ रुपए का लगभग 99.8 फीसद है।

आंकड़ों से पता चलता है कि आलोच्य अवधि में एक लाख रुपये मूल्य वर्ग के कुल 318 चुनावी बॉन्ड की खरीद से 3.18 करोड़ रुपए, 10,000 रुपए मूल्य वर्ग के कुल 12 बॉन्ड की खरीद से 1.20 लाख रुपए और 1,000 रुपए मूल्य वर्ग वाले कुल 24 बॉन्ड की खरीद से 24,000 रुपए का चुनावी चंदा दिया।

हालांकि, आरटीआई से यह खुलासा भी हुआ है कि सम्बद्ध सियासी दलों ने आलोच्य अवधि के दौरान खरीदे गए 1,407.09 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड में से 1,395.89 करोड़ रुपए के चुनावी बॉन्ड को ही भुनाया गया। यानी 11.20 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड बिना भुनाये रह गए जिनमें एक करोड़ रुपये मूल्य वर्ग वाले 11 बॉन्ड, दस लाख रुपये मूल्य वर्ग के दो बॉन्ड और 1,000 रुपए मूल्य वर्ग के 15 बॉन्ड शामिल हैं।

आरटीआई के आंकड़ों से एक और अहम बात सामने आती है कि सातों चरणों में ऐसा एक भी चरण नहीं है, जिसमें दस लाख रुपए और एक करोड़ रुपए मूल्य वर्गों वाले चुनावी बॉन्ड नहीं बिके हों। यानी सियासी दलों को चंदा देने वालों का रुझान सबसे महंगे मूल्य वर्ग के दोनों बॉन्ड की ओर हर बार बना रहा।

गौड़ ने अपनी अर्जी में यह भी पूछा था कि आलोच्य अवधि में किन-किन सियासी दलों ने कुल कितनी धनराशि के चुनावी बॉन्ड भुनाए? हालांकि, एसबीआई ने इस प्रश्न पर आरटीआई अधिनियम के सम्बद्ध प्रावधानों के तहत छूट का हवाला देते हुए इसका खुलासा करने से इंकार कर दिया।

सियासी सुधारों के लिए काम करने वाले स्वैच्छिक समूह एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने चुनावी बॉन्ड की बिक्री पर रोक की गुहार लगाते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में अदालत ने चुनावी बॉन्ड के जरिए राजनीतिक फंडिग पर रोक लगाने से शुक्रवार को हालांकि इनकार कर दिया।

लेकिन उसने इस प्रक्रिया में  पारदर्शिता लाने के लिए कई शर्तें लगा दीं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने अपने अंतरिम आदेश में सभी राजनीतिक पार्टियों को निर्देश दिया कि वे चुनावी बॉन्ड के जरिये प्राप्त चंदे की रसीदें और चंदा देने वालों की पहचान का ब्योरा सीलबंद लिफाफ़े में चुनाव आयोग को 30 मई तक सौंपें। 

ट्रंप का सैंचुरी सिटीज वाला विचार अमेरिका में शरणार्थियों को बने रहने में कर सकता है मदद

Trump Sanctuary Cities idea can help refugees in the United States

फीनिक्स। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को सैंचुरी सिटीज (शरण स्थल) भेजने का जो विचार पेश किया है उसे भले ही डेमोक्रेट्स के खिलाफ प्रतिशोध के रूप में देखा जा रहा हो लेकिन इससे शरणार्थियों को देश में जड़े जमाने और रहने में मदद मिल सकती है।

ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा था कि वह इन शरणार्थियों को सैंचुरी सिटीज में भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। सैंचुरी सिटीज वे शहर हैं, जहां के स्थानीय प्रशासन ने ट्रंप की कठोर आव्रजन नीतियों का विरोध किया है और अवैध शरणार्थियों को प्रत्यर्पण के लिए सौंपने से इंकार कर दिया है। ये शहर खास तौर पर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्र हैं। 

छोटे शहरों के मुकाबले इन स्थानों पर शरणार्थियों और प्रवासियों की मदद के लिए ज्यादा संसाधन हैं ताकि वह अमेरिका में रहने के लिए अपनी कानूनी लड़ाई लड़ सकें। देश में शरणार्थियों और प्रवासियों की लड़ाई लड़ने वाले ज्यादातर समूह सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क सिटी और शिकागो में है। हालांकि इन शहरों में जीवन यापन का खर्चा ज्यादा आएगा।

सिराक्यूज यूनिवर्सिटी के ट्रांजेक्शनल रिकॉर्ड एक्सेस क्लियरिगहाउस ने इस सप्ताह की शुरुआत में घोषणा की कि विश्लेषकों ने पाया है कि इन शहरों में उन शहरों के मुकाबले शरणार्थी और प्रवासियों के गिरफ्तार होने की संभावना 20 फीसदी कम है, जहां इस तरह की शरणार्थी नीति नहीं है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि डेमोक्रेट्स हमारे खतरनाक आव्रजन कानून में बदलाव लाने के लिए तैयार नहीं हैं । इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए हम वास्तव में सभी अवैध प्रवासियों को सैंचुरी सिटीज में भेजने पर विचार कर रहे हैं।

नेशनल बोलिवियन आर्म्ड फोर्सेज का हिस्सा बनेगी नागरिक सेना: मादुरो

National Bolivian Armed Forces will form part of Citizen Force: Maduro

मॉस्को। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने रविवार को कहा कि वेनेजुएला अपने कानून में संशोधन करेगा ताकि नेशनल बोलिवियन आर्म्ड फोर्सेज नागरिक सेना को अपना हिस्सा बना सके। इस पहले महीने के शुरुआत में मादुरो ने कहा कि दिसंबर 2019 तक वेनेजुएला नागरिक सेना के अधिकारियों की संख्या को 21 लाख से बढ़ाकर 30 लाख किया जाएगा।

राष्ट्रपति ने कहा इस कदम के लिए कानून में संशोधन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कमांडेंट शावेज ने एक शक्तिशाली और महान नागरिक सेना का सपना देखा था। देश के सशस्त्र बलों की तरह नागरिक सेना को भी पूर्ण रूप से संवैधानिक दर्जा मिलेगा। गौरतलब है कि यह निर्णय तब लिया गया है जब वेनेजुएला राजनीतिक संकट से गुजर रहा है।

यह राजनीतिक संकट दरअसल इस वर्ष जनवरी में तब शुरू हुआ था जब अमेरिका का समर्थन प्राप्त विपक्षी नेता जुआन गुआइदो ने स्वयं को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया था। वेनेजुएला में मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए अमेरिका ने उस पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाने के अलावा कहा है कि वह सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है।

नेशनल असेंबली के अध्यक्ष एवं विपक्ष के नेता जुआन गुआइदो ने 23 जनवरी को इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के साथ ही स्वयं को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया था। अमेरिका के अलावा अब तक कनाडा, अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, ग्वाटेमाला, होंडुरास, पनामा, पैराग्वे और पेरू समेत 54 देशों ने विपक्ष के नेता जुआन गुआइदो को वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला में हजारों लोग मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व गुआइदो कर रहे हैं। जनवरी की शुरुआत में मादुरो ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल की शपथ ली थी। हाल में संपन्न हुए चुनावों में उन पर गड़बड़ी करने के आरोप लगे थे।

मादुरो के नेतृत्व में कई वर्षों से वेनेजुएला गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। बढती कीमतों के अलावा खाने-पीने और दवाईयों की कमी के कारण लाखों लोगों ने वेनेजुएला से पलायन भी किया है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक वेनेजुएला के 27 लाख लोगों ने लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों में शरण ली हुई है। मौजूदा राष्ट्रपति मादुरो ने गुआइदो पर अमेरिका की मदद से उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है। मादुरो को चीन तथा रूस खुल कर अपना समर्थन दे रहे हैं।

किसिंग और न्यूडिटी के लिए नहीं हैं सलमान

Salman is not for kissing and nudity

मुंबई। बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान का कहना है कि वह वह फिल्मों में किसिंग और न्यूडिटी के लिए नहीं हैं। सलमान खान की फिल्मों में जबरदस्त एक्शन देखने को मिलता है। उनकी फिल्मों में रोमांस तो होता है लेकिन किसिंग सीन नहीं। सलमान फिल्मों में किसिंग सीन नहीं देते हैं।

उन्होंने बताया अभी भी जब स्क्रीन पर किसिंग सीन आता है, तो हम सभी को अजीब महसूस होता है। आप जिस भी तरीके से चाहे इसे देख सकते हैं लेकिन मैं हमेशा अपना ध्यान क्लीन सिनेमा की तरफ रखूंगा। सलमान ने कहा मैं चाहता हूं कि हमारे बैनर में ऐसी फिल्में हों, जिसमें नॉटीनेस, एक्शन, रोमांस हो और फिल्म सभी साथ बैठ कर देख सकें। मैं इसी चीज को बनाए रखना चाहता हूं। यदि कोई पिक्चर ए रेटेड होगी, तो ये एक्शन के कारण होगी। मैं फिल्मों में किसिंग और न्यूडिटी के लिए बिल्कुल भी नहीं बना हूं। 

सलमान खान फिल्म भारत 05 जून को रिलीज होगी। फिल्म में सलमान खान के अलावा कैटरीना कैफ, दिशा पाटनी, जैकी श्राफ, तब्बू और सुनील ग्रोवर भी अहम रोल में हैं।यह फिल्म साउथ कोरियन फिल्म ओड टू माई फादर का रीमेक है।

फिल्म छपाक में अपने किरदार के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं दीपिका पादुकोण

Deepika working hard for 'Chhapak' character

मुंबई। बॉलीवुड की डिपल गर्ल दीपिका पादुकोण अपनी आने वाली फिल्म छपाक में अपने किरदार के लिये कड़ी मेहनत कर रही हैं। दीपिका ने अपनी आने वाली फिल्म 'छपाक’ की शूटिंग शुरू कर दी है। मेघना गुलज़ार इसे निर्देशित कर रही हैं। दीपिका इस फिल्म में अपने किरदार के लिये कड़ी मेहनत कर रही है।

दीपिका इस फ़िल्म में मालती का रोल कर रही हैं, जो एसिड अटैक सर्वाइवर हैं। हाल ही में, दीपिका का पहला लुक जारी किया गया था जिसे असली किरदार से अविश्वसनीय समानता के कारण खूब पसंद किया गया। इसके लिए मेकअप करने में ही दीपिका को घंटों लगाने पड़ रहे हैं।

इस लुक को हासिल करना मुश्किल भरा काम होता है क्योंकि मेकअप को सही तरीके से पूरा करने में हर रोज़ लगभग तीन से चार घंटे लग जाते हैं। और तो और मेकअप को उतारने के लिए इससे भी अधिक समय लगता है।दीपिका हर रोज इस लुक में आने और उससे बाहर निकलने की प्रक्रिया से गुजरती है और हर रोज़ मेकअप के लिए इतने घंटों तक बैठकर अपने सब्र का इम्तेहान देती हैं।

दीपिका इस फिल्म में मालती की जीवनगाथा पेश करेंगी। वह न केवल इस फिल्म में अभिनय कर रही हैं बल्कि एक निर्माता के रूप में भी इससे अपना डेब्यू कर रही हैं। लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन की असली कहानी को पेश करने वाली फिल्म छपाक अगले साल रिलीज हो सकती है।

धोनी को 2-3 मैचों के लिए प्रतिबंधित किया जाना चाहिए था: सहवाग

Dhoni should have been banned for 2-3 matches: Sehwag

नई दिल्ली। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना ​​है कि महेंद्र सिंह धोनी को अंपायर उल्हास गंधे से मैदान पर बहस करने के मामले में आसानी से छोड़ दिया गया जबकि उन पर दो से तीन मैचों का प्रतिबंध लगाकर उदाहरण पेश किया जाना चाहिए था। धोनी राजस्थान रायल्स के खिलाफ मैच के दौरान अंपायर उल्हास गंधे के फैसले को चुनौती देने डगआउट से निकलकर मैदान पर आ गए।

मैच के दौरान मैदानी अंपायर से बहस करने के बावजूद प्रतिबंध से बच गए लेकिन उन्हें मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना देना पड़ा। धोनी की इस हरकत लभगभ सभी ने आलोचना कि लेकिन सहवाग पहले बड़े भारतीय खिलाड़ी है जिन्होंने उनकी निलंबन की मांग की। सहवाग ने क्रिकबज वेबसाइट से कहा कि मुझे लगता है धोनी को आसानी से छोड़ दिया गया और उन्हें 2-3 मैचों के लिए प्रतिबंधित किया जाना चाहिये था।

क्योंकि अगर उन्होंने आज ऐसा किया है तो कोई दूसरा क्रिकेटर कल ऐसा कर सकता है। ऐसे में अंपायर का क्या महत्व रह जाएगा। सहवाग ने कहा कि मुझे लगता है कि उन्हें आईपीएल के कुछ मैचों से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए था जिससे उदाहरण पेश हो सके। मैदान में उतरने की जगह उन्हें बाहर रह कर चौथे अंपायर के वाकी टाकी से बात करनी चाहिए थी।

विश्व कप टीम चयन में चौथे नंबर के लिये करनी होगी माथापच्ची

World Cup 2019 latest news

नई दिल्ली। अगले महीने शुरू हो रहे विश्व कप के लिए चयनकर्ता जब भारतीय टीम चुनने बैठेंगे तो दूसरा विकेटकीपर, चौथे नंबर का स्लाट और अतिरिक्त तेज गेंदबाज की जरूरत अहम मसले होंगे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में कप्तान विराट कोहली ने संकेत दिया था कि सिर्फ एक स्थान बचा है जबकि कोर टीम एक साल पहले ही तय हो गई थी।

इंग्लैंड में 30 मई से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम के सदस्य लगभग तय है लेकिन टीम संयोजन पर विचार होगा। दूसरे विकेटकीपर के लिए युवा ऋषभ पंत का मुकाबला अनुभवी दिनेश कार्तिक से है। पंत अभी तक आईपीएल में 222 रन बना चुके हैं जबकि कार्तिक ने 93 रन बनाए हैं।

पंत का पलड़ा भारी लग रहा है क्योंकि वह पहले से सातवें नंबर तक कहीं भी बल्लेबाजी कर सकते हैं। विकेटकीपिंग में सुधार की गुंजाइश है लेकिन कार्तिक का पिछले एक साल का प्रदर्शन ऐसा नहीं है कि वह पुरजोर दावा पेश कर सके। तीसरे सलामी बल्लेबाज के लिए के एल राहुल का भी दावा पुख्ता है जिसने आईपीएल में अभी तक 335 रन बना लिए हैं। वह तीसरे सलामी बल्लेबाज के अलावा दूसरे विकेटकीपर की भूमिका भी निभा सकते हैं।

राहुल को लेने पर चौथे नंबर के बल्लेबाज के रूप में अंबाती रायुडू के लिये जगह बन सकती है। नवंबर तक रायुडू चौथे नंबर के लिये कोहली और रवि शास्त्री की पहली पसंद थे लेकिन घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने का उनका फैसला और तेज गेंदबाजी के खिलाफ कमजोर तकनीक उनके खिलाफ गई।

टीम प्रबंधन अगर विजय शंकर को चुनता है तो रायुडू के लिये दरवाजे बंद हो जाएंगे। इंग्लैंड की तेज पिचों पर चौथा अतिरिक्त तेज गेंदबाज चुनना भी आसान नहीं होगा। उमेश यादव लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं जबकि बायें हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद में परिपक्वता की कमी है।

संभावित टीम :
खिलाड़ी जिनका चयन लगभग तय है : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उपकप्तान), शिखर धवन, के एल राहुल, महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, विजय शंकर , कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, रविंद्र जडेजा । 
15वां सदस्य : (विकल्प)
दूसरा विकेटकीपर : ऋषभ पंत/दिनेश कार्तिक
चौथा नंबर : अंबाती रायुडू
चौथा तेज गेंदबाज : उमेश यादव/ खलील अहमद/ ईशांत शर्मा/ नवदीप सैनी । 

जीएसटी से कारोबार में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि: पंपसेट निर्माता

10 to 20 percent increase in GST business: Pumpets maker

कोयंबटूर। तमिलनाडु के अधिकतर छोटे एवं मझोले उद्योग एक तरफ जहां माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से कारोबार को नुकसान होने का दावा कर रहे हैं, वहीं राज्य के पंपसेट विनिर्माताओं के संगठन का कहना है कि नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था से उनका कारोबार 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा है।

तमिलनाडु पंपसेट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कल्याणसुंदरम ने यहां शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि जीएसटी क्रियान्वयन के बाद कर की दरें चार प्रतिशत कम हो गई हैं क्योंकि क्षेत्र के बाहर से सामान खरीदने पर केंद्रीय बिक्री कर में कमी आई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बिक्री कर में दो प्रतिशत की कमी आने से कारोबार 10 से 20 प्रतिशत बढ़ा है।

उन्होंने दावा किया कि संगठन के 120 सदस्य हैं। उन्होंने श्रमिकों की भारी कमी को एकमात्र समस्या बताया। कल्याणसुंदरम ने कहा कि संभव है कुछ अन्य संगठन अपने कारोबार के संबंध में अलग सूचनाएं दे रहे हों। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार के उन आंकड़ों को उन्होंने अभी तक नहीं देखा है, जिनमें करीब 50 हजार छोटे उद्योगों के बंद हो जाने और पांच लाख श्रमिकों की नौकरियां चले जाने का जिक्र किया गया है।

लगातार दूसरे सप्ताह चमका सोना

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नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में नरमी के बीच स्थानीय जेवराती मांग आने से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना गत सप्ताह 30 रुपए चमककर 32,820 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुँच गया। चाँदी 320 रुपए की गिरावट में 38,180 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के मुताबिक बीते सप्ताह सोना हाजिर 1.05 डॉलर टूटकर 1,290.30 डॉलर प्रति औंस रह गया। जून का अमेरिकी सोना वायदा 0.80 डॉलर की साप्ताहिक गिरावट में 1,293.50 डॉलर प्रति औंस बोला गया। 

बाजार विश्लेषकों ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्बारा वैश्विक आर्थिक विकास का अनुमान घटाने से सप्ताह के बीच में सोने में तेजी आयी थी और यह 1,300 डॉलर के पार पहुँच गया था। लेकिन, बाद में अमेरिकी रोजगार और उत्पादन के सकारात्मक आँकड़े आने से पीली धातु पर दबाव बढ गया। आलोच्य सप्ताह में चाँदी हाजिर 0.15 डॉलर फिसलकर सप्ताहांत पर 14.94 डॉलर प्रति औंस रह गई। स्थानीय बाजार में सोने में लगातार दूसरे सप्ताह तेजी रही।

सप्ताह के छह कारोबारी दिवसों में से सोमवार और बुधवार को रही तेजी के अलावा शेष दिन इसमें नरमी रही। सोना स्टैंडर्ड 30 रुपए की साप्ताहिक बढत के साथ सप्ताहांत पर 32,820 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुँच गई। सोना बिटुर भी इतना ही चढकर 32,650 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। आठ ग्राम वाली गिन्नी 26,400 रुपए पर टिकी रही।

सोने के उलट चाँदी में गिरावट रही। औद्योगिक माँग उतरने से चाँदी हाजिर सप्ताह के दौरान 320 रुपए लुढककर 38,180 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। चाँदी वायदा भी 300 रुपए की गिरावट में 37,220 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली गत दिवस के क्रमश: 80 हजार और 81 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर स्थिर रहे। 



 

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