15 सितंबर: एक क्लिक में पढ़ें 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Saturday, 15 Sep 2018 05:38:17 PM
15 september top 10 news in hindi

राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों की रिहाई का मामला केंद्र को संदर्भित नहीं किया: राज भवन

Rajiv Gandhi assassination case was not referred to Center: Raj Bhavan

चेन्नई। तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने मीडिया में आ रही उन सभी खबरों को शनिवार को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने राजीव गांधी हत्याकांड मामले के सभी सात दोषियों को रिहा करने की राज्य सरकार की सिफारिश केंद्र को सौंपी है।

राज्यपाल ने कहा कि मामले पर निर्णय ’’न्याय संगत और निष्पक्ष तरीके’’ से संविधान के अनुरूप किया जाएगा। राज भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया, मीडिया का एक वर्ग ऐसी खबरें दे रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषियों की रिहाई के संबंध में गृह मंत्रालय, भारत सरकार से उल्लेख किया गया है।

उसने कहा कि टीवी चैनल भी इस अनुमान पर चर्चा कर रहे हैं। राज भवन के संयुक्त निदेशक (जनसंपर्क) ने बयान में कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि इस मामले को गृह मंत्रालय को संदर्भित नहीं किया गया। मामला जटिल है और इसमें कानूनी, प्रशासनिक और संवैधानिक मुद्दों के अवलोकन शामिल है।

इस बात पर जोर देते हुए कि इस मामले पर राज्य सरकार से अनेक दस्तावेज मिल रहे हैं, राज भवन ने कहा कि मामले पर अदालत का फैसला उन्हें 14 सितंबर को ही सौंपा गया है। राज भवन ने कहा कि दस्तावेजों को ठीक से अध्ययन किए जाएगा और सभी कदम सतर्कता से उठाए जाएंगे।आवश्यकतानुसार, उचित समय पर परामर्श किया जा सकता है।

मामले पर निर्णय न्याय संगत और निष्पक्ष तरीके से संविधान के अनुरूप किया जाएगा। तमिलनाडु कैबिनेट ने नौ सितंबर को राजीव गांधी हत्याकांड के मामले में नलिनी और उनके पति श्रीहरन उर्फ मुरुगन समेत सभी सात दोषियों को रिहा करने की सिफारिश की थी।

सभी सात दोषी वर्ष 1991 से जेल में हैं। श्रीपेरंबदुर के पास चुनावी रैली के दौरान 21 मई 1991 को राजीव गांधी की एक आत्मघाती विस्फोट में हत्या कर दी गई थी। हमले में हमलावर धनु सहित 14 अन्य लोगों भी मारे गए थे। तमिलनाडु के संगठनों ने शुक्रवार को दावा किया था कि पुरोहित ने अपनी सलाह के लिए केंद्र को उल्लेख किया है। तमीजागा वज़हुरुमाई काची ने इस मुद्दे पर 26 सितंबर को प्रदर्शन करने की घोषणा भी की है।

नायडू की गिरफ्तारी वारंट के पीछे भाजपा का हाथ नहीं : शाह

Amit shah said BJP's not hand in Naidu's arrest warrant

हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने में उनकी पार्टी का कोई हाथ नहीं है। तेलंगाना के दौरे पर आए अमित शाह ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में एन चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने की खबरों पर कहा कि भाजपा की इसमें कोई भूमिका नहीं है।

चुनाव के दौरान मतदाताओं की सहानुभूति बटोरने के लिए भाजपा पर इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस समय यह मुकदमा दर्ज हुआ था, उस दौरान केन्द्र और महाराष्ट्र दोनों स्थानों पर कांग्रेस की सरकारें थीं। एन चंद्रबाबू नायडू को गैर जमानती वारंट जारी होने पर तेलूगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह बदले की राजनीति कर रहे हैं।

केन्द्र की मोदी सरकार में शामिल तेदेपा ने कुछ माह पूर्व आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने पर अपने को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग कर लिया था। इसके बाद आंध्र प्रदेश सरकार में शामिल भाजपा के मंत्रियों ने तथा केंद्र सरकार में तेदेपा के मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था।

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र की धर्माबाद अदालत ने दो दिन पहले तेदेपा प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के 2010 में गोदावरी नदी पर बनने वाले बबली बैराज आंदोलन मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया है। आंदोलन के समय एन चंद्रबाबू नायडू अविभाजित आंध्र प्रदेश में नेता विपक्ष थे।

ट्रंप का दावा: 'जादू की तरह’ मारिया तूफान से मृतकों की संख्या बढ़ी

Trump claims: Like magic Maria Storm increased number of dead

वाशिंगटन। कैरोलीना में शुक्रवार को चक्रवात फ्लोरेंस से मची तबाही के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीजों को प्यूर्तो रिको के तूफान से जोड़ते हुए दावा किया कि एक साल पहले वहां भी मृतकों की संख्या किसी जादू की तरह दो अंकों से बढ़ कर तीन हजार हो गई थी। लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि चक्रवाती तूफान मारिया के कारण तकरीबन 3000 लोग मारे गए थे। ट्रंप ने गत कुछ दिनों से मृतकों की संख्या पर लगातार सवाल उठाया है। इस संबंध में उन्होंने कल ट्वीट भी किया और कहा कि मृतकों की संख्या पचास गुणा बढ़ा कर बताई गई।

ट्रंप ने गुरूवार को डेमोक्रेटिक पार्टी पर प्यूर्तो रिको के मृतकों की संख्या को बढ़ा-चढा कर दिखाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2017 के तूफान के बाद जब वह वहां दौरे पर गए थे तो केवल छह से 18 लोगों के मरने की खबर दी गयी। कई लोगों की संख्या बाद में जोड़ दी गई। ट्रंप ने जब प्यूर्तो रिको का दौरा किया था तो उस वक्त मृतकों की संख्या 16 थी। बाद में संख्या बढ़कर 64 हो गयी। कितने लोगों की मौत हुई इस बारे में पता लगाने के लिए सरकार ने स्वतंत्र अध्ययन कराया था। जार्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय में मिलकेन इन्स्टीट्यूट स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्बारा करवाए गए अध्ययन में 2975 लोगों के मारे जाने का अनुमान जताया गया। 

कुलसुम नवाज सुपुर्द-ए-खाक

Kulsoom Nawaz died

लाहौर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पत्नी बेगम कुलसुम नवाज को यहां शरीफ परिवार के आवास'जटी उमरा’ में शुक्रवार को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उनके जनाजे की नमाज में शीर्ष राजनीतिक नेताओं और पी एम एल-एन के समर्थकों सहित हजारों लोग शामिल हुए। कुलसुम (68) का मंगलवार को लंदन के एक अस्पताल में निधन हो गया था।

वह लंबे समय से गले के कैंसर से पीड़ित थीं। उन्हें यहां शरीफ परिवार के जती उमरा आवास में दफना दिया गया। इसी के पास उनके ससुर मियां शरीफ और देवर अब्बास शरीफ की कब्र भी हैं। लाहौर के शरीफ मेडिकल सिटी में कुलसुम के जनाजे की नमाज का नेतृत्व जाने माने धर्म गुरु तारिक जमील ने किया।

इसके बाद उनका पार्थिव शरीर कडी सुरक्षा के बीच जटी उमरा ले जाया गया। कुलसुम के 2 बेटों हसन और हुसैन नवाज को छोड़कर नवाज शरीफ और शरीफ परिवार के अन्य सदस्य जनाजे की नमाज में शामिल हुए। शरीफ के इर्द-गिर्द एक सुरक्षात्मक मानव श्रृंखला बना दी गई थी जिससे कि जनाजे की नमाज अदा की जा सके।

जनाजे की नमाज में शीर्ष राजनीतिक नेताओं, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पी एम एल-एन) के नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित हजारों लोग शामिल हुए। पंजाब के गवर्नर चौधरी सरवर और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष असद कैसर सहित पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ का नेतृत्व भी जनाजे की नमाज में शामिल हुआ।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता खुर्शीद शाह और कमर जमां कैरा भी जनाजे की नमाज में मौजूद थे। कुलसुम का ताबूत जब जनाजे की नमाज के लिए लाया गया तो पी एम एल-एन कार्यकर्ताओं ने ''लोकतंत्र की मां’’ जैसे नारे लगाए क्योंकि वह परवेज मुशर्रफ के शासन के दौरान अपने पति के लिए दीवार की तरह खड़ी रहीं।

पार्टी के एक कार्यकताã ने कहा, ''उन्होंने (कुलसुम) एकाकीपन, जेल और धमकियों का सामना किया, लेकिन वह अपने संकल्प से नहीं डिगीं और अपने पति के लिए अभियान जारी रखा। उनका पार्थिव शरीर पाकिस्तान इंटरनेशनल एअरलाइंस (पी आई ए) के एक विमान से आज सुबह यहां लाया गया था।

लंदन से शव लाहौर लाए जाने के दौरान कुलसुम के देवर एवं पी एम एल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, कुलसुम की बेटी अस्मा, पोता जायद हुसैन शरीफ (हुसैन नवाज का बेटा) और परिवार के 11 अन्य सदस्य साथ थे। बेगम कुलसुम के बेटे हसन और हुसैन नवाज अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देश नहीं लौटे। दोनों को एक जवाबदेही कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों में भगोड़ा घोषित कर रखा है।

जवाबदेही अदालत द्बारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अडियाला जेल में सजा काट रहे शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) एम सफदर को कुलसुम के अंतिम संस्कार के लिए पैरोल पर रिहा किया गया है। जाब गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर कहा है कि शरीफ को मिला पैरोल पहले ही पांच दिन और बढ़ाकर 12 सितंबर (शाम चार बजे) से 17 सितंबर (शाम चार बजे) तक कर दिया गया है।

बृहस्पतिवार को लंदन में रीजेंट पार्क मस्जिद में सैकड़ों लोग कुलसुम के जनाजे की नमाज में शामिल हुए थे। उन्होंने 'हम लोकतंत्र की मां को सलाम करते हैं’ जैसे नारे लगाए थे। इस दौरान कुलसुम के बेटे हसन और हुसैन, देवर शहबाज शरीफ, पूर्व मंत्री चौधरी निसार तथा इसहाक डार भी मौजूद थे।

भंसाली के साथ अभी काम नहीं करेगी आलिया

Alia will not work with Bhansali

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट अभी संजय लीला भंसाली के साथ काम नहीं करेगी। बॉलीवुड में चर्चा हो रही थी कि आलिया को भंसाली अपनी अगली पीरियड ड्रामा फिल्म में कास्ट करने जा रहे हैं लेकिन अब बात बनती नही दिख रही। कहा जा रहा है कि भंसाली ने इस फिल्म में आलिया की जगह दीपिका पादुकोण को साइन कर लिया है। यदि ऐसा होता है तो यह भंसाली के साथ दीपिका की चौथी फिल्म होगी।

कहा जा रहा है कि आलिया को यह फिल्म नहीं मिलने का मुख्य कारण करण जौहर हैं। आलिया ,करण जौहर की फिल्म‘कलंक’में भी काम कर रही हैं। आलिया भी भंसाली की फिल्म करना चाहती थीं लेकिन उसी समय करण ने अपनी फिल्म की घोषणा कर दी।

अब फैन्स को आलिया और भंसाली की फिल्म के लिए और लंबा इंतजार करना होगा। कहा जाता है कि भंसाली ने पहले भी 11 साल की आलिया को फिल्म‘हमारी जान हो तुम’ऑफर की थी जिसमें उन्हें बाल दुल्हन बनना था लेकिन यह फिल्म कभी बनी ही नहीं। अब एक बार फिर आलिया भंसाली के साथ काम करने से चूक गईं हैं। 

सारा के साथ काम नहीं कर रहे वरूण

Varuna not working with Sarah

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता वरूण धवन का कहना है कि वह अभी सारा अली खान के साथ काम नहीं कर रहे हैं। वरुण जल्द ही अपने पिता डेविड धवन के साथ एक और फिल्म करने वाले हैं। कहा जा रहा है कि यह ऐसी पहली फिल्म होगी जो धवन परिवार के होम बैनर में बन रही है और इसको लेकर पिता डेविड, वरुण और वरुण के बड़े भाई रोहित जोर शोर से तैयारियों में लगे हैं। फिल्म में सारा अली खान की एंट्री को लेकर काफी चर्चा थी, जिस पर अब वरुण धवन ने चुप्पी तोड़ी है।

वरूण से जब इस फिल्म में सारा को साइन करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम चालू हुआ है और जहां तक बात काभस्टग की है तो उसमें वक्त लगता है। वरुण ने कहा कि जैसे ही नाम फइनल होगा वैसे ही इस बात का ऐलान कर दिया जाएगा कि उनके साथ लीड रोल में कौन सी अदाकारा होंगी, तब तक के लिए इन सारी बातों को अफवाह ही मानें।

भारत अंडर-16 महिला टीम ने हांगकांग को 6-1 से दी मात

India Under-16 women's team beat Hong Kong 6-1

नई दिल्ली। भारतीय अंडर-16 महिला फुटबॉल टीम ने एक बेहद रोमांचक मुकाबले में हांगकांग की महिला टीम को 6-1 से परास्त कर दिया। लिंडा कॉम की शानदार हैट्रिक की बदौलत भारत अंडर-16 महिला टीम ने मंगोलिया के उलन बाटोर में खेले जा रहे एएफसी अंडर-16 महिला क्वालीफायर्स में अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए शनिवार को हांगकांग को 6-1 से पीट दिया। लिंडा की हैट्रिक के अलावा कप्तान शिल्की देवी ने दो और सुनीता मुंडा ने एक गोल दागा। पिछले महीने भूटान में सैफ अंडर-15 चैंपियनशिप जीतने वाली भारतीय लड़कियों का लक्ष्य एएफसी महिला चैंपियनशिप के अगले चरण के लिए क्वालीफाई करना है।

भारतीय टीम का अगला मुकाबला पकिस्तान अंडर-16 टीम से 19 सितम्बर को होना है। भारतीय टीम इसके बाद मंगोलिया अंडर-16 और लाओस अंडर-16 टीमों से खेलेगी। ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीम को एएफसी चैंपियनशिप के अगले चरण के लिए स्वत: प्रवेश मिल जाएगा जो अगले वर्ष खेला जाना है।

भारत का पहला गोल सुनीता ने 23वें मिनट में किया। शिल्की देवी ने 35वें मिनट में दूसरा गोल दागा जबकि लिडा ने आधे समय से पहले स्कोर 3-0 कर दिया। भारत को दूसरे हाफ में 5 वें मिनट में पेनल्टी मिली जिस पर शिल्की ने गोल कर भारत को 4-0 से आगे कर दिया। लिडा ने 73 वें मिनट में भारत का पांचवां गोल दागा। हांगकांग ने 86 वें मिनट में अपना पहला गोल किया जबकि लिडा ने अंतिम मिनटों में भारत का छठा गोल करते हुए अपनी हैट्रिक भी पूरी कर ली। 

खामोशी से टीम में जगह बनाने वाले सरदार ने उसी अंदाज में हाकी को अलविदा कहा

Former Indian captain Sardar Singh news

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने जिस खामोशी से लगभग 12 वर्ष पहले अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था उसी खामोशी से उन्होंने इसे अलविदा भी कह दिया। इन 12 वर्षों में सरदार मौजूदा समय के भारतीय हाकी के सबसे बड़े सितारों में एक बन कर उभरे।

भारतीय हाकी का चेहरा होने के साथ-साथ यह करिश्माई मिडफील्डर वैश्विक स्टार भी था। सरदार का सपना 2020 में तोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने का था लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

एशियाई खेलों में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद 32 साल के इस खिलाड़ी ने अलविदा कहने का मन बना दिया। कई जानकारों को लगता है कि सरदार को इन खेलों में खराब प्रदर्शन के बाद बलि का बकरा बनाया गया और उन्हें संन्यास लेने पर मजबूर किया गया लेकिन इस खिलाड़ी ने माना कि सेमीफाइनल में मलेशिया से मिली हार ने उन्हें संन्यास के बारे में सोचने पर मजबूर किया।

सरदार ने पीटीआई से कहा कि मैं खेलना जारी रखना चाहता था और मुझे लगता है कि मैं अभी कुछ साल और खेल सकता था लेकिन मैं मलेशिया से मिली हार को पचा नहीं पा रहा हूं। उस हार के बाद मैं कई दिनों तक सो नहीं पाया। इसके बाद ही मैंने संन्यास के बारे में सोचना शुरू किया।

सरदार ने इस खेल को किसी मंझे हुए खिलाड़ी की तरह खेला और अपनी करियर में कई खिताब जीते। उनकी मौजूदगी में टीम ने इंचियोन एशियाई खेलों (2014) में स्वर्ण के अलावा 2010 और 2018 में कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने दो बार राष्ट्रमंडल खेलों का रजत पदक हासिल किया।

इस साल ब्रेडा में चैम्पियंस ट्राफी में टीम ने ऐतिहासिक रजत पदक हासिल किया। इसके अलावा टीम ने उनकी मौजूदगी में एशिया कप का खिताब भी दो बार अपने नाम किया। वह 2008 में टीम के कप्तान बने और आठ वर्षों तक टीम की बागडोर संभालने के बाद 2016 में उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी पीआर श्रीजेश को सौपी।

सबसे कम उम्र में टीम की कमान संभालने वाले सरदार सिह ने 350 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया। फिटनेस के मामले में भी उनका कोई जवाब नहीं था और वह टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में एक थे। एशियाई खेलों से पहले यो यो टेस्ट में उन्होंने अपने पिछले रिकार्ड में सुधार करते हुए 21.4 अंक हासिल किये थे जो क्रिकेट कप्तान विराट कोहली से भी बेहतर था।

गिरते रुपये, बढ़ते चालू खाता घाटे को काबू में रखने के लिये गैर-जरूरी आयात पर लगेगी पाबंदी

Falling rupees, in order to control growing current account deficit, will be imposed on non-essential imports

नई दिल्ली। सरकार ने मसाला बांडों पर से विदहोल्डिंग टैक्स हटाने, विदेश संस्थागत निवेश के लिए ढील देने और गैर-जरूरी आयातों पर पाबंदी लगाने का शुक्रवार को निर्णय किया। रुपए में गिरावट और बढ़ते चालू खाते के घाटे पर अंकुश लगाने के इरादे से यह कदम उठाया गया है। अर्थव्यवस्था की सेहत की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल और वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने अर्थव्यवस्था की स्थिति की जानकारी दी।

वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि इन उपायों से 8-10 अरब डॉलर तक का सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने चालू खाते के घाटे (कैड) पर अंकुश लगाने के लिए 5 कदमों पर निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सरकार ने निर्यात को प्रोत्साहित करने तथा गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाने का भी फैसला किया है। हालांकि, जेटली ने यह नहीं बताया कि किन जिसों के आयात पर पाबंदी लगायी जाएगी। उन्होंने कहा कि बढ़ते कैड के मामले के समाधान के लिए सरकार जरूरी कदम उठाएगी।

इसके तहत गैर-जरूरी आयात में कटौती और  निर्यात बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे। जिन जिसों के आयात पर अंकुश लगाया जाएगा, उसके बारे में निर्णय संबंधित मंत्रालयों से विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा। वे डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) के नियमों के अनुरूप होगा। जेटली के अनुसार कल प्रधानमंत्री के साथ बैठक में और मुद्दों पर चर्चा होगी। अमेरिकी डालर के मुकाबले रुपया 12 सितंबर को रिकार्ड 72.91 तक नीचे गिर गया था। यह आज 71.84 पर बंद हुआ। घरेलू मुद्रा अगस्त से लेकर अब तक करीब 6 प्रतिशत टूटी है। पेट्रोल और डीजल के दाम भी रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं।

निर्यात में अगस्त महीने में तीन माह की सर्वाधिक वृद्धि, व्यापार घाटा 17.4 अरब डालर

highest growth in three months in August, trade deficit was $ 17.4 billion

नई दिल्ली। पेट्रालियम उत्पादों, इंजीनियरिंग, औषधि तथा रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों के अच्छे आंकड़ों की बदौलत देश का निर्यात अगस्त में तीन महीने के सबसे अच्छे प्रदर्शन के साथ 27.84 अरब डालर पर पहुंच गया। कच्चे तेल के आयात में वृद्धि की वजह से आयात भी अगस्त महीने में 25.41 प्रतिशत बढ़कर 45.24 अरब डालर पहुंच गया। अगस्त में निर्यात में 19.21 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो 3 माह का उच्च स्तर है। इससे पहले, मई में निर्यात में इससे अच्छी 20.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। वाणिज्य मंत्रालय द्बारा शुक्रवार को जारी आंकड़े के मुताबिक आलोच्य माह में व्यापार घाटा 17.4 अरब डालर रहो जो गत वर्ष इसी महीने में 12.72 अरब डालर था।

जुलाई महीने में व्यापार घाटा 5 वर्ष के उच्च स्तर 18.02 अरब डालर पर पहुंच गया था। पेट्रोलियम उत्पादों, इंजीनियरिंग, औषधि तथा रत्न एवं आभूषण का निर्यात अगस्त महीने में क्रमश: 43.25 प्रतिशत, 31.81 प्रतिशत, 28.52 प्रतिशत तथा 34.76 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अगस्त माह में तेल आयात 51.62 प्रतिशत बढ़कर 11.83 अरब डालर जबकि गैर-तेल आयात 18.17 प्रतिशत बढ़कर 33.41 अरब डालर रहा। सोने का आयात अगस्त माह में 92.62 प्रतिशत बढ़कर 3.64 अरब डालर रहा। ऐसा लगता है कि रुपए की विनिमय दर में लगातार गिरावट से निर्यात को मदद मिल रही है।

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान निर्यात 16.13 प्रतिशत बढ़कर 136.09 अरब डालर रहा जबकि आयात इस दौरान 17.34 प्रतिशत बढ़कर 216.43 अरब डालर रहा। वित्त वर्ष 2018-19 के पहले पांच महीने में व्यापार घाटा 80.35 अरब डालर रहा जो पिछले साल इसी महीने में 67.27 अरब डालर था। आलोच्य अवधि में तेल आयात 53.35 प्रतिशत बढ़कर 58.81 अरब डालर तथा गैर-तेल आयात 7.84 प्रतिशत बढ़कर 157.62 अरब डालर रहा। इस बारे में भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने कहा कि नकदी की कमी की वजह से कुछ छोटे एवं सूक्ष्म उद्योग के क्षेत्र अब भी दबाव में हैं। इस कारण बैंक और वित्तीय संस्थानों ने कर्ज देने के नियमों को कड़ा किया है। निर्यात के लिये इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की वापसी अब भी चुनौती है।



 
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