रघुवर दास के लिए आसान नहीं होगा चुनाव, बागी सरयू राय ने खोला मोर्चा

Samachar Jagat | Tuesday, 19 Nov 2019 07:57:00 PM
1516272830015585

झारखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा की परेशानी बढ़ गई है. पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री सरयू राय ने बगावत कर डाली. पार्टी ने उनका टिकट काट डाला था. अब सरयू राय मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. रघुवर दास की परेशानी इससे बढ़ सकती है क्योंकि सरयू राय की अपनी पहचान है. सरयू राय और रघुवर दास में यूं भी छत्तीस का आंकड़ा था. सरयू राय सरकार में रहते मुख्यमंत्री की नीतियों के खिलाफ खुल कर आवाज उठाते रहते थे. उनके टिकट कटने की इसे ही बड़ी वजह माना जा रहा है. जाहिर है कि झारखंड की राजनीति में जमशेदपुर पूर्व सीट पर मुक़ाबला रोचक हो गया है. इस सीट से वर्तमान में मुख्यमंत्री और इस चुनाव में भाजपा के चेहरे रघुबर दास पांच बार से जीत रहे हैं लेकिन इस बार उन्‍हें सरयू राय से कड़ी टक्कर मिलेगी. राय दो दिन पहले तक उन्हीं के मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगी थे.


loading...

रघुबर दास ने नामांकन भरने के बाद राय की उम्मीदवारी पर बस इतना कहा कि लोकतंत्र है और सबको आज़ादी है कि वह कहां से किसके ख़िलाफ़ लड़ता है. लेकिन सरयू राय ने अपने नामांकन के बाद दास को ‘दाग़' बताया और यहां तक कह डाला कि 'रघुबर दाग़' को 'मोदी डिटर्जेंट' और अमित शाह की लॉन्ड्री भी नहीं धो पाएगी. सरयू राय के मुताबिक 'रघुबर दाग' पिछले पांच साल में भाजपा के दामन पर लगा है. जहां पहली बार बहुमत की सरकार थी उस सरकार पर यह दाग़ लगा है और यह दाग़ ऐसा है कि 'मोदी डिटर्जेंट' और 'शाह लॉन्‍ड्री' भी इसे मिटा नहीं सकती. अब जनता ही तय करेगी कि इस दाग़ को कैसे दूर करना है.

राय ने ऐसा कह कर केंद्रीय नेतृत्व को भी अपने निशाने पर लिया. दरअसल उनका मानना है कि उनका टिकट काटने में जहां अमित शाह ने सक्रिय भूमिका निभाई और उनकी नीतीश कुमार से दोस्ती को भी एक मुद्दा बनाया वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्होंने पिछले चुनाव में जमशेदपुर के एक चुनावी सभा में सरयू राय को अपना दोस्त बताया था, उन्होंने इन लोगों के सामने कुछ नहीं किया.

राय इस बात से ख़फ़ा हैं कि जब भी उन्होंने बिहार या झारखंड में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज उठाई और घोटालों का पर्दाफ़ाश किया तो भाजपा को इसका जबरदस्‍त लाभ मिला लेकिन इसके बावजूद जहां उन्हें टिकट से बेदख़ल किया गया वहीं भ्रष्टाचार के आरोपी भानु प्रताप शाही जैसे व्यक्ति को न केवल भाजपा में शामिल कराया गया बल्कि उन्हें तुरंत टिकट भी दे दिया गया. ख़ुद रघुवर दास ने शाही के विधानसभा क्षेत्र से ही अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की.

हालांकि दास समर्थक अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं वहीं राय के नामांकन में लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति चिंता का कारण ज़रूर है. उनका मानना है कि दास के खिलाफ पार्टी का एक तबक़ा भीतरघात भी कर सकता है. कांग्रेस ने रघुवर दास के खिलाफ प्रो गौरव वल्लभ को मैदान में उतारा है. यानी मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है.

झारखंड में मुख्यमंत्री रघुवर दास को घेरने के लिए विपक्षी दलों को बागी नेता सरयू राय के रूप में एक नया हथियार मिल गया है. भाजपा से बगावत करने वाले सरयू राय मुख्यमंत्री के खिलाफ जमशेदपुर से मैदान में हैं. सरयू राय इसके पहले भी अक्सर मुख्यमंत्री रघुवर लाल और उनकी सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं और अब तो उन्होंने भाजपा और मुख्यमंत्री दोनों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है. जेएमएम अध्यक्ष हेमंत सोरन ने इसे विपक्षी दलों के लिए एक अच्छे अवसर के तौर पर लिया है. सोरेने ने सभी विरोधी दलों से जमशेदपुर ईस्ट सीट पर सरयू राय को समर्थन देने की अपील की है. हालांकि हेमंत के इस बयान पर कांग्रेस या किसी और विपक्षी दल ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.(राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


loading...


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.