16 दिसंबर : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Sunday, 16 Dec 2018 04:42:00 PM
16 December top 10 news

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

आज भी निर्भया की रूह को इंसाफ का इंतजार, इस काले अध्याय को हुए 6 बरस पूरे 

Nirbhaya scandal six anniversary today


इंटरनेट डेस्क। 16 दिसंबर 2012 की वो काली रात कोई नहीं भूला होगा। रात का समय बस में 23 वर्षीय लडक़ी और उसका पुरूष मित्र, फिर क्या था, बदमाशों ने अकेला देखकर उसके साथ दरिंदगी की। इतना ही नहीं बल्कि बदमाशों ने पीडि़ता के साथ घिनौनी से घिनौनी हरकत की। जिससे पीडि़ता की तड़प-तड़प कर मौत हुई थी। जी हां हम बात कर रहे है निर्भया कांड की।

आज उस कांड 6 बरस पूरे हो गए हैं। लेकिन आज भी हमारे जहन में एक सवाल जिंदा है कि क्या सरकार ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए कोई कानून बनाया है? अगर महिलाओं और बच्चियों के साथ कोई ऐसा सलूक करें तो उस दोषी के साथ कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

वे आरोप सिर्फ कागजी कार्रवाई में ना सिमेट, बल्कि उस पर तुरंत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। भारतीय इतिहास के पन्नों में शूरवीरों की गाथाओं के साथ 16 दिसंबर, 2012 का वे काला पन्ना भी दर्ज हो गया है। इसे एक दुर्घटना कहना शायद गलत होगा, क्योंकि यह अमानवीयता की वह पराकाष्ठा थी, जिसने न्याय प्रणाली को भी हिलाकर रख दिया। निर्भया कांड को आसानी से भुला पाना संभव नहीं।

बलात्कार के लगातार बढ़ रहे मामले
बलात्कार के लगातार बढ़ रहे मामलों के कारण से ये पुराना घाव बार-बार हरा हो उठता है। दिल्ली में हुए इस बर्बर कांड के बाद सडक़ों पर हजारों युवा उतरे। कड़े कानून के लिए रायसीना हिल्स के सीने पर चढ़ युवाओं ने नारे बुलंद किए, लाठियां खाईं, कड़ाके की ठंड में जलतोप की बौछारों से भीगे। देश के कई शहरों में भी आक्रोश प्रदर्शन हुआ, लेकिन दुष्कर्म का सिलसिला थमा नहीं। क्यों?

यह बड़ा सवाल है। इस तरह के मामलों से साफ है कि दरिंदों को कानून का खौफ नहीं है। सरकार केंद्र की हों या राज्यों की, नारा देती ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ लेकिन मासूम बच्चियों तक के साथ हो रही घिनौनी वारदातों की फिक्र किसी को नहीं, सभी मौन हैं। दुष्कर्म पीडि़ताओं को समाज तिरस्कार की नजरों से देखता है। इनके लिए समुचित योजना भी नहीं है।

चलिए जानते हैं छह वर्ष पूरे होने पर मामले पर पूरी नजर

16 दिसंबर 2012: छह साल पहले हुई घटना ने सब को हिलाकर रख दिया था, उस रात एक चलती बस में एक लडकी के साथ घिनौनी हरकत की गई थी। उस रात एक चलती बस में पांच बालिग और एक नाबालिग ने जिस तरह से निर्भया के साथ हैवानियत का खेल खेला वे बेहद ही शर्मनाक था।

18 दिसंबर 2012: दिल्ली पुलिस ने इस घटना के 2 दिन बाद  दावा किया कि आरोपी बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया जिसका नाम राम सिंह बताया गया। बाद में पुलिस ने जानकारी दी कि इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही थी। पूरे देश में घटना के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे। लोग सड़कों पर उतर आए थे और पूरे देश की निगाहें केवल दिल्ली पुलिस की जांच और कार्रवाई पर लगी हुई थी।

29 दिसंबर, 2012: निर्भया का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे सिंगापुर रैफर कर दिया गया। वहां अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रात के करीब सवा 10 बजे निर्भया ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

11 मार्च 2013: केस अदालत में चल रहा था, पुलिस को मामले में 80 लोगों की गवाही भी मिली थी, सुनवाई हो रही थी। मगर तभी आरोपी बस चालक ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली। हालांकि राम सिंह के परिवार वालों और उसके वकील का मानना है कि जेल में उसकी हत्या की गई थी।

10 सितंबर, 2013 : फास्ट ट्रैक अदालत ने 10 सितंबर, 2013 को चारों बालिग आरोपियों को दोषी करार दिया और 13 सितंबर 2013 को उन्हें मौत की सजा सुनाई। आरोपियों ने फास्टट्रैक अदालत के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।

साल 2014 से अब तक का मामला

  • 2 जून, 2014 को 2 आरोपियों ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की।
  • 14 जुलाई, 2014 को उच्चतम न्यायालय ने चारों आरोपियों की फांसी पर सुनवाई पूरी होने तक रोक लगा दी।
  • 15 मार्च 2014 को 2 आरोपियों के वकील एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। अन्य दोषियों की तरफ से वकील एपी सिंह भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
  • 20 दिसंबर,2015 नाबालिग अपराधी को बाल सुधार गृह से रिहा कर दिया गया, जिसे लेकर देशभर में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए। दोषी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। चार अप्रैल 2016 उनकी फांसी की सजा पर रोक लग गई। देरी होते देख सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई 2016 को केस तीन जजों की बेंच को भेजा। केस में मदद के लिए दो एमिकस क्यूरी नियुक्त किए गए।
  • 18 जुलाई 2016 से सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह की।
  • 27 मार्च 2017 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई, फैसला सुरक्षित रखा गया।
  • 5 मई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की सज़ा बरकरार रखी।
  • 9 जुलाई 2018 को दोषियों की ओर से दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए मौत की सजा को बरकरार रखा।
  • 13 दिसंबर 2018 चारों दोषियों को तुरंत मौत की सजा देने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका को सुप्रमी कोर्ट ने खारिज कर दिया।

विजय दिवस आज: भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए सेना के जवानों को दी श्रद्धांजलि

vijay diwas today

नई दिल्ली। आज पूरा देश विजय दिवस मना रहा है, आज के दिन भारत ने पाकिस्तान के साथ 13 दिन चली लंबी लड़ाई के बाद 16 दिसंबर 1971 को विजय प्राप्त की थी। इस दिन को न सिर्फ भारत की सेना की निर्णायक विजय के रूप में देखा जाता है। 

अपितु ये दिन आधुनिक सैन्य इतिहास में अद्वितीय रूप से भारतीय सैनिकों की बहादुरी और साहस को जश्न के रूप में मना जाता है। इस युद्ध में करीब 3843 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे और इस युद्ध के परिणामस्वरूप पाकिस्तानी सेना ने एकपक्षीय आत्मसमर्पण किया था और फलत: बांग्लादेश नामक देश का गठन हुआ। 

कोविंद ने दी विजय दिवस पर जवानों को दी श्रद्धांजलि

रामनाथ कोविंद ने विजय दिवस के मौके पर वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए सेना के जवानों को श्रद्धांजलि दी। कोविंद ने ट्वीट किया, विजय दिवस के अवसर पर, 1971 के युद्ध में देश की और मानवीय स्वतंत्रता के सार्वभौमिक मूल्यों की रक्षा करने के लिए अपनी सशस्त्र सेनाओं को हम कृतज्ञता के साथ याद करते हैं। विशेषकर उस साहसिक अभियान में बलिदान हो गए सैनिकों के प्रति हम श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

मोदी ने विजय दिवस पर सैनिकों किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विजय दिवस के मौके पर 1971 की भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना के जवानों के अदम्य साहस और शौर्य और वीरता की सराहना की और उन्हें नमन किया। मोदी ने ट्वीट किया, आज विजय दिवस के मौके पर हम 1971 के लड़ने वाले बहादुर जवानों की अदम्य भावना को याद करते हैं। उनके अदम्य साहस और देशभक्ति ने देश की सुरक्षा को सुनिश्चित किया। देश उनकी सेवाओं से सदैव प्रेरणा लेता रहेगा। मोदी ने देशभक्ति के समर्पण भाव से देश की सेवा करने वाले सेना के जवानों को प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणादायक बताया।

ममता ने भारतीय सैनिकों को किया सलाम
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के मैदान में उतरे भारतीय सैनिकों को रविवार को याद करते हुए उनके योगदान के लिए उन्हें सलाम किया। उन्होंने ट्वीट किया, मैं विजय दिवस के दिन, उन भारतीय सैनिकों को सलाम करती हूं जो 1971 की लड़ाई में बहादुरी से लड़े और पाकिस्तानी सेना को परास्त किया।

जय हिंद। वर्ष 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में मिली जीत का जश्न मनाने के लिए हर वर्ष 16 दिसम्बर को 'विजय दिवस’ मनाया जाता है। गौरतलब है कि 16 दिसम्बर 1971 को करीब 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने सफ़ेद झंडे दिखाते हुए भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।
इस जीत के बाद ही पूर्वी पाकिस्तान को अलग कर बांग्लादेश बनाया गया था।

भूपेश बघेल होंगे छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री

Bhupesh Baghel will be new Chief Minister of Chhattisgarh

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पाटन क्षेत्र से विधायक और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल को विधायक दल ने अपना नेता चुना है। बघेल राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे।

राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की है। इसके बाद से ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। लंबी बैठकों के बाद अन्तत: भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री चुन लिया गया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि एआईसीसी के छत्तीसगढ़ सचिव चंदन यादव और अरुण उरांव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत कांग्रेस और दुर्ग के लोकसभा सदस्य ताम्रध्वज साहू रविवार को सुबह दिल्ली से रायपुर पंहुचे।

जबकि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी एल पुनिया, छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस विधायक दल के नेता टी एस सिंहदेव दोपहर बाद रायपुर पंहुचे। रायपुर आने के बाद सभी नेता राजीव भवन, रायपुर के प्रथम तल में स्थित संचार विभाग के पत्रकार वार्ता कक्ष में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल हुए और इसी बैठक में छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की गई।

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने विक्रमसिंघे को फिर से प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई

Sri Lankan President again administers Vikramsinghe as prime minister oath

कोलंबो। यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को श्रीलंका के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही देश में 51 दिनों से चल रहा सत्ता संघर्ष समाप्त हो गया। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने यहां राष्ट्रपति सचिवालय में एक सादे समारोह में 69 वर्षीय विक्रमसिघे को पद की शपथ दिलाई।

सिरिसेना ने विवादास्पद कदम उठाते हुए 26 अक्टूबर को विक्रमसिघे को बर्खास्त कर दिया था और उनके स्थान पर महिदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त किया था जिससे इस द्बीपीय देश में संवैधानिक संकट पैदा हो गया था। यूएनपी नेता ने अपनी बर्खास्तगी को गैरकानूनी बताते हुए पद छोड़ने से इंकार कर दिया था।

उनकी यह नियुक्ति तब हुई है जब महिंदा राजपक्षे ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया जिससे विक्रमसिघे के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। सिरिसेना ने विक्रमसिंघे को हटाकर राजपक्षे को प्रधानमंत्री बनाया था। राजपक्षे ने उच्चतम न्यायालय के दो अहम फैसलों के बाद शनिवार को इस्तीफा दे दिया था।

पद ग्रहण करने के बाद विक्रमसिंघे ने कहा कि आज की जीत न केवल मेरी जीत या यूएनपी की जीत है बल्कि यह श्रीलंका के लोकतांत्रिक संस्थानों और नागरिकों की स्वायत्तता की जीत है। मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं जो संविधान की रक्षा में दृढ़ता के साथ खड़े रहे और लोकतंत्र की जीत सुनिश्चित की।

विक्रमसिंघे को फिर से नियुक्त करने से इंकार करने वाले सिरिसेना उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपते हुए मुस्कुरा रहे थे। विक्रमसिंघे के रिकॉर्ड पांचवीं बार शपथ ग्रहण करने के बाद उनके समर्थकों ने सड़कों पर जश्न मनाया। यूएनपी के सहायक नेता रवि करूणानायके ने कहा कि कैबिनेट चयन के लिए शनिवार को वार्ता हुई और रविवार को और विचार-विमर्श होगा।

कैबिनेट सदस्यों के 30 तक सीमित होने की उम्मीद है और उसमें श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के कुछ सदस्य शामिल किए जा सकते हैं जिन्होंने विक्रमसिघे को समर्थन की पेशकश की थी। इससे पहले, विक्रमसिंघे की पार्टी ने कहा कि वह राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के साथ काम करने के लिए तैयार हैं जिन्हें उनकी सरकार के खिलाफ कुछ समूहों ने गुमराह किया था।

यूएनपी के उप नेता सजित प्रेमदास ने कहा कि उन्हें इस बात की हैरानी नहीं है कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे को फिर से प्रधानमंत्री बनाने पर राजी हो गए जबकि पहले वह इस बात अड़े थे कि वह उन्हें नियुक्त नहीं करेंगे। कोलंबो गजट ने प्रेमदास के हवाले से कहा कि यह राष्ट्रपति के असली चरित्र को दिखाता है।

प्रेमदास ने कहा कि यूनिटी सरकार के विरोधी कुछ समूहों ने राष्ट्रपति को गुमराह किया था और इसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति ने विक्रमसिघे को हटा दिया था। उन्होंने कहा कि लेकिन अब सच सामने आ गया है। पार्टी सरकार में सिरिसेना के साथ दोबारा काम करने के लिए तैयार है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के तौर पर राजपक्षे की नियुक्ति के बाद उन्हें 225 सदस्यीय संसद में बहुमत हासिल करना था लेकिन वह विफल रहे। इसके बाद सिरिसेना ने संसद भंग कर दी और पांच जनवरी को चुनाव कराने की घोषणा की।

हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने उनका फैसला पलट दिया और चुनाव की तैयारियों को रोक दिया। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति से फैसला दिया कि सिरिसेना द्बारा संसद भंग करना गैरकानूनी था। साथ ही न्यायालय ने शुक्रवार को राजपक्षे (73) को प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालने से रोकने वाले कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया था। ज्यादातर देशों ने राजपक्षे सरकार को मान्यता नहीं दी थी।

तीसरी बार अशोक गहलोत लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, अल्बर्ट हॉल पर आयोजित होगा समारोह

Ashok Gehlot to take oath as Chief Minister for third term

जयपुर। राजस्थान में सोमवार को तीसरी बार मुख्यमंत्री की शपथ लेने जा रहे अशोक गहलोत ने रविवार को यहां शपथ ग्रहण समारोह स्थल की तैयारियों का जायजा लिया। गहलोत ने शपथ ग्रहण समारोह स्थल अल्बर्ट हॉल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।

इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के राज्य प्रभारी अविनाश पांडे भी उनके साथ थे। सोमवार को उपमुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट भी समोराह स्थल पहुंचे और उन्होंने भी तैयारियों का जायजा लिया।

इस अवसर पर गहलोत ने मीडिया से कहा कि पिछली बार वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भारी बहुमत के साथ बीजेपी सत्ता में आई थी और वह चाहती तो काम करके दिखा सकती थी लेकिन लापरवाही बरती गई और काम नहीं किया। उनके आपस में झगड़े थे।

उन्होंने कहा कि उन्हें काम के प्रति लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। उनके पास इससे पहले पांच साल काम करने का अनुभव था लेकिन वह काम नहीं कर पाई। इस मौके पांडे ने मीडिया से कहा कि दस बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल, बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती, समाजवादी पार्टी के नेता तथा विभिन्न राज्यों में कांग्रेस के शीर्ष नेता, विपक्ष के नेता के अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, एनसीपी एवं डीएमके और  महागठबंधन के कई बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया हैं। 

उन्होंने कहा कि सोमवार को गहलोत मुख्यमंत्री और पायलट उपमुख्यमंत्री की शपथ लेंगे और इसके बाद शीघ्र ही मंत्रिमंडल का गठन भी कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि समारोह में महागठबंधन के कई नेताओं के एक मत एवं एक जगह आने का एक संदेश भी जाएगा। उल्लेखनीय है कि अल्बर्ट हॉल पर पहली बार किसी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।

ऑस्ट्रेलिया को 175 रन की बढ़त, मेजबान का पलड़ा भारी

Australia take 175 runs lead

पर्थ। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करने के बाद दूसरी पारी में चार विकेट पर 132 रन के साथ अपनी कुल बढ़त को 175 रन तक पहुंचाकर भारत के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन अपना पलड़ा कुछ भारी रखा। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया का कोई बल्लेबाज अब तक बड़ा स्कोर नहीं बना पाया है लेकिन मेजबान टीम उस्मान ख्वाजा (नाबाद 41) की अगुआई में पर्थ के नए स्टेडियम की मुश्किल पिच पर अपनी कुल बढ़त को 175 रन तक पहुंचाने में सफल रही।

दिन का खेल खत्म होने पर कप्तान टिम पेन आठ रन बनाकर ख्वाजा का साथ निभा रहे थे। ख्वाजा ने 102 गेंद की अपनी पारी में अब तक पांच चौके मारे हैं। इससे पहले सलामी बल्लेबाज आरोन फिच 25 रन बनाने के बाद अंगुली में चोट लगने के कारण रिटायर्ड हर्ट हुए। भारत की ओर से दूसरी पारी में मोहम्मद शमी (23 रन पर दो विकेट) अब तक सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं जबकि जसप्रीत बुमराह (25 रन पर एक विकेट) और इशांत शर्मा (33 रन पर एक विकेट) ने एक-एक विकेट चटकाया।

दूसरी पारी में फिच और मार्कस हैरिस (2०) की मेजबान टीम की सलामी जोड़ी को भारतीय तेज गेंदबाजों ने काफी परेशान किया। हैरिस को पांचवें ओवर में जीवनदान मिला जब इशांत की गेंद पर पहली स्लिप में चेतेश्वर पुजारा ने उनका कैच टपका दिया। फिच 25 रन बनाने के बाद चाय से ठीक पहले शमी की गेंद पर अंगुली में चोट लगा बैठे और काफी दर्द के बीच वापस लौटे जिससे चाय का ब्रेक कुछ समय पहले लेना पड़ा।

वह इसके बाद रिटायर्ड हर्ट हो गए और दोबारा बल्लेबाजी करने नहीं उतरे। चाय के बाद हैरिस का साथ देने ख्वाजा उतरे। उमेश यादव प्रभाव नहीं छोड़ पाए। हैरिस ने उन पर चौका जड़ा जबकि ख्वाजा ने भी लगातार दो चौकों के साथ टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचाया।

ख्वाजा ने शमी पर दो रन के साथ टीम की बढ़त को 100 रन के पार पहुंचाया। हैरिस हालांकि इसके बाद बुमराह की गेंद पर चूक कर बैठे। इस सलामी बल्लेबाज ने बुमराह की अंदर आती गेंद को छोड़ दिया जिसने उनके आफ स्टंप की बेल्स को उड़ा दिया।

शान मार्श को शुरुआत से ही परेशानी का सामना करना पड़ा और वह पांच रन बनाने के बाद शमी की गेंद पर विकेटकीपर ऋषभ पंत को कैच दे बैठे। इशांत ने अपने नए स्पैल की पहली ही गेंद पर पीटर हैंड्सकोंब (13) को पगबाधा करके आस्ट्रेलिया का स्कोर तीन विकेट पर 85 रन किया।

ट्रेविस हेड और ख्वाजा ने इसके बाद पारी को संभाला। दोनों ने 30वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया और इस दौरान भाग्य ने भी उनका साथ दिया। हेड हालांकि 19 रन बनाने के बाद शमी की उछाल लेती गेंद पर तेज प्रहार करने की कोशिश में थर्ड मैन पर इशांत को कैच दे बैठे।

ख्वाजा भी 37 रन के स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब हनुमा विहारी की गेंद पर पहली स्लिप में अजिक्य रहाणे उनका कैच लपकने में नाकाम रहे। इससे पहले कप्तान विराट कोहली (123) के 25वें टेस्ट शतक के बावजूद निचले क्रम के एक बार फिर ध्वस्त होने के कारण भारत पहली पारी में 283 रन ही बना सका। 

नाथन लियोन (67 रन पर पांच विकेट) ने टेस्ट क्रिकेट में 14वीं बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट चटकाए जिससे भारत ने अंतिम पांच विकेट सिर्फ 32 रन पर गंवा दिए। आस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 326 रन बनाए थे। लंच के बाद भारतीय पारी को सिमटने में अधिक देर नहीं लगी।

कोहली छठे विकेट के तौर पर 251 रन पर पवेलियन लौटे जिसके अगले ओवर में शमी (00) भी लियोन की पहली ही गेंद पर विकेटकीपर पेन को कैच दे बैठे। लंच के बाद दूसरे ही ओवर में इशांत (01) ने लियोन को वापस कैच थमाया। पंत (36) ने तेजी से रन बटोरते हुए उमेश (नाबाद 04) के साथ नौवें विकेट के लिए 25 रन जुटाए। पंत लियोन का चौथा शिकार बने।

इस आफ स्पिनर ने बुमराह (04) को स्लिप में कैच कराके भारतीय पारी का अंत किया। इसके साथ ही लियोन ने श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन की बराबरी कर ली जिन्होंने भारत के खिलाफ सात बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट चटकाए। इससे पहले भारतीय कप्तान ने 257 गेंद में 13 चौकों और एक छक्के की मदद से 123 रन की पारी खेली जो 1992 में सचिन तेंदुलकर (वाका मैदान पर 114 रन) के बाद पर्थ में किसी भारतीय बल्लेबाज का पहला शतक है।

टीम इंडिया ने दिन की शुरुआत तीन विकेट पर 172 रन से की। भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने दिन की चौथी गेंद पर ही रहाणे (51) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने लियोन की गेंद पर पेन को कैच थमाया। भारत ने तब तक आज सिर्फ एक रन जोड़ा था।

इसके साथ ही कोहली के साथ रहाणे की 91 रन की साझेदारी का अंत हुआ। हनुमा विहारी (20) ने कोहली के साथ पांचवें विकेट के लिए 50 रन जोड़े। विहारी एक छोर पर दबाव झेलने में सफल रहे जबकि दूसरे छोर पर कोहली ने शाट खेलना जारी रखा। कोहली ने 80वें ओवर में भारत का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया।

उन्होंने 214 गेंद में अपने करियर का 25वां और आस्ट्रेलियाई सरजमीं पर छठा टेस्ट शतक पूरा किया। वह टेस्ट इतिहास में 25 टेस्ट शतक (127 पारी) सबसे कम पारियों में जड़ने वालों की सूची में सर डोनाल्ड ब्रैडमैन के बाद दूसरे नंबर पर हैं। ब्रैडमैन ने सिर्फ 68 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी।

कोहली का भारतीय कप्तान के रूप में सभी प्रारूपों में यह 34वां शतक है और वह सिर्फ रिकी पोंटिग से पीछे हैं जिन्होंने आस्ट्रेलियाई कप्तान के रूप में 41 शतक जड़े हैं। आस्ट्रेलिया ने हालांकि दूसरी नई गेंद का अच्छा इस्तेमाल किया। जोश हेजलवुड (66 रन पर दो विकेट) ने 86वें ओवर में विहारी को विकेट के पीछे कैच कराया। पंत इसके बाद कप्तान कोहली का साथ देने उतरे और दोनों ने टीम का स्कोर 250 रन के पार पहुंचाया। 

कोहली लंच से पहले पैट कमिस (60 रन पर एक विकेट) की गेंद पर दूसरी स्लिप में हैंड्सकोंब को कैच दे बैठे। यह कैच विवादास्पद था क्योंकि गेंद जमीन के काफी करीब थी। मैदानी अंपायर ने कोहली को आउट दिया था और टीवी रीप्ले में अंपायर के फैसले को पलटने के लिए स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिला।

सिंधू ने विश्व टूर फाइनल्स का खिताब जीता

Sindhu wins world tour finals

ग्ंवाग्झू। इंडिया की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू रविवार को यहां 2017 की विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा को हराकर विश्व टूर फाइनल्स के खिताबी मुकाबले में जीत के साथ लंबे समय बाद किसी बड़ी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं।

लगातार सात फाइनल में हार के बाद सिंधू ने सीधे गेम में जीत दर्ज की और विश्व टूर फाइनल्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। लगातार तीसरी बार सत्रांत फाइनल्स में खेल रही सिंधू को पिछले साल जापान की ही अकाने यामागुची के खिलाफ शिकस्त के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा था लेकिन इस बार वह एक घंटे और दो मिनट चले मुकाबले में ओकुहारा को 21-19 21-17 से हराकर खिताब जीतने में सफल रहीं।

यह सिंधू के करियर का 14वीं खिताब है लेकिन इस साल वह पहला खिताब जीतने में सफल रहीं। इससे पहले 2018 में उन्हें विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, थाईलैंड ओपन और इंडिया ओपन के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।

साइना नेहवाल 2011 में विश्व सुपर सीरीज फाइनल्स के फाइनल में पहुंची थी जबकि 2००9 में ज्वाला गुट्टा और वी दीजू की जोड़ी मिश्रित युगल में उप विजेता रही थी। ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता सिंधू ने अहम मौकों पर धैर्य बरकरार रखा और अधिकांश समय जापान की खिलाड़ी पर बढ़त बनाए रखी।

पहले गेम में ओकुहारा ने कुछ गलतियां की जिससे सिंधू ने बढ़त बनाई। सिंधू ने कुछ अच्छे ड्राप शाट लगाए और नेट पर अंक जुटाकर 7-3 की बढ़त बनाई लेकिन ओकुहारा ने स्कोर 5-7 कर दिया। सिंधू ने हालांकि लंबी रैली में दबदबा बनाया और वह ब्रेक तक 11-6 से आगे थी।

ओकुहारा ने इसके बाद वापसी की और 16-16 के स्कोर पर बराबरी हासिल कर ली। जापान की खिलाड़ी एक समय 6-14 से पीछे थी लेकिन अगले 12 में से 10 अंक जीतकर स्कोर बराबर करने में सफल रहीं।
ओकुहारा ने हालांकि दो स्मैश बाहर मारकर सिंधू को 19-17 से बढ़त बनाने का मौका दिया।

सिंधू को इसके बाद तीन गेम प्वाइंट मिले। ओकुहारा ने दो गेम प्वाइंट बचाए लेकिन सिंधू ने शानदार ड्राप शाट के साथ पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भी सिंधू ने ओकुहारा को लंबी रैली में उलझाकर 6-4 की बढ़त बनाई लेकिन जापान की खिलाड़ी ने 7-7 पर बराबरी हासिल कर ली।

सिंधू हालांकि ब्रेक तक 11-9 की बढ़त बनाने में सफल रही। ओकुहारा ने 12-13 और फिर 16-17 के स्कोर से सिधू पर दबाव बनाए रखा। ओकुहारा ने नेट पर शाट उलझाकर सिंधू को 18-16 की बढ़त बनाने का मौका दिया। सिंधू ने लंबी रैली का अंत स्मैश के साथ करते हुए स्कोर 19-16 किया। सिंधू ने 19-17 के स्कोर पर नेट पर भाग्यशाली अंक के साथ 3 मैच प्वाइंट हासिल किए और फिर तुरंत अगला अंक जीतकर गेम, मैच और खिताब अपने नाम किया।

कमजोर वैश्विक संकेतों, सुस्त मांग से सोना टूटा, चांदी भी कमजोर

Sluggish demand, gold weakens, silver weakens

नई दिल्ली। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच स्थानीय आभूषण कारोबारियों की सुस्त मांग से बीते सप्ताह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 160 रुपाए की हानि के साथ 32,190 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई। इसी प्रकार औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की सुस्त मांग के कारण चांदी का भाव भी 100 रुपये की गिरावट के साथ 38,400 रुपए प्रति किलोग्राम रह गया।

बाजार सूत्रों ने सोने की कीमत में गिरावट आने का कारण विदेशों में कमजोरी के रुख और स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की सुस्त मांग को बताया। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना सप्ताहांत में हानि दर्शाता 1,238.12 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी के भाव 14.57 डॉलर प्रति ट्राय औंस पर स्थिर रहे। राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की सप्ताह के दौरान सकारात्मक शुरुआत हुई।

हालांकि बाद में यह आरंभिक लाभ कायम नहीं रह पाया और सप्ताहांत में ये कीमतें 160 - 160 रुपए की गिरावट दर्शाती क्रमश: 32,190 रुपए और 32,040 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुईं। गिन्नी भी सप्ताहांत में 25,000 रुपए प्रति आठ ग्राम पर अपरिवर्तित रुख दर्शाती बंद हुई।

गिरावट के आम रुख के अनुरूप हाजिर चांदी के भाव सप्ताहांत में 100 रुपए की गिरावट प्रदर्शित करते 38,400 रुपए और चांदी साप्ताहिक डिलिवरी के भाव सप्ताहांत में 446 रुपए की हानि के साथ 38,054 रुपए प्रति किग्रा रह गए। चांदी सिक्कों के भाव में सप्ताहांत में स्थिरता रही और ये कीमतें लिवाल 74,000 रुपए और बिकवाल 75,000 रुपए प्रति सैकड़ा पर स्थिर बनी रहीं।

अरे ये क्या! शादी की खबरों को लेकर परिणीति चोपड़ा ने दिया ये बयान...

Parineeti Chopra has given this statement on marriage reports

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा अभी शादी नही करना चाहती है। परिणीति चोपड़ा की चचेरी बहन प्रियंका चोपड़ा की शादी हाल ही में निक जोनास के साथ हुई है। प्रियंका चोपड़ा की शादी के बाद परिणीति चोपड़ा की शादी को लेकर इन दिनों चर्चा हो रही है।

परिणीति ने कहा है कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती है। चर्चा है कि परिणीति चोपड़ा निर्देशक चरित देसाई के साथ शादी कर रही हैं। सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है। फोटो में चरित देसाई परिणीति चोपड़ा के पीछे खड़े हैं और इस फोटो में प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास और उनके दोस्त भी नज़र आ रहे हैं।

इसके बाद से यह कयास लगाये जा रहे थे कि परिणीति जल्द शादी कर सकती है लेकिन उन्होंने इसे अफवाह करार दिया है। अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के ब्वॉयफ्रेंड का नाम चरित देसाई है। दोनों की मुलाकात वर्ष 2016 में आमेरिका में एक ड्रीम टूर के दौरान हुई थी।

दोनों की यह दोस्ती गहराती चली गई। देखते ही देखते दोनों में प्यार परवान चढ़ने लगा। लेकिन साल 2017 में इनकी रिलेशनशिप की खबरें मीडिया में आई थीं। चरित के बारे में बता दें कि वे अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और ऋतिक रोशन की सुपरहिट मूवी'अग्निपथ' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। प्रियंका की शादी के बाद मुंबई में एक नाइट पार्टी हुई थी जिसमें चरित भी शामिल थे। इस पार्टी की एक तस्वीर देसी गर्ल ने भी शेयर की थी जिसमें चरित भी मौजूद हैं।

मेरी कोशिश सच्चा इंसान बनने की है: सारा अली खान

My attempt to be a true person: Sarah Ali Khanमुंबई। सारा अली खान का कहना है कि भले ही उन्होंने अभिनय को अपना पेशा चुना है, लेकिन उनका मकसद जितना संभव हो सके, उतना सच्चा और जमीन से जुड़ा इंसान बनना है। केदारनाथ से बॉलीवुड में कदम रख चुकी सारा अपनी दूसरी मूवी सिम्बा के रिलीज होने का इंतजार कर रही हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर जल्द ही लोकप्रियता हासिल कर ली है। युवा अभिनेत्री ने कहा कि लोग इस बात की तारीफ करते हैं कि मैं सच्ची इंसान हूं। मेरी कोशिश सच्चा इंसान बनने की है। मैं ज्यादा नहीं सोचती और जैसी हूं वैसी बने रहने की कोशिश करती हूं। मैं गलतियां करती हूं।

एक ही वक्त आपको तारीफ और आलोचना दोनों मिलती है और आपको उसे उसी तरह से लेना होता है। सारा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि एक परफॉर्मर के तौर पर वह नए-नए प्रयोग करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि मैं देखूंगी कि मुझे कैसी पेशकश मिलती है और जो भी मुझे रोमांचित करेगा मैं उसे चुन लूंगी।

बतौर अभिनेत्री मैं अलग-अलग तरह की फिल्में करना चाहती हूं। मैं हमेशा से अभिनय को पसंद करती हूं। मैं हमेशा फिल्म के सेट पर रहने के लिए उत्साहित रहती हूं। इसके बिना मेरी जिदगी अधूरी है। रोहित शेट्टी के निर्देशन वाली सिम्बा में रणवीर सिंह और सोनू सूद भी हैं। यह फिल्म 28 दिसंबर को रिलीज होगी। ऐसे कयास भी लगाए जा रहे हैं कि सारा इरफान खान की फिल्म हिंदी मीडियम के सीक्वल और वरुण धवन के साथ रणभूमि में दिखाई देंगी।

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