16 मई : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Thursday, 16 May 2019 04:29:40 PM
16 May top 10 news

हमारी सरकार उसी जगह विद्यासागर की पंचधातु निर्मित प्रतिमा स्थापित करेगी : मोदी

Our government will set up a panchdhatu pratima of Vidyasagar at that place: Modi

घोसी (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज करते हुए  बृहस्पतिवार को कहा कि वे काफी समय से दीदी का रवैया देख रहे हैं जिसे अब पूरा देश देख रहा है और हमारी सरकार उसी जगह पर ईश्वरचंद्र विद्यासागर की पंचधातु से निर्मित प्रतिमा स्थापित कर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को जवाब देगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी। यह कृत्य जिन्होंने किया है उन्हें कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। मोदी ने कहा कि प्रख्यात समाज सुधारक और बंगाल के नवजागरण काल की चर्चित हस्ती ईश्वरचंद्र विद्यासागर के दृष्टिकोण के प्रति समर्पित हमारी सरकार उसी जगह पर उनकी पंचधातु से निर्मित प्रतिमा स्थापित करेगी और तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि जिस तरह ममता बनर्जी उप्र, बिहार और पूर्वांचल के लोगों पर निशाना साध रही हैं उससे लग रहा था कि मायावती कड़ी प्रतिक्रिया देंगी लेकिन उन्हें तो केवल कुर्सी का खेल खेलना है। उन्हें लोगों की चिता नहीं है। तीन तलाक के मुद्दे पर सपा बसपा गठबंधन को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का बीड़ा भी हमारी सरकार ने उठाया लेकिन इन महामिलावटी लोगों ने मिलकर मुस्लिम बहन बेटियों को इन्साफ की राह में रोड़े अटकाए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा बसपा के जमीन से कटे नेताओं ने जाति के आधार पर एक अवसरवादी गठबंधन किया लेकिन अपने कार्यकर्ताओं को भूल गए। यही वजह है कि ये कार्यकर्ता आज भी एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक महीने पहले तक मोदी हटाओ का राग अलाप रहे महामिलावटी आज बौखलाए हुए हैं क्योंकि देश ने उनकी पराजय पर मुहर लगा दी है और राज्य ने तो उनका पूरा गणित ही बिगाड़ दिया है।

देश इन महामिलावटी लोगों की सच्चाई शुरू से ही जानता है कि मोदी को हटाना तो एक बहाना था, जिसकी आड़ में इन्हें अपने भ्रष्टाचार के पाप को छिपाना था। प्रख्यात समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर के दृष्टिकोण के प्रति समर्पितउन्होंने कहा कि बुआ हो या बबुआ हो, इन्होंने अपने आसपास पैसे की, वैभव की और अपने दरबारियों की दीवार खड़ी कर ली और खुद को गरीबों से इतना दूर कर लिया कि अब इन्हें गरीबों का दु:ख नजर ही नहीं आता।

मैं उन किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधी मदद दे रहा हूं, जिन्हें छोटे-छोटे खर्च के लिए भी कर्ज लेना पड़ता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में देश को एक पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए। मजबूत सरकार से ही एक विकसित भारत का सपना सच हो सकता है।

सीएम ममता बोलीं, मोदी-शाह के निर्देश पर हुआ चुनाव प्रचार का समय कम करने का फैसला

CM Mamta quotes, Modi-Shah's decision on reducing time for election campaign

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने 19 मई को लोकसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण के लिए प्रचार के समय को कम करने और गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य और एडीजी/सीआईडी राजीव कुमार को हटाने के चुनाव आयोग के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया है कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर उठाया गया है।

बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित निवास पर प्रेस कांफ्रेंस में बुधवार को उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन पर निशाना साधते हुए कहा कि गलत काम करने वाले को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारियों (अजय नाइक और विवेक दुबे) को पूरा अधिकार दे दिया गया अैर राज्य के आईएएस और अधिकारियों को मूकदर्शक बना दिया गया है।

बनर्जी ने दावा किया कि इन दो सेवानिवृत्त अधिकारियों की नियुक्ति गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, मोदी और अमित शाह को अब लोग मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्हें चुनाव में हराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग के इस कदम से बंगाल के लोगों का अपमान हुआ है। उन्होंने कल राज्यव्यापी विरोध- प्रदर्शन की घोषणा की।

बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने यह फैसला मोदी को लाभ पहुंचाने और अन्य को पश्चिम बंगाल में नौ सीटों के लिए होने वाले अंतिम चरण के चुनाव के मद्देनजर लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए किया है। मोदी की गुरुवार को बंगाल में दौ रैलियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह के रोडशो के दौरान हुई हिंसा पूर्व-नियोजित थी। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि मोदी और शाह के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि उप चुनाव आयुक्त ने यहां आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को धमकाया है।

यमन में सऊदी हवाई हमले में एक परिवार के छह मरे

family Six members killed in Saudi air attack in Yemen

सना। यमन की राजधानी सना में गुरुवार को सऊदी नीत गठबंधन के हवाई हमले में एक परिवार के कम से कम छह सदस्य मारे गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। प्रत्यक्षदर्शी अमत अल-मलिक अब्दुल्ला ने कहा कि गठबंधन की ओर से किए गए हवाई हमलेे की चपेट में आने से परिवार के सदस्यों में पिता, मां और चार बच्चों की मौत हो गई। हमला सना के पड़ोस में रबात में किया गया। हमले से आस पास के सारे मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गये। इस हमले में सुरक्षित बचे लोगों ने बताया कि मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है जिनकी तलाश कर रहे हैं।

अल अरबिया टीवी रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार तड़के सऊदी नीत गठबंधन ने यमन में हाऊती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने की घोषणा की। हाऊती विद्रोहियों के मंगलवार को सऊदी के दो तेल पंपों के खिलाफ ड्रोन हमले के जवाब में यह अभियान चलाया गया। गठबंधन के प्रवक्ता तुरकी अल-माल्की ने कहा कि अभियान का लक्ष्य हाऊती विद्रोहियों की आक्रामकता नष्ट करना है। 

योग्यता आधारित आव्रजन प्रणाली का प्रस्ताव लेकर आएंगे ट्रंप

Trump to propose plan to make US immigration more merit-based

वाशिंगटन। एक अहम नीतिगत बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश की आव्रजन नीति में आमूलचूल बदलाव करने की घोषणा के लिए पूरी तरह तैयार नजर आए जो विदेशियों को मौजूदा व्यवस्था से इतर योग्यता के आधार पर तरजीह देगी। मौजूदा व्यवस्था में पारिवारिक संबंधों को तरजीह दी जाती है। इससे हजारों की तादाद में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय पेशेवरों की पीड़ा खत्म हो सकती है। 

ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर की यह नई योजना मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और ग्रीनकार्ड तथा वैध स्थायी निवास प्रणाली को दुरुस्त करने पर केंद्रित है जिससे योग्यता, उच्च डिग्री धारक और पेशेवेर योग्यता रखने वाले लोगों के लिए आव्रजन प्रणाली को सुगम बनाया जा सके। मौजूदा व्यवस्था के तहत करीब 66 फीसद ग्रीन कार्ड उन लोगों को दिया जाता है जिनके पारिवारिक संबंध हों और सिर्फ 12 फीसद ही योग्यता पर आधारित है।

ट्रंप की इस नई योजना का गुरुवार दोपहर व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में ऐलान करने का कार्यक्रम है। हालांकि इस योजना को अमलीजामा पहनाना कांग्रेस के विभाजित होने, खासकर आव्रजन सुधार के मुद्दे पर, मुश्किल भरा काम होने वाला है। राष्ट्रपति अपने रिपल्बिकन सांसदों को इस मुद्दे पर समझाने में सफल हो जाएं तो भी सांसद नैंसी पेलोसी के नेतृत्व वाले डेमोक्रेट और दूसरे नेता इसके धुर विरोध में खड़े हैं। 

आज मैं जो भी हूं अपनी वजह से हूं, मैंने खुद को बनाया हैं, मैं खुद को सेल्फ मेड कहता हूं : अर्जुन कपूर

Made Your Own Success By Yourself Arjun Kapoor

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर का कहना है कि उन्होंने खुद से अपनी पहचान बनाई है। अर्जुन ने कहा कि अब वह फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए सात बरस पूरे कर चुके हैं और इन सात वर्षों में 13 फिल्में भी कर लीं हैं। अर्जुन ने बताया कि वह फिल्में हिट हुईं या फ्लॉप इस बात को नहीं देखते, लेकिन जिस तरह से दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने उन्हें अपनाया है, वह बड़ी बात है। अर्जुन ने कहा, आज मैं जो भी हूं अपनी वजह से हूं। मैंने खुद को बनाया हैं, मैं खुद को सेल्फ मेड कहता हूं। यहां हर शुक्रवार लोगों की किस्मत बदलती है।

एक शुक्रवार होता है जब लोग आपकी जमकर तारीफ करते हैं, सर आंखों पर बैठाते हैं, वहीं एक दूसरे शुक्रवार कोई आपसे आंख नहीं मिलाता है। आप जब एक्टिंग की दुनिया में कदम रखते हैं और एक्टर बनते हैं, तो आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि उतार-चढ़ाव काम का हिस्सा हैं। अर्जुन कपूर ने कहा ऐसा रिकॉर्ड किसी भी एक्टर का नहीं, जिसकी कोई फिल्म फ्लॉप नहीं हुई हो, जिसने कभी असफलता नहीं देखी है। हर बुरे समय के बाद अच्छा वक्त भी आता है और अच्छे समय के बाद बुरा समय भी आ सकता है। यह आपकी जर्नी है, इसे इस तरह डील किया जाना चाहिए कि आप ईमानदारी और सच्चाई से अपनी गलती मानें कि आपने फिल्म अच्छी नहीं बनाई इसलिए फ्लॉप हुई है। 

दर्शक हमेशा सही होता हैं, आपको अपनी गलती को समझना होता है। जब फिल्म चलती है तो सबकी चलती है और नहीं चलती तो सबकी नहीं चलती है। उन्होंने कहा, मैं कुछ एक्टर्स को देखता हूं, जो फिल्म फ्लॉप होने के बाद, दूसरों पर ब्लेम करने का रीजन तलाशने लगते हैं और अपनी फ्लॉप फिल्म का दोष दूसरों पर मढ़ते हैं। मैं इस सफलता-असफलता को अलग ढंग से देखता हूं, क्योंकि मैं फिल्म बैकग्राउंड से आता हूं। एक प्रोड्यूसर का बेटा हूं तो मुझे फिल्म का काम टीम वर्क लगता है। किसी भी फिल्म की सफलता का श्रेय सबको जाता है। 

इन दो स्टार्स को अपना परिवार मानती हैं तब्बू, कहा ये दोनों मुझे कभी टूटने नहीं देंगे

Tabu considers these two stars as her family

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू, सलमान खान और अजय देवगन को परिवार की तरह मानती हैं। सलमान और अजय के साथ तब्बू की खास बॉन्डिंग है, इस बारे में उन्होंने हाल ही में बात की। तब्बू ने अपने करियर में नाम ही नहीं कमाया बल्कि सलमान और अजय जैसे दोस्त भी कमाए हैं। तब्बू का कहना है कि दोनों के साथ उनकी गहरी दोस्ती है। 

तब्बू ने कहा कि सलमान और अजय उनके को-स्टार से अब उनका परिवार बन गए हैं और उनका मानना है कि यह रिश्ता वह कभी टूटने नहीं देंगी। तब्बू ने कहा,'ये मेरी जिंदगी के गहरे रिश्ते हैं। ये मेरी जिंदगी का हिस्सा हैं क्योंकि मेरी अधिकतर जिंदगी मेरे काम से ही जुड़ी रही है। ये वे लोगे हैं जिनसे मेरी मुलाकात काम के दौरान हुई। ये वे लोग हैं जो मुझे पता है कि किसी भी तरह मुझे टूटने नहीं देंगे। वे मेरे परिवार की तरह हैं।

तब्बू जल्द ही फिल्म 'दे दे प्यार दे’ में नजर आएंगी, इसमें अजय देवगन लीड रोल में हैं। रकुल प्रीत भी इसमें अहम भूमिका निभाती नजर आएंगी। वहीं फिल्म 'भारत’ जिसमें सलमान लीड रोल निभा रहे हैं, उसमें तब्बू मेहमान भूमिका निभाती दिखेंगी। 'दे दे प्यार दे’ 17 मई और फिल्म 'भारत’ 5 जून को रिलीज होगी। 

पिछले चार वर्षों की तरह विश्व कप में भी रोहित, धवन, कोहली पर ही होगा दारोमदार

 Rohit, Dhawan, Kohli in World Cup

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेले गए पिछले विश्व कप के बाद भारत ने जो 86 एकदिवसीय मैच खेले उनमें बल्लेबाजी शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों मुख्य रूप से रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली के इर्द गिर्द घूमती रही और ब्रिटेन में होने वाले क्रिकेट महाकुंभ में भी भारतीय नैया पार लगाने की मुख्य जिम्मेदारी इन तीनों पर ही रहेगी। गत चार वर्षों में भारतीय शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने मध्यक्रम की तुलना में 6030 रन अधिक बनाए हैं।

इस बीच शीर्ष क्रम के 45 शतकों की तुलना में मध्यक्रम के बल्लेबाज केवल छह शतक लगा पाए। यही नहीं चोटी के तीन बल्लेबाजों ने मध्यक्रम के 35 अर्धशतकों से लगभग दुगुना 67 अर्धशतक जमाए। इससे पता लगता है कि 30 मई से शुरू होने वाले विश्व कप में शीर्ष क्रम की सफलता भारत के लिये कितने मायने रखती है।

भारत ने पिछले चार वर्षों में खेले गए 86 मैचों में से 56 में जीत दर्ज की और इसकी मुख्य वजह शीर्ष क्रम यानि पहले से तीसरे नंबर के बल्लेबाज का अच्छा प्रदर्शन रहा। भारत ने इन मैचों में शीर्ष क्रम में 14 बल्लेबाज आजमाए जिन्होंने कुल मिलाकर 13055 रन बनाये। इस बीच मध्यक्रम के 24 बल्लेबाजों के नाम पर केवल 7025 रन ही दर्ज रहे। शीर्ष क्रम में भी केवल कोहली, रोहित और धवन ही 1000 से अधिक रन बना पाए।

कप्तान कोहली इन चार वर्षों में 65 मैचों में शीर्ष क्रम में उतरे जिनमें उन्होंने 83.76 की औसत 98.54 के स्ट्राइक रेट से 4272 रन बनाए जिसमें 19 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं। पिछले चार वर्षों में वे दुनिया में शीर्ष क्रम के अकेले बल्लेबाज रहे जिन्होंने 4000 से अधिक रन बनाए। रोहित का नंबर उनके बाद आता है जिन्होंने 71 मैचों में 61.12 की औसत से 3790 रन बनाए। उन्होंने इस बीच 15 शतक और 16 अर्धशतक जमाये।

रोहित के सलामी जोड़ीदार धवन ने 67 मैचों में 45.20 की औसत से 2848 रन बनाये जिसमें आठ शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं। केएल राहुल को तीसरे सलामी बल्लेबाज के रूप में विश्व कप टीम में शामिल किया गया है लेकिन वह पिछले चार वर्षों में केवल नौ मैचों में शीर्ष क्रम में उतरे जिसमें उन्होंने 310 रन बनाए।

इसमें एक शतक और दो अर्धशतक भी शामिल है। राहुल को बल्लेबाजी क्रम में चौथे नंबर का प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि कर्नाटक के इस बल्लेबाज ने पिछले चार वर्षों में मध्यक्रम में खेले गये पांच मैचों में केवल 33 रन ही बनाए। मध्यक्रम यानि चार से सात नंबर के बल्लेबाजों में भारत का दारोमदार निश्चित तौर पर महेंद्र सिंह धोनी पर टिका रहेगा। जिन्होंने पिछले विश्व कप के बाद 79 मैचों में 44.46 की औसत से 2001 रन बनाए।

जिसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं। धोनी के अलावा केवल केदार जाधव (58 मैचों में 1154 रन) ही इन चार वर्षों में 1000 रन के पार पहुंचे। मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कुछ समय पहले विश्व कप के दौरान कोहली के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव के संकेत दिये थे जिसके बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि जरूरत पड़ने पर भारतीय कप्तान नंबर चार पर उतर सकते हैं।

आंकड़ों के हिसाब से चलें तो यह कदम आत्मघाती होगा क्योंकि कोहली पिछले चार वर्षों में केवल चार बार मध्यक्रम में उतरे हैं जिनमें उन्होंने महज 34 रन बनाए। इन चार वर्षों में हार्दिक पांड्या (41 मैचों में 641 रन), दिनेश कार्तिक (19 मैचों में 381 रन) और रविद्र जडेजा (17 मैचों में 172 रन) टुकड़ों में ही अच्छा प्रदर्शन कर पाये। विजय शंकर पिछले एक साल से ही टीम से जुड़े हैं। इस बीच उन्होंने मध्यक्रम में नौ मैच खेले जिसमें 165 रन बनाए। 

किंग्स कप से बाहर रहेंगे चोटिल जेजे, स्टिमाच ने की 37 संभावितों की घोषणा

Kings Cup football tournaments in Thailand

नई दिल्ली। घायल स्ट्राइकर जेजे लालपेखलुआ समेत पांच खिलाड़ियों को थाईलैंड में अगले महीने होने वाले किंग्स कप फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची से बाहर रखा गया है। भारत के नए मुख्य कोच इगोर स्टिमाच ने गुरूवार को अभ्यास शिविर के लिए 37 संभावित खिलाड़ियों की घोषणा की।

किंग्स कप थाईलैंड में पांच से छह जून तक खेला जाएगा जबकि शिविर 20 मई से दिल्ली में होगा। जेजे को घुटने में चोट लगी है और वह बुधवार को चेन्नइयिन एफसी के लिये एएफसी कप मैच भी नहीं खेल सके थे। मई के तीसरे सप्ताह में उनका आपरेशन होगा। जेजे के अलावा हालीचरण नरजारी को घुटने में, मंदार राव देसाई को हैमस्ट्रिंग, आशिक कुरूनियन और नरेंदर गेहलोत को घुटने में चोट लगी है।

स्टिमाच के हवाले से एआईएफएफ ने बयान में कहा कि मैं एएफसी एशियाई कप में भारत के लिए खेलने वाली टीम का सम्मान करता हूं। मैने हीरो आई लीग और आईएसएल मैच देखकर बाकी खिलाड़ियों का चयन किया है और उन्हें शिविर में बुलाया है। किंग्स कप के बाद जुलाई में इंटरकांटिनेंटल कप खेला जाएगा। किंग्स कप फीफा से मान्य अंतरराष्ट्रीय ए टूर्नामेंट है जिसे 1968 के बाद से थाईलैंड एफए आयोजित कर रहा है। भारत इससे पहले 1977 में इसमें खेला था। थाईलैंड के अलावा वियतनाम भी इसमें खेलेगा। 

संभावितों की सूची :
गोलकीपर : गुरप्रीत सिंह संधू, विशाल कैथ, अमरिदर सिंह, कमलजीत सिंह ।
डिफेंडर : प्रीतम कोताल, निशु कुमार, राहुल भेके, सलाम रंजन सिंह, संदेश झिगन, आदिल खान, अनवर अली, शुभाशीष बोस, नारायण दास। 

मिडफील्डर : उदांता सिंह, जैकीचंद सिंह, ब्रेंडन फर्नांडिस, अनिरूद्ध थापा, रेनियर फर्नांडिस, बिक्रमजीत सिंह, धनपाल गणेश, प्रणय हलधर, रोलिन बोर्गेस, जर्मनप्रीत सिह, विनित राय, सहल अब्दुल, अमरजीत सिंह, रीडीम तलांग, लालरिजुआला छांगटे, नंदा कुमार, कोमल थताल, माइकल सूसइराज।
फारवर्ड : बलवंत सिंह, सुनील छेत्री, जाबी जस्टिन, सुमीत पास्सी, फारूख चौधरी, मनवीर सिंह। 

अप्रैल में निर्यात वृद्धि चार माह के निचले स्तर पर, व्यापार घाटा पांच महीने के उच्चस्तर पर

Export growth in April at the four-month low trade deficit at a high of five months

नई दिल्ली। देश के निर्यात की वृद्धि दर अप्रैल में चार महीने के निचले स्तर पर आ गई। अप्रैल में वस्तुओं का निर्यात पिछले साल के समान महीने की तुलना में 0.64 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 26 अरब डॉलर रहा। इससे व्यापार घाटा भी पांच महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इसी माह आयात 4.5 प्रतिशत बढ़कर 41.4 अरब डॉलर रहा। यह आयात में छह माह की सबसे अधिक वृद्धि है। समीक्षाधीन महीने में कच्चे तेल और सोने का आयात बढ़ा है जिससे कुल आयात में वृद्धि हुई है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में व्यापार घाटा यानी निर्यात और आयात का अंतर बढ़कर 15.33 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल, 2018 में यह 13.72 अरब डॉलर था। यह नवंबर, 2018 के बाद व्यापार घाटे का सबसे ऊंचा स्तर है। देश से वस्तुओं के निर्यात में कमी इंजीनियरिंग, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, कालीन, प्लास्टिक, समुद्री उत्पाद, चावल और कॉफी जैसे क्षेत्र में नकारात्मक वृद्धि की वजह से आई है। इससे पहले दिसंबर, 2018 में निर्यात 0.34 प्रतिशत बढ़ा था। समीक्षाधीन महीने में कच्चे तेल का आयात 9.26 प्रतिशत बढ़कर 11.38 अरब डॉलर रहा, जबकि गैर तेल आयात 2.78 प्रतिशत बढ़ा। 

इसी तरह सोने का आयात 54 प्रतिशत बढ़कर 3.97 अरब डॉलर पर पहुंच गया। कुछ निर्यात क्षेत्रों मसलन पेट्रोलियम, हस्तशिल्प, सिलेसिलाए परिधान और फार्मास्युटिकल्स ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। निर्यातकों के प्रमुख संगठन फियो के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता ने कहा कि निर्यात के आंकड़े उत्साहवर्धक नहीं हैं। ज्यादातर श्रम आधारित क्षेत्रों का निर्यात घटा है। भारतीय व्यापार संवर्द्धन परिषद (टीपीसीआई) ने कहा कि अप्रैल माह की वृद्धि के आंकड़े आकर्षक नहीं हैं। टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने बयान में कहा कि हम सकारात्मक वृद्धि दर्ज करने में कामयाब रहे। चाय, मसाला, फल और सब्जियों का निर्यात बढ़ना कृषि उत्पादों की दृष्टि से एक अच्छा संकेत है।

कारोबार की समाप्ति पर अच्छी बढ़त लेकर बंद हुए Sensex-Nifty

Sensex-Nifty closed with good growth at the end of business

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में आज सुबह कारोबार की शुरूआत बढ़त के साथ हरे निशान पर हुई और कारोबार की समाप्ति पर भी ये बढ़त के साथ ही हरे निशान पर बंद हुआ। बढ़त के इस माहौल में कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 357.79 अंक यानि 0.96 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 37,472.67 के स्तर पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पचास शेयरों वाले निफ्टी में भी कारोबार की समाप्ति पर बढ़त देखने को मिली और ये 118.55 अंक यानि 1.06 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,275.55 के स्तर पर बंद हुआ।

गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान शेयर बाजार सुबह बढ़त के साथ हरे निशान पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ। कारोबार की शुरूआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 90.03 अंक यानि 0.24 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 37,408.56 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 203.65 अंक यानि 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 37,114.88 के स्तर पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी कारोबार की शुरूआत में 20.70 अंक यानि 0.18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,242.75 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 65.05 अंक यानि 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,157.00 के स्तर पर बंद हुआ। 



 

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