18 अगस्त: एक क्लिक में पढ़ें 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Saturday, 18 Aug 2018 05:08:36 PM
18 august latest top ten news

PM मोदी ने बाढ़ प्रभावित केरल के लोगों के'जुझारूपन’ की तारीफ की

PM Modi praised Juzarharan of flood affected Kerala

तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित केरल के लोगों को 'जुझारूपन’ के लिए शनिवार को नमन किया और कहा कि संकट की इस घड़ी में राष्ट्र मजबूती से राज्य के साथ खड़ा है। मोदी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में से कुछ का हवाई सर्वेक्षण भी किया। केरल के राज्यपाल पी सदाशिवम और मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन और केंद्रीय मंत्री के जे अल्फोंस हवाई सर्वेक्षण के दौरान प्रधानमंत्री के साथ थे। मोदी ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि मैं केरल के लोगों को उनके जुझारूपन के लिए नमन करता हूं...इस घड़ी में राष्ट्र मजबूती से केरल के साथ खड़ा है।

उन्होंने कहा कि समूचे केरल में लगातार जारी बाढ़ में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति मैं संवदेना व्यक्त करता हूं। मैं घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। हम सब केरल के लोगों की सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना करते हैं। मोदी ने प्रतिकूल परिस्थितियों में काम कर रहे अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कि अभूतपूर्व स्थिति के दौरान केरल के लोगों की मदद के लिए देशभर से व्यापक समर्थन और एकजुटता की भी प्रशंसा की। राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष से प्राप्त सूचना के अनुसार केरल में भारी बारिश के चलते आई बाढ़ की वजह से आठ अगस्त से लेकर अब तक 194 लोगों की जान गई है। करीब 36 लोग लापता है। राहत एवं बचाव एजेंसियों ने 3.14 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

पाकिस्तान के 22 वें प्रधानमंत्री बने इमरान खान, जानिए उनके सत्ता तक पहुंचने का घटनाक्रम

Imran Khan becomes Pakistan 22nd Prime Minister

इस्लामाबाद। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने शनिवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। क्रिकेटर से नेता बने खान देश के 22वें प्रधानमंत्री बने हैं जबकि पाकिस्तान बनने के 71 वर्ष के इतिहास में आधे से ज्यादा वक्त तक 4 सैन्य सरकारों ने ही यहां शासन किया है।

खान के सत्ता तक पहुंचने का घटनाक्रम: 25 अप्रैल, 1996: इमरान खान ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) राजनीतिक पार्टी की स्थापना की। 10 अक्तूबर, 2002 : खान ने 2002 का आम चुनाव लड़ा और वह संसद सदस्य के रूप में चुने गए। 19 नवंबर, 2007: पूर्व सैन्य शासक (सेवानिवृत्त) जनरल परवेज मुशर्रफ के शासन की आलोचना करने की वजह से खान को थोड़े समय जेल में भी रहना पड़ा।

11 मई, 2013: खान ने पाकिस्तान को 'नया पाकिस्तान’ में, भ्रष्टाचार से मुक्त एक कल्याणकारी देश में बदलने का वादा किया। 25 जून, 2016: खान ने पनामा पेपर जारी होने के बाद घोषणा की कि उनकी पार्टी पीटीआई प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।

दो नवंबर, 2016: पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेता हनीफ अब्बासी ने खान को अयोग्य करार देने के लिए याचिका दायर की। अब्बासी ने खान पर धन शोधन, संपत्ति का ब्योरा छुपाने और पार्टी के विदेशों से धन लेने का आरोप लगाया। तीन मई, 2017: पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई शूरू की और खान से 'बनी गाला’ संपत्ति पर उनसे पूछताछ की। एक जून, 2017: खान की पूर्व पत्नी जेमिना गोल्ड्स्मीथ ने ट्वीट करके बताया कि उन्हें इस मामले में इमरान को 'अदालत में बेकसूर साबित करने के लिए बैंक स्टेटमेंट' मिला है।

15 दिसंबर, 2017: उच्चतम न्यायालय ने खान के पक्ष में फैसला सुनाया और पाकिस्तान भ्रष्टाचार निरोधी अदालत ने पनामा पेपर मामले में शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ मुकदमा शुरू किया। 27 मई, 2018: पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव आयोजित कराने की घोषणा की गई। 25 जुलाई, 2018: पाकिस्तान ने सीधे तीसरी बार चुनी हुई असैनय सरकार बनाने के लिए मतदान किया। 26 जुलाई, 2018: मतदान में कदाचार के आरोपों के बीच खान ने आम चुनाव में जीत का दावा किया।

28 जुलाई, 2018: खान की पीटीआई कौमी असेंबली में 116 सीटों के साथ इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। छह अगस्त, 2018: पीटीआई ने खान को पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया। सात अगस्त, 2018: चुनाव आयोग ने खान को नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में शपथ लेने की सशर्त अनुमति दी।

13 अगस्त, 2018: खान सहित पाकिस्तान के संसद सदस्य के रूप में निर्वाचित 329 सदस्यों ने शपथ ली। 15 अगस्त, 2018: पाकिस्तान की संसद ने खान के पार्टी के उम्मीदवारों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया। 17 अगस्त, 2018: खान ने पीएमएल-एन के प्रधानमंत्री उम्मीदवार शहबाज शरीफ को हराया। 18 अगस्त, 2018: खान ने पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

प्रमोद तिवारी बोले, राजनीति के क्षितिज पर ध्रुव तारा थे अटल​ बिहारी वाजपेयी

Pramod Tiwari says, polarized star on horizon of politics was Atal Bihari Vajpayee

इलाहाबाद। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को राजनीति के क्षितिज का ध्रुव तारा बताते हुये कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि उनका निधन देश में संसदीय ज्ञान के पुंज का अंत है। तिवारी ने शनिवार को'यूनीवार्ता से कहा कि राजनीति के क्षितिज पर जो रिक्तता उभरी है, अब लम्बे समय तक कहीं दूर-दूर वह प्रकाश पुंज नजर नहीं आ रहा है।

उसकी भरपाई नहीं हो सकती। उनके निधन से राजनीति के एक युग का अंत हो गया। विलक्षण प्रतिभा के धनी वाजपेयी में विश्वास और वाकपटुता की ऐसी तरंग थी जो विपक्षियों को भी प्रेम से धराशायी कर देती थी। उन्होंने कहा कि देश के संसदीय इतिहास में कुछ गिने चुने ही लोग रहे जिनकी भाषा का मुख्य आकर्षण उनका चुटीला अंदाज था जिसमें वे बड़ी से बड़ी बात भी कह जाते थे।

उनके बोलने के अंदाज को पार्टी और उसके बाहर बहुत से लोगों ने प्रेरणा के रूप में अपनाने का प्रयास किया। वाजपेयी का जाना देश में संसदीय ज्ञान के पुंज का अंत है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी दूरदर्शिता अतुलनीय थी। वह राजनीति के भीष्म पितामह भी कहे जाते थे।

उनकी एक खासियत थी जो चीज वे राजनीति में नहीं कह पाते थे, उसे कविता के मार्फत कह जाते थे। उनके भाषण का कोई मुकाबला नहीं था। वे सच्चे लोकतांत्रिक थे और आम सहमति में विश्वास रखते थे। वह हमारे दिलों में सदा 'अमर’ रहेंगे।उन्होंने कहा कि अटल एक ऐसे नेता थे जिन्हें हर दल के लोग आदर प्रदान करते थे। उन्होंने राजनीति को दलगत राजनीति से ऊपर उठाया। उन्होंने अपने दर्शन पर अड़गि रहना सिखाया और जब भी राजनीति भटकी उसको सही मार्ग दिखाया।

अलग-अलग देशों में हिन्दी को बचाने की जिम्मेदारी भारत ने ली है : सुषमा स्वराज

India has taken responsibility for saving Hindi in different countries: Sushma Swaraj

पोर्ट लुई। संस्कृति और भाषा को बचाने पर जोर देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को कहा कि अलग अलग देशों में हिन्दी को बचाने की जिम्मेदारी भारत ने ली है। 11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के दौरान अपने उद्घाटन संबोधन में सुषमा स्वराज ने कहा कि भाषा और संस्कृति एक दूसरे से जुड़ी हैं। ऐसे में जब भाषा लुप्त होने लगती है तब संस्कृति के लोप का बीज उसी समय रख दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि जरूरत है कि भाषा को बचाया जाए, उसे आगे बढ़ाया जाए, साथ ही भाषा की शुद्धता को बचाये रखा जाए। विदेश मंत्री ने कहा कि हिन्दी भाषा को बचाने, बढ़ाने और उसके संवर्द्धन के बारे में कई देशों में चिताएं सामने आई। '' ऐसे में इन देशों में लुप्त हो रही इस भाषा को बचाने की जिम्मेदारी भारत की है। उन्होंने कहा कि इस बार विश्व हिन्दी सम्मेलन का प्रतीक चिन्ह 'मोर के साथ डोडो’ है।

पिछली बार मोर था, इस बार इसमें डोडो को भी जोड़ दिया गया है। डोडो लुप्त होती हिन्दी का प्रतीक है और भारत का मोर आयेगा और उसे बचाएगा। मारिशस के प्रधानमंत्री प्रविद कुमार जगन्नाथ ने 11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के अवसर पर दो डाक टिकट जारी किए।

एक पर भारत एवं मारिशस के राष्ट्रीय ध्वज और दूसरे पर दोनों देशों के राष्ट्रीय पक्षी मोर और डोडो की तस्वीर है। मॉरिशस के प्रधानमंत्री ने भारत के सहयोग से बने साइबर टावर को अब अटल बिहारी वाजपेयी टावर नाम देने की धोषणा की।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से विश्व के हिन्दी प्रेमियों को अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने का मौका मिलेगा। सुषमा ने कहा कि पिछले विश्व हिन्दी सम्मेलनों में भाषा और साहित्य पर जोर होता था। इस बार भाषा के साथ संस्कृति को जोड़ा गया है।

ऐसे में एक विषय ''हिन्दी , विश्व और भारतीय संस्कृति’’ रखा गया है।उन्होंने कहा कि गिरमिटिया देशों में उन्होंने भाषा और संस्कृति के प्रति जागरूकता देखी है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि मारिशस के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि उन्हें ज्यादा हिन्दी नहीं आती है लेकिन भाषा को न जानने की निराशा और संस्कृति को बचाने की बेचैनी उनमें साफ झलकती है।

विदेश मंत्री ने कहा कि सम्मेलन के दौरान एक विषय 'भाषा और संस्कृति के अंतर संबंध’ रखा गया है। इसके अलावा एक अन्य विषय 'हिन्दी शिक्षण और भारतीय संस्कृति’ है। उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दी सम्मेलन के दौरान पहले सत्र होता था, चर्चाएं होती थी, अनुशंसाएं होती थी लेकिल अनुवर्ती कार्य नहीं देखा गया । पिछले छह महीने के परिश्रम से पिछले सम्मेलन की अनुशंसाओं और अनुवर्ती कार्यो का संकलन करने का कार्य किया गया है।

यह केवल मौखिक रूप में नहीं बल्कि लिखित रूप में पुस्तक के रूप में है जिसका शीर्षक '' भोपाल से मारिशस’ है। इसमें एक एक अनुशंसा पर की गई कार्रवाई का वर्णन है। 11वां विश्व हिन्दी सम्मेलन शुरू होने से पहले सभागार में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

सम्मेलन में गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी विशिष्ठ अतिथि हैं। सम्मेलन में विदेश राज्य मंत्री वीके सिह, गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू, विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिह आदि हिस्सा ले रहे हैं। मारिशस की शिक्षा मंत्री लीला देवी दुकन लक्षुमन ने सम्मेलन में आए अतिथियों का स्वागत किया। 

सलमान को नाराज कर प्रियंका ने "भारत" में की सगाई, देखें प्रियंका और निक का ट्रेडिशनल लुक

priyanka chopra and nick jonas engagement ceremony in india

एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड इंडस्ट्री से हाल ही में बड़ी खबर सामने आ रही है। इंटरनेशनल लेवल पर पहचान बना चुकी प्रियंका चोपड़ा और अमेरिकी सिंगर निक जोनस के रिश्ते पर मोहर लग गई है। बता दें कि निक जोनस हाल ही में अपने माता-पिता के साथ प्रियंका की फैमिली से मिलने आए हैं। इसी बीच अदाकारा प्रिंयका चोपड़ा और उनके प्रेमी निक जोनस की सगाई का जश्न पूरी धूमधाम से शुरू हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रियंका के जुहू स्थित घर पर आज सुबह रोके की रस्म अदा की गई, जहां दोनों ट्रेडिशनल ड्रेस में नजर आए।

प्रियंका ने अपनी सगाई पर पीले और सफेद कॉम्बिनेशन की ड्रेस पहनी है। वहीं निक व्हाइट कलर के पायजामा-कुर्ता पहने नजर आए। इससे पहले एक पंडित को उनके घर में जाते हुए भी देखा गया था, जिनके पीछे एक व्यक्ति मिठाई के डिब्बे ले जाता भी दिखा। निक (25) गुरुवार को अपने माता-पिता के साथ मुंबई पहुंचे थे। छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर खुद प्रियंका (36) उनको लेने पहुंची थीं। प्रियंका की बहन एवं अदाकारा परिणीति चोपड़ा भी आज यहां पहुंची।

प्रियंका और निक के आज शाम अपने परिवार और दोस्तों को एक पार्टी देने की भी खबरें भी हैं। दोनों ने जुलाई में एक दूसरे से सगाई की थी। सगाई के दौरान दोनों की जोड़ी बेहद ही खूबसूरत लग रही थी। भले ही प्रियंका ने इस दौरान मोबाइल पर बैन लगा दिया था फिर भी सगाई की कुछ फोटोज लीक हो गई। इसी बीच उनकी इंगेजमेंट रिंग की भी खूब चर्चा हो रही है। निक ने प्रियंका को डेढ़ करोड़ की अंगूठी पहनाई है। माना जा रहा है कि सगाई के बाद शाम को एक शानदान पार्टी का आयोजन किया जाएगा।

निर्माता बनने को लेकर श्रद्धा कपूर ने दिया बड़ा बयान, कहा दूसरों के लिए प्रेरणादायक काम है फिल्म बनाना लेकिन...

Shraddha Kapoor does not want to be a producer

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर फिल्म निर्माता बनना नहीं चाहती हैं। बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियां अनुष्का शर्मा, प्रियंका चोपड़ा, दीया मिर्जा, लारा दत्ता ने निर्माता बनकर फिल्में बनाई हैं। श्रद्धा कपूर से जब पूछा गया कि क्या वह भी फिल्म निर्माता बनना चाहती हैं। श्रद्धा ने कहा कि मेरा मानना है कि यदि किसी को निर्माता बनना है तो उन्हें जरूर बनना चाहिए, यह दूसरे लोगों के लिए बहुत प्रेरित करता है लेकिन मैं अपनी बात करूं तो मुझे नहीं लगता कि मैं कभी निर्माता बनना चाहूंगी। अभी मैं सिर्फ अच्छे काम करने पर फोकस करना चाहती हूं। अच्छी और यादगार फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती हूं।

हाल ही में श्रद्धा ने कहा था कि 'मैं अपने पिता शक्ति कपूर और भाई सिद्धांत कपूर के साथ काम करना चाहती हूं। मैं चाहती हूं हम तीनों मिलकर कोई कॉमेडी फिल्म करें। इसके पीछे कारण यह है कि हम तीनों के बीच की केमेस्ट्री बहुत ही गजब है। हम बहुत मस्ती करते हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो श्रद्धा कपूर इन दिनों बत्ती गुल मीटर चालू में काम कर रही है।

इस फिल्म के निर्देशक बॉलीवुड के जाने माने श्री नारायण है। फिल्म में श्रद्धा कपूर के अलावा अभिनेता शाहिद कपूर और यामी गौतम लीड रोल में हैं। इस फिल्म का ट्रेलर हाल ही में रिलीज किया गया है। दर्शकों में इस फिल्म को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई हैं। बता दें कि यह पहली बार है जब श्रद्धा कपूर और शाहिद कपूर और यामी गौतम साथ में स्क्रीन साझा करते नजर आएंगे। यह फिल्म 21 सितंबर को रिलीज की जाएगी।

फेडरर हमवतन वावरिका को हराकर पहुंचे सेमीफाइनल में

 Roger Federer defeated Warwick and reached semi final

सिनसिनाटी। स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर ने हमवतन स्टेनिसलास वावरिका के खिलाफ अपनी बादशाहत कायम रखते हुए सिनसिनाटी मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। फेडरर के लिए हालांकि मुकाबला आसान नहीं रहा लेकिन उन्होंने वावरिका को 6-7 7-6 6-2 से काबू कर लिया। उन्होंने इसी के साथ हमवतन खिलाड़ी के खिलाफ अपना जीत-हार का करियर रिकॉर्ड 21-3 पहुंचा दिया है। शुरूआत में मैच एकतरफा माना जा रहा था लेकिन पहला सेट हारने के बाद वावरिका ने अनुभवी फेडरर के खिलाफ दूसरा सेट भी टाईब्रेक में पहुंचाते हुए इसे रोमांचक बना दिया।

मौसम के कारण मैच को तीसरे सेट में थोड़ी देर के लिए रोकना पड़ा। लेकिन इसके पुन: शुरू होने पर फेडरर ने अलग ही क्लॉस दिखाई और 6-2 से आसानी से सेट और मैच जीत लिया। हालांकि जहां फेडरर ने उलटफेर टालते हुए अगले दौर में जगह बनाई विश्व के चौथे नंबर के खिलाड़ी अर्जेंटीना के जुआन मार्टिन डेल पोत्रो हार कर बाहर हो गए। पोत्रो को बेल्जियम के डेविड गोफिन ने 7-6 7-6 से पराजित किया। गोफिन ने रोमांचक मैच को बैकहैंड विनर के साथ समाप्त किया। बेल्जियम खिलाड़ी को हालांकि अब सेमीफाइनल मैच में फेडरर की कठिन चुनौती झेलनी होगी जबकि एक अन्य अंतिम चार मुकाबले में पूर्व नंबर एक सर्बिया के नोवाक जोकोविच और क्रोएशिया के मारिन सिलिच आमने सामने होंगे।

10वीं सीड जोकोविच के लिए हालांकि अंतिम-चार का सफर थकाने वाला रहा जिन्होंने पहले गत चैंपियन बुल्गारिया के ग्रेगोर दिमित्रोव को तीन सेटों के मैच में 2-6 6-3 6-4 से तीसरे राउंड में हराया। बारिश के कारण उनका मैच दो दिन में जाकर पूरा हो सका था। अपने तीसरे दौर के मैच के कुछ घंटे बाद ही जोकोविच ने अन्य मैच में कनाडा के मिलोस राओनिक को 7-5 4-6 6-3 से पराजित किया। उन्होंने इसी के साथ राओनिक के खिलाफ करियर रिकार्ड 9-0 कर लिया है। पूर्व चैंपियन सिलिच ने तीसरे दौर में रूस के कारेन खाचानोव को 7-6 3-6 6-4 से हराने के बाद स्पेन के पाब्लो कारेनो बुस्ता को 7-6 6-4 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले करियर के आठवें सिनसिनाटी खिताब के लिए खेल रहे विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी फेडरर ने तीसरे दौर में अर्जेंटीना के लियोनार्डो मेयर को 6-1 7-6 से लगातार सेटों में पराजित किया।

स्विस मास्टर विबलडन के बाद से अपने पहले टूर्नामेंट में खेल रहे हैं। उन्होंने पहले सर्व पर केवल चार अंक गंवाए और विपक्षी खिलाड़ी उनके खिलाफ एक भी ब्रेक अंक हासिल नहीं कर सका। मेयर के पास तीसरे सेट तक मैच खींचने का मौका जरूर आया लेकिन अनुभवी फेडरर ने वर्षा प्रभावित मैच को जीत लिया और अगले दौर में वावरिका के खिलाफ मैच सुनिश्चित किया। इससे पहले वर्षा से रूके तीसरे दौर के अन्य मैच में वावरिका ने हंगरी के मार्टन फुकसोविक को 6-4 6-3 से पराजित कर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। चौथी सीड पोत्रो ने आस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस के खिलाफ मैच को 7-6 6-7 6-2 से जीता जबकि गोफिन ने छठी सीड केविन एंडरसन को 76 मिनट में 6-2 6-4 से हराया।- एजेंसी

सिंधु और श्रीकांत करेंगे भारतीय बैडमिंटन चुनौती की अगुवाई

Indu and Srikanth will lead the Indian Badminton Challenge

जकार्ता। शानदार फार्म में चल रहे किदांबी श्रीकांत और पीवी सिंधु 18वें एशियाई खेलों में कल से शुरू हो रही बैडमिंटन स्पर्धा में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे जिसमें उनकी कोशिश पहला स्थान हासिल करने पर लगी होंगी। कल से बैडमिंटन की टीम स्पर्धायें शुरू हो रही हैं। भारत ने 2014 में इंचियोन में हुए पिछले एशियाई खेलों में साइना नेहवाल और सिधू की अगुवाई में कंास्य पदक जीत कर 28 साल के पदकों का सूखा खत्म किया था। इससे पहले 1986 में प्रकाश पादुकोण और विमल कुमार की पुरूष टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था। 

एशियाई खेलों में बैडभमटन में भारत ने अब तक कुल आठ पदक हासिल किये हैं जिसमें सैयद मोदी इकलौते ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने 1982 में एकल स्पर्धा में पदक हासिल किया है। सिंधु  23 अगस्त से शुरू हो रही एकल स्पर्धा में इस इंतजार को खत्म करना चाहेंगी। सिंधु और कंपनी की अगुवाई मे भारतीय टीम पिछले आयोजन में जीते कांस्य पदक के रंग को बदलना चाहेगी। पहले दौर में बाई मिलने के बाद टीम कल क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरूआत करेगी।

इस साल उबेर कप का खिताब जीतने वाले जापान की टीम में शीर्ष एकल खिलाड़ी है जिसमें 2017 विश्व चैम्पियन नोजोमी ओकुहारा और विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज अकाने यामागुची के अलावा युगल रैंकिंग  में नंबर एक और नंबर दो पर काबिज क्रमश: युकी फुकुशिमा एवं सायका हिरोता तथा मिसाकी मातसुतोमा एवं अयाका ताकाहाशी की जोडियां भी हैं। सिंधु  ने हालांकि पिछले महीने विश्व चैम्पियनशिप में फाइनल में पहुंचने के क्रम में नोजोमी और यामागुची को मात दी थी। इस भारतीय खिलाड़ी को टीम और एकल स्पर्धा में देश को स्वर्ण पदक सुनिश्चित करने के लिए एक बार फिर जापान के इन खिलाडिय़ों से बेहतर प्रदर्शन करना होगा। 

टीम स्पर्धा का नतीजा युगल विशेषज्ञ अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी के प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगा क्योंकि दोनों को अपने से बेहतर  रैंकिंग वाले खिलाडिय़ों से भिडऩा होगा। पुरुष टीम का अभियान भी कल शुरू होगा जिसमें वह कमजोर माने जाने वाले मालदीव के खिलाफ खेलेंगे। भारतीय टीम अगर इस मैच को जीतने में सफल रही तो क्वार्टर फाइनल में उनका सपना मेजबान इंडोनेशिया से होगा जिसे पहले दौर में बाई मिली है। श्रीकांत  और एचएस प्रणय की अगुवाई में भारतीय टीम के पास 32 वर्षों के पदक का सूखा खत्म करने का सुनहरा मौका होगा। 

इंडोनेशिया की टीम में भी कुछ अच्छे खिलाड़ी है जिसमें एकल में जोनाटन क्रिस्टी और एंथॉनी सिनिसुका गिनटिंग और युगल में विश्व रैंकिग में पहले स्थान पर काबिज माक्र्स फर्नाल्दी गिडोन और केविन संजया सुकामुलजो की जोड़ी शामिल है। टीम में विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर काबिज फजार अलफियान और मोहम्मद रिया अर्दीयांतो की युगल जोड़ी भी है। श्रीकांत और प्रणय ने पहले भी अपने प्रतिद्वंद्वी खिलाडिय़ों को धूल चाटायी है और अगर राष्टमंडल खेलों में रजत पदक विजेता चिराग शेट्टी और सात्विक रंकीरेड्डी अपने प्रदर्शन को दोहरा सके तो पदक की संभावना है।

एकल वर्ग के मुकाबले 22 अगस्त से शुरू होंगे जिसमें श्रीकांत और प्रणय से भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें होगी। भारतीय कोच पुलेला गोपीचंद को उम्मीद है कि एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ी इतिहास रचेंगे लेकिन उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप के तुरंत बाद इसके आयोजन पर खिलाडिय़ों की चोट को लेकर भचता भी जतायी।

UPI का अपग्रेडेट वर्जन लॉन्च, यूजर्स की प्राइवेसी के लिए आए नए फीचर्स

UPI Upgraded version launched

मुंबई। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ( एनपीसीआई ) ने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए एकीकृत भुगतान तंत्री यूनीफाइड पेंमेट्स इंटरफेस (यूपीआई) 2.0 लॉच करने की घोषणा की है। साथ ही इसमें कई नई सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। काफी समय से इसके लॉन्च की खबरें सामने आ रही थी लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से हमेशा लॉन्च टलता रहा। आखिरकार यूपीआई का अपग्रेडेट वर्जन आ ही गया है। इस नए वर्जन में पैसा भेजने से पहले निर्देश भी दिया जा सकेगा। यूपीआई 2.0 से आप चालू खाता और बचत खाते के साथ ही अपने ऑवरड्राफ्ट अकाउंट को भी लिंक कर सकेंगे।

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल, एनपीसीआई के इन्नावेशन के सलाहकार नंदन निलेकणि और भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष रजनीश कुमार ने गुरूवार को यहां यूपीआई के इस उन्नत संस्करण को लॉच किया। इस मौके पर एनपीसीआई के गैर कार्यकारी अध्यक्ष बिश्वमोहन महापात्रा और एनपीसीआई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलिप अस्बे भी मौजूद थे।

अस्बे ने कहा कि पिछले दो वर्षों में यूपीआई द्बारा डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में आई क्रांति से एनपीसीआई उत्साहित है। बड़ी संख्या बैंक, दुकानदार, तीसरे पक्ष और उपभोक्ताओं ने इस प्लेटफार्म पर विश्वास किया जिससे इस पर लेनदेन में उल्लेखनीय बढोतरी हुई है। अब यूपीआई 2.0 के लॉन्च होने से उपभोक्ता से दुकानदान भुगतान के क्षेत्र में ऐतिहासिक बढोतरी होने का अनुमान है। निलेकणि ने यूपीआई को महत्वपूर्ण नवाचार बताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर ऐसा कोई तंत्र नहीं है। इसके जरिए भुगतान की लागत बहुत कम है और यह मुक्त प्लेटफार्म है जो डिजिटल भुगतान अर्थव्यवस्था के जरिए देश में भारी बदलाव ला रहा है। 

दुर्ग से कटनी की ओर जाने वाली चार ट्रेने चलेंगी उसलापुर होकर

Four trains going from Durg to Katni will run in Islampur

रायपुर। रेलवे ने छत्तीसगढ के दुर्ग से रायपुर होकर कटनी की ओर चलने वाली 4 जोड़ी यात्री गाडियों को बिलासपुर की बजाय अगले माह से उसलापुर होकर चलाने का निर्णय लिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल की शनिवार को यहां जारी विज्ञप्ति के मुताबिक  रेलवे बोर्ड ने 4 ट्रेनों 182007/ 1820008 दुर्ग अजमेर एक्सप्रेस(साप्ताहिक)22895/22896 दुर्ग फिरोजपुर अंत्योदय एक्सप्रेस(साप्ताहिक) 18201/18202 दुर्ग नौतनवा एक्सप्रेस(द्धि-साप्ताहिक) एवं 182०3/18204 कानपुर दुर्ग एक्सप्रेस(द्धि-साप्ताहिक) को दाधापारा से उसलापुर होकर चलाने की रेलवे जोन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

यह ट्रेने अगले माह से बिलासपुर रेलवे स्टेशन नही जाएगी।विज्ञप्ति के मुताबिक 18207दुर्ग अजमेर एक्सप्रेस(साप्ताहिक) 17 सितम्बर से एवं 18208 दुर्ग अजमेर एक्सप्रेस(साप्ताहिक) 18 सितम्बर से, 22895 दुर्ग फिरोजपुर अंत्योदय एक्सप्रेस(साप्ताहिक) 16 सितम्बर से, 22896 दुर्ग फिरोजपुर अंत्योदय एक्सप्रेस(साप्ताहिक) 18 सितम्बर से,18201 दुर्ग नौतनवा एक्सप्रेस(द्धि-साप्ताहिक) 19 सितम्बर से, 182०2 दुर्ग नौतनवा एक्सप्रेस(द्धि-साप्ताहिक) 21 सितम्बर से, 18203 कानपुर दुर्ग एक्सप्रेस(द्धि-साप्ताहिक) को 16 सितम्बर से 18204 कानपुर दुर्ग एक्सप्रेस(द्धि-साप्ताहिक) को 17 सितम्बर से उसलापुर होकर चलाया जाएगा।

रेलवे के इस निर्णय से जहां बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा वहीं इससे वहां पर तैनात लोको कर्मचारियों पर भी दबाव कम होगा। दुर्ग से कटनी की ओर चलने वाली ट्रेनों में बिलासपुर में इंजन की दिशा परिवर्तित करनी पड़ती है। जबकि उसलापुर होकर इन्हे चलाने से इंजन की दिशा परिवर्तित नही करनी पड़ेगी। इंजन की दिशा परिवर्तित करने की वजह से 20 मिनट से लेकर आधे घंटे से अधिक समय तक ट्रेने बिलासपुर में रूकती है। इस निर्णय से ट्रेनों के संचालन समय में भी कमी होगी।



 

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