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Samachar Jagat | Sunday, 23 Sep 2018 04:03:24 PM
23 september top 10 news in hindi

तीन तलाक विधेयक में 'हलाला' भी शामिल किया जाए: महिला आयोग प्रमुख

Halala should also be included in the triple talaq Bill: Women Commission chief

नई दिल्ली। तीन तलाक के खिलाफ केंद्र सरकार के हालिया अध्यादेश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि ''निकाह हलाला'' प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए इसे भी संसद में लंबित 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक' का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'धर्म के दुरुपयोग' के जरिए चलाई जा रही इस तरह की प्रथा पर तभी रोक लगाई जा सकती है जब लोगों को सजा होगी। 

रेखा ने कहा, ''अगर कुछ मामलों में सजा हो जाएगी तो निश्चित रूप से इस पर (हलाला पर) रोक लग सकेगी। मेरा मानना है कि इसको तीन तलाक विरोधी विधेयक में शामिल किया जाना चहिए।" उन्होंने कहा, ''लोग धर्म का दुरुपयोग कर रहे हैं, जबकि हर धर्म महिलाओं के सम्मान और बराबरी की बात करता है। दुखद है कि इसका लोग दुरुपयोग कर रहे हैं।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गत बुधवार को एक साथ तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी। बाद में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही यह कानून लागू हो गया। 

इस अध्यादेश के लागू होने से एक साथ तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) अब अपराध होगा और इसके लिए तीन साल की सजा होगी।  महिला आयोग की प्रमुख का बयान उस वक्त आया है जब कुछ दिनों पहले ही 'हलाला' के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने वाली महिला शबनम पर बुलंद शहर में तेजाब हमला किया गया था जिसमें वह झुलस गई। रेखा ने इस घटना की भनदा करते हुए कहा, ''हमने स्थानीय प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई के लिए कहा है।"

''निकाह हलाला'' की प्रथा के मुताबिक, अगर एक पुरुष ने औरत को तलाक दे दिया है तो वो उसी औरत से दोबारा तब तक शादी नहीं कर सकता जब तक वह औरत किसी दूसरे पुरुष से शादी कर तलाक न ले ले। महिला आयोग की प्रमुख ने यह भी कहा कि सभी राजनीतिक दलों को मिलकर तीन तलाक विरोधी विधेयक को संसद से पारित करना चाहिए। लोकसभा से पारित हो चुका यह विधेयक फिलहाल राज्यसभा में लंबित है।

यौन उत्पीडऩ के मामले में कुछ धर्मगुरुओं की कथित संलिप्तता को लेकर रेखा ने कहा, ''यह बहुत दुखद है कि जिन लोगों पर जनता को रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी है, वही इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। इस पर सभी धर्मों के लोगों को सोचना चाहिए कि कुछ धर्मगुरु किस तरह से लोगों की आस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, ''बलात्कार के मामलों के खिलाफ सामाजिक चेतना पैदा करनी होगी। समाज मे लड़कियों को भी लड़कों के बराबर मानने की सोच से ही चीजें बदली जा सकती हैं।"

कावानाह पर यौन उत्पीडऩ के आरोप: चार गवाहों ने जानकारी होने से किया इनकार

Brett Kavanaugh accused of sexual harassment: Four witnesses denied information

वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से नामित ब्रेट कावानाह पर कैलिफोर्निया की एक प्रोफेसर द्वारा लगाए गए यौन उत्पीडऩ के आरोप पर संदेह जताते हुए कहा कि जिस पार्टी में यह घटना हुई उसमें शामिल हुए चार लोगों ने घटना के संबंध में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया है। दरअसल फोर्ड ने आरोप लगाए हैं कि 36 वर्ष पहले उपनगरीय वाशिंगटन में एक घर में आयोजित एक पार्टी के दौरान कावानाह ने उनका यौन उत्पीडऩ किया था।

व्हाइट हाउस प्रवक्ता केरी कुपेक ने शनिवार को देर रात जारी एक बयान में कहा, ''एक सप्ताह पहले डॉ क्रिस्टीन ब्लासे फोर्ड ने दावा किया कि एक हाउस पार्टी में उनका यौन उत्पीडऩ किया गया था। उन्होंने दावा किया था कि इस पार्टी में चार अन्य लोग भी शामिल हुए थे। इसके बाद से इन चारों व्यक्तियों ने सीनेट की न्यायपालिका समिति के समक्ष अपने बयान में इस घटना के बारे में कोई भी जानकारी होने अथवा इस प्रकार की किसी भी पार्टी में शामिल होने तक से इनकार किया है।"

यह बयान ऐसे वक्त आया है जब फोर्ड सीनेट की न्यायपालिका समिति के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने के लिए तैयार हो गई हैं। ब्रेट कावानाह के भविष्य का फैसला काफी कुछ इस सुनवाई पर निर्भर करेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार समिति और फोर्ड के वकील गुरुवार को सुनवाई के लिए सहमत हुए हैं। गौरतलब है कि वाशिंगटन पोस्ट ने 16 सितंबर को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें फोर्ड ने एक पार्टी में कावानाह द्वारा यौन उत्पीडऩ किए जाने के आरोप लगाए थे।

इसके अगले दिन न्यायाधीश कावानाह ने इन आरोपों को खंडन किया था और इसके ठीक अगले दिन एक गवाह मार्क जज ने सीनेट की न्यायपालिका समिति को एक बयान जारी करके कहा, ''इस कथित घटना के बारे में मुझे याद नहीं है। मुझे ऐसी कोई पार्टी भी याद नहीं आ रही है।" 19 सितंबर को एक अन्य गवाह पैट्रिक 'पीजे' स्मिथ ने भी समिति को पत्र लिख कहा, '' मुझे इस पार्टी के बारे में कुछ भी पता नहीं है और न ही मुझे उन कदाचार के बारे में पता है जिनके आरोप उन्होंने ब्रेट कावानाह पर लगाए हैं।"

व्हाइट हाउस के मुताबिक शनिवार को अन्य गवाह लिलैंड कीसर ने भी अपने वकील के माध्यम से एक बयान जारी किया, ''कीसर श्री कावानाह को नहीं जानतीं और उन्हें ऐसी किसी पार्टी के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं जहंा वह फोर्ड के साथ अथवा फोर्ड के बिना मौजूद थे।" प्रवक्ता ने कहा कि ब्रेट कावानाह ने शुरू से ही यह स्पष्ट कर दिया था। उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है और वह सार्वजनिक रूप से गवाही देने के लिए तैयार हैं।

दुनिया के महान बैडमिंटन खिलाड़ी चोंग वेई को नाक का कैंसर

The world's great badminton player Lee Chong Wei is diagnosed with nose cancer

कुआलालम्पुर। दुनिया के महान बैडमिंटन खिलाड़ियों में शुमार और पूर्व नंबर एक मलयेशिया के ली चोंग वेई की नाक में कैंसर होने का पता चला है हालांकि यह अभी शुरूआती चरण में है। मलयेशिया बैडमिंटन संघ (बीएएम) ने शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि तीन बार के ओलम्पिक रजत पदक विजेता ली चोंग वेई की नाक के कैंसर का पता चला है। वह ताईवान में इसका इलाज करा रहे हैं और इलाज से वह अच्छी तरह उबर रहे हैं।

चोंग वेई ने इस साल अप्रैल में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। 35 वर्षीय चोंग वेई इस समय विश्व रैंकिंग में चौथे नंबर पर हैं। उनके नाम विश्व चैंपियनशिप में 3 रजत और एक कांस्य पदक सहित कुल 69 अंतर्राष्ट्रीय खिताब दर्ज हैं। वह सांस संबधी परेशानी के कारण चीन में विश्व चैंपियनशिप और इंडोनेशिया में एशियाई खेलों से हट गए थे।

बीएएम के अध्यक्ष दातुक सेरी नोर्जा जकारिया ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा, चोंग वेई को नाक के शुरुआती चरण के कैंसर का पता चला है। चोंग वेई इस समय उपचार के लिये ताईवान में हैं और मुझे इस बात की खुशी है कि उपचार से वह अच्छी तरह उबर रहे हैं। वह इस समय आराम कर रहे हैं।

जकारिया ने साथ ही कहा, हम सभी से आग्रह करते हैं कि चोंग वेई की निजता का सम्मान किया जाए। मैं चोंग वेई की तरफ से सभी मलेशियाई प्रशंसकों का धन्यवाद करता हूं। बीएएम लगातार चोंग वेई से संपर्क बनाये हैं और हमारे महान खिलाड़ी को जिस तरह की भी मदद चाहिए, हम उन्हें वह प्रदान करेंगे।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में मतदाता सूचियों का ऑडिट करेगा चुनाव आयोग

Election Commission to audit voter lists in Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Rajasthan

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में मतदाता सूची जैसी चुनाव संबंधी गतिविधियों का नियामक ऑडिट करने का फैसला किया है। इन चारों राज्यों में इस साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं। चुनाव आयोग ने इन राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा है कि मतदाता सूचियों, मतदान केंद्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक वोभटग मशीनों (ईवीएम) को रखे जाने की व्यवस्था जैसी चुनाव संबंधी गतिविधियों का विस्तृत नियामक ऑडिट किया जाएगा।

आयोग ने कहा कि व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं चुनावी भागीदारी या एसवीईईपी गतिविधियों, बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) का प्रशिक्षण सहित अन्य का भी ऑडिट किया जाएगा। कई ऑडिट टीमें जल्द ही इन राज्यों का दौरा करेंगी। पत्र में कहा गया है, ''आपको सूचित किया जाता है कि आयोग इन ऑडिट टीमों के जरिए मतदाता सूची प्रबंधन एवं विभिन्न अन्य गतिविधियों के लिए चुनाव आयोग के निर्देशों/वैधानिक प्रावधानों के निपटारे की निगरानी करेगा और मतदाता सूचियों की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी कदम उठाएगा।"

आयोग ने कहा कि इन ऑडिट टीमों की जिम्मेदारी होगी कि वे चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों या कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं करने के मामलों का पता लगाएं और क्षेत्र में तैनात मशीनरी के जरिए सुधारात्मक कदमों से ऐसे मामलों में प्रगति पर नजर रखें। आदेश के मुताबिक, ''अपने दौरे के दौरान ऑडिट टीमें मतदाता सूची प्रबंधन के हर पहलू पर बारीकी से गौर करेगी।"

मुख्य चुनाव अधिकारियों को संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश देने के लिए कहा गया है कि वे ऑडिट टीमों की ओर से मांगी जा रही सूचना या स्पष्टीकरण उसी दिन तत्काल मुहैया कराएं। बहरहाल, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी.एल.कंाता राव की अध्यक्षता वाले मध्य प्रदेश मुख्य चुनाव कार्यालय ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह दौरे को टाल दें।

मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा है कि राज्य में मतदाता सूची को अंतिम रूप देने का काम इस महीने के अंत में पूरा होने वाला और उन्हें इसके बाद दौरा करना चाहिए। भोपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लडऩे वाले कार्यकर्ता अजय दूबे ने कहा कि चुनाव आयोग के पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ऑडिट निश्चित तौर पर होना चाहिए।

दूबे ने कहा, ''जैसा की कंाग्रेस ने बताया है और आरटीआई के जरिए प्राप्त दस्तावेजों से भी खुलासा हुआ है, मध्य प्रदेश में मतदाता सूचियों और चुनाव संबंधी गतिविधियों में कई अनियमितताएं हैं। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द विस्तृत ऑडिट हो और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

आर्थिक आंकड़े और वैश्विक संकेत तय करेंगे शेयर बाजार की चाल

Economic data and global signal will decide the move of the stock market

मुम्बई। लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट में रहने वाले घरेलू शेयर बाजार की चाल आगामी सप्ताह वैश्विक संकेतों के अलावा आर्थिक आंकड़े तथा रुपये और कच्चे तेल के उतार-चढाव से तय होगी। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,249.04 अंक की साप्ताहिक गिरावट के साथ 36,841.60 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 372.10 अंक लुढ़ककर 11,143.10 अंक पर आ गया।

दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मंझोली कंपनियों में भी बिकवाली का भारी दबाव रहा और बीएसई का मिडकैप 754.34 अंक की साप्ताहिक गिरावट में 15,595.63 अंक पर और स्मॉलकैप 907.83 अंक लुढ़ककर 15,763.10 अंक पर आ गया। बीते सप्ताह कारोबार के अंतिम दिन शुक्रवार को शेयर बाजार में गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की खस्ता हालत को लेकर फैली अफवाह से कंपनियों को सबसे अधिक घाटा उठाना पड़ा और बाजार पूंजीकरण में कई लाख करोड़ रुपये की कमी आयी।

अगले सप्ताह भी एनबीएफसी को लेकर निवेशक सतर्कता बरत सकते हैं। हालांकि इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मीडिया में बयान देकर निवेशकों को अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति के प्रति आश्वस्त करने की कोशिश की है लेकिन इसका असर अगले सोमवार को बाजार खुलने पर ही पता लग पायेगा। इस हलचल के बीच दिवालिया हो चुकी कंपनी आईएलएंडएफसी के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश बावा ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

इसके साथ ही आगामी सप्ताह गुरुवार को सितंबर का वायदा कारोबार समाप्त होने वाला है, जिसका असर बाजार पर दिखेगा। सरकार शुक्रवार को अगस्त के वित्तीय घाटे के आंकड़े जारी करेगी। भारतीय मुद्रा डॉलर के टूटने से बीते सप्ताह आखिरी दो दिन मजबूती में रही है और अगले सप्ताह इसके रूख से निवेशकों का रूझान प्रभावित होगा। कच्चे तेल के बाजार पर भी निवेशकों का ध्यान है। इन सबके बीच वैश्विक मंच पर 25 और 26 सितंबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर निवेशकों की नजर होगी।

ऐसा अनुमान है कि फेड रिजर्व ब्याज दर में इस बार 25 आधार अंकों की बढोतरी कर सकता है, जिससे शेयर बाजार पर दबाव आ सकता है। अमेरिका और चीन के बीच विवाद भी कारोबारी धारणा को कमजोर हुये है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सेंसेक्स की 30 में से मात्र पांच कंपनियों को हरे निशान में जगह मिल पायी। शेष सभी 25 कंपनियां गिरावट में रहीं। आईटी कंपनी विप्रो के शेयरों में सबसे अधिक 2.18 फीसदी की साप्ताहिक तेजी रही।

इसके साथ ही टीसीएस में 1.96, टाटा स्टील में 1.50, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.70 और पावर ग्रिड में 0.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी। सबसे अधिक घाटा इस अवधि में यस बैंक को हुआ। बैंक के शेयरों में 29.73 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गयी। इसके अलावा टाटा मोटर्स डीवीआर के शेयरों के भाव 8.50, भारतीय स्टेट बैंक के 7.01, टाटा मोटर्स के 6.10, इंडसइंड बैंक के 5.97, एक्सिस बैंक के 5.79, अदानी पोटर्स के 4.75, एचडीएफसी के 4.72, कोटक बैंक के 4.67, सन फार्मा के 4.45, एनटीपीसी के 4.37, इंफोसिस के 3.93, आईसीआईसीआई बैंक के 3.15, एचडीएफसी बैंक के 2.97, भारती एयरटेल के 2.93, बजाज ऑटो के 2.87, रिलायंस के 2.87, वेदांता के 2.46, एशियन पेंट्स के 2.10, एल एंड टी के 2.00, आईटीसी के 1.04, हीरो मोटोकॉप्र्स के 0.67, कोल इंडिया के 0.60 और भहदुस्तान यूनीलीवर के 0.52 प्रतिशत लुढ़क गये।

प्रसिध्द फिल्मकार कल्पना लाजमी का 64 साल की उम्र में निधन

Famous filmmaker Kalpana Lajmi dies at 64 years of age

मुंबई। प्रसिद्ध फिल्मकार कल्पना लाजमी अब इस दुनिया में नहीं रही। कल्पना लाजमी का यहां कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में रविवार की सुबह निधन हो गया हैं। परिवार के एक सदस्य ने यह जानकारी दी। वह 64 साल की थीं।

लाजमी किडनी और लीवर के काम करना बंद करने की बीमारी से पीडित थीं। उनके भाई देव लाजमी ने बताया, ''उनका सुबह साढ़े चार बजे (कोकिलाबेन धीरूभाई) अंबानी अस्पताल में निधन हो गया। वह किडनी और लीवर के काम करना बंद करने की बीमारी से पीडित थीं।"

लाजमी को फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसी शख्सियत के रुप में जाना जाएगा जिन्होंने निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक के क्षेत्र में काम किया। इंडस्ट्री में वह यथार्थवादी फिल्में बनाने के लिये जानी जाती थीं। उनकी फिल्में अक्सर महिलाओं पर केंद्रित रहती थीं। उनकी कुछ लोकप्रिय फिल्मों में 'रूदाली', 'दमन', 'दरमियान' शामिल है।

लाजमी की बतौर निर्देशक आखिरी फिल्म 2006 में प्रदर्शित 'चिंगारी' थी। यह फिल्म भूपेन हजारिका के उपन्यास 'द प्रॉस्टीट्यूट एंड द पोस्टमैन' पर आधारित थी। हजारिका उनके पार्टनर भी थे।

संरा महासभा के सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचीं सुषमा स्वराज

Sushma Swaraj arrives in New York to attend the session of the General Assembly

न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिये यहां पहुंच गई हैं। वह इस दौरान अपने वैश्विक समकक्षों के साथ कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें करेंगी। वह 29 सितंबर की सुबह महासभा को संबोधित करेंगी। स्वराज शनिवार को यहां पहुंचीं। वह अपने वैश्विक समकक्षों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय चर्चा करेंगी। इसके अलावा वह पूरे सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर कई बैठकों और चर्चाओं में भाग लेंगी।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने अपने ट्वीट में कहा, ''गंतव्य हैशटैग यूनएनजीए73 । भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र के उच्चस्तरीय सेगमेंट के लिये न्यूयॉर्क पहुंचीं।" आम चर्चा 25 सितंबर को शुरू होगी। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के नेता वैश्विक निकाय को संबोधित करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महासभा को 25 सितंबर को संबोधित करेंगे।

ट्रंप का महासभा का यह दूसरा संबोधन होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ''एक सप्ताह की व्यस्तता भरी कूटनीति के लिये मंच तैयार। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र में हिस्सा लेने के लिये न्यूयॉर्क पहुंचीं और वह कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगी।"

इससे पहले, भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच बैठक के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। हालांकि, भारत ने जम्मू-कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों की बर्बर हत्या और इस्लामाबाद के आतंकवादी बुरहान वानी का 'महिमामंडन' करते हुए डाक टिकट जारी करने का हवाला देते हुए बैठक को रद्द कर दिया था। कुरैशी 29 सितंबर की दोपहर संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे।

लीग क्रिकेट में खिलाडिय़ों के भाग लेने की समीक्षा करेगा पीसीबी

PCB to review players' participation in league cricket

दुबई। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के नये अध्यक्ष एहसान मनी ने शनिवार को यहंा कहा कि बोर्ड वैश्विक लीग पर अपने रुख की समीक्षा करेगा और खेल के शासी निकाय से इस मुद्दे पर राय मांगेगा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस साल की शुरुआत में खिलाडिय़ों पर दबाव कम करने के लिए पाकिस्तान सुपर लीग के अलावा दूसरे लीग में उनकी भागीदारी पर रोक लगा दी थी।

लीग क्रिकेट के बढ़ते चलन ने इस खेला के पारंपरिक पांच दिवसीय प्रारूप के भविष्य को भी खतरे में डाला है, जिसमें कुछ खिलाड़ी टी-20 और टी-10 (10-10 ओवर का क्रिकेट मैच) लीग के जरिये अधिकतम कमाई सुनिश्चित करने के लिए टेस्ट क्रिकेट छोड़ रहे हैं।

आलोचना के बाद भी पीसीबी ने पिछले साल शारजाह में आयोजित टी10 लीग में भाग लेने के लिए अपने शीर्ष अनुबंधित खिलाडिय़ों में से 10 खिलाडिय़ों को खेलने की अनुमति दी थी जिसमें मौजूदा कप्तान सरफराज अहमद, शोएब मलिक और मोहम्मद अमीर भी शामिल थे। एशिया कप से इतर मनी ने कहा कि ऐसे लीग में खिलाडिय़ों के खेलने पर बोर्ड आईसीसी से सलाह मांगेगा।

उन्होंने कहा कि वह अभी उन बातों को नहीं समझ सके हैं कि किस आधार पर खिलाडिय़ों को लीग क्रिकट में खेलने की अनुमति दी जाती है। उन्होंने कहा,'' जहां तक मैं समझता हूं पहले मुख्य मानदंड यह था कि लीग से पीसीबी को कितना पैसा मिलता है और खिलाड़ी कितना कमाएंगे। पीसीबी के पिछले प्रशासन ने खिलाडिय़ों पर पडऩे वाले काम के दबाव को नहीं देखा। इसलिए मैं उन सभी लीगों की जांच करूंगा जिनमें पाकिस्तान के खिलाड़ी भाग लेते हैं।"

मनी ने कहा कि उन्होंने आईसीसी से लीग की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा, ''टी10 क्रिकेट पर जब तक मुझे पूर्ण संतुष्टि नहीं मिलती है, तब तक मैं अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करूंगा। इसलिए मैंने आईसीसी से फिर से इसकी समीक्षा करने का अनुरोध किया है। मुझे आईसीसी से आश्वासन की आवश्यकता है क्योंकि उन्होंने इसे मंजूरी दी हैं।"

नन से दुष्कर्म के आरोपी बिशप की जमानत याचिका खारिज

nun-rape-case Accused bishop bail plea dismissed

कोट्टायम। केरल की एक अदालत ने नन के साथ जबरन दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार बिशप फ्रैंको मुलक्कल की जमानत याचिका को शनिवार को खारिज कर दिया। पाला न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बिशप मुलक्कल की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया। अदालत ने आरोपी बिशप को दो दिन की पुलिस हिरासत में भी भेजने का आदेश दिया।

बिशप ने खुद को पुलिस हिरासत में नहीं भेजने का अनुरोध किया था। पुलिस की ओर से दलील पेश की गयी थी कि उसे और सबूत इकट्ठे करने हैं और आरोपी बिशप को घटनास्थल पर ले जाना है जहां कथित अपराध को अंजाम दिया गया। बिशप ने अदालत को बताया कि पुलिस ने जबरन उसके रक्त और लार के नमूने एकत्र किए थे। कोट्टयम मेडिकल कॉलेज अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बिशप को अदालत में पेश किया गया था, जहां उसे छाती में दर्द की शिकायत के बाद शुक्रवार की रात को भर्ती कराया गया था।

सूत्रों के मुताबिक अस्पताल के चिकित्सकों ने पुष्टि की है कि बिशप का स्वास्थ्य पूरीतरह बेहतर है। एक नन के साथ बार-बार दुष्कर्म करने तथा उसका यौन शोषण करने के आरोपी बिशप मुलक्कल को पिछले तीन दिनों तक गहन पूछताछ के बाद पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था।

रुपए की कमजोरी के चलते गाडिय़ों के दाम बढ़ा सकती हैं टोयोटा, मर्सिडीज बेंज

Toyota, Mercedes-Benz, can increase the prices of cars due to weakness of rupees

नई दिल्ली। लगातार कमजोर होते रुपये के चलते जापान की कार निर्माता कंपनी टोयोटा और जर्मनी की कार कंपनी मर्सिडीज-बेंज देश में अपनी कारों की कीमत में इजाफा करने पर विचार कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 72 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है। इससे वाहन कंपनियों की चिंताएं बढ़ी हैं।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उप प्रबंध निदेशक एन. राजा ने  कहा, ''मौजूदा समय में हम उच्च लागत को झेल रहे हैं। हालांकि रुपये में और गिरावट के चलते आने वाले दिनों में ऊंची लागत को और संभाल पाना मुश्किल होगा। हमें इस लागत को ग्राहकों तक हस्तांतरित करना होगा और इसके लिए हमें कीमतों में इजाफा करना होगा।"

टोयोटा किर्लोस्कर, भारत के किर्लोस्कर समूह और जापान के टोयोटा समूह का संयुक्त उपक्रम है। राजा ने कहा कि कंपनी अभी भी विशेष कलपुर्जों के लिए आयात पर निर्भर है। भले ही इसने पिछले कई सालों में अधिकतर कलपुर्जों में स्थानीय सामान की हिस्सेदारी बढ़ायी हो। टोयोटा किर्लोस्कर देश के भीतर कई तरह के वाहन बेचती है जिसमें स्थानीय तौर पर बनी हैचबैक कार इटियॉस लीवा से लेकर आयातित एसयूवी लैंड क्रूजर तक शामिल हैं।

हालांकि कंपनी के निर्यात बढ़ाने के सवाल पर राजा ने कहा कि कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के उपाध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) माइकल जॉप का भी मानना है कि रुपये की गिरती हालत कंपनी के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा, ''हमने विकास के आधार पर पिछले दो से तीन माह में पहले ही कीमतों में कुछ वृद्धि लागू की है। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में और गिरावट (रुपये) देखी गई है जो कि चिंता का विषय है। ऐसे में हम इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और यह समस्या और गहराती है तो कीमत बढ़ाना अपरिहार्य हो जाएगा।"

उल्लेखनीय है कि कंपनी ने इसी महीने कीमतों में चार प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की थी, ताकि बढ़ी लागत के प्रभाव को कम किया जा सके। इससे पहले इसी महीने होंडा कार्स ने कहा था कि रुपये की गिरावट की वजह से उसे एक बार अपने वाहनों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।

 

 



 
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