24 मई : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Friday, 24 May 2019 04:19:02 PM
24 May top 10 news

2019 का चुनाव दो विचारधाराओं की लड़ाई था: आरएसएस

Election of 2019 was the fight of two ideologies: RSS

नागपुर।  देश में हुए आम चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड बहुमत के साथ जोरदार वापसी के एक दिन बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस साल का लोकसभा चुनाव दो अलग अलग विचारधाराओं - जीवन का हिंदू तरीका और बहिष्कार तथा विभाजन की राजनीति- के बीच था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर सहकार्यवाह (संयुक्त महासचिव) मनमोहन वैद्य ने यहां एक बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से, स्वतंत्रता के बाद से चली आ रही वैचारिक लड़ाई अब ‘‘निर्णायक स्थिति’’ में पहुंच गई है।

चुनाव परिणामों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये उन्होंने कहा कि यह ‘भारत’ के एक उज्जवल भविष्य के लिए खुशी का दिन है। वैद्य ने कहा कि 2019 के आम चुनाव भारत में दो भिन्न विचारधाराओं के बीच प्रतिद्वंद्विता का रहा है। संघ नेता ने कहा, ‘‘एक विचारधारा प्राचीन अभिन्न मूल्यों के समग्र और सभी समावेशी विचार प्रक्रिया पर आधारित है, जिसे संसार में हिंदू जीवन पद्धति के रूप में जाना जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘जबकि दूसरी विचारधारा यह है कि जिसका गैर-भारतीय परिप्रेक्ष्य है और वह भारत को खंडित पहचान से देखती है। यह समाज को व्यक्तिगत लाभ के लिए जाति, भाषा, राज्य या धर्म के आधार पर बांटती है। वैद्य ने कहा कि यह चुनाव उस वैचारिक लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कि स्वतंत्रता के बाद से ही चल रही है। भाजपा का नाम लिये बिना वैद्य ने इसके ‘‘सशक्त नेतृत्व’’ और इसकी वैचारिक लड़ाई के समर्थन में लगे कार्यकर्ताओं को बधाई दी। 

अमेठी की जनता मानती है : राहुल से नहीं मिली वह आत्मीयता, जो राजीव से मिलती थी

Uttar Pradesh Amethi Lok Sabha seat

अमेठी। उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित अमेठी लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की जीत के पीछे अमेठी की जनता का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उन्हें वह आत्मीयता नहीं मिल सकी, जो उनके दिवंगत पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से मिलती थी। कांग्रेस का गढ़ माने जा रहे अमेठी सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष को 55 हजार 120 मतों के अंतर से पराजित किया।

इस चुनाव स्मृति को चार लाख 67 हजार 598 मत मिले जबकि कांग्रेस अध्यक्ष को चार लाख 12 हजार 867 मत प्राप्त हुए इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को 408,651 वोट मिले थे जबकि भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को 300,748 वोट मिले थे और कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री को 1,07,000 वोटों के अंतर से पराजित किया था। राहुल गांधी अमेठी से लगातार तीन बार सांसद रहे। उन्होंने 2009 में यह सीट 3,50,000 से भी ज्यादा मतों से जीती थी।

कांग्रेस अध्यक्ष यहां से पहली बार 2004 में चुन कर संसद पहुंचे थे। अमेठी के लोगों का कहना है कि राजीव गांधी के समय शुरू की गई कई परियोजनाएं और कार्यक्रम राहुल के सांसद रहते एक एक कर बंद हो गए, जिससे हजारों लोगों की रोजी रोजगार पर असर पड़ा। इसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने रोजगार के लिए अमेठी से पलायन किया।

उनका कहना है कि और तो और गांधी परिवार से बरसों से पूरी निष्ठा से जुड़े बुजुर्गों का भी मन टूटा दिखता है। उन्हें मलाल है कि गांधी परिवार की वर्तमान पीढी से उन्हें वह प्यार और इज्जत नहीं मिली, जो इसे पहले की पीढियों से मिला करती थी। अवकाश प्राप्त शिक्षक सुनील सिंह ने भाषा से कहा कि राजीव गांधी जीवन रेखा एक्सप्रेस साल में एक बार महीने भर के लिए अमेठी आती थी। इस ट्रेन पर डाक्टरों की विशेषज्ञ टीम होती थी, जो उपचार के साथ साथ सर्जरी भी करती थी।

इस सेवा से लाखों लोगों को फायदा हुआ। लेकिन यह सेवा राहुल के सांसद रहते बंद हो गई और इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा को बहाल करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। सिह की बात से सहमति जताते हुए किराना व्यापारी शशांक साहू ने बताया कि राजीव गांधी ने सम्राट बाइसिकिल्स नामक कंपनी स्थापित करने में मदद की थी। फैक्टरी घाटे में चली गयी और उसे बंद कर दिया गया  उसके बाद कंपनी की जमीन नीलामी पर लग गयी क्योंकि कंपनी पर कर्ज था। जमीन को राजीव गांधी चैरिटेबिल ट्रस्ट ने खरीद लिया।

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में राहुल गांधी ट्रस्टी हैं और किसानों को जमीन लौटाने की मांग को लेकर स्मृति ईरानी ने पांच साल तक लड़ाई लड़ी। स्मृति के अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय लोगों से किसानों की जमीन वापस लौटाने का वायदा किया है।

आंगनबाडी सेविका उषा तिवारी ने बताया कि राजीव गांधी सचल स्वास्थ्य सेवा के तहत नौ गाडियां गांव गांव जाकर गरीबों का इलाज करती थीं और मुफ्त में दवा बांटती थीं लेकिन यह सेवा भी राहुल के सांसद रहते ही बंद हो गयी और जनता की भारी मांग के बावजूद इसे पुन: शुरू कराने का प्रयास नहीं किया गया।

बुजुर्ग शमशुद्दीन ने बताया कि राजीव गांधी गांव गांव घर घर जाकर एक एक व्यक्ति से व्यक्तिगत तौर पर मिलते थे और इससे उनका अमेठी की जनता के साथ आत्मीय संबंध कायम हो गया था, राहुल ने अमेठी के दौरे तो बहुत किये लेकिन कहीं न कहीं लोगों के साथ वह सीधा संवाद नहीं स्थापित कर पाये, जो राजीव गांधी के साथ होता था।

उन्होंने कहा​ कि राजीव गांधी के समय के पुराने और निष्ठावान कांग्रेसी धीरे धीरे पार्टी से दूर होते चले गये जबकि सच्चाई यह है कि ये लोग ही पार्टी के चुनाव अभियान की पूरी कमान संभालते थे। अगर ये लोग साथ होते तो शायद नतीजे राहुल के पक्ष में नजर आते। दरअसल, अमेठी संसदीय सीट को कांग्रेस का दुर्ग कहा जाता है और इस सीट पर इससे पहले तक 16 लोकसभा चुनाव और 2 उपचुनाव हुए हैं। इनमें से कांग्रेस ने यहां 16 बार जीत दर्ज की है ।

1977 में लोकदल और 1998 में भाजपा को यहां से जीत मिली थी जबकि बसपा और सपा इस सीट से अभी तक अपना खाता भी नहीं खोल सकी है। इस संसदीय क्षेत्र के गौरीगंज सब्जी मंडी में सब्जी का थोक कारोबार करने वाले धनंजय कुमार मौर्य ने बताया कि अमेठी से सांसद रह चुके कैप्टन सतीश शर्मा के समय बनी मालविका स्टील फैक्टरी भी राहुल के ही समय में बंद हो गई। किसानों की जो जमीन गई, वह तो गई ही। साथ ही दस हजार लोग बेरोजगार हो गए।

ये वही बेरोजगार थे, जिन्हें किसानों से जमीन के बदले एक परिवार से एक व्यक्ति को फैक्टरी में  रोजगार के लिए रखा गया था। अमेठी लोकसभा सीट के तहत पांच विधानसभा सीटें आती हैं, इनमें अमेठी जिले की तिलोई, जगदीशपुर, अमेठी और गौरीगंज सीटें शामिल है जबिक रायबरेली जिले की सलोन विधानसभा सीट आती है।

2017 में हुए विधानसभा चुनाव में 5 सीटों में से 4 सीटों पर भाजपा और महज एक सीट पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी। सोनिया गांधी ने राजनीति में जब कदम रखा तो उन्होंने 1999 में अमेठी को ही अपनी कर्मभूमि बनाया था। वह इस सीट से जीतकर पहली बार सांसद बनी, लेकिन 2004 के चुनाव में उन्होंने अपने बेटे राहुल गांधी के लिए ये सीट छोड़ दी और इसके बाद से राहुल ने लगातार तीन बार यहां से जीत हासिल की। 

लोकसभा की दहलीज लांघने से पहले ही विवादों में घिर गए शफीकुर्रहमान, कहा-संसद में नहीं गाएंगे वन्देमातरम

Shafiqurrahman said- Vande Mataram will not sing in Parliament

संभल। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के नवनिर्वाचित सांसद डॉ शफीकुर्रहमान बर्क लोकसभा की दहलीज लांघने से पहले ही विवादों में घिर गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी के खिलाफ पौने दो लाख मतों से जीत हासिल करने के बाद सपा सांसद ने पत्रकारों से कहा कि मै वंदेमातरम को फालो नहीं करता हूं।

यह कोई मुद्दा नहीं है। इससे पहले डा. वर्क सांसद रहते हुए वर्ष 2013 में भी विवादित बयान देकर सुर्खियों रहे थे जब उन्होने संसद में वन्देमातरम के समय वाक आउट कर दिया था हालांकि इसके चलते उन्हें चौतरफा विरोध झेलना पड़ा था। सपा सांसद से पत्रकारों ने सवाल किया था कि वह शपथ ग्रहण के समय तो वन्देमातरम गाएंगे, जिसके जवाब में डा बर्क ने वन्देमातरम न गाने की बात दोहरायी। उन्होने कहा कि जनमत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल के पक्ष में गया है।

मुरादाबाद मंडल से भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है। लोकसभा चुनावों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता ने संगठित होकर गठबंधन को स्वीकारा है। यह केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि समूचे देश के लिए मिसाल की बानगी है। उन्होंने कहा कि संभल में रेल सुविधाओं को पूर्व की भांति फिर से लोकसभा में उठाया जाएगा। मजबूत विपक्ष के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश मे विकास के मुद्दों को उठाने के लिए फिर से आवाज बुलंद की जाएंगी।

सभी से सीख लूंगी, भोपाल के विकास की रहेगी कोशिश : प्रज्ञा

I will learn from all, we will continue to try best in Bhopal: Pragya

भोपाल। मध्यप्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से नवनिर्वाचित सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने आज अपनी प्रचंड जीत के बाद कहा कि वे सभी से सीख लेंगी और भोपाल संसदीय क्षेत्र के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगी। ठाकुर आज अपनी जीत के बाद यहां स्थित प्रदेश कार्यालय पहुंची। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने भाजपा के पितृपुरुषों को याद करते हुए सभी कार्यकर्ताओं और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता उनकी जीत के लिए भीषण गर्मी में मेहनत करते रहे।

ठाकुर ने कहा कि 70 साल तक शोषित जीवन जीते रहे राष्ट्र ने पिछले पांच सालों में इससे उबरने के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दोबारा विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि वे राजनीति में नई हैं और इसीलिए सभी से सीख रही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि आने वाले पांच साल अपने कार्यकाल में भोपाल के विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगी। ठाकुर ने भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह को करीब तीन लाख 65 हजार मतों से हराया है। 

पाकिस्तान ने आतंकवाद को समर्थन बंद नहीं किया तो उसके साथ नहीं होगी कोई बातचीत : श्रृंगला

If Pakistan does not stop supporting terrorism then there will be no talks with him: Shringla

वाशिंगटन। अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने कहा कि पाकिस्तान ने अगर आतंकवादी का साथ देने की नीति नहीं छोड़ी तो भारत उसके साथ बातचीत नहीं कर सकता है। गौरतलब है कि श्रृंगला का यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकसभा चुनाव 2019 में भारी बहुमत से मिली जीत के बाद आया है।

पुलवामा हमले के बाद राष्ट्रवाद आम चुनावों में बड़ा मुद्दा था। श्रृंगला ने यहां अमेरिकी संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए शांति वार्ता की जिम्मेदारी अब पाकिस्तान के कंधों पर है। राजदूत ने कहा कि जब तक कोई देश आतंकवाद को राष्ट्रीय नीति के तौर इस्तेमाल करता रहेगा और भारत उस नीति से प्रभावित होता रहेगा, तक तब किसी भी (भारत) सरकार को ऐसे देश से बातचीत करने का जनादेश नहीं मिलेगा।

भारत-पाक संबंधों के भविष्य पर किए गए सवाल के जवाब में श्रृंगला ने कहा कि पाकिस्तान जिसदिन अपने मतलब के लिए आतंकवाद का इस्तेमाल करना बंद कर देगा कि मुझे लगता है उसदिन सरकार अपने जनादेश के भीतर रहते हुए अपने पश्चिमी पड़ोसी के साथ बेहतर संबंधों की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हर भारतीय की इच्छा पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध रखने की है। आप बांग्लादेश, नेपाल, भूटाना, श्रीलंका, मालदीव, अफगानिस्तान के साथ हमारे संबंधों को देखें। हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं।

इन बॉलीवुड स्टार्स की चमक से रोशन होगा संसद भवन

Parliament will illuminate the glow of these Bollywood stars

मुंबई। लोकसभा के महासंग्राम में इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने फिल्मी सितारों पर दांव लगाया जिनमें से कई संसद तक पहुंचने में कामयाब हुए। लोकसभा चुनाव का शंखनाद होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने बॉलीवुड सितारों को चुनावी समर में उतार दिया। आम तौर पर माना जाता है कि फिल्मी कलाकार चुनावी सभाओं में केवल भीड़ जुटाने में सक्षम होते हैं लेकिन यह धारणा अब टूटने लगी है। फिल्मी सितारे भीड़ जुटाने के अलावा कुछ लोगों के लिए 'रोल मॉडल’ भी होते हैं और जनता उनकी बातों का अनुसरण करती है। इसी को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों ने सितारों को चुनावी समर में उतारा है ताकि उनकी जीत थोड़ी आसान हो जाए।

भाजपा के टिकट पर ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी, सनी देओल ,जया प्रदा ,केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, केन्द्रीय मंत्री एवं अभिनेत्री स्मृति इरानी, भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल यादव निरूहुआ, किरण खेर, बाबुल सुप्रियो , हंस राज हंस चुनावी अखाड़े में उतरे। वहीं कांग्रेस की टिकट पर बॉलीवुड के शॉटगन शत्रुध्न सिन्हा, राज बब्बर, रंगीला गर्ल उर्मिला मतोड़कर, तृणमूल कांग्रेस से बंगला और हिंदी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री मुनमुन सेन ,शताब्दी राय, नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती लोकसभा के महासंग्राम में अपनी किस्मत आजमायी। 

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की ओर से केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान के पुत्र और सिने अभिनेता चिराग पासवान एक बार फिर चुनावी दंगल में ताल ठोकते नजर आए। जाने माने चरित्र अभिनेता प्रकाश राज भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी समर में अपनी सियासी पारी का आगाज किया। हेमा मालिनी एक बार फिर मथुरा संसदीय सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव मैदान में उतरीं। वर्ष 2014 में भी हेमा मालिनी ने मथुरा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। हेमा के सामने राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के जयंत चौधरी थे। ऐसे में कांटे की टक्कर मानी जा रही थी लेकिन ब्रजवासियों ने हेमा मालिनी को जमकर वोट दिए जिसके कारण हेमा मालिनी ने अपने प्रतिद्बंदी जयंत चौधरी को उनके गढ में तीन लाख से ज्यादा वोटों से हराया। इस बार भी हेमा मालिनी ने जीत हासिल की। इस बार उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल और गठबंधन के उम्मीदवार नरेंद्र सिंह को पराजित किया।

सनी देओल ने इस बार के चुनाव में राजनीति में प्रवेश किया। सनी देओल ने पंजाब की गुरदासपुर सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा। सनी देओल ने कांग्रेस के सुनील कुमार जाखड़ को शिकस्त दे दी। केन्द्रीय मंत्री और जाने माने पार्श्वगायक बाबुल सुप्रियो ने एक बार फिर आसनसोल संसदीय सीट से अपनी किस्मत आजमायी। 

वर्ष 2014 के चुनाव में बाबुल सुप्रियो ने तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी डोला सेन को पराजित किया था। इस बार के चुनाव में बाबुल सुप्रियो की टक्कर बांकुरा सीट से निवर्तमान सांसद और तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी मुनमुन सेन से हुई। बाबुल सुप्रीयो ने मुनमुन सेन को करीब दो लाख वोट से पराजित किया। भाजपा के टिकट पर केन्द्रीय मंत्री और छोटे पर्दे की मशहूर अभिनेत्री स्मृति इरानी एक बार फिर से अमेठी संसदीय सीट से चुनाव लड़ीं जहां उनका मुकाबला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से हुआ। स्मृति इरानी ने पिछले आम चुनाव में भी अमेठी सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें राहुल गांधी से शिकस्त मिली थी।  इस बार स्मृति इरानी ने कांग्रेस प्रत्याशी राहुल गांधी को मात दे दी। चंडीगढ से निवर्तमान सांसद किरण खेर ने इस बार भी भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा। इस बार उनके सामने यहां कांग्रेस के दिग्गज नेता पवन कुमार बंसल थे। किरण खेर ने पवन कुमार बंसल को पराजित किया।

भोजपुरी के मेगास्टार रवि किशन ने भाजपा की टिकट पर गोरखपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। रवि किशन के सामने चुनौती के लिए कांग्रेस के मधुसूदन त्रिपाठी और सपा के रामभुआल निषाद मैदान में उतरे थे। रवि किशन ने राम भुआल निषाद को तीन लाख से अधिक मतों से पराजित कर जीत हासिल की। भोजपुरी सुपरस्टार गायक और अभिनेता मनोज तिवारी ने नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली लोकसभा सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा मनोज तिवारी के सामने कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थी। मनोज तिवारी ने साढ़े तीन लाख वोट से अधिक मतों के अंतर से शीला दीक्षित को हराया।

भाजपा की टिकट पर उत्तर पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से जाने माने गायक हंस राज हंस चुनावी रणभूमि में उतरे और जीत हासिल की। जानी मानी अभिनेत्री जया प्रदा हाल ही में भाजपा में शामिल हुयीं। जया प्रदा ने रामपुर सीट से चुनाव लड़़ा।जया प्रदा की टक्कर समाजवादी पार्टी (सपा) के दिग्गज नेता आजम खां से हुई। आजम खान ने एक लाख से अधिक वोट से जीत दर्ज की। चिराग पासवान ने एक बार फिर जमुई (सु) सीट से लोजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।भोजपुरी सिनेमा के एक और सुपरस्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं और आजमगढ़ सीट से चुनावी समर में ताल ठोकते नजर आए। निरहुआ का मुकाबला उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रत्याशी अखिलेश यादव से हुआ। अखिलेश यादव ने निरुहुआ को ढ़ाई लाख से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर दिया।

न्यूजीलैंड के खिलाफ तैयारी परखेगी टीम इंडिया

Team India will seek preparation for New Zealand

लंदन। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बेहतरीन संयोजन और स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली के नेतृत्व वाली भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में आईसीसी विश्वकप से पूर्व अपनी तैयारियां परखने उतरेगी। 30 मई से शुरू होने जा रहे आईसीसी विश्वकप में भारतीय टीम दो अभ्यास मैच खेलेगी जिसमें पहला मुकाबला वह केनिंग्टन ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ शनिवार को खेलेगी।

यह गैर आधिकारिक अभ्यास मैच टीम इंडिया के प्रदर्शन और उसकी तैयारियों को परखने के लिहाज़ से बहुत अहम होगा जिसके सभी खिलाड़ी इसी माह समाप्त हुए इंडियन प्रीमियर लीग टी-20 टूर्नामेंट की व्यस्तता के बाद सीधे ब्रिटेन पहुंचे हैं। भारत ने अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने ही घरेलू मैदान पर खेली थी जिसमें उसे 2-3 से शिकस्त झेलनी पड़ी, इसके बाद विश्वकप टीम के सभी खिलाड़ी आईपीएल में  अपनी अपनी टीमों के लिए खेलने उतरे।

ऐसे में तैयारी के लिहाज़ से उसके दोनों अभ्यास मैच काफी महत्वपूर्ण होंगे जहां खिलाड़ियों को यहां की परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढालने में मदद मिलेगी जबकि टीम प्रबंधन के पास भी संयोजन परखने का मौका होगा। भारतीय टीम प्रबंधन के लिए चौथे क्रम को लेकर भी स्थिति काफी पेचीदा रही है जहां फिलहाल लोकेश राहुल और कम अनुभव के बावजूद विश्वकप टीम में जगह बनाने को लेकर सुर्खियां बटोरने वाले ऑलराउंडर विजय शंकर प्रमुख दावेदार हैं।

भारत के खिलाफ शनिवार को अभ्यास मैच में नहीं खेलेंगे लाथम

Latham will not play in India's practice match on Saturday

लंदन। न्यूजीलैंड के विकेटकीपर टाम लाथम अंगुली में चोट के कारण विश्व कप की तैयारियों के लिये टीम के अभ्यास मैचों में नहीं खेल पायेंगे। कप्तान केन विलियमसन ने कहा कि लाथम की जगह टाम ब्लंडेल खेलेंगे। विलियमसन ने ‘कैप्टन्स डे’ कंाफ्रेंस में पुष्टि की, ‘‘टाम लाथम पहले दो अभ्यास मैचों के लिये उपलब्ध नहीं होंगे।

न्यूजीलैंड को अभ्यास मैचों में शनिवार को पहले भारत से भिडऩा है और फिर उसका सामना 28 मई को वेस्टइंडीज से होगा। सत्ताईस वर्षीय लाथम को आस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम अभ्यास मैच के दौरान अंगुली में चोट लगी थी जिसके बाद टीम विश्व कप के लिये ब्रिटेन रवाना हुई थी। कप्तान ने कहा, ‘‘हम उम्मीद कर कि वह तेजी से चोट से उबर जाये। हालांकि एक जून को श्रीलंका के खिलाफ न्यूजीलैंड के शुरूआती मैच में उनकी उपलब्धता के बारे में अभी कुछ भी चीज स्पष्ट नहीं है।

पांच लाख रुपए तक की कर योग्य आय वाले वरिष्ठ नागरिक बैंक ब्याज पर ले सकते हैं टीडीएस छूट

Senior citizens with taxable income upto Rs. 5 lakhs can get TDS exemption on interest bank

नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा है कि पांच लाख रुपए तक की कर योग्य आय वाले वरिष्ठ नागरिक अब बैंकों और डाकघरों में जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज आय पर टीडीएस कटौती से छूट के लिए फार्म 15एच को जमा करा सकते हैं। इससे पहले स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) की यह सीमा ढाई लाख रुपए तक थी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अब फार्म 15एच में संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। 

यह संशोधन बजट में की गई घोषणा को अमल में लाने के लिए है। वर्ष 2019- 20 के बजट में पांच लाख रुपए तक की कर योग्य आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं को कर से पूरी तरह छूट दी गई है। इसका लाभ तीन करोड़ मध्यम वर्ग के करदाताओं को मिलेगा। सीबीडीटी के संशोधन में कहा गया है कि आयकर कानून 1961 की धारा 87ए के तहत दी गई छूट को ध्यान में रखते हुए जिन करदाताओं की कर देनदारी शून्य है बैंक और वित्तीय संस्थान अब ऐसे करदाताओं से फार्म 15एच स्वीकार कर सकते हैं। 

साठ साल से ऊपर आयु के वरिष्ठ नागरिकों को वित्त वर्ष की शुरुआत में फार्म 15एच भरकर देना होता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी ब्याज आय पर कोई कर कटौती नहीं की जा सके। उल्लेखनीय है कि 2019- 20 के बजट में पांच लाख रुपए सालाना की आय रखने वालों को आयकर की धारा 87ए के तहत कर छूट को 2,500 रुपए से बढ़ाकर 12,500 रुपए कर दिया गया था। इसमें पांच लाख रुपए तक की कर योग्य आय वाले कर देनदारी से मुक्त हो गए। 

623 अंक की वृद्धि के साथ 39,435 के स्तर पर बंद हुआ सेंसेक्स

Sensex closes at 39435 level with 623 points up

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार आज सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बढ़त के साथ हरे निशान पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर भी ये बढ़त के साथ ही हरे निशान पर बंद हुआ। बढ़त के इस माहौल में कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 623.33 अंक यानि 1.61 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 39,434.72 के स्तर पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पचास शेयरों वाले निफ्टी में भी कारोबार की समाप्ति पर बढ़त देखने को मिली और ये 187.05 अंक यानि 1.60 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,844.10 के स्तर पर बंद हुआ।

गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान सुबह शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये लाल निशान पर पहुंचकर बंद हुआ। कारोबार की शुरूआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 592.87 अंक यानि 1.52 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 39,703.08 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 298.82 अंक यानि 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38,811.39 के स्तर पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी कारोबार की शुरूआत में 173.00 अंक यानि 1.47 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,915.60 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 80.85 अंक यानि 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,657.05 के स्तर पर बंद हुआ।



 

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