कन्हैया कुमार का भाजपा पर वार- हम देश के नहीं, भाजपा का टुकड़े-टुकड़े करेंगे

Samachar Jagat | Saturday, 11 Jan 2020 08:20:02 PM
3700516679872106

जेएनयू में छात्रों के साथ हुई हिंसा को लेकर देश भर में सभ्य समाज और युवाओं-छात्रों में आक्रोश है. पुलिस की भूमिका पर तो सवाल खड़े हो ही रहे हैं, जेएनयू के वीसी और केंद्र सरकार भी कठघरे में है. पुलिस चार दिन के बाद भी हिंसा में शामिल छात्रों की न तो पहचान कर पाई है और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की है. गुरुवार को जेएनयू छात्र संघ और जेएनयू के शिक्षक एसोसिएशन ने विरोध मार्च निकाला. इस मार्च में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई के नेता कन्हैया कुमार भी शामिल हुए.



loading...

दिल्ली में मंडी हाउस से मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक निकाले गए इस मार्च के दौरान कन्हैया कुमार ने भाजपा और गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री हमे टुकड़े-टुकड़े गिरोह कहकर बुलाते हैं. तो मैं उनको बस इतना बता देना चाहता हूं कि हम देश के टुकड़े नहीं बल्कि भाजपा के टुकड़े करेंगे. कन्हैया कुमार ने इस दौरान कहा कि जेएनयू कहता है कि इस देश में जनता की चुनी हुई सरकार है, जनता ने टैक्स दिया है. सरकार जो प्राइवेट जहाज पर उड़ती है, जो अपने दोस्तों को बड़े ठेके दिलाती है. उस सरकार की यह भी जिम्मेदारी है कि वह शिक्षण संस्थान को बचाए, रेलवे को बचाए. राष्ट्रवाद के नाम पर सरकार राष्ट्रीय संपत्ति को बेचना बंद करे.

कन्हैया ने कहा कि केंद्र सरकार को लगता है कि कभी रिजर्वेशन को गाली देकर, कभी मेरिट का तर्क देकर हमारी लड़ाई को गुमराह कर देंगे. हम आपसे बहस के लिए तैयार हैं. मेरिट ये होता है कि इस विश्वविद्यालय में गरीब से गरीब बच्चे अपने मेरिट से यहां पढ़ने आ सकें. कन्हैया कुमार ने कहा कि जेएनयू सिर्फ आज की पीढ़ी के लिए नहीं लड़ता है. वह आने वाली नस्लों के लिए भी लड़ता है. हम सिर्फ अपने लिए नहीं जीना सीखते हैं. कन्हैया ने कहा कि इस देश का संविधान सभी नागरिकों को पढ़ने और सपने देखने का अधिकार देता है. आप हमारे सपने को मार देना चाहते हैं, हम नहीं मरने देंगे अपने सपने. आपको भ्रम हैं कि पुलिस से पिटवा कर हम इन्हें रोक देंगे. कुछ दिन पहले कन्हैया कुमार ने कहा था कि जेएनयू सदैव उन मुद्दों की चर्चा करता है जिनकी खबर भी नहीं बनती. सरकार ने गलती कर दी है. उन्होंने एक बुद्धिमान और मेहनती शत्रु को चुन लिया है. उन्होंने कहा था कि जब उन्हें टुकड़े टुकड़े गैंग का नेता कहा जाता है तो वे गौरवान्वित महसूस करते हैं.

दीपिका पादुकोण के जेएनयू कैंपस जाने के सवाल पर कन्हैया कुमार ने कहा कि दीपिका पादुकोण जेएनयू कैंपस में आने से पहले तक देशभक्त थीं लेकिन जब वे हिंसा में घायल हुए छात्रों का साथ देने कैंपस आईं तो कुछ लोगों के लिए एकाएक देशद्रोही हो गईं. कन्हैया कुमार ने कहा कि जब वे प्रधानमंत्री मोदी के लिए प्रचार करती हैं तो देशभक्त होती हैं लेकिन जेएनयू आती हैं तो देशद्रोही. आपने देखा होगा कि जब दीपिका जेएनयू आईं तो उन्होंने न तो कुछ कहा न ही हमारे साथ नारे लगाए और न ही किसी का नाम लिया. वे चुप थीं. उन्होंने घायल छात्रों से मुलाकात की और चली गईं. अब भाजपा वाले दीपिका की फिल्म का बहिष्कार करने को कह रहे हैं. मुझे तो हैरानी है कि जेएनयू में आने के बाद दीपिका ने न तो किसी पार्टी का नाम लिया न ही किसी विचारधारा की बात की और न ही नारे लगाए. फिर उनकी फिल्म क्यों न देखी जाए. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


loading...


 
loading...

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!




Copyright @ 2020 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.