फिर सामने आया प्रज्ञा सिंह ठाकुर का गोडसे प्रेम, संसद में नाथूराम को बताया देशभक्त

Samachar Jagat | Thursday, 28 Nov 2019 07:27:39 AM
3838193934379016

मालेगांव बम धमाके की आरोपी और जमानत पर रिहा भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का विवाद पीछा ही नहीं छोड़ रहा है. चुनाव के समय से ही वे विवादों में रहीं. उन्होंने लगातार ऐसे बयान दिए जिसे लेकर पार्टी की भी खूब फजीहत हुई. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें लताड़ा था. बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहने की वजह से नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे साध्वी प्रज्ञा को दिल से माफ नहीं करेंगे. लेकिन लगता है कि साध्वी प्रज्ञा या तो अपने को पार्टी से बड़ा मानतीं हैं या फिर पार्टी सिर्फ दिखावे के लिए उनसे सफाई मांगती है क्योंकि प्रज्ञा ठाकुर के आचरण से तो लगता नहीं है कि वे सुधर गई हैं. गोडसे को देशभक्त कहने की वजह से बैकफुट पर गई भाजपा एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर है क्योंकि इस बार साध्वी प्रज्ञा ने संसद में गोडसे को देशभक्त बताया. रक्षा समिति में उन्हें शामिल किए जाने को लेकर विवाद चल ही रहा था कि अब उन्होंने फिर से विवाद खड़ा कर डाला है.


loading...

भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का हवाला ‘देशभक्त' के तौर पर दिया जिसे लेकर कांग्रेस सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया. सदन में जब द्रमुक सदस्य ए राजा ने चर्चा में भाग लेते हुए नकारात्मक मानसिकता को लेकर गोडसे का उदाहरण दिया तो प्रज्ञा अपने स्थान पर खड़ी हो गईं और कहा कि ‘देशभक्तों का उदाहरण मत दीजिए'. इस पर कांग्रेस के कई सदस्यों ने आपत्ति जताई और यह आरोप लगाया कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर को प्रधानमंत्री का संरक्षण मिला हुआ है. इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी भोपाल से भाजपा सदस्य प्रज्ञा को बैठने का इशारा करते नजर आए.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस सदस्यों से कहा कि सिर्फ ए राजा की बात रिकॉर्ड में जा रही है. वैसे प्रज्ञा सिंह पहले भी गोडसे को ‘देशभक्त' बता चुकी हैं जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था. ए राजा ने साध्वी प्रज्ञा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि सचमुच यह सकते में डालने वाला था कि कोई सांसद सदन में बापू के हत्यारे को देशभक्त बता डाले.

वैसे प्रज्ञा सिंह ठाकुर पहले भी महात्मा गांधी का अपमान करती रहीं हैं. कुछ दिनों पहले ही ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की जगह राष्ट्रपुत्र बताया था. भोपाल रेलवे स्टेशन के एक कार्यक्रम में प्रज्ञा ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा था कि गांधीजी राष्ट्रपुत्र हैं. गांधीजी इस धरा के सपूत हैं. राम इस धरा के पुत्र हैं. महाराणा प्रताप, शिवाजी महाराज इस धरा के पुत्र हैं. उन्होंने कहा कि देश के लिए जिसने सराहनीय कार्य किया है, निश्चित रूप से वे हमारे लिए आदरणीय हैं. हम उनके बताए रास्ते पर चलते हैं.

इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान मध्यप्रदेश के आगर मालवा में प्रज्ञा ने महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था, जिस पर काफी बवाल हुया था. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे इस बयान के लिए उन्हें कभी मन से माफ नहीं कर पाएंगे. हालांकि, इसके कुछ ही घंटों बाद तब प्रज्ञा ने अपने इस बयान पर देश के लोगों से माफी मांगते हुए कहा था कि मैं गांधी जी का बहुत सम्मान करती हूं. गांधी जी ने जो देश के लिए किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


loading...


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!




Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.