इस वर्ष 618 किसानों ने की आत्महत्या

Samachar Jagat | Thursday, 13 Sep 2018 04:00:01 PM
618 farmers suicides this year

औरंगाबाद (महाराष्ट्र) । महाराष्ट्र के मराठवाडा क्षेत्र में इस वर्ष एक जनवरी से नौ सितंबर तक फसल की बर्बादी और कर्ज से परेशान 618 किसानों ने आत्महत्या कर ली। मंडलायुक्त के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सूखा प्रभावित बीड जिले में सबसे अधिक 125 किसानों ने आत्महत्या की। सबसे कम हिगोली जिले में 42 किसानों ने खुदकुशी की है। 

दलितों के खिलाफ अपराध के मामले में भी नहीं होगी 'नियमित’ गिरफ्तारी: न्यायालय 

उस्मानाबाद जिले में 100, औरंगाबाद में 87, परभणी में 85 तथा नांदेड और जालना जिला में 62-62 किसानों ने आत्महत्या की। आत्महत्या के पीछे कर्ज, बारिश की कमी और फसल के खराब होने के साथ ही अन्य कारण बताते गये हैं। कुल 618 आत्महत्या के मामलों में 368 को सरकारी सहायता के योग्य पाया गया है जबकि 166 मामलों को जांच के बाद खारिज कर दिया गया। 84 मामले अभी जांच के लिए लंबित हैं।  

2019 चुनाव: महाराष्‍ट्र में BJP और शिवसेना को हराने के लिए ये है कांग्रेस की रणनीति 

मराठवाडा में बारिश की कमी के कारण सूखे जैसी स्थिति है। इस महीने के अंत तक मानसून मौसम लगभग समाप्त हो जायेगा और वहां अब तक 39 प्रतिशत बारिश कम हुयी है। क्षेत्र की कई सिचायी परियोजनाओं में औसतन 34 प्रतिशत जल बचा है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो, बता दें कि महाराष्ट्र में वर्ष 2001 से अक्टूबर 2017 के बीच करीब 26,339 किसानों ने आत्महत्या की, इनमें से 12,805 ने कर्ज और बंजर जमीन के कारण यह कदम उठाया।  

चुनाव आयोग ने राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों में हटाया 'Nota' का विकल्प 

विधानसभा चुनाव: AIMI ने प्रत्याशियों की पहली सूची की जारी, गठबंधन पर बातचीत के लिए कांग्रेस ने बनाई समिति 

बढ़ेगी आशाकर्मियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि, PM मोदी ने की घोषणा

आयकर विभाग से न्यायालय का सवाल - क्या जयललिता का कोई वारिस है? 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.