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Samachar Jagat | Thursday, 09 Aug 2018 04:46:46 PM
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Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

सांसदों-विधायकों की अयोग्यता: राजनीति में अपराधीकरण का प्रवेश नहीं होना चाहिए: कोर्ट

Disqualification of lawmakers and legislators: criminality should not be entered into politics: court

नई दिल्ली। गंभीर अपराधिक मुकदमों का सामना कर रहे व्यक्तियों के चुनाव लडऩे पर प्रतिबंध के लिए दायर याचिकाओं पर गुुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई शुरू हो गई। न्यायालय ने प्रारंभ में ही टिप्पणी की कि ‘‘हमारी राजनीतिक व्यवस्था’’ में ‘अपराधीकरण’ का प्रवेश नहीं होना चाहिए। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने अधिकारों का बंटवारा करने के सिद्धांत का हवाला दिया और कहा कि अदालतों को ‘‘लक्ष्मण रेखा’’ नहीं लांघनी चाहिए और कानून बनाने के संसद के अधिकार के दायरे में नहीं जाना चाहिए।

संविधान पीठ ने कहा कि यह लक्ष्मण रेखा उस सीमा तक है कि हम कानून घोषित करते हैं। हमे कानून बनाने नहीं है, यह संसद का अधिकार क्षेत्र है। संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर,न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा शामिल हैं। केन्द्र की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि यह विषय पूरी तरह संसद के अधिकार क्षेत्र का है और यह एक अवधारणा है कि दोषी ठहराए जाने तक व्यक्ति को निर्दोष माना जाता है।

पीठ ने मंत्रियों द्वारा ली जाने वाली शपथ से संबंधित सांविधान के प्रावधान का हवाला दिया और जानना चाहा कि क्या हत्या के आरोप का सामना करने वाला व्यक्ति भारत के संविधान के प्रति निष्ठा बनाए रखने की शपथ ले सकता है। इस पर वेणुगोपाल ने कहा कि इस शपथ में ऐसा कुछ नहीं है जो यह सिद्ध कर सके कि आपराधिक मामले का सामना कर रहा व्यक्ति संविधान के प्रति निष्ठा नहीं रखेगा और यही नहीं, संविधान में निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार के प्रावधान हैं और दोषी साबित होने तक एक व्यक्ति को निर्दोष माना जाता है।

इससे पहले, आज सुनवाई शुरू होते ही गैर सरकारी संगठन पब्लिक इंटरेस्ट फाउण्डेशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश द्विवेदी ने दावा किया कि 2014 में संसद में 34 प्रतिशत सांसद आपराधिक पृष्ठभूमि वाले थे और यह पूरी तरह ‘असंभव’ है कि संसद राजनीति के अपराधीकरण को रोकने के लिये कोई कानून बनाएगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति के अपराधीकरण के मुद्दे पर शीर्ष अदालत को ही विचार करना चाहिए। 3 सदस्यीय खंडपीठ ने 8 मार्च, 2016 को इस मामले को 5 सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजा था। इस मामले को संविधान पीठ के पास भेजते हुये प्रधान न्यायाधीश ने कहा था कि वृहद पीठ इस सवाल पर विचार करेगी कि क्या आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे विधि निर्माता को दोषी ठहराए जाने पर अथवा आरोप निर्धारित होने पर अयोग्य घोषित किया जा सकता है?

बीजेपी नेता और अधिवक्ता अश्वनी कुमार उपाध्याय ने भी चुनाव सुधारों और राजनीति को अपराधीकरण और सांप्रदायीकरण से मुक्त करने का केन्द्र और अन्य को निर्देश देने के अनुरोध के साथ याचिका दायर कर रखी है।

इससे पहले, शीर्ष कोर्ट ने आपराधिक मामलों में मुकदमों का सामना कर रहे विधायकों और सांसदों के मुकदमों की सुनवाई एक वर्ष के भीतर पूरी करने का निचली अदालतों के लिए समय सीमा निर्धारित की थी। शीर्ष कोर्ट ने सांसदों और विधायकों की संलिप्तता से संबंधित सारे आपराधिक मुकदमों की दैनिक आधार पर सुनवाई करने पर जोर दिया था। निचली अदालतों के लिए ऐसे मामलों में एक साल के भीतर ट्रायल पूरा करने की समय सीमा तय कर रखी है। 

थाईलैंड की कोर्ट ने छोटा शकील के करीबी के प्रत्यर्पण के लिए भारत के पक्ष में दिया फैसला

Thailand court decides in favor of India for extradition of Chhota Shakeel

मुंबई। थाईलैंड की एक कोर्ट ने गैंगस्टर छोटा शकील के करीबी सहायक मुदस्सर हुसैन सय्यद उर्फ मुन्ना झिंगाडा के प्रत्यर्पण के लिए भारत के अनुरोध के पक्ष में फैसला सुनाया है। झिंगाडा को पाकिस्तान अपना नागरिक होने का दावा करने की कोशिश कर रहा था।

एक अधिकारी ने गुरुवार को यहां बताया कि बैंकॉक में एक कोर्ट ने कल फैसला सुनाया और यह थाई भाषा में है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय अदालत में मुंबई अपराध शाखा की ‘‘जीत’’ बताया। अदालत का यह आदेश अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के लिए झटका माना जा रहा है क्योंकि भझगाडा के प्रत्यर्पण से पाकिस्तान में दाऊद के होने के भारत के दावे को मदद मिल सकती है।

दाऊद 1993 मुंबई के श्रंखलाबद्ध बम धमाकों का मुख्य आरोपी है। इन धमाकों में करीब 257 लोग मारे गए थे, 713 गंभीर रूप से घायल हुए थे और 27 करोड़ रुपए की संपत्ति बर्बाद हुई थी। मुंबई अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि थाईलैंड की अदालत ने झिंगाडा के भारतीय नागरिक होने के कारण उसके प्रत्यर्पण के लिए भारत के अनुरोध के पक्ष में फैसला सुनाया।

उन्होंने बताया कि अदालत ने झिंगाडा को फैसले को चुनौती देने के लिए एक महीने का समय दिया है। इस बीच थाईलैंड में भारतीय दूतावास उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए उसके खिलाफ एक वारंट जारी करेगा। मुंबई में जोगेश्वरी का रहने वाला और छोटा शकील का करीबी साथी 50 वर्षीय भझगाडा दाऊद के कहने पर छोटा राजन को मारने 2000 में बैंकॉक गया था।

राजन उस हमले में बच गया था लेकिन उसका करीबी सहयोगी रोहित वर्मा मारा गया था।हमले के बाद भझगाडा पाकिस्तान भाग गया था और वह पाकिस्तानी पासपोर्ट के साथ 2001 में थाईलैंड लौटा। इसके बाद उसे थाईलैंड में गिरफ्तार कर लिया गया और राजन पर हमले के मामले में दोषी ठहराया गया। अधिकारी ने बताया कि झिंगाडा को 16 साल की जेल की सजा हुई।

पिछले कुछ वर्षों से भारत लगातर उसके प्रत्यर्पण की कोशिश में लगा हुआ था। पाकिस्तान भी थाई अधिकारियों को उसका पाकिस्तानी पासपोर्ट और स्कूल छोडऩे का प्रमाणपत्र देकर कूटनीतिक माध्यमों से उसकी हिरासत पाने की कोशिश कर रहा था।

अधिकारी ने बताया कि भारतीय अधिकारियों ने उसकी उंगलियों के निशान, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और उसके परिजन के डीएनए नमूने देकर झिंगाडा की राष्ट्रीयता के ठोस सबूत दिए थे। अपराध शाखा की टीम प्रक्रिया को तेज कराने के लिए 2016 में थाईलैंड गई थी। 

करणी सेना ने एससी/एसटी एक्ट के विरोध में सौंपा ज्ञापन

Karani army submits memorandum against SC / ST Act

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में गुरुवार को करणी सेना के नेतृत्व में विभिन्न संगठनो ने अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के विरोध में राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेटको सौंपा। करणी सेना के प्रदेश महासचिव विराज ठाकुर ने कहा कि देश के लिए यह इकतरफा और काला कानून है जिसमें 22 प्रतिशत के लोंगो को खुश करने के लिये 78 प्रतिशत लोंगो के साथ केन्द्र सरकार ने विश्वासघात किया है। 

करणी सेना के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह सोनू ने कहा इस एक्ट में अगर केन्द्र सरकार ने संशोधन नही किया तो पूरे देश में उग्र आन्दोलन होगा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश प्रवक्ता सुधांशु भसह और जिलाध्यक्ष राजकुमार भसह ने कहा कि देश में कानून का राज खत्म हो चुका है। लोकतंत्र की जगह केन्द्र सरकार राजतंत्र के पथ पर अग्रसित है। राष्ट्रीय ब्राम्हण महासंघ के जिला प्रवक्ता परमानन्द चैबे ने कहा केन्द्र सरकार सवर्णो और पिछड़ों के साथ विश्वासघात किया है। हम लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहिष्कृत करते है।

कायस्थ सेवा संघ के महामंत्री अमन अस्थाना ने कहा कि यह सामान्य वर्ग के लोंगो के साथ विश्वासघात है, बिना जांच के जेल जाना लोकतंत्र के लिए एकतरफा धब्बा है। यादव महासंघ के जिलासचिव मुकेश यादव ने कहा कि ये पिछड़ों के साथ अन्याय है। एस0सी0/एस0टी0 एक्ट में सबसे ज्यादा मुकदमा पिछड़े वर्ग के लोंगो के साथ हुआ है। इस कानून का हम पुरजोर रूप से विरोध करते है।

इंडोनेशिया के लोमबोक में आया 5.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप

5.9 a powerful earthquake of magnitude in Indonesia Lombok

माताराम। इंडोनेशिया के लोबोक में 4 दिन पहले आए जबर्दस्त भूकंप के बाद छोटे-बड़े झटकों (आफ्टरशॉक) का सिलसिला जारी है और इस क्रम में गुरुवार को 5.9 तीव्रता का एक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया जिसके लोगों में दहशत है।अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि 5.9 तीव्रता वाले इस भूकंप का केन्द्र जमीन में ज्यादा गहराई में केन्द्रित  नहीं था। भूकंप का केन्द्र द्वीप के उत्तर-पश्चिम में था। इस बीच, राहत एजेंसियों ने रविवार को आए भूकंप के मलबे के बीच बचे हुए लोगों को ढूंढने का काम जारी रखा।

राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुगरोहो ने बताया कि रविवार के बाद से इस द्वीप पर आए करीब 355 झटकों में से यह सबसे शक्तिशाली है। घटनास्थल पर मौजूद पत्रकार के अनुसार उत्तरी लोमबोक के तनजुंग जिला के आश्रय गृह में रहने वाले विस्थापित शोर मचाते और चिल्लाते हुए सडक़ पर भाग खड़े हुए। सडक़ पर खड़ी मोटरसाइकिलें गिर गयीं और नजदीकी कुछ इमारतों की दीवारें ध्वस्त हो गई।

हेलमेट पहनी एक महिला अपने बाहों में दो बेटियों को लेकर रोती हुई नजर आईं। एक प्रत्यक्षदर्शी श्रीलक्ष्मी ने बताया कि सडक़ पर लोग दहशतजदा हो गए और अपनी कार से उतर कर इधर-उधर भागने लगे। लोमबोक में 6.9 तीव्रता का भूकंप आने के केवल 4 दिन बाद यह झटका आया है।

राहत एजेंसियों ने बताया कि उत्तर और पश्चिम में सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में गांव के गांव तबाह हो गए। नुगरोहो ने बताया कि भूकंप में अब तक कुल 164 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। भूकंप में 1,400 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और 1,50,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

सरकारी समाचार एजेंसी अंतारा ने रात में खबर दी है कि भूकंप में 347 लोगों के मारे जाने की खबर दी है लेकिन नुगरोहो ने कहा कि यह अपूर्ण और असत्यापित है। उन्होंने गुरूवार को कहा था कि मरने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। बहरहाल, उन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी।

श्रद्धा कपूर से ब्रेकअप के बाद अब बॉलीवुड की इस हसीना को डेट कर रहे है फरहान अख्तर!

Farhan Akhtar is dating this Bollywood's actress after the breakup of Shraddha Kapoor

एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड के मल्टी टैलेंटेड अभिनेता फरहान अख्तर अपनी फिल्मों के अलावा निजी जिंदगी को लेकर भी खबरों का हिस्सा बने रहते हैं। आपको बता दें कि फरहान अख्तर पत्नी अधूना भवानी शादी के करीब 17 साल बाद अलग हो गए। दोनों ने साल 2017 में तलाक लिया हैं।

तलाक के बाद फरहान का नाम अभिनेत्री श्रध्दा कपूर के साथ भी लिया जाने लगा। मीडिया में फरहान और श्रध्दा के रिलेशन में होने की खबरें भी आती रही। लेकिन आपको बता दें कि इऩ दोनों का रिश्ता भी कुछ समय के बाद टूटने के कगार पर आ गया। खबरों की मानें तो अब फरहान की जिंदगी में नई लड़की की एंट्री हुई हैं।

जी हां मीडियारिपोर्ट्स की मानें तो फरहान इन दिनों एक्ट्रेस, शिबानी दांडेकर को डेट कर रहे हैं। दोनों के ही रिलेशनशिप में होने की खबर सामने आ रही हैं। हालांकि अभी तक दोनों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है ना हि दोनों  ने अपने रिश्ते को लेकर कुछ कहा हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों के बीच नजदिकियों बढ़ी हैं। दोनों को कई बार एक साथ स्पॉट किया जा चुका हैं। 

वर्कफ्रंट की बात करे तो फरहान जल्द ही अपनी अपकमिंग फिल्म द स्काई इज पिंक में नजर आऩे वाले हैं। बता दें कि इस फिल्म की शूटिंग शुरु हो चुकी हैं। इस फिल्म में फरहान अख्तर, प्रियंका चोपड़ा और जायरा वसीम लीड रोल में नजर आएंगे। बताते चलें कि प्रियंका और फरहान की केमिस्ट्री एक बार फिर सिल्वर स्क्रीन पर देखने को मिलेगी। दोनों इस फिल्म में पति पत्नी के किरदार में होगें। जायरा इस फिल्म में उनकी पत्नी के किरदार में नजर आएंगी। 

अक्षय से कोई कंप्टीशन नही : जॉन

No confession from Akshay: John

मुंबई। बॉलीवुड के माचो मैन जॉन अब्राहम का कहना है कि उनके और अक्षय कुमार के बीच कोई कंप्टीशन नही है। अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड और जॉन अब्राहम की सत्यमेव जयते 15 अगस्त को रिलीज हो रही है। दोनों फिल्मों के क्लैश पर काफी चर्चा हो रही है। जॉन अब्राहम ने कहा कि, 15 अगस्त एक लंबा वीकेंड है, लोगों की छुट्टी होती है। लिहाजा, अक्षय कुमार की गोल्ड से क्लैश होने के बावजूद सत्यमेव जयते को बॉक्स ऑफिस फायदा ही होगा। 

यदि हम फिल्म को एक हफ्ता भी आगे करते हैं और सोलो रिलीज करते हैं.. तो भी फिल्म का बिजनेस कहीं ना कहीं प्रभावित होगा। छुट्टी के दिन फिल्म रिलीज करना हर लिहाज से फायदेमंद है। जॉन ने कहा, अक्षय कुमार मुझसे बहुत बड़े सुपरस्टार, वह सीनियर हैं। मैं चाहता हूं कि उनकी फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सफल हो.. और वह भी मेरी फिल्म के लिए ऐसा ही चाहते हैं। दोनों फिल्मों के बीच कोई कंप्टीशन नहीं है।

कुलदीप यादव पर जुआ खेल सकते हैं विराट

Kuldeep Yadav can play gambling on Virat

लंदन। भारतीय कप्तान विराट कोहली इंग्लिश बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द बने चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को गुरुवार से लॉड्र्स में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच में दूसरे स्पिनर के रूप में मौका दे सकते हैं। दूसरे टेस्ट की पूर्वसंध्या पर ऐसे संकेत मिल रहे हैं की भारतीय टीम प्रबंधन इस मैच में दो स्पिनर उतार सकता है। कप्तान विराट कोहली का भी कहना है कि ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के साथ कुलदीप को मौका मिल सकता है।

विराट ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दो स्पिनरों को खेलना एक आकर्षक विचार है और हम इस पर विचार कर सकते हैं। कप्तान ने साथ ही कहा कि टीम दूसरा टेस्ट जीतने के लिए पूरा जोर लगाएगी। दरअसल लॉड्र्स की पिच को स्पिनरों के लिए मददगार बताया जा रहा है और यही बात भारतीय कप्तान को दो स्पिनर खेलाने के लिए प्रेरित कर रही है। यह माना जा रहा है कि टेस्ट के पहले दिन बादल छाए रहेंगे लेकिन अगले चार दिनों में गेंद टर्न लेगी।

अब यक्ष प्रश्न यह है कि यदि कुलदीप को दूसरे स्पिनर के रूप में मौका दिया जाता तो पहले टेस्ट की एकादश से बाहर किसे किया जाएगा। पहले टेस्ट में बल्लेबाजों के नाकाम रहने के बावजूद गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने अतिरिक्त बल्लेबाज को उतारने की संभावना से इन्कार किया है। अरुण का भी कहना है कि दूसरे स्पिनर पर विचार हो सकता है। 

पहले टेस्ट में इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी का प्रदर्शन अच्छा रहा था। बल्लेबाजी आलराउंडर हार्दिक पांड्या पर कप्तान विराट को काफी भरोसा है। ऐसे में उमेश यादव को बाहर बैठना पड़ सकता है जिन्होंने बर्मिंघम में कुल तीन विकेट लिए थे। विराट के लिए यादव को बाहर बैठाने का फैसला करना भी आसान नहीं होगा क्योंकि पहले टेस्ट में यादव ने पहली पारी में विराट के साथ अंतिम विकेट के लिए 57 रन की साझेदारी निभाई थी।

खाली हाथ लौटने पर लोगों का सामना कैसे करते हैं, केवल हम ही जानते हैं: साक्षी

How do we face people when we return empty handed, only we know: Witness

नई दिल्ली। ओलंपिक पदकधारी साक्षी मलिक एशियाई खेलों से पहले टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन नहीं कर पा रही हैं जिससे उनकी फार्म सभी के लिए चिंता बनी हुई है और वह भी इस बात से वाकिफ हैं। लेकिन उनका कहना है कि खिलाड़ी हमेशा पदक को लक्ष्य बनाए रहते हैं ताकि उनके ऊपर ऊंगली नहीं उठे।

हरियाणा की इस 25 वर्षीय पहलवान को अप्रैल में  राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था और हाल में वे इस्तांबुल में यासार दोगु अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पदक दौर में पहुंचने से पहले ही बाहर हो गई। उन्हें तीन अन्य पहलवानों (विनेश फोगाट, सुशील कुमार और बजरंग पूनिया) के साथ एशियाई खेलों के लिए ट्रायल्स में भाग नहीं लेने की छूट भी दी गई।

लेकिन हाल में भारतीय कुश्ती महासंघ के अधिकारियों ने मीडिया से कहा कि सुशील और साक्षी दोनों का फार्म में नहीं होना उनके लिए चिंता का विषय है। साक्षी ने लखनऊ में ट्रेनिंग सत्र के बाद बात करते हुए कहा कि हम जब भी मैट पर उतरते हैं तब हम पदक जीतना चाहते हैं।

पदक के बिना लौटने पर लोगों का सामना कैसे करते हैं, यह केवल हम ही जानते हैं। जब लोग सवाल पूछते हैं तो इनका जवाब देना काफी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि हम भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं ताकि कोई भी हम पर अंगुली नहीं उठा सके और हम ऐसे सवालों का सामना नहीं करें जिनका हमारे पास कोई जवाब नहीं हो।

साक्षी ने भी स्वीकार किया कि हाल के नतीजे उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे हैं लेकिन उन्होंने कहा कि ऐसा प्रयासों की कमी की वजह से नहीं है। साक्षी ने कहा कि रियो ओलंपिक के बाद, मैंने कई चैम्पियनशिप में अच्छा प्रदर्शन किया। एथलीट की जिंदगी में हमेशा उतार चढ़ाव होते रहते हैं।

लेकिन हम हमेशा अपना शत प्रतिशत देने और देश को गौरवान्वित करने का मौका हासिल करने की कोशिश करते हैं। वह जकार्ता में 62 किग्रा वर्ग में भाग लेंगी, उन्होंने भी स्वीकार किया कि उन्हें खेलों से पहले मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि मुझे मानसिक रूप से मजबूत होने और बेहतर होने की जरूरत हे। जेएसडब्ल्यू ने मुझे खेल मनोचिकित्सक की मदद लेने में सहायता की। मुझे ध्यान लगाने और सकारात्मक सोच की सलाह दी गई। अब मैं ध्यान लगाती हूं और कभी कभार सोने से पहले अपने प्रदर्शन का आकलन भी करती हूं कि मैं हार क्यों रहीं हूं।

वाहन कलपुर्ज़ा उद्योग की सभी उत्पादों पर एक समान 18% जीएसटी लगाने की मांग

Demand for putting the same 18% GST on all the products of the vehicle component industry

ऑटो डेस्क। वाहनों में लगने वाले कलपुर्जों पर 2017-18 में जीएसटी की दर को बढ़ा दिया गया है। इससे सभी वाहन कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियां परेशान है। जब वाहनों में लगने वाले कलपुर्जे महंगे होंगे तो इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा। इससे वाहनों की कीमतें भी महंगी हो जाएगी। 1 अगस्त से सभी वाहन निर्माता कंपनियों ने अपने मॉडल की कीमतों में इजाफा किया है। उनकी कीमतें बढ़ाने के पीछे यही सबसे बड़ा कारण रहा है। इसी के चलते वाहन कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियों के संगठन ने उद्योग के सभी उत्पादों पर एक समान जीएसटी की दर लगाने की मांग की है।

अभी कलपुर्ज़ा उद्योग के उत्पादों पर वित्त वर्ष 2017-18 में 18.3 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगा रहा है। इस तरह बढ़कर 3.45 लाख करोड़ रुपए हो गया है। वहीं कलपुर्जा बनाने कंपनियों का कहना है सभी उत्पादों पर 18 प्रतिशत की दर से माल एवं सेवा कर लगाया जाए। उन्होंने कहा कि कम कर से बेहतर अनुपालन और कर आधार में वृद्धि होगी। बता दें कि वर्तमान में 60 प्रतिशत कलपुर्जों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है जबकि शेष 40 प्रतिशत पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है।

इनमें दो पहिया वाहन और ट्रैक्टर के कलपुर्जे शामिल हैं।’’ इसलिए वाहन कलपुर्जे विनिर्माता संघ का कहना है कि कलपुर्जे उद्योग पर एकसमान 18 प्रतिशत जीएसटी की मांग हमारी प्रमुख मांगों में से एक है। इसके अलावा संघ ने एक ऐसा कोष स्थापित करने की भी मांग की है जो कलपुर्जे उद्योग में प्रौद्योगिकी निर्माण और शोध एवं विकास को बढ़ावा देने वाला हो। पिछले वित्त वर्ष में उद्योग का कारोबार 18.3 प्रतिशत बढ़कर 3,45,635 करोड़ रुपए (51.2 अरब डॉलर) रहा। इस दौरान निर्यात भी 23.9 प्रतिशत बढ़कर 90,571 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

137 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ सेंसेक्स

Sensex closes with a gain of 137 points

मुंबई। शेयर बाजार जब आज सुबह खुला तो उसमें उछाल देखा गया, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही बढ़त बनाते हुए कारोबार की शुरुआत की और ये बढ़त कारोबार की समाप्ति पर भी कायम रही । कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स बढ़त बनाते हुए 136.81 अंक यानि 0.36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 38,024.37 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पचास शेयरों वाले निफ्टी पर भी कारोबार की समाप्ति पर बढ़त का असर देखने को मिला और ये हरे निशान पर पहुंचकर 20.70 अंक यानि 0.18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,470.70 के स्तर पर बंद हुआ।

गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान जब सुबह शेयर बाजार खुला तो उसमें उछाल देखा गया, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही बढ़त बनाते हुए कारोबार की शुरुआत की और ये बढ़त कारोबार की समाप्ति पर भी कायम रही । काराबोर की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 22 अंकों की बढ़त के साथ 37,688 के स्तर पर खुला और काराबोर की समाप्ति पर ये 0.59 प्रतिशत यानी 221.76 अंक की बढ़त में 37,887.56 अंक पर बंद हुआ। 

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी भी काराबोर की शुरुआत में मामूली 5 अंक की बढ़त के साथ 11,394 के स्तर पर खुला। सेंसेक्स की तरह निफ्टी में भी कारोबार की समाप्ति पर बढ़त देखने को मिली और ये 0.53 प्रतिशत यानी 60.55 अंक चढक़र 11,450 अंक पर बंद हुआ।

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