देश में नक्सलियों का कहर जारी, जाने अब तक के बड़े हमले

Samachar Jagat | Tuesday, 13 Mar 2018 04:08:10 PM
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जयपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने सीआरपीए के जवानों पर आज फिर से हमला कर दिया। इस हमले में 9 जवान शहीद हो गए है। नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर एंटी लैंडमाइन व्हीकल को उड़ा दिया है। यह सिलसिला लगतार जारी है नक्सली हर छह महीने आठ महीने में ऐसी वारदात को अंजाम देते है और उसमे हमारे देश के कई जवान शहीद हो जाते है।

छत्तीसगढ: नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 9 जवान शहीद, 3 अन्य जख्मी 

भारत में नक्सली हिंसा की शुरुआत 25 मई 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी से हुई जिससे इस आंदोलन को इसका नाम मिला। इस विद्रोह को तो पुलिस ने कुचल दिया लेकिन उसके बाद के दशकों में भारत के कई हिस्सों में नक्सली गुटों का प्रभाव बढ़ा है। इनमें झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं।

बात करे केंद्र और राज्य सरकारों की तो सरकारें इन हमलों में कमी के दावे तो करती है लेकिन हमले के बाद उनके सामने ऐसे स्थिति होती है की वो कुछ भी बोलने लायक नहीं रह पाते है। मोदी सरकार ही नहीं अपितु कांग्रेस के शासन में भी कई बार बड़े नक्सली हमले हुए है जिनमे हमारे देश के कई वीर शहीद हुए है।

क्यों लड़ रहे है नक्सलीः
बात करे नक्सलियों की तो ये लोग देश के बाहर से नहीं है ये हमारे और अपने ही लोग है, बस लड़ रहे है तो अपनों के खिलाफ हमारी सेना और सरकार के विरोध में। नक्सलियों की माने तो वो उन आदिवासियों और गरीबों के लिए लड़ रहे हैं जिन्हें सरकार ने दशकों से अनदेखा किया है। माओवादियों का दावा है कि वो जमीन के अधिकार और संसाधनों के वितरण के संघर्ष में स्थानीय सरोकारों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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आठ राज्यों में है नक्सल समस्यांः
छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि देश के 8 राज्यों के 60 जिलों में ये समस्यां है। इनमें ओडिशा के 5, झारखंड के 14, बिहार के 5, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 10, मध्यप्रदेश के 8, महाराष्ट्र के 2 और बंगाल के 8 जिले आते हैं।

बड़े नक्सली हमलेः

10 जून 2009 - झारखण्ड के सारंदा जंगल में नियमित परेड पर गए सीआरपीएफ समेत सुरक्षा बलों के 9 जवानों की हत्या।

22 मई 2009 - महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 16 पुलिसवालों की हत्या।

12 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में तीन हमलों में 30 जवानों की मौत।

15 फरवरी 2010 - पश्चिम बंगाल के सिल्दा में करीब 100 नक्सलियों ने पुलिस कैंप पर हमला करके 24 जवानों की हत्या की, हथियार लूटे।

6 अप्रैल, 2010 - सुकमा में नक्सलियों ने 76 सीआरपीएफ जवानों को मौत की नींद सुला दिया

जून 2011- दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट, 10 पुलिसकर्मी शहीद

12 मई 2012 - सुकमा में दूरदर्शन केंद्र पर हमला, 4 जवान शहीद

मई 2013 - झीरम में कांग्रेस के बड़े नेताओं समेत 32 लोगों को मारा

11 मार्च 2014 - टाहकवाड़ा में 20 जवान शहीद 28 फरवरी 2014 - दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाना क्षेत्र में रोड ओपनिंग के लिए निकले जवानों पर हमला, 5 शहीद

30 मार्च 2016 - दंतेवाड़ा के मालेवाड़ा में 7 जवान शहीद

11 मार्च 2017 - भेज्जी में हमला, 11 जवान शहीद

24 अप्रैल 2017 - छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में माओवादियों ने सीआरपीएफ के गश्त टोली पर हमला किया। हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद हुए।

13 मार्च 2018- छत्तीसगढ़ के सुकमा स्थित किस्टाराम एरिया में नक्सलियों ने आइइडी विस्फोट की घटना को अंजाम दिया। इस विस्फोट में सीआरपीएफ के 212 बटालियन के नौ जवान शहीद हो गए।  
 



 

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