9 अक्टूबर: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Tuesday, 09 Oct 2018 04:04:07 PM
9 october top 10 news in hindi

सुप्रीम कोर्ट का सबरीमाला मंदिर पर फैसले की पुनर्विचार याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार

Supreme court denies immediate hearing on re-petition of verdict on Sabarimala temple

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के उसके फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर तत्काल सुनवाई से मंगलवार को इनकार कर दिया। न्यायालय ने संकेत दिया कि याचिका पर दशहरा अवकाश के बाद विचार किया जा सकता है।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने नेशनल अयप्पा डिवोटीज एसोसिएशन की अध्यक्ष शैलजा विजयन की दलील पर विचार किया। विजयन ने अपने वकील मैथ्यूज जे नेदुम्पारा के माध्यम से दायर पुनर्विचार याचिका में दलील दी कि 5 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने प्रतिबंध हटाने का जो फैसला दिया वे पूरी तरह असमर्थनीय और तर्कहीन है।

पीठ ने कहा कि इसे उचित समय पर सूचीबद्ध किया जाएगा। पीठ ने कहा कि वैसे भी पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कक्ष में होगी, ना कि खुली अदालत में। डिवोटीज एसोसिएशन की ओर से पेश वकील ने फैसले पर रोक लगाने की भी अपील की और कहा कि तीर्थयात्रा के लिए 16 अक्टूबर को मंदिर खोला जाना है।

बहरहाल, पीठ ने कहा कि पुनर्विचार याचिका पर दशहरा की छुट्टियों के बाद ही सुनवाई की जा सकती है। एसोसिएशन के अलावा एक अन्य याचिका में उच्चतम न्यायालय के 28 सितंबर के आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। नायर सर्विस सोसायटी (एनएसएस) ने यह याचिका दायर की है।

तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 28 सितंबर को 4:1 के बहुमत से दिए फैसले में कहा था कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाना लैंगिक भेदभाव है और यह परम्परा हिदू महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करती है। विजयन की पुनर्विचार याचिका में दलील दी गई है कि वैज्ञानिक या तार्किक आधार पर, धार्मिक आस्था का आकलन नहीं किया जा सकता। याचिका में कहा गया है, यह धारणा बेबुनियाद है कि यह फैसला क्रांतिकारी है जिससे माहवारी को लेकर अशुद्धि या प्रदूषण संबंधी धब्बा दूर होता है।

इस फैसले का स्वागत उन पाखंडी लोगों ने किया है जो मीडिया की सुर्खियां बनना चाहते हैं। मामले की गुणवत्ता के आधार पर भी यह फैसला पूरी तरह असमर्थनीय और तर्कहीन है। नायर समुदाय के कल्याण के लिए काम करने वाले संगठन एनएसएस की ओर से दायर दूसरी याचिका में कहा गया है कि चूंकि भगवान 'नैष्ठिक ब्रह्मचारी’ हैं।

इसलिए 10 साल की आयु से कम और 50 साल की उम्र से अधिक की महिलाओं को ही उनकी पूजा करने की अनुमति है, ऐसे में महिलाओं को पूजा से प्रतिबंधित करने की कोई परंपरा नहीं है। याचिका में कहा गया है कि चूंकि खास उम्र सीमा वाली महिलाओं को पूजा करने का अधिकार पहले से प्राप्त है।

ऐसे में सिर्फ 40 वर्ष के इंतजार (उम्र के मायने में) को बहिष्कार या प्रतिबंध नहीं कहा जा सकता है और ऐसे में यह फैसला कानूनन गलत है। एनएसएस ने कहा कि अगर अनुच्छेद 14 के तहत बराबरी को सामान्य आधार बनाया गया और अनिवार्य धार्मिक परंपराओं को तर्क शक्ति के सिद्धांत पर परखा गया तो कई धार्मिक प्रथाएं अमान्य हो जायेंगी और धर्म भी अस्तित्वहीन हो जाएगा। 

बांग्लादेश 6 हजार रोहिंग्या शरणार्थियों को म्यांमार भेजेगा

bangladesh will send 6 thousand Rohingya refugees to Myanmar

ढाका। बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल हसन महमूद अली ने कहा है कि 6 हजार रोहिंग्या शरणार्थियों का पहला जत्था जल्द ही वापस म्यांमार भेजा जाएगा। उन्होंने कहा बांग्लादेश के कोक्स बाजार जिले में शरणार्थी कैम्पों में रह रहे इन लोेगों की संख्या बढ़कर 10.2 लाख से ऊपर पहुंच चुकी हैं।

जिसकी वजह से बांग्लादेश ने म्यांमार पर रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस लेने के लिए दबाव बढ़ाने की कोशिश की है। इसके लिए इंडिया और संयुक्त राष्ट्र की मदद से म्यांमार पर राजनयिक दबाव बनाया जा रहा है कि वह उन शरणार्थियों को वापस बुलाए जो बांग्लादेश में शरण लिए हुए हैं। 

उन्होंने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी के लिए भारत ने म्यांमार के राखिने राज्य में लगभग 250 घरों का निर्माण कराया है और वहीं चीन ने एक हजार घरों का निर्माण कराने का वायदा किया है। अभी हाल ही में  रोहिंग्या शरणार्थियों के निर्वासन को लेकर भारत, बंगलादेश और चीन के बीच एक संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में म्यांमार के लिए नियुक्त संयुक्त राष्ट्र के विशेष राजदूत सहित संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी भाग लिया। इस बैठक का मकसद रोहिंग्याओं के अपने देश लौटने को संभव बनाना था। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश ने बंगाल की खाड़ी में एक द्बीप का विकास किया है।

वहां पर मजबूत आधार शिविरों का निर्माण किया है जहां पर रोहिंग्या शरणार्थियों को रखा जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने हमारी प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस कदम की सराहना की हैं जिन्होंने मानवता के आधार पर रोहिंग्या लोगों को अपने देश में शरण देना का फैसला किया। उन्होंने कहा लेकिन यह अस्थायी कार्रवाई है और इस समस्या का स्थायी हल केवल उन्हें वापस उनके देश भेजने में ही है। 

175 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ सेंसेक्स

Sensex closes with losses of 175 points

मुंबई। जब आज सुबह शेयर बाजार खुला तो उसमें गिरावट देखी गयी, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार की शुरुआत की और कारोबार की समाप्ति पर भी ये बढ़त बनाने में नाकामयाब रहा। गिरावट के इस माहौल में कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 174.91 अंक यानि 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 34,299.47 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पचास शेयरों वाले निफ्टी पर भी कारोबार की समाप्ति पर गिरावट हावी रही और ये 47.00 अंक यानि 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,301.05 के स्तर पर बंद हुआ। 

गौरतलब है कि कल सुबह जब सुबह शेयर बाजार में कारोबार शुरू हुआ तो इसमें गिरावट देखने को मिली और कारोबार की समाप्ति पर ये बढ़त के साथ हरे निशान पर बंद हुआ। काराबोर की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 263.67 अंक यानि 0.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ 34,113.32  के स्तर पर खुला और काराबोर की समाप्ति पर ये  97.39 अंक यानि 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 34,474.38 के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी भी काराबोर की शुरुआत में 84.70 अंक यानि 0.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,231.75 के स्तर पर खुला और काराबोर की समाप्ति पर ये 31.60 अंक यानि 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,348.05 के स्तर पर बंद हुआ।

टेलीविजन के 'सबसे संस्कारी' अभिनेता पर लगा बलात्कार का आरोप, लेखिका ने सोशल मीडिया पर किया खुलासा

Alok Nath charged with rape by Tara writter Vinta Nanda

मुंबई। मशहूर धारावाहिक 'तारा' की लेखिका विनिता नंदा ने टेलीविजन के 'सबसे संस्कारी व्यक्ति' के तौर पर पहचान रखने वाले अभिनेता आलोक नाथ पर उससे 19 साल पहले बलात्कार करने का आरोप लगाया है जिसके बाद सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि वह अभिनेता को कारण बताओ नोटिस भेजेगा। लेखक-प्रोड्यूसर नंदा ने सोमवार की रात को फेसबुक पर लिखे एक लंबे पोस्ट में अपने साथ कथित तौर पर यौन शोषण की विस्तार से जानकारी दी है।

यह दुनिया भर में चल रहे ''मीटू" अभियान की कड़ी में ताजा मामला है। उन्होंने आलोक नाथ का नाम नहीं लिया लेकिन अपने दोषी को ''सबसे संस्कारी व्यक्ति" बताया। टेलीविजन पर पिता, अंकल और दादा की संस्कारी छवि में दिखने के चलते आलोक नाथ को ''सबसे संस्कारी व्यक्ति" कहा जाता है। नंदा ने आरोप लगाया कि आलोक नाथ को 1993 में 'तारा' के सेट पर मुख्य अभिनेत्री नवनीत निशान से दुव्र्यवहार करने के बाद धारावाहिक से निकाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने एक पार्टी में उनका यौन शोषण किया था।

अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ट्विटर पर उन लोगों में से एक रहीं जिन्होंने नंदा के पोस्ट में जिस व्यक्ति का जिक्र किया गया है, उसका नाम लिखा। चड्ढा ने इस पोस्ट के जवाब में लिखा, ''आलोक नाथ।" सीआईएनटीएए के महासचिव सुशांत सिंह ने नंदा के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने लिखा, ''प्रिय विनिता नंदा, मैं बहुत बहुत माफी चाहता हूं। मेरे सीआईएनटीएए के अधिकारी होने के तौर पर आलोक नाथ को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा कि क्यों ना उन्हें निष्कासित किया जाए। दुर्भाग्यपूर्ण रूप से हमें उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा। मैं आपसे शिकायत दर्ज कराने का अनुरोध करता हूं, हम आपको पूरा समर्थन देते हें।"

अपने बुरे दौर को याद करते हुए नंदा ने बताया कि आलोक नाथ की पत्नी उनकी अच्छी सहेली थी। धारावाहिक में दीपक सेठ का किरदार निभाने वाला अभिनेता निशान के पीछे था जिसकी उनमें दिलचस्पी नहीं थी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ''वह शराबी, निर्लज्ज और बहुत बेकार व्यक्ति था लेकिन वह उस दशक का टेलीविजन स्टार भी था तो ना केवल उसे बुरे व्यवहार के लिए माफ कर दिया गया बल्कि कई लोगों ने उन्हें बढ़ावा दिया। वह सेट पर उनको (नवनीत को) परेशान करते और हर कोई चुप रहता।

जब उन्होंने हमसे शिकायत की तो हमने उन्हें निकालने का फैसला किया।" लेखिका ने कहा कि उन्हें आलोक नाथ और निशान के बीच आखिरी दृश्य फिल्माने की जरुरत थी और उन्हें धारावाहिक से निकालने की सूचना देने की योजना थी लेकिन जब उन्हें इस बारे में पता चला तो वह उस दिन सेट पर शराब पीकर आए। नंदा ने कहा, ''जब तक उन्हें शॉट के लिए बुलाया गया तब तक वह शराब पीते रहे। जब उन्हें शूट के लिए बुलाया गया तो उन्होंने मुख्य महिला कलाकार को छुआ और वो भी बहुत क्रूरतापूर्ण तरीके से। अभिनेत्री ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। हमने उन्हें सेट से जाने के लिए कहा और बताया कि अब से वह इस धारावाहिक का हिस्सा नहीं हैं।"

धारावाहिक की रेटिंग बढ़ती गई लेकिन चैनल का प्रबंधन बदल गया और उसने अहम किरदार निभा रही अभिनेत्री को बदलने के लिए कहा। नंदा ने बताया कि आलोक नाथ के जाने के बाद नव नियुक्त सीईओ ने चैनल के आदेश को मानने के बावजूद ''तारा" के साथ उसी चैनल पर चल रहे उनके चार अन्य धारावाहिकों को भी बंद कर दिया।

उन्होंने कहा, ''एक शाम उनके (आलोक नाथ के) घर पर पार्टी में मेरी ड्रिंक्स में कुछ मिला दिया गया और मुझे अजीब महसूस होने लगा। फिर देर रात दो बजे मैं उनके घर से चली गई। किसी ने मुझे घर छोड़ देने की पेशकश नहीं की जो मेरे लिए और विचित्र था। मुझे लग गया था कि यहां रुकना मेरे लिए सही नहीं है।" उन्होंने कहा, ''मैंने सुनसान सड़क पर घर की ओर चलना शुरू कर दिया हालांकि वहां से मेरे घर की दूरी अधिक थी।

बीच रास्ते में मुझे यह व्यक्ति मिल गया और उसने कहा कि वह मुझे घर छोड़ देगा। मैंने उस पर भरोसा कर लिया और कार में बैठ गई। उसके बाद मुझे होश नहीं रहा। मुझे याद है कि मेरे मुंह में शराब डाली गई और देर तक मेरा यौन शोषण किया गया। जब मैं अगले दिन दोपहर में उठी तो मुझे दर्द हो रहा था। मेरे साथ ना केवल बलात्कार किया गया बल्कि मुझे मेरे घर ले जाया गया और मेरे साथ बर्बरता की गई।" नंदा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने दोस्तों को घटना के बारे में बताया तो उन्हें चुप रहने और इसे भूल जाने की सलाह दी गई।

उन्होंने कहा कि आलोक नाथ अपने प्रभाव का इस्तेमाल करता रहा और कई वर्षों तक उनका यौन उत्पीडऩ करता रहा जिससे वह ''मानसिक रूप से टूट गई।" उन्होंने कहा, ''यह सबसे मुश्किल दौर रहा और यही मुख्य वजह है कि क्यों सच बताने में मुझे इतना वक्त लगा। जब मैं इस नई सीरीज पर काम कर रही थी तो उसने मुझे एक बार फिर अपने घर आने के लिए कहा और मैंने उसे मेरा उत्पीडऩ करने दिया।" नंदा ने कहा कि उन्हें नौकरी और पैसे की जरुरत थी। दूसरी बार शोषण के बाद उन्होंने सब छोड़ दिया। नंदा ने कहा, ''मैं उस वक्त पूरी तरह टूट चुकी थी।" गौरतलब है कि आलोक नाथ ''बुनियाद, धारावाहिक, ''हम आपके हैं कौन, फिल्म और हम साथ-साथ हैं, फिल्म में निभाए गए किरदार के लिए मशहूर है।

PAKvAUS: हारिस सोहेल के शतक के दम पर पाकिस्तान ने बनाया मजबूत स्कोर

Pakistan scored 482 runs in first innings

दुबई। हारिस सोहेल के पहले टेस्ट शतक की बदौलत पाकिस्तान ने यहां पहले क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन सोमवार को 482 रन बनाए जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाजों ने 13 ओवर में बिना विकेट खोए 30 रन बनाकर सतर्क शुरुआत की। दिन का खेल खत्म होने पर उस्मान ख्वाजा 17 जबकि पदार्पण कर रहे आरोन फिंच 13 रन बनाकर खेल रहे थे। पाकिस्तान के स्पिनरों को पिच से टर्न मिल रहा था और ऐसे में दोनों सलामी बल्लेबाजों की राह आसान नहीं रही

ऑस्ट्रेलिया की टीम 452 रन से पीछे है जबकि उसके सभी विकेट शेष हैं। लेग स्पिनर यासिर शाह ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए मुख्य खतरा हो सकते हैं जबकि उन्हें आफ स्पिनरों मोहम्मद हफीज और बिलाल आसिफ का साथ मिलेगा। इससे पहले बायें हाथ के बल्लेबाज सोहेल (110) और असद शाफिक (80) ने उम्दा पारियां खेली जिससे पाकिस्तान ने सुबह तीन विकेट पर 255 रन से आगे खेलते हुए स्कोर 500 रन के करीब पहुंचाया। सुबह के सत्र में रात्रि प्रहरी मोहम्मद अब्बास (03) आउट होने वाले एकमात्र बल्लेबाज रहे।

सोहेल ने छह घंटे की अपनी पारी में आठ चौके और दो छक्के मारे। उन्होंने शाफिक के साथ पांचवें विकेट के लिए 150 रन जोड़े। शाफिक चाय के विश्राम से ठीक पहले पदार्पण लेग स्पिनर मार्नस लाबुशेन का पहला टेस्ट शिकार बने। उन्होंने विकेटकीपर टिम पेन को कैच थमाया। शाफिक ने अपनी पारी के नौ चौके और एक छक्का मारा। सोहेल ने स्पिनर जान हालैंड पर छक्का और फिर दो रन के साथ शतक पूरा किया। उन्हें अंतत: नाथन लियोन ने विकेट के पीछे कैच कराया।

पाकिस्तान ने अपने अंतिम छह विकेट 72 रन पर गंवाए जिसमें बाबर आजम (चार) और कप्तान सरफराज अहमद (15) रन आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से तेज गेंदबाज पीटर सिडल ने 58 रन देकर तीन जबकि लियोन ने 114 रन देकर दो विकेट चटकाए। हालैंड, लाबुशेन और मिशेल स्टार्क ने एक-एक विकेट चटकाया।

भाजपा के लिए अच्छे दिन लाने के बावजूद राम वनवास में : शिवसेना

Shiv Sena said despite bringing good days for BJP, Ram is in banwaas

मुंबई। शिवसेना ने मंगलवार को कहा कि अगर अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनता है तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को झूठी कहा जाएगा और उसे सत्ता से बेदखल कर दिया जाएगा। पार्टी ने कहा है कि भगवान राम भाजपा के लिए ‘अच्छे दिन’ ले आए लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश के अयोध्या में उनका मंदिर बनवाने का अपना वादा पूरा करने में विफल रही। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी ने संसद में बहुमत होने के बावजूद अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में विलंब के लिए भाजपा पर निशाना साधा। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखे संपादकीय में कहा है, भाजपा केन्द्र और कई राज्यों में सत्ता में है। यह आसानी से राम मंदिर का निर्माण कर सकती है अन्यथा इसे झूठी माना जाएगा और सत्ता से बेदखल कर दिया जाएगा।

शिवसेना ने उल्लेख किया है कि मंदिर के मुख्य पुजारी ने हाल ही में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केवल ‘जय श्रीराम’ के नारे देते हैं लेकिन मंदिर निर्माण के लिए एक भी शब्द नहीं कहते। इसमें आगे कहा गया है यह हिन्दुओं की भावना भी है। संपादकीय में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव के दौरान ऐसा लग रहा था कि अगर भाजपा चुनाव जीत जाती है तो वह आसानी से मंदिर का निर्माण करा सकती है। लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी ने इसके लिए आवाज उठाने वालों को ही परेशान करना शुरू कर दिया। इसमें कहा गया है कि राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास को पुलिस ने उठा लिया और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दे कर अस्पताल में भर्ती करा दिया।

इसमें आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा गया है, ‘राम मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन कर रहे हिन्दू कार्यकर्ताओं को लेकर भाजपा कब से चिंतित होने लगी है? शिवसेना ने कहा है कि करीब तीन दशक पहले भगवान राम के कई श्रद्धालु पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे। तब से भाजपा इसका लाभ लेती गई और अब उसके पास मजबूत राजनीतिक जनादेश है। राम भाजपा के लिए अच्छे दिन ले आए लेकिन भगवान खुद वनवास में हैं। पार्टी ने कहा है कि भाजपा का यह कहना केवल दिखावा है कि मंदिर निर्माण के बारे में फैसला उच्चतम न्यायालय करेगा। संपादकीय में कहा गया है अदालत की ओर संकेत करना स्थिति से मुंह मोडऩे जैसा है। इसमें कहा गया है कि देश भर में मंदिर के निर्माण के लिए प्रदर्शन अदालत से अनुमति लेने के बाद शुरू नहीं हुए थे।

इसमें कहा गया है कि केंद्र जब तीन तलाक और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निरोधक) कानून पर अदालत के आदेशों को दरकिनार कर अध्यादेश जारी कर सकता है तो वह राममंदिर निर्माण के लिए और समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए अध्यादेश क्यों जारी नहीं कर सकता। मुखपत्र में लिखे संपादकीय में कहा गया है कि बाबरी मस्जिद को शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने गिराया था। यहां तक कि, शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने तो इसकी जिम्मेदारी भी ली थी। अब आपकी (भाजपा की) सरकार सत्ता में है। गौरतलब है कि शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा नीत सरकारों की एक घटक है।

गुटेरेस बोले, तेजी से हो रहा है जलवायु परिवर्तन

Guteres says, climate change is happening fast

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र(संरा) प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि विश्व में तेजी से जलवायु परिवर्तन हो रहा है और यह हमारे अनुमानों से भी कहीं अधिक है। उन्होंने सोमवार को संरा वैज्ञानिक पैनल द्बारा ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने पर एक विशेष रिपोर्ट को जारी करते हुए कहा कि इस बहुप्रतीक्षित निष्कर्ष में बताया गया है कि जलवायु में परिवर्तन काफी तेजी से हो रहा है और हमारे पास इसमें सुधार करने के लिए समय भी नहीं बचा है।

अंतरराष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन पैनल (आईपीसीसी) ने दक्षिण कोरिया के इंचीओन से यह रिपोर्ट जारी की है। पैनल के मुताबिक ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए मानव व्यवहार में'दूरगामी और अभूतपूर्व परिवर्तन की आवश्यकता है। आईपीसीसी कार्यकारी समूहों के सह अध्यक्ष पनमाओ झाई ने कहा कि हम लोग पहले ही ग्लोबल वार्मिंग के एक डिग्री सेल्सियस के दुष्परिणामों जैसे प्रतिकूल मौसम, समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी और आर्कटिक क्षेत्र में समुद्री बर्फ के पिघलने और अन्य परिवर्तनों को देख चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि 2015 में 21 वें जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में 195 देशों ने महत्वपूर्ण पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें जलवायु परिवर्तन के खतरे के प्रति वैश्विक स्तर पर लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करना था। गुटेरेस ने रिपोर्ट जारी होने के तुरंत बाद ट्वीट कर कहा रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस पर रोकना कोई असंभव काम नहीं है लेकिन हम लोगों को सभी क्षेत्रों में सामूहिक तौर पर कदम उठाने होंगे और इस काम में कतई भी देरी नहीं की जानी चाहिए। 

गुटेरस ने बाद में जारी बयान में कहा कि जलवायु परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए सभी को कदम उठाने होंगे और इसके तहत 2030 तक उत्सर्जन का स्तर घटाकर आधा करना होगा और 2050 तक उत्सर्जन के स्तर को शून्य करने का लक्ष्य हासिल करना होगा।

उन्होंने कहा इसके लिए हम लोगों को समाज में सभी ­ष्टिकोणों से अभूतपूर्व परिवर्तन करना होगा, विशेषकर भूमि, ऊर्जा, उद्योग, भवन, परिवहन और शहरों में परिवर्तन की आवश्यकता है। वृक्षों की कटाई पर रोक लगानी होगी और अरबों पौधे लगाने होंगे, खनिज तेल के ईंधन के रूप में इस्तेमाल में तेजी से कमी करनी होगी और 2050 तक कोयले के इस्तेमाल को बंद करना होगा।

सौर ऊर्जा और पवन चक्की जैसे ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देना होगा। जलवायु के अनुकुल दीर्घकालिक खेती पर निवेश और नई तकनीक 'कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज’ पर विचार करना होगा। 

मिजोरम के भारोत्तोलक ने भारत को युवा ओलंपिक में पहला स्वर्ण दिलाया

Lifetime of Mizoram gave India the first gold medal at the Youth Olympics

ब्यूनस आयर्स। भारोत्तोलक जेरेमी लालरिनुंगा ने युवा ओलंपिक में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाते हुए भारत को 62 किलो वर्ग में पहला स्वर्ण पदक दिलाया। आइजोल के 15 वर्षीय जेरेमी ने 274 किलो (124 और 15०) किलो वजन उठाया। उसने विश्व युवा चैम्पियनशिप में भी रजत पदक जीता था।

रजत पदक तुर्की के तोपटास कानेर ने 263 किलो वजन उठाकर जीता। कोलंबिया के विलार एस्टिवन जोस को कांस्य पदक मिला। जेरेमी ने एशियाई चैम्पियनशिप में रजत (युवा) और कांस्य (जूनियर) पदक जीता था। इस पदक के बाद इंडिया का युवा ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तय हो गया।

इंडिया 4 पदक पहले ही जीत चुका है। तुषार माने और मेहुली घोष ने 10 मीटर एयर राइफल में रजत पदक जीता जबकि जूडो में टी तबाबी देवी ने 44 किलो वर्ग में दूसरे स्थान पर रहकर इंडिया को पहला पदक दिलाया। भारत ने 2014 में नानजिग युवा ओलंपिक में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था जबकि 2010 में सिगापुर में 6 रजत और 2 कांस्य पदक जीते थे।

भारोत्तोलक स्नेहा सोरेन महिलाओं के 48 किलो वर्ग में पांचवें स्थान पर रही। तैराकी में श्रीहरि नटराज 100 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में छठे स्थान पर रहे।

टेबल टेनिस में अर्चना कामथ और मानव ठक्कर ने अपने अपने लीग मैच जीते। कामथ ने मलेशिया के जीवन चूंग को 4.2 से और ठक्कर ने स्लोवाकिया की अलेक्जेंद्रा वोक को 4.1 से हराया। भारतीय हाकी टीम ने आस्ट्रिया को 9.1 से शिकस्त दी। बैडमिंटन में लक्ष्य सेन ने पहले मैच में उक्रेन के डेनिलो बोस्नियुक को 23.21,21.8 से हराया।

अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव में प्रियंका चोपड़ा की 'पहुना' ने जीते दो पुरस्कार

Priyanka Chopra's film Pahuna won two awards in children’s film festival

मुंबई। अदाकारा प्रियंका चोपड़ा की बतौर निर्माता पहली सिक्किमी फिल्म 'पहुना' को जर्मनी के शलिंग्ल अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव में दो पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। पाखी टॅायरवाला के लेखन तथा निर्देशन में बनी इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फिल्म (ज्यूरी चॉइस) और अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म की श्रेणी में प्रोफेशनल ज्यूरी द्वारा ''विशेष उल्लेख" पुरस्कार दिए गए

प्रियंका चोपड़ा और उनकी मां डॉक्टर मधु चोपड़ा के बैनर 'पर्पल पेबल पिक्चर्स' तले बनी फिल्म 'पहुना' को दो से पांच अक्टूबर के बीच आयोजित उत्सव में काफी सराहा गया। मधु ने कहा कि यह फिल्म हमेशा उनके प्रोडक्शन हाउस की खास फिल्म रहेगी। 'टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव' (टीआईएफएफ) में पिछले साल 'पहुना' का विश्व स्तर पर प्रीमियर किया गया था

बतौर निर्माता  प्रियंका चोपड़ा नेकहा कि उनकी पहली सिक्किमी फिल्म 'पहुना' पर उन्हें शुरुआत से ही भरोसा था। चोपड़ा ने ट्विटर पर लिखा, 'पहुना' एक ऐसी फिल्म, जिस पर मुझे शुरू से ही भरोसा था। विश्व भर में इसे मिल रही प्रतिक्रिया से खुश हूं। हमारी फिल्म के लिए आगे खजाने में क्या-क्या है यह देखने का इंतजार नहीं हो रहा।

'सर्वश्रेष्ठ फिल्म (ज्यूरी चॉइस) और श्लिंगेल फिल्म महोत्सव में विशेष उल्लेख के लिए पर्पल पेबल पिक्चर्स टीम को बधाई। निर्देशक पाखी ए टायरवाला ने फिल्म में दृढ़ विश्वास दिखाने के लिए प्रियंका चोपड़ा का धन्यवाद किया। 'पहुना' तीन नेपाली बच्चों की कहानी है जो अपने माता-पिता से बिछड़ जाते हैं और नेपाल में माओवादी आंदोलन से किसी तरह बच कर सिक्किम पहुंचते हैं। पिछले साल 'टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव' (टीआईएफएफ) में 'पहुना' का विश्व स्तर पर प्रीमियर किया गया था।

आईएमएफ का अनुमान: 2018 में 7.3 प्रतिशत रहेगी भारत की आर्थिक वृद्धि दर

IMF estimates India's economic growth rate to be 7.3 percent in 2018

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( आईएमएफ ) ने मंगलवार को भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2018 में 7.3 प्रतिशत और 2019 में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। अपनी नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में आईएमएफ ने कहा कि चालू वर्ष में भारत फिर से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का दर्ज़ा हासिल कर लेगा। यह चीन के मुकाबले 0.7 प्रतिशत अधिक होगा।

वर्ष 2017 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में भारत द्वारा हाल में किए गए आर्थिक सुधारों का भी जिक्र किया है। इसमें माल एवं सेवाकर ( जीएसटी ) और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता को लागू करना शामिल है। साथ ही मुद्रास्फीति को लक्ष्य के भीतर बनाए रखने, विदेशी निवेश के उदारीकरण और कारोबार सुगमता के लिए उठाए गए कदम भी शामिल हैं

रिपोर्ट में कहा गया है,  भारत की आर्थिक वृद्धि 2018 में 7.3 प्रतिशत और 2019 में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह आईएमएफ द्वारा अप्रैल 2018 में जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य में जताए गए अनुमान से कम है। इसकी अहम वजह हाल में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होना और वैश्विक आर्थिक हालात का मुश्किल भरा होना बतायी गई है। हालांकि यह 2017 के 6.7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर से अधिक है। 

 



 

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