कानून मंत्रालय से बोलीं मेनका, यौन उत्पीड़न की शिकायत के लिए आयुसीमा खत्म की जाए

Samachar Jagat | Monday, 08 Oct 2018 02:54:48 PM
Age limit should be terminated for complaint of sexual harassment

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नई दिल्ली। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कानून मंत्रालय से कहा है कि बाल यौन उत्पीड़न के लिए तय आयुसीमा हटाई जाए ताकि 10-15 साल बाद भी लोग ऐसे मामलों की शिकायत कर सकें। मेनका ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि वे बहुत खुश हैं कि 'मी टू’ अभियान भारत में भी शुरू हो गया है और इससे महिलाओं को सामने आकर शिकायत करने का हौसला मिला है।


उन्होंने मीडिया से कहा कि जिसने उत्पीड़न किया है, उसे पीड़िता कभी नहीं भूल सकती। हमने कानून मंत्रालय को लिखा है कि किसी आयुसीमा के बगैर लोगों को शिकायत करने की अनुमति होनी चाहिए। आपराधिक दंड प्रक्रिया की धारा 468 के तहत बाल यौन उत्पीड़न की घटना की सूचना 3 साल के अंदर देना अनिवार्य है।

हालांकि दंड प्रक्रिया की धारा 473 के मुताबिक न्याय के हित में अदालत किसी पुराने मामले का भी संज्ञान ले सकती है। दरअसल, मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत बालिग यानी 18 वर्ष के होने पर बाल यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराना कठिन हो जाता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि कोई भी पीड़ित यौन उत्पीड़न की शिकायत घटना के '10-15 साल’ बाद भी कर सकता है।  'मी टू’ अभियान’ का उल्लेख करते हुए मेनका ने कहा कि मैं आशा करती हूं कि यह इस तरह नियंत्रण से बाहर नहीं चला जाए कि हम उन लोगों को निशाना बनाएं जिनसे हमें परेशानी हुई हो। लेकिन मेरा मानना है कि यौन उत्पीड़न को लेकर महिलाएं आक्रोशित हैं।

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