सबरीमाला में सुरक्षा के कड़े प्रबंध, बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात

Samachar Jagat | Monday, 05 Nov 2018 05:41:19 PM
arrangements of security in Sabarimala

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सबरीमाला। भगवान अयप्पा मंदिर के सोमवार शाम को मासिक पूजा के लिए खुलने के पहले मंदिर परिसर और आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी, सशस्त्र कमांडो और निगरानी कैमरा की मौजूदगी के साथ साथ सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए हैं।


ये अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध मंदिर में माहवारी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश को मंजूरी देने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सबरीमाला में गत महीने प्रदर्शन को देखते हुए की गई है। राज्य की एलडीएफ सरकार द्बारा उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने के विरोध में श्रद्धालुओं और हिदू संगठनों ने 17-22 अक्टूबर तक कड़ा विरोध प्रदर्शन किया था।

हालांकि इस सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद रविवार सुबह से ही एरुमेली पहुंच चुके श्रद्धालुओं ने पंबा और सन्निधानम ना जाने देने के खिलाफ सोमवार सुबह प्रदर्शन किया। उन्होंने 'अयप्पा शरणम’ के नारे लगाते हुए यातायात अवरुद्ध कर दिया। यह दूसरी बार है जब उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद मंदिर को दर्शन के लिए खोला जाएगा।

मंगलवार को त्रावणकोर के आखिरी राजा चिथिरा थिरुनल बलराम वर्मा के जन्मदिवस के अवसर पर सोमवार शाम को पांच बजे विशेष पूजा के लिए मंदिर खोला जाना है। इस विशेष पूजा को श्री चित्रा अत्ता तिरूनाल कहते हैं। मंदिर मंगलवार को रात दस बजे बंद किया जाएगा।

क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी गई है। पथानामथिट्टा के पुलिस अधीक्षक टी नारायणन ने रविवार को पीटीआई-भाषा को बताया था कि श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकें इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। बीस सदस्यीय कमांडो टीम और 100 महिलाओं समेत 2,300 कर्मियों को सुचारू दर्शन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है।

पचास वर्ष से अधिक की आयु वाली कम से कम 15 महिला पुलिसकर्मियों को सन्निधानम में तैनात किया गया है। टीवी फुटेज में दिखा है कि श्रद्धालु पुलिसकर्मियों के साथ निलाक्कल से पाम्बा के बीच में कई स्थानों पर बहस कर रहे हैं। यह मंदिर तक पहुंचने का रास्ता है।

पुलिस द्बारा गहन जांच से परेशान होने के अलावा श्रद्धालुओं की शिकायत है कि आधार शिविर में सुविधाओं की कमी है। अगस्त में आयी बाढ़ की वजह से यहां काफी क्षति पहुंची थी। रविवार की शाम को ही पहुंचे श्रद्धालुओं को एक समूह को जब आज सुबह पाम्बा नहीं जाने दिया गया तो उन्होंने सड़क घेर दिया और अयप्पा शरणं मंत्र का जाप करने लगे।

मीडियाकर्मियों को भी सुबह में  निलक्कल से पाम्बा जाने नहीं दिया जा रहा था लेकिन बाद में यह प्रतिबंध हटा दिया गया। पुलिस की मदद से कुछ महिला पत्रकार पाम्बा की ओर बढ़ी। हिदूवादी संगठनों ने रविवार को मीडिया हाउस से अपील की थी कि वे 50 से कम उम्र की महिला पत्रकारों को यहां न भेजें।

स्थानीय टीवी चैनल की खबर के मुताबिक पुलिस ने पुजारी को मीडिया से बातचीत करने पर रोक लगा दी है। गत माह की हिंसा के संबंध में अभी तक 3,731 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 545 मामले दर्ज किए गए हैं।

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