असम के आंगनबाड़ी केंद्रों में फर्जीवाड़ा, 14 लाख बच्चों का नहीं है अता- पता

Samachar Jagat | Friday, 24 Aug 2018 10:54:00 AM
Assam Anganwadi centers 14 lakh fake children

नई दिल्ली। असम में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के 14 लाख फर्जी नाम पाए गए हैं। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने यह जानकारी दी। असम सरकार ने जून में एक अभियान चलाया था जिसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में मौजूद बच्चों की संख्या का भौतिक सत्यापन किया गया। जब उसका पंजीकृत बच्चों की संख्या से मिलान किया गया तो करीब 14 लाख बच्चे कम मिले।

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बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि खाद्य वितरण प्रणाली में कई खामियां पायी गयी हैं। उन्होंने सभी राज्य सरकारों को उन बच्चों की संख्या सत्यापित करने का निर्देश दिया जिन्हें वाकई भोजन की जरुरत है। सितंबर महीने के पोषण अभियान से पहले एक कार्यक्रम में बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि जिस रकम की हेराफ़ेरी की जा रही है, उसका उपयोग आसानी से बच्चों के कल्याण के लिए किया जा सकता है। पोषण महीने के तहत सरकार पोषण केंद्रित कई कार्यक्रम चलाने वाली है।

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मेनका गांधी ने सभी राज्यों से आंगनवाड़ी केंद्रों पर अनाज खरीदने और वितरित करने का अतिरिक्त बोझ नहीं डालने को कहा है। पोषक खाद्य सामग्री तीसरे पक्ष द्बारा खरीदी जानी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगाह रखी जाए।

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एक अधिकारी के अनुसार प्रत्येक बच्चे के प्रतिदिन के भोजन के लिए मंत्रालय 4.8 रुपया और राज्य सरकार 3.2 रुपया देती है। गणना के बाद पता चला कि फर्जी नाम के जरिए असम में प्रतिमाह 28 करोड़ रूपए की चोरी की जा रही थी।  पोषण अभियान का लक्ष्य 2022 तक 0-6 साल छह साल तक के बच्चों के शारीरिक विकास में गिरावट के प्रतिशत को 38.4 से घटाकर 25 प्रतिशत पर लाना है। 



 

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