चारधाम यात्रा का हुआ समापन, बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट

Samachar Jagat | Tuesday, 20 Nov 2018 06:11:17 PM
Badrinath Dham kapat close

गोपेश्वर। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए और इसी के साथ इस वर्ष की चारधाम यात्रा का समापन हो गया। बदरीनाथ मंदिर समिति के जनसंपर्क अधिकारी हरीश गौड ने बताया कि शाम 3.21 पर बदरीनाथ धाम के कपाट परम्परागत पूजा अर्चना और रीति रिवाज से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

इस दौरान सेना के बैंड की धुनों से वातावरण गुंजायमान रहा। कपाट बंद होने के मौके पर धाम की आखिरी पूजा में हिस्सा लेने के लिये हजारों श्रद्धालुओं के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट और योग गुरू रामदेव भी मौजूद रहे। चमोली जिला स्थित भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने के लिए सुबह से ही विशेष पूजायें शुरू हो गई थीं।

कपाट बंद होते समय मंदिर के पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबुदरी ने भगवान बदरीविशाल को माणा गांव से अर्पित घृत कंबल ओढ़ाया गया। भगवान को शीत से बचाव हेतु सदियों से इस धार्मिक परंपरा का निर्वाह किया जाता है। श्रद्धालु अब शीतकाल के दौरान भगवान बदरीविशाल के दर्शन जोशीमठ के नृसिंह मंदिर में कर सकेंगे।

बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ इी इस वर्ष की चारधाम यात्रा का समापन हो गया। इस साल करीब साढे 10 लाख तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। गढवाल हिमालय के 4 धामों के नाम से मशहूर तीन अन्य धामों, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट पहले ही शीतकाल के लिए बंद किए जा चुके हैं।

सर्दियों में भीषण ठंड और भारी बर्फबारी की चपेट में रहने की वजह से चारों धामों के कपाट अक्टूबर-नवंबर में  श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं जो अगले साल अप्रैल-मई में दोबारा खोले जाते हैं।



 

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