कुपवाड़ा में दूसरे दिन भी प्रतिबंध जारी, घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

Samachar Jagat | Friday, 13 Jul 2018 12:30:55 PM
Ban on second day in Kupwara

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सीमावर्ती कुपवाड़ा जिले के अधिकांश हिस्सों में एहतियात के तौर पर शुक्रवार को भी प्रतिबंध जारी रहे। कुपवाड़ा में बुधवार रात प्रदर्शनकारियों और पथराव कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए सेना को गोलियां चलानी पड़ी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी।

इसी बीच, कुपवाड़ा के जिलाधिकारी खालिद जहांगीर ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में एक मामला भी दर्ज किया गया है। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारी पथराव कर रहे लोगों की भीड़ से बचने के लिए आत्मरक्षा के तौर पर सेना को गोलियां चलानी पड़ी। पथराव में सेना के 5 जवान घायल हो गए थे।

जिलाधिकारी जहांगीर ने अपने ताजा आदेश में कहा कि कुपवाड़ा शहर और त्रेहगाम में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 के तहत शुक्रवार को भी प्रतिबंध जारी रहेंगे। त्रेहगाम, चौकीबाल और कुपवाड़ा शहर जैसे इलाकों में स्थिति बिल्कुल अलग है। इन क्षेत्रों में कर्फ्यू की वजह से अतिरिक्त सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है और लोगों को अपने घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है।

अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भी वापस भेजा जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि बुधवार की रात करीब 8 बजे त्रेहगाम इलाके से गुजर रहे सेना के काफिले पर 30 से 40 युवकों की भीड़ ने भारी पथराव किया। सेना के गश्ती दल ने भीड़ को पहले मौखिक चेतावनी दी और इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में दो राउंड गोलियां चलाईं।

उन्होंने बताया कि इसके बावजूद भीड़ ने सैनिकों पर पथराव और तेज कर दिया जिसमें 5 जवान घायल हो गए। तब आत्मरक्षा के तौर पर सेना के जावनों ने हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलीबारी करनी पड़ी। इससे पहले बुधवार की सुबह त्रेहगाम और क्रालपोरा में भी सेना के वाहनों पर पथराव किया गया था। 



 

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