राजस्थान में पेयजल समस्या के समाधान के लिए केंद्रीय हिस्सेदारी बढ़े : कल्ला

Samachar Jagat | Wednesday, 12 Jun 2019 12:49:44 PM
Central share to resolve drinking water problem in Rajasthan: Kala

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नई दिल्ली। राजस्थान के ऊर्जा, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी तथा भू-जल मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने केंद्र सरकार से राज्य को पेयजल की समस्या के समाधान के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान करने में प्राथमिकता देने और हिस्सेदारी बढ़ाने की माँग की है। 

डॉ. कल्ला ने सोमवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों की बैठक में कहा कि राज्य में पेयजल समस्या के समाधान, जल स्रोतों के संवर्धन और सतह पर मौजूद जल स्रोतों को जोडऩे के लिए पूर्वी राजस्थान कैनाल परियोजना एवं चम्बल, ब्राहम्णी बीसलपुर लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त 43 हजार करोड़ रुपए की विशेष सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष पानी की उपलब्धता 640 घन मीटर ही है, जबकि देश में यह 1,700 घनमीटर तथा विश्व में 2,000 घन मीटर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में देश की कुल जनसंख्या का 5.5 प्रतिशत तथा कुल पशुधन का भी 18.70 प्रतिशत है। जल की अत्यधिक आवश्यकता और सतही जल की कम उपलब्धता के कारण राज्य में भू-जल का औसतन दोहन 135 प्रतिशत है। राज्य में प्रति व्यक्ति पेयजल पहुँचाने का खर्चा भी देश में सर्वाधिक है।

डॉ. कल्ला ने कहा कि राज्य में 37,126.90 करोड़ रुपए की लागत से 127 वृहद पेयजल परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। पश्चिम राजस्थान में इंदिरा गाँधी नहर, नर्मदा नहर आधारित योजनाओं के संवर्धन एवं विस्तार द्वारा पेयजल उपलब्ध कराने, बीसलपुर जयपुर परियोजना के दूसरे चरण तथा ढाणियों में सतही पेयजल योजना या तकनीक आधारित उपायों के लिए भी केन्द्र सरकार से सहयोग चाहिए। 

उन्होंने कहा कि राज्य को सतही स्रोत आधारित परियोजनाओं में सम्पूर्ण परियोजना लागत की चार प्रतिशत राशि ही प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार के पास वित्तीय संसाधनों की सीमित उपलब्धता के मद्देनजर मरूस्थलीय जिलों में पेयजल योजना लागत राशि में केन्द्र सरकार की शत-प्रतिशत और गैर मरूस्थलीय जिलों में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी की माँग की। -(एजेंसी)



 

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