चंद्रयान 2: माइनस 200 डिग्री सेल्सियस में है लैंडर विक्रम 

Samachar Jagat | Wednesday, 11 Sep 2019 11:09:08 AM
Chandrayaan 2: Lander Vikram is minus 200 degrees Celsius

इंटरनेट डेस्क। इसरो ने 22 जुलाई को चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग की थी। शनिवार को लैंडर विक्रम से संपर्क खत्म होने के बाद हर कोई किसी चमत्कार की दुआ कर रहा है। क्या एक बार फिर से लैंडर विक्रम से इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन के वैज्ञानिक संपर्क साध पाएंगे? क्या लैंडर विक्रम से संपर्क करने के लिए कोई डेड लाइन है? ये वो सवाल हैं जिसके जवाब का पूरी दुनिया को इंतजार है।


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चंद्रयान 2 के लैंडर से रविवार को संपर्क टूट गया था। इसके बाद से अब तक पांच दिन बीत गए हैं। लेकिन अभी तक चंद्रमा की सतह से कोई अच्छी खबर नहीं आई है। इसरो के वैज्ञानिकों ने लैंडर विक्रम से संपर्क साधने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन इस मिशन को पूरा करने करने के लिए उनके पास सिर्फ 10 दिनों का समय और बचा है। 21 सितंबर तक ही वे लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश कर सकते हैं।

इसके बाद लूनर नाइट की शुरुआत हो जाएगी. जहां हालात बिल्कुल बदल जाएंगें 14 दिन तक ही विक्रम को सूरज की रोशनी मिलेगी। लैंडर और रोवर को भी सिर्फ 14 दिनों तक काम करना था। चांद की सतह पर ठंड बेहद खतरनाक होती है। साउथ पोल में तो तापमान माइनस 200 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। लैंडर विक्रम ने भी साउथ पोल में ही लैंड किया है। चंद्रमा का ऐसा इलाका जहां अब तक कोई देश नहीं पहुंचा है।

विक्रम से संपर्क करने के लिए इसरो कर्नाटक के एक गांव बयालालु से 32 मीटर के एंटीना का इस्तेमाल कर रहा है। इसका स्पेस नेटवर्क सेंटर बेंगलुरु में है। इसरो कोशिश कर रहा है कि ऑर्बिटर के जरिये विक्रम से संपर्क किया जा सके। खास बात ये है कि लैंडर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, यानी इसमें कोई भी टूट-फूट नहीं हुई है। इसरो लैंडर के साथ फिर से संपर्क स्थापित करने की हर संभव कोशिश कर रहा है।
 



 

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