चंद्रयान 2: चांद पर सुरक्षित है विक्रम लैंडर, नहीं हुई टूट-फूट

Samachar Jagat | Monday, 09 Sep 2019 03:10:28 PM
Chandrayaan 2: Vikram Lander is safe on the moon, no breakage

इंटरनेट डेस्क। चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर पूर्णतया सुरक्षित है। चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर से संपर्क टूटने के बाद बिना उम्मीद खोए इसरो लगातार कोशिश कर रहा है कि किसी तरह लैंडर से ऑर्बिट का संपर्क स्थापित हो सके। इसी कड़ी में इसरो को बड़ी सफलता मिली है और ऑर्बिट द्वारा भेजी गई थर्मल इमेज में विक्रम लैंडर लुनर सरफेस पर सुरक्षित दिखा है।


loading...

इसरो के मुताबिक विक्रम सुरक्षित है और कोई भी टूट-फूट नहीं हुई है। हालांकि, इसरो लैंडर के साथ संचार को फिर से स्थापित करने का हर संभव प्रयास कर रहा है।  तस्वीर से यह साफ हो गया है कि लैंडर की भले ही हार्ड लैंडिंग की बात कही जा रही हो, मगर यह टूटा नहीं है। तस्वीर में विक्रम लैंडर एक टुकड़े में यानी साबुत दिख रहा है। इसरो मिशन से जुड़े एक अधिकारी ने सोमवार को दावा किया कि यह ऑर्बिटर के ऑन-बोर्ड कैमरे द्वारा भेजी गई तस्वीरों से यह साफ हो गया है कि जहां पर लैंडिंग होनी थी, वहां लैंडर की हार्ड लैंडिंग हुई है।

ऑर्बिटर की तस्वीरमें लैंडर एक ही टुकड़े के रूप में दिख रहा है। लैंडर टुकड़ों में नहीं टूटा है। यह चांद की सतह पर झुकी हुई स्थिति में है। अधिकारी ने कहा कि हम यह देखने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि क्या लैंडर के साथ संचार फिर से स्थापित किया जा सकता है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के सिवन ने रविवार को कहा था कि चंद्रयान-2 ऑर्बिटर में लगे कैमरों ने लैंडर की मौजूदगी का पता लगाया। इससे एक दिन पहले ही यह महत्त्वकांक्षी चंद्रमा मिशन योजना के मुताबिक चंद्रमा की सतह पर श्सॉफ्ट लैंडिंगश् नहीं कर पाया था। सिवन ने कहा कि लैंडर ने संभवतरू श्हार्ड लैंडिंग की और उसके साथ संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

लेले ने कहा, “लैंडर मॉड्यूल की स्थिति बिना किसी संदेह के साबित करती है कि ऑर्बिटर बिल्कुल सही तरीके से काम कर रहा है। ऑर्बिटर मिशन का मुख्य हिस्सा था क्योंकि इसे एक साल से ज्यादा वक्त तक काम करना है।” उन्होंने कहा कि ऑर्बिटर के सही ढंग से काम करने से मिशन के 90 से 95 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिए जाएंगे।  भारतीय अनुसंधान संगठन (इसरो) के चीफ के. सिवन ने लैंडर विक्रम से संपर्क टूटने और मिशन चंद्रयान-2 के बारे में कहा था कि अभी सारी उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं। इसरो चीफ ने डीडी न्यूज से बात करते हुए कहा कि वैज्ञानिक उससे अगले चैदह दिनों तक संपर्क साधने की कोशिश करते रहेंगे।

लैंडर से दोबारा संपर्क होने की कोई सूरत के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए के. सिवन ने कहा- “हम संपर्क साधने की कोशिश करते रहेंगे, हम अगले 14 दिनों तक संपर्क करने की कोशिश करेंगे।” चंद्रयान के साथ गये ऑर्बिटर के बारे में बताते हुए के सिवन ने कहा कि ऑर्बिटर की लाइफ मात्र एक साल के लिए तय की गई थी, लेकिन ऑर्बिटर में मौजूद अतिरिक्त ईंधन की वजह से अब इसकी उम्र 7 साल तक लगायी जा रही है।
 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!




Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.