राजस्थान में कोचिंग संस्थानों को लेकर बनाई कमेटी 

Samachar Jagat | Friday, 06 Sep 2019 02:13:00 PM
Committee formed for coaching institutes in Rajasthan

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे कोचिंग संस्थानों के नियमन और निंयत्रण के बारे में सुझाव देेने के लिए राजस्थान सरकार ने एक राज्यस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों के तनाव को कम करने के लिए किए जाने वाले उपायों के बारे में भी सुझाव देगीं। राजस्थान मे कोटा पूरे देश में कोचिंग नगरी के रूप में जाना जाता है।


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पूरे देश से बच्चे यहां मेडिकल और इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए कोचिंग करने आते है। अकेले कोटा में करीब दो लाख बच्चे अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में पढाई कर रहे है। कोचिंग के साथ ही कोटा इन बच्चों की आत्महत्याओं के मामले में भी चर्चा मे आता रहता है। कोटा के साथ ही राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, सीकर, सवाई माधोपुर का गंगापुरसिटी, झुंझुनूं और कुछ अन्य शहरों में भी कोचिंग संस्थान बढ़ रहे है। इन शहरों में मेडिकल और इंजीनियरिंग के अलावा लाॅ, मैनेजमेंट, सीए, सीएस जैसे पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए तैयारी कराई जाती है। इसके अलावा सिविल सेवाओं और अन्य सरकारी भर्तियों के लिए भी कोचिंग संस्थान तैयारी करा रहे है।

राजस्थान सरकार कोचिंग को बड़ी सम्भावना वाले व्यवसाय के रूप में देख रही है, क्योंकि इन कोचिंग संस्थानों के कारण राजस्थान में करीब पांच लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिला हुआ है।

राजस्थान में अभी कोचिंग संस्थानों पर किसी तरह के नियम लागू नहीं है। कोटा में स्थानीय जिला प्रशासन ने कुछ गाइड लाइन जरूर तय कर रखे है, लेकिन वे भी ज्यादातर बच्चों की कांउसलिंग और तनाव रहित कोचिंग के बारे में है।

कोई नियम या कानून नहीं है। कोई भी व्यक्ति दो कमरे खाली देख कर वहां कोचिंग शुरू कर देता है। न कोचिंग करने वालो की शैक्षणिक योग्यता का पता होता है और न ही संस्थानों में सुरक्षा मानको का ध्यान रखा जाता है।

इसके अलावा कई कोचिंग संस्थानों के संचालक सरकारी भर्तियों की प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करते या कराते भी पाए गए है। इन सब स्थितियों को देखते हुए सरकार अब कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण और नियमन की व्यवस्था करन चाहती है। इसके लिए एक तरफ जहां शहरी विकास विभाग को शहरों में कोचिंग हब विकसित करने को कहा गया है, वहीं एक समिति भी गठित की गई है जो नियंत्रण व नियमन का कानूनी दस्तावेज तैयार कर सरकार को देगीं।
 



 

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