कांग्रेस करती थी मनमर्जी से न्यायिक नियुक्तियां  

Samachar Jagat | Monday, 11 Jun 2018 10:15:19 AM
Congress used to appoint judicial appointments

नई दिल्ली। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के. एम. जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की कोलोजियम की सिफारिश को लौटाने पर कांग्रेस की आलोचना का सटीक जवाब  ने ब्लॉग लिखकर दिया। सत्ता के नशे में कांग्रेस हमेशा सुप्रीम कोर्ट को प्रभावित करने के लिए न्यायिक नियुक्तियां करती थी, लेकिन इस को तूल पकडक़र विवाद  करना सरासर गलत है।

 उत्तराखंड  उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को उच्च न्यायालय में प्रमोट करने की कोलोजियम की सिफारिश को लौटाने के संदर्भ में जेटली ने ब्लॉग में लिखा है कि यह प्रक्रिया के अनुरूप है। कांग्रेस हमेशा यह भूल जाती है कि उसने संसद में अपने बहुमत के दम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रोकने का प्रयास किया था।

जेटली ने इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री काल के एक उदाहरण का पेश करते हुए कहा है कि न्यायिक नियुक्तियों के इतिहास में प्रधानमंत्री ने तब एक नई नीति की शुरुआत करते हुए विचारधारा विशेष के प्रति प्रतिबद्ध व्यक्तियों को ही कानून मंत्री से नवाजा जाता था। इससे मौका आने पर न्यायिक नियुक्तियां करके अपनी इच्छा के अनुसार निर्णय को प्रभावित कर सकें।

जेटली ने केशवानंद भारती के केस का उदाहरण देते हुए कांग्रेस सरकार को याद दिलाया कि तत्कालीन सरकार ने न्यायिक स्वतंत्रता के हनन का प्रयास किया गया था और संसद की मदद से संविधान के बुनियादी स्वरूप को परिवर्तन कर सत्ता हासिल की।

केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला मील का पत्थर साबित हुआ। इसमें संविधान के बुनियादी स्वरूप को स्पष्ट  करते हुए कहा गया कि किसी भी अवस्था में छेड़छाड़ नहीं होगी। 
 



 

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