आयकर विभाग से न्यायालय का सवाल - क्या जयललिता का कोई वारिस है?

Samachar Jagat | Tuesday, 11 Sep 2018 10:42:54 AM
Court question from Income Tax Department - Is Jayalalitha any heir?

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार को आयकर विभाग से पूछा कि क्या तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता का कोई कानूनी वारिस है और क्या उन्होंने कोई वसीयत छोड़ी थी। न्यायालय ने जयललिता से जुड़े 20 साल से ज्यादा पुराने संपत्ति कर के एक मामले में दायर अपील पर सुनवाई के दौरान यह सवाल किया और फिर सुनवाई स्थगित कर दी। 

'WhatsApp' से सुनवाई करने के मामले में उच्च न्यायालय ने न्यायाधीश से मांगी रिपोर्ट 

न्यायमूर्ति हुलुवाडी जी. रमेश और न्यायमूर्ति के. कल्याणसुंदरम की पीठ ने आयकर विभाग के वकील से कहा कि वह इस बाबत निर्देश प्राप्त करें। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 26 सितंबर तय कर दी। पीठ ने कहा कि चूंकि यह कानून में तय है कि अदालत किसी मृत व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही आगे नहीं बढ़ा सकती, ऐसे में जयललिता का कोई कानूनी वारिस है तो आयकर विभाग के वकील सेंथिल कुमार उसे रिकॉर्ड पर सामने लाएं। 

कांग्रेस ने भारत बंद को बताया ऐतिहासिक, सरकार से पेट्रोल डीजल की कीमतें तत्काल कम करने के लिए कहा 

आयकर विभाग ने आयकर अपीलीय प्राधिकरण (आईटीएटी) के 30 सितंबर 2016 के उस आदेश के खिलाफ अपील दायर की है जिसमें जयललिता के खिलाफ संपत्ति कर आयुक्त के पुनरीक्षित संपत्ति कर मूल्यांकन आदेश को दरकिनार कर दिया गया था। यह मामला वर्ष 1997- 98 के लिए जयललिता के संपत्ति कर मूल्यांकन से जुड़ा है। आयकर विभाग ने 27 मार्च 2000 को कुल संपत्ति 4.67 करोड़ रुपए बताने का आदेश जारी किया था। अफ्रीका फिर प्रतिद्वन्द्वी महत्वाकांक्षाओं का मंच नहीं बने : सुषमा स्वराज 

लेकिन बाद में, आय से अधिक संपत्ति के मामले में जयललिता पर मुकदमा चलाने वाले सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक जांच निदेशालय की जांच के आधार पर विभाग ने इस आधार पर मूल्यांकन का पुनरीक्षण किया कि जयललिता ने त्रुटिपूर्ण घोषणा की थी। पुनरीक्षित मूल्यांकन को चुनौती देते हुए जयललिता ने करीब छह साल की देरी के बाद आईटीएटी का रुख किया था। आईटीएटी ने 30 सितंबर 2016 को उनकी अपील मंजूर कर ली थी और 2,255 दिनों की देरी माफ कर दी, जिसके खिलाफ आयकर विभाग ने इस साल उच्च न्यायालय का रुख किया था। 

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!



Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.