बिना पटाखों के होगी दिल्ली-एनसीआर की दिवाली!

Samachar Jagat | Thursday, 01 Nov 2018 04:44:42 PM
Delhi-NCR Diwali without fireworks!

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नई दिल्ली। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इस वर्ष पटाखों की बिक्री पर संशय बना हुआ है और अब तक पटाखा विक्रेताओं को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है जिससे इस साल यहाँ बिना पटाखों के दिवाली हो सकती है। 


हर साल जाड़े के मौसम में, विशेषकर दिवाली के आसपास, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में इस वर्ष सिर्फ हरित पटाखे ही बेचे जाएंगे।

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर) के वैज्ञानिकों ने 30 से 40 प्रतिशत कम प्रदूषण करने वाले हरित पटाखे विकसित तो कर लिए हैं लेकिन इनका वाणिज्यिक उत्पादन अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे इस साल दिल्ली में बिना पटाखों के दिवाली मनाए जाने की आशंका बढ गई है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन सहित मंत्रालय का कोई भी अधिकारी इस बाबत कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर मंत्रियों तथा उच्चाधिकारियों की आज हुई एक बैठक के बाद डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार दिल्ली में इस साल सिर्फ'हरित पटाखे’ही बेचे जायेंगे।

जब ये पूछा गया कि हरित पटाखे तो बाजार में हैं ही नहीं तो वह इस सवाल को टाल गए। पर्यावरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि अब यह पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) को तय करना है कि वह किस तरह के पटाखों के लिए लाइसेंस जारी करता है।

पटाखों के निर्माण और बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने की जिम्मेदारी पैसो की है। अधिकारी ने कहा कि पेसो को यह देखना है कि किस पटाखे में बेरियम का स्तर कितना है। बेरियम का इस्तेमाल पारंपरिक पटाखों में होता है।

गौरतलब है कि अब तक दिल्ली-एनसीआर के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पेसो ने शुरू नहीं की है जबकि दिवाली में एक सप्ताह से कम समय रह गया है। शीर्ष कोर्ट के आदेश के बाद पेसो इस क्षेत्र में सिर्फ हरित पटाखों के लिए ही लाइसेंस जारी कर सकता है। 

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