लोकतंत्र सिर्फ एक शासन प्रणाली नहीं है : मनमोहन सिंह 

Samachar Jagat | Wednesday, 11 Apr 2018 06:25:45 PM
Democracy is not just a rule system: Manmohan Singh

चंडीगढ़। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने बुधवार को यहां कहा कि लोकतंत्र सिर्फ एक शासन प्रणाली नहीं बल्कि उससे कहीं अधिक है। यहां पंजाब विश्वविद्यालय में प्रथम प्रोफेसर एसबी रांगणेकर व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र एक विचार है कि इंसानों को एक-दूसरे से कैसा व्यवहार करना चाहिए।

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लोकतंत्र का बुनियादी आधार है कि हर व्यक्ति को शासन व्यवस्था के संचालन और निर्माण में बोलने का हक हो, समान भागीदारी हो। समानता के बारे में उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आर्थिक असमानता की वृद्धि को काबू पाने पर लगातार फोकस किया जाए और इसे कम किया जाए। उन्होंने कहा कि समानता और लोकतंत्र के प्रति हमारी कटिबद्धता के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता के प्रति मजबूत सामाजिक और राजनीतिक पुनर्जागरण की आवश्यकता है।

डॉ. सिंह ने कहा कि देश की आजादी सरकार की आजादी नहीं है, यह जनता की आजादी है और जनता में भी शक्तिशाली लोगों की नहीं बल्कि हर भारतीय की आजादी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय आजादी के बिना लोकतंत्र नहीं हो सकता और लोकतंत्र के बिना आजादी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को भाईचारे, समानता और आजादी से अलग नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि केवल भाईचारे की भावना वाली जनता ही लोकतंत्र बनाए रख सकती है। उन्होंने कहा इसी प्रकार केवल एक लोकतांत्रिक देश ही भाईचारे को बनाए रख सकता है। उन्होंने कहा कि भाईचारे का आधार जैसा कि संविधान की भूमिका में कहा गया है नागरिक के सम्मान और देश की एकता व अखंडता है।

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पूर्व प्रधानमंत्री ने देश की चुनाव व्यवस्था के बारे में कहा कि सभी देशवासियों को लोकतांत्रिक चुनावी प्रणाली पर गर्व है जिसमें शांतिपूर्ण तरीके से सत्तारूढ़ पार्टियों को भी हराया जाता रहा है और सत्ता हस्तांतरण हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह आज की दुनिया में दुर्लभ सफलता है।

डॉ. सिंह ने कहा कि हमारी चुनावी व्यवस्था ने शासन की सामंतवादी प्रणालियों को नष्ट किया है और आम आदमी के लिए भी बिना किसी सामाजिक, आर्थिक या राजनीतिक पृष्ठभूमि या विशेषाधिकार के ऊंचे पदों पर आसीन होने के अवसर मुहैया कराए हैं।

बाद में डॉ. सिंह, जो पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं और विश्वविद्यालय में जवाहर लाल नेहरू चेयर पद के प्रोफेसर पद पर भी हैं, ने अर्थशास्त्र विभाग का दौरा किया तथा विभाग के टीचरों व छात्रों से चर्चा की। उन्होंने गुरू तेग बहादुर हाल भी देखा जहां उनकी दी 3500 पुस्तकों को रखा जाएगा। इस अवसर पर कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर, डीन प्रो. मीनाक्षी मल्होत्रा आदि मौजूद थे।



 

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