केरल में बाढ़ का कहर: एक दिन में 30 लोगों की मौत, कई इलाकों में रेड अलर्ट

Samachar Jagat | Friday, 17 Aug 2018 09:00:16 AM
Floods in Kerala: 30 dead in a day

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तिरूवनंतपुर/कोच्चि/नयी दिल्ली। केरल में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से गुरुवार को 30 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, कई घरों में पानी भर गया और सड़कों को नुकसान पहुंचा वहीं कई स्थानों पर हवाई और रेल यातायात बाधित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि आठ अगस्त से भारी बारिश और बाढ़ की वजह से कुल 97 लोगों की मौत हो चुकी है। मानसूनी बरसात से पिछले दो दिनों में ही 55 लोगों की जान गई है।

भारतीय नौसेना ने त्रिचुर, अलूवा और मवूत्तुपुझा में फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकाला है। वीडियो में दिखाया गया है कि लोग जलमग्न घरों की छतों और पहाड़ों पर हैं तथा नौसेना हेलीकॉप्टरों के जरिए निकाल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर रक्षा मंत्रालय ने राज्य में राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की तीन इकाइयों की नयी टीमें भेजी हैं। राज्य में 1.5 लाख से ज्यादा बेघर और विस्थापित लोग राहत शिविरों में हैं।

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सूत्रों ने बताया कि राज्य के 14 जिलों में से एक को छोड़ कर सभी हाई अलर्ट पर हैं। मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन से सुबह फिर बात की और स्थिति से निपटने में केंद्र की मदद का उन्हें आश्वासन दिया। मोदी ने ट्वीट किया, ''हम ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की। रक्षा मंत्रालय से कहा है कि राज्य में बचाव एवं राहत अभियानों को और बढ़ाए। केरल के लोगों की सुरक्षा और सलामती की प्रार्थना करता हूं।’’

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राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के करीब 540 कर्मियों की 12 सीटों को भी केरल भेजा गया है। राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने केरल में करीब एक सदी में आई सबसे भीषण बाढ़ की वजह से तेजी से बिगड़ती स्थिति की समीक्षा के लिए नयी दिल्ली में बैठक की। कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में थल सेना, नौसेना और वायु सेना प्रमुखों के अलावा, गृह, रक्षा सचिवों समेत अन्य शीर्ष अधिकारियों ने शिरकत की।

स्थिति की गंभीरता पर संज्ञान लेते हुए उच्चतम न्यायालय ने मुल्लापेरियार बांध की आपदा प्रबंधन समिति को आदेश दिया है कि बांध में जलस्तर को तीन फुट घटा कर 139 फुट पर लाने का तत्काल फैसला करे। कुछ नगरों और गांवों में पानी का स्तर दो मंजिला मकानों की ऊंचाई तक पहुंच गया जिसके बाद बच्चों और बुजुर्गों समेत सैकड़ों लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी और सोशल मीडिया में बचाव और राहत के लिए अपील करनी पड़ी। 

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