क्या हार को नहीं पचा पा रहे है तोगड़िया?

Samachar Jagat | Tuesday, 17 Apr 2018 12:21:23 PM
former VHP president Pravin Togadia will be fasting from today

नेशनल डेस्क। विहिप एक ऐसा नाम है जिसकों सुनने के बाद हिंदूवादी छवी मन में उभरती है और यही हिंदूवादी छवी एक ऐसे व्यक्ति के मन में थी जिसने अपना सबकुछ इस संगठन के नाम न्योछावर कर दिया। वो व्यक्ति कोई और नहीं एक सुना हुआ नाम है और वो है प्रवीण भाई तोगड़िया, 52 वर्ष में पहली बार विहिप के सांगठनिक चुनावों में तोगड़िया गुट को हार का सामना करना पड़ा है और उनकी जगह ले ली है विष्णु सदाशिव कोकजे ने, सदाशिव कोकजे कौन है और क्या है यह बाद में जानेंगे लेकिन तोगड़िया ने हार के बाद अनिश्चितकालीन अनशन का निर्णय क्यों लिया और ऐसा क्यों कर रहे है यह एक बड़ा विषय है।

तोगड़िया ने कहा नए नेतृत्व के साथ मतभेद नहींः

तोगड़िया की माने तो हार के बाद नये नेतृत्व के साथ उनका कोई मतभेद अथवा मनभेद नहीं है। वह चाहते हैं कि मौजूदा विहिप नेतृत्व भी उनकी तरह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग समेत हिन्दुत्व से जुड़े अन्य मुद्दों पर या तो उनके साथ यहां अनशन में जुड़े या अलग से नयी दिल्ली में विहिप कार्यालय में अनशन करे।

संघ के मुद्दों को लेकर कर रहे अनशनः

तोगड़िया ने हालांकि साफ तौर पर यह भी कहा कि जिन मुद्दों को लेकर अनशन कर रहा हूं, वे दरअसल संघ के ही मुद्दे हैं। यह उनके कोई निजी मुद्दे नहीं है। वह उम्मीद करते हैं कि संघ इसमें उनका साथ देगा। तोगड़िया ने कहा कि हमने जनता से वादा किया था कि केंद्र में सरकार बनने पर अयोध्या में राम मंदिर के लिए संसद में कानून बनेगा। हमने समान नागरिक संहिता और धारा 370 हटाने जैसे वादे किये थे। मैं इन्हीं मुद्दों को लेकर संघ के पूर्व के निर्देश के अनुरूप अपनी मांग पर अडिग हूं।

मोदी से रहे है मतभेदः

पूर्व विहिप नेता के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जिनके साथ कथित तौर पर उनका गुजरात के मुख्यमंत्रित्वकाल से ही मतभेद रहा है, उन पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे समय में जब देश में महिलाएं सुरक्षित और उनके साथ दुष्कर्म हो रहे हैं तथा किसान और जवान भी सुरक्षित नहीं हैं, वह एक और विदेश यात्रा पर निकल पड़े हैं।

जानबूझकर विहिप से निकालने का लगाया आरोपः

विहिप में हुए सांगठनिक चुनाव के बाद तोगड़िया ने अपने खेमे की करारी हार के बाद आरोप लगाया था कि राम मंदिर और ऐसे अन्य हिन्दुत्व से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण उन्हें जानबूझ कर विहिप से बाहर निकाला गया है।

संघ जुटा है मनाने मेंः

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गुजरात इकाई के तीन शीर्ष नेताओं ने तोगड़िया को अनिश्चितकालीन अनशन के कार्यक्रम को रद्द करने के लिए मनाने के प्रयास किया है संघ को पता है की अगर तोगड़िया अनशन करते है तो वो संघ के मुद्दों को लेकर ही अनशन करेंगे और यह उनके लिए भी नुकसानदायक है।

कौन है प्रविण तोगड़ियाः 

प्रवीण तोगड़िया विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतरष्ट्रिया कार्यकरी अध्यक्ष है। पेशे से एक विख्यात कैंसर सर्जन है। उन्हें 1979 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंस्वेकों का मुख्य मार्गदर्शक केवल 22 वर्ष की उम्र में चुना गया। उन्हें उनके उत्तेजक और गर्म बयानों के लिए जाना जाता है। ये सौराष्ट्र के पटेल है, किसान के बेटे है। ये युवा अवस्था में ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए थे। 

क्या है विहिपः

विश्व हिंदू परिषद एक हिंदू संगठन है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस की एक अनुषांगिक शाखा है। इसे वीएचपी और विहिप के नाम से भी जाना जाता है। विहिप का चिन्ह बरगद का पेड़ है और इसका नारा, ‘धर्मो रक्षति रक्षित’ यानी जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।

कौन है कोकजेः

न्यायाधीश विष्णु सदाशिव कोकजे हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं। हाल ही हुए चुनावों में विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए है, आरएसएस के चहते है।



 

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