हैवानियत मस्त, सरकार पस्त: क्या ऐसे ही लूटती रहेगी इन मासूमों की इज्जत?

Samachar Jagat | Monday, 16 Apr 2018 12:39:53 PM
gangrape case in india

जयपुर। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देना तो आसान हैं, लेकिन क्या बेटियों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी नहीं बनती हैं? आज देशभर में हैवानियत लिए शैतान घुम रहे हैं, जो हमारी बेटियों, मां और बहन की इज्जत से खेल रहे हैं। इस पूरे मामले पर प्रशासन मौन सा नजर आ रहा हैं। 16 दिसंबर 2012 की वो काली रात, जिस दिन निर्भया कांड हुआ।

चलती बस में हैवानियत के दरिंदों ने एक युवती को हवस का शिकार बनाया। इतना हीं नहीं बल्कि उसके शरीर को कई जगहों से चोटिल भी कर दिया था। उसके बाद भी हैवानियत का सिलसिला थमने का नाम नहीं लिया। आएं दिन अखबार की सुर्खियों में रेप और गैंगरेप से जैसे मामले सामने आते रहे है।

लेकिन सरकार उस पर कोई कार्रवाई नहीं करती नजर आई। ताजा मामलों की बात करें तो जम्मू कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का हैं, जहां पर दो मासूमों की इज्जत लूटी गई। जिसमें से कठुआ की मासूम के साथ पहले तो  उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। 

मन में उठता हैं ये सवाल?
बस अब मन में ये सवाल उठता हैं, कि लोग इसलिए बेटियां पैदा ही नहीं करना चाहते है। क्या कौन करेगा इन मासूमों की इफाजत, क्या इनको खुली हवा में सांस लेने का कोई अधिकार नहीं? क्या सरकार रेप और गैंगरेप जैसे मामलों पर कठोर कानून बनाएंगी। जिससे रेप करना तो दूर, मासूम और महिलाओं की तरफ  देखने से भी हैवानियत के दरिंदें घबराएं। चलो अब बात करते हैं इन दोनों रेप मामलों पर क्या-क्या कार्रवाई हुई और क्या आरोपी गिरफ्तार हुए, इन सबके बारे में आपको बताते है।


कठुआ रेप केस
जम्मू कश्मीर के कठुआ में 8 वर्षीय मासूम बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले में आज से कोर्ट में सुनवाई शुरू होगी। ये सुनवाई 8 आरोपियों के खिलाफ की जाएगी, जिन पर बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस सभी आरोपियों को लेकर अदालत पहुंची है।

वहीं, पीडि़ता के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केस कठुआ से चंडीगढ़ ट्रांसफर करने और सीबीआई जांच की मांग की है। इस पर उच्चतम न्यायालय में आज 2 बजे सुनवाई होगी। आरोप है कि इन्होंने 8 वर्षीय की बच्ची को जनवरी में अगवाह किया और एक सप्ताह तक मंदिर में बंधकर बनाकर उसके साथ गैंगरेप किया।

आरोपियों में एक किशोर भी शामिल है, जिसके खिलाफ एक अलग चार्जशीट दाखिल की गई है। वहीं पीडि़ता की वकील दीपिका सिंह राजावत ने अपने साथ दुष्कर्म या हत्या कराए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से बाहर केस ट्रांसफर करने की मांग की है। 

उन्नाव रेप केस
चलो अब बात करते है उत्तर प्रदेश के उन्नाव गैंगरेप केस की, तो यहां पर एक बीजेपी विधायक पर बच्ची से रेप करने का आरोप लगा है। आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्नाव गैंगरेप केस के आरोपी को 7 दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया है। जांच एजेंसी ने आरोपी विधायक को शुक्रवार रात गिरफ्तार करने के बाद शनिवार दोपहर लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में पेश किया।

कोर्ट ने उनको सात दिन की कस्टडी पर सीबीआई के हवाले कर दिया है। इस मामले में अब विधायक सेंगर की अगली पेशी 21 अप्रैल को होगी। इससे पहले उन्नाव मामले में गुरुवार को सीबीआई और लखनऊ की एसीबी ब्रांच ने 3 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। सीबीआई ने शुक्रवार तडक़े आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को हिरासत में लेकर करीब 17 घंटे तक पूछताछ की और फिर शुक्रवार रात 9: 30 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार उन्नाव में सीबीआई को प्रारंभिक जांच में ही विधायक, उनके भाई और साथियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। 

सेंगर ने कहा था कि मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा 
पेशी से पहले मीडिया से बीजेपी विधायक सेंगर ने कहा था कि मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। यूपी के इलाहाबाद हाई कोर्ट से मिली फटकार के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है।

प्रारंभिक जांच में सीबीआई को गैंगरेप के आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाई के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। सीबीआई ने सेंगर के दो फोन भी अपने कब्जे में लिए हैं। इस बीच सेंगर के वकील ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम निष्पक्ष जांच के समर्थन में हैं। उन्हें (सेंगर को) सात दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा गया है। 

ये है उन्नाव का पूरा मामला
बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर पर एक किशोरी लडक़ी के साथ कथित तौर पर जून 2017 में दुष्कर्म करने का आरोप है। इस मामले में पिछले साल पीडि़त लडक़ी की एफआईआर पुलिस ने नहीं लिखी थी जिसके बाद लडक़ी के परिवार वालों ने अदालत का सहारा लिया। पीडि़त परिवार का आरोप है कि इसके बाद से बीजेपी विधायक के परिजन उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।

वहीं लडक़ी का कहना है कि न्याय के लिए वे उन्नाव पुलिस के हर अधिकारी के पास गई, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि विधायक और उनके साथी पुलिस में शिकायत नहीं करने का दबाव बनाते रहे हैं और इसी क्रम में विधायक के भाई ने 3 अप्रैल को उनके पिता से मारपीट भी की। इसके बाद हिरासत में लडक़ी के पिता की मौत हो गई।

पूरा देश शर्मसार
इन दोनों गैंगरेप के मामलों को लेकर देशभर में उबाल देखा जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को दिल्ली में आंबेडकर मेमोरियल का उद्घाटन करते हुए कहा था कि इन घटनाओं से पूरा देश शर्मसार है और बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा और पूरा मिलेगा। पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि इस मामले में गुनहगारों को कड़ी सजा मिलेगी। 

इन दोनों मामलों पर हमारे देश के नेताओं की बयानबाजी
वहीं हमारे देश के नेताओं की इन दोनों गैंगरेप मामलों पर बयानबाजी जारी हैं। कठुआ और उन्नाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानों की जंग जारी है।

भाजपा ने राहुल गांधी से पूछा है कि वे जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस अध्यक्ष को कब हटाएंगे तो वहीं कांग्रेस ने बीजेपी  से पूछा है कि वे योगी आदित्यनाथ को कब हटाएंगे।

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर के बयान को आधार बना कर बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला है। भाजपा मीर का इस्तीफा मांग रही है तो कांग्रेस पूछ रही कि यूपी के मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा क्यों नहीं हुआ है। 



 

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