निर्यात ऋण के लिए प्राथमिक क्षेत्र के उधारी के मानदंडों की जांच हो रही है : गोयल

Samachar Jagat | Saturday, 13 Jul 2019 08:33:12 AM
Goverment of primary sector borrowing norms for export credit: Goyal

नई दिल्ली। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के हवाले से संसद को शु्क्रवार को बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक, निर्यात ऋण के संवर्धन के लिए प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण के निमयों की समीक्षा कर रहा है। 

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उन्होंने कहा कि कुछ अनुकूल दिशा-निर्देशों पर विचार किया जा रहा है। इनके लागू होने से निर्यात कार्य के लिए 35,000-68,000 करोड़ रुपये के कर्ज की अतिरिक्त सुविधा हो सकती है। 

एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने राज्यसभा को बताया, ’’डीएफएस ने सूचित किया है कि रिजर्व बैंक मौजूदा समय में निर्यात ऋण के लिए प्राथमिकता क्षेत्र को ऋण संबंधी नियमों की समीक्षा कर रहा है और कुछ अनुकूल दिशानिर्देशों पर विचार चल रहा है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि आरबीआई द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार वाणिज्यिक बैंकों ने 31 मार्च, 2015 को निर्यात क्षेत्र के लिए 1,85,591 करोड़ रुपये का कर्ज दे रखा था जो 2018 में मार्च के अंत में 2,43,890 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लेकिन 31 मार्च 2019 को निर्यात क्षेत्र पर बैंकों का बकाया ऋण घट कर 2,26,363 करोड़ रुपये रह गया था।

सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के निर्यातकों के लिए ऋण के प्रवाह को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इन उपायों में कई अन्य उपायों के अलावा ब्याज सहायता को तीन प्रतिशत से बढ़ाकर पांच प्रतिशत किया जाना शामिल है।

एक अलग प्रश्न का उत्तर देते हुए, उन्होंने कहा कि पेटेंट आवेदनों की जांच के लंबित मामले मार्च 2017 के 2,04,177 से 49 प्रतिशत घटकर जून, 2019 में 1,03,928 रह गये है। वर्ष 2018-19 में लगभग 15,284 पेटेंट प्रदान किये गए, जबकि पेटेंट कार्यालय में 1,12,856 आवेदन लंबित हैं। -(एजेंसी)



 

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