आंध्र प्रदेश के मामले में मोदी ने राज धर्म का पालन नहीं किया : चंद्रबाबू नायडू

Samachar Jagat | Monday, 11 Feb 2019 11:36:03 AM
In Andhra Pradesh, Modi did not follow Raj's religion: Chandrababu Naidu

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार पर हमले जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि राज्य को विशेष दर्ज़ा ना देकर उन्होंने राज धर्म का पालन नहीं किया। केन्द्र से राज्य को विशेष दर्ज़ा देने और 2014 में इसके विभाजन से पहले किए सभी वादों को पूरा करने की मांग को लेकर सोमवार को यहां एक दिवसीय अनशन पर बैठे नायडू ने मोदी को आगाह किया कि अगर उन्होंने उनके राज्य के लोगों खिलाफ निजी हमले किए तो इसका उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

नायडू ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि गुजरात में (2002 दंगों के दौरान) राज धर्म का पालन नहीं हुआ। अब आंध्र प्रदेश में भी राज धर्म नहीं निभाया गया। हमें वह देने से इनकार किया जा रहा है जो जायज तौर पर हमारा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में घोर अन्याय किया है और इसका असर राष्ट्रीय एकता पर पड़ेगा।

नायडू ने कहा कि मैं पांच करोड़ लोगों की ओर से इस सरकार को आगाह कर रहा हूं...मैं यहां उन्हें 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम’ में किए वादें याद दिलाने आया हूं। उन्होंने कहा कि मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं। मेरे और मेरे लोगों के खिलाफ निजी हमले ना करें। यह अनुचित है। मैं राज्य प्रमुख के तौर पर अपने कर्तव्य पूरे कर रहा हूं। हम वही मांग रहे हैं जिसका हमसे वादा किया गया था।

नायडू ने कहा कि अगर कोई हमारे आत्मसम्मान पर हमला करेगा तो हम इसे बर्दाश नहीं करेंगे। तेदेपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी को संसद परिसर में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई। इसलिए हम यहां आए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल सहित विपक्षी दलों के कई नेताओं के नायडू के समर्थन में यहां पहुंचने की उम्मीद है।

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख आंध्र प्रदेश भवन में अनशन पर बैठे हैं। नायडू ने अनशन शुरू करने से पहले महात्मा गांधी को राज घाट पर और भीम राव आंबेडकर को आंध्र प्रदेश भवन में श्रद्धांजलि दी। तेदेपा का एक प्रतिनिधिमंडल नायडू के नेतृत्व में मंगलवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविद को एक ज्ञापन सौंपेगा। आम चुनाव से पहले तेदेपा प्रमुख भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने में लगे हैं। भाजपा विरोधी गठबंधन के लिए पिछले तीन महीने में वह कई बैठकें कर चुके हैं।

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्ज़ा देने की मांग को लेकर तेदेपा मार्च 2०18 में राजग सरकार से अलग हो गया था। पार्टी ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर पोलावरम सिंचाई परियोजना, कडप्पा इस्पात संयंत्र और निर्माणाधीन अल्ट्रा-आधुनिक राज्य की राजधानी अमरावती के लिए धन नहीं देने का आरोप भी लगाया है। आंध्र प्रदेश को दो जून 2014 को दो हिस्सों में बांट दिया गया था। हैदराबाद नए राज्य तेलंगाना की राजधानी बन गया।



 

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