अभ्यर्थी की नौकरी की जरूरत देखकर चिकित्सा प्रमाणपत्र जारी करें सरकारी अस्पताल: अदालत

Samachar Jagat | Wednesday, 10 Jul 2019 11:03:49 AM
Issuing medical certificate by looking at the job requirement of the candidate Government Hospital: Court

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि एम्स और सफदरजंग जैस प्रमुख अस्पतालों सहित दिल्ली के सभी सरकारी अस्पताल नौकरी के लिए जरूरी चिकित्सकीय मानकों की जांच करने के बाद ही सैन्य बलों के अभ्यर्थीयों को मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करे।

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अदालत ने कहा कि मेडिकल प्रमाणपत्र में स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि दस्तावेज जारी कर रहे डॉक्टर ने अभ्यर्थी की मेडिकल रिपोर्ट की जांच की है और उन्हें संबंधित पद की चिकित्सकीय मानकों की जरूरतों की जानकारी है।

अदालत ने कहा कि डॉक्टर स्पष्ट रूप से मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी पिछली रिपोर्ट के निष्कर्ष से सहमत नहीं होने का कारण लिखें। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की पीठ ने कहा, ‘‘प्रमाणपत्र जारी करने वाले डॉक्टर का नाम और पद प्रमाणपत्र पर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। ऐसा प्रमाणपत्र जारी होने पर ही उसे अदालत के सामने रखा जाए और अभ्यर्थी इस मामले पर गौर करने के लिए इस अदालत को राजी करने के लिए इस (प्रमाणपत्र) पर विश्वास कर सकते हैं।’’

अदालत ने कहा कि यह निर्देश ‘‘कड़ाई से अनुपालन के लिए’’ दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को दिया जाए। अदालत एक अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसका सैन्य अकादमी ने साक्षात्कार लिया था और उसे मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद अनफिट घोषित किया गया था।-(एजेंसी)



 

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