नहीं रहे प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर

Samachar Jagat | Thursday, 23 Aug 2018 12:55:03 PM
journalist Kuldip Nayar Ppass away

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नई दिल्ली। जाने-माने पत्रकार कुलदीप नैयर का बुधवार देर रात यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार अपराह्न एक बजे लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा। उनका जन्म चौदह अगस्त 1923 को पंजाब के सियालकोट में हुआ था। वह एक प्रख्यात पत्रकार, स्तंभकार और मानवाधिकारी कार्यकर्ता थे। वह ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त रहें और उन्हें 1997 में राज्यसभा का सदस्य भी बनाया गया।

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कई किताबें लिख चुके कुलदीप नैयर वर्षों तक केंद्र सरकार में प्रेस सूचना अधिकारी रहें। वह संवाद समिति यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया, अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस और स्टेट््समैन से भी जुड़े रहें। उन्होंने ‘द लंदन टाइम्स’ में भी संवाददाता के रूप में सेवाएं दी। पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को कुलदीप नैयर के नाम पर ‘कुलदीप नैयर पत्रकारिता पुरस्कार’ भी प्रदान किया जाता है। पत्रकारिता जगत में उनकी उत्कृष्ट भूमिका के लिए 2015 में उन्हें प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कुलदीप नैयर पिछले काफी दिन से बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे। उनका कल मध्यरात्रि के बाद लगभग साढ़े बारह बजे निधन हो गया। 

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कोभवद और मोदी ने नैयर के निधन पर जताया शोक : उधर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए गुरुवार को कहा कि वह स्पष्टवादी, निर्भीक और लोकतंत्र के बड़े हिमायती थे। राम नाथ कोविंद ने अपने शोक संदेश में कहा कि नैयर एक प्रमुख संपादक और लेखक, कूटनीतिज्ञ तथा सांसद थे। उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोग उनकी लेखनी को हमेशा याद करते रहेंगे।

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राष्ट्रपति ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कुलदीप नैयर हमारे समय के असाधारण बुद्धिजीवी थे। अपने विचारों को लेकर स्पष्ट एवं निर्भीक थे। आपातकाल के खिलाफ उनका कड़ा रूख तथा जन सेवा और बेहतर भारत बनाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं। 

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