12 फरवरीः एक क्लिक में पढ़े 10 बड़ी खबरें

Samachar Jagat | Monday, 12 Feb 2018 04:10:59 PM
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मंदिर विवाद का हल बातचीत के जरिए ढूंढने का प्रयास जारी रहेगा : नदवी

An attempt to find a solution to the temple dispute through dialogue will continue: Nadvi

लखनऊ। अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के बर्खास्त कार्यकारी सदस्य सैयद सलमान हुसैनी नदवी ने सोमवार को कहा कि अयोध्या विवाद का हल ढूंढने के लिये उनका प्रयास जारी रहेगा। नदवी के राम जन्मभूमि मंदिर विवाद का हल उच्चतम न्यायालय के फैसले की बजाय बातचीत के जरिए हल ढूंढना चाहिए।

बयान के बाद बोर्ड ने रविवार को हैदराबाद में हुई कार्यकारी की बैठक में नदवी को बर्खास्त कर दिया था। बोर्ड ने कहा है कि अयोध्या में मस्जिद के साथ कोई समझौता नहीं किया जायेगा। मस्जिद अपनी जगह पर ही बनेगी। बर्खास्त बोर्ड के सदस्य नदवी 20 फरवरी को अयोध्या मंदिर विवाद का सौहार्दपूर्ण हल ढूंढने के लिए आध्यात्यमिक गुरू श्री श्री रवि शंकर के साथ दूसरे दौर की बैठक में शामिल होंगे।

नदवी ने बताया कि बोर्ड के कुछ सदस्यों ने उनके साथ साजिश की और उन्हे बोर्ड से बर्खास्त करा दिया। उन्होंने कहा कि एक सदस्य को बिना कारण बताओ नोटिस दिए कैसे बोर्ड से निकाला जा सकता है। गत नौ फरवरी को बोर्ड की बैठक में भाग लेने के बाद उन्होंने खुद ही इसका बहिष्कार किया था और बोर्ड से अलग हो गये।

लंदन के सिटी एयरपोर्ट में मिला WWII का बम, एयरपोर्ट बंद

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लंदन। लंदन सिटी एयरपोर्ट के किंग जॉर्ज वी डॉक में निर्माण कार्य के दौरान दूसरे विश्वयुद्ध के वक्त का एक विशालकाय बम मिलने के बाद आस-पास के इलाकों को खाली कराया गया है और लंदन सिटी एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है।

यह एयरपोर्ट टेम्स नदी के पास बना है और यहां पर इसके अंदर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान यह बम मिला है। एयरपोर्ट प्रशासन की और से जारी बयान में कहा गया, किंग जॉर्ज वी डॉक में निर्माण कार्य के दौरान दूसरे विश्वयुद्ध के वक्त का बम मिलने के बाद आस-पास के इलाकों को खाली कराया गया है।

बम मिलने की सूचना के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। इसके अलावा रॉयल नेवी को भी वहां तैनात किया गया है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि एयरपोर्ट पर पहले से निर्धारित निर्माण कार्य के दौरान बम का पता चला। रॉयल नेवी के साथ मिलकर पुलिस बम को वहां से हटाने की कोशिश कर रही है।

सेना पर दिए गए बयान को लेकर भागवत को माफी मांगनी चाहिएः भाकपा

Bhagwat should apologize for statement given on army CPI

नई दिल्ली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता अतुल कुमार अन्जान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के भारतीय सेना के बारे में दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है और कहा है कि इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।

अनजान ने आज यहाँ कहा कि भागवत का यह बयान सेना का मनोबल गिराने और सैनिकों को अपमानित करने वाला है। इसके लिए उन्हें समस्त देशवासियों से माफी मंगनी चाहिए। 

उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा कि संघ की आस्था न तो कभी भारतीय संविधान में रही और न राष्ट्रीय तिरंगे में। यही कारण है कि उसने अपने मुख्यालय नागपुर में कभी तिरंगा नहीं फहराया। संघ के सर संघ चालक गुरु गोलवरकर ने 1950 में ही संविधान और तिरंगे को नकार दिया था। संघ हमेशा से वर्णाश्रम में यकीन करता रहा है, इसलिए वह संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार में यकीन नहीं करता। 

भाकपा नेता ने कहा कि भागवत के बयान से स्पष्ट हो गया है कि उनके मन में सेना के प्रति सम्मान का भाव नहीं है। वह दरअसल तथाकथित राष्ट्रवादी लोग हैं जो इस तरह के बयान देते रहते है।

भारत और ओमान के बीच आठ समझौतों पर हस्ताक्षर

Signing eight agreements between India and Oman

मस्कट। भारत और ओमान ने पर्यटन और सैन्य सहयोग समेत आठ क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ओमान के सुल्तान काब्बूस उपस्थित थे और दोनों की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बातचीत के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

ओमान एवं भारत के बीच समुद्री रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक ट्वीट में बताया, हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान के सुल्तान काब्बूस के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।

दोनों सामरिक सहयोगियों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।कुमार ने बताया कि सुल्तान काब्बूस ने ओमान के विकास में ईमानदार और कड़ी मेहनत के लिए भारतीय नागरिकों के योगदान की सराहना की।

उन्होंने बताया कि समझौता ज्ञापनों में नागरिक और वाणिज्यिक मामलों में कानूनी और न्यायिक सहयोग पर समझौता शामिल है। इसके अलावा राजनयिक, विशेष, सेवा और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों के लिए परस्पर वीजा छूट पर समझौता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग का समझौता भी इसमें शामिल हैं।

श्रीनगर मुठभेड, सीआरपीएफ कांस्टेबल शहीद

Srinagar encounter CRPF constable martyr

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में आज करन नगर क्षेत्र में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर पर आतंकवादियों के एक हमले को सतर्क संतरी ने विफल कर दिया और इसके बाद हुई मुठभेड में एक कांस्टेबल शहीद हो गया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शहर के करन नगर क्षेत्र में सीआरपीएफ शिविर की तरफ तड़के कुछ आतंकवादियों को बढ़ते देखकर वहां तैनात संतरी ने गोलियां चलाई जिसके बाद आतंकवादी वहां से भाग निकले।

इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और खोज अभियान शुरू किया तथा सीआरपीएफ ने इसी क्षेत्र में एक खाली मकान पर गोलियां चलाई। इस बीच उसी मकान के भीतर से जवाबी गोलीबारी हुई जिसमें सीआरपीएफ की 49वीं बटालियन का जवान मुजाहिद खान बुरी तरह घायल हो गया जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। आतंकवादी अभी भी इसी मकान में छिपे हुए है और रूक रूक वहां से गोलियां चलाई जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है और मीडियाकर्मियों को एक खास स्थान से आगे जाकर कवरेज करने की अनुमति नहीं दी गई। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि इमारत के भीतर कितने आतंकवादी छिपे हैं।

गलतियां सुधार सीरीज कब्जाने उतरेगा भारत

India will be able to grab mistakes improve series

पोर्ट एलिजाबेथ । भारतीय क्रिकेट टीम अपनी गलतियों से पिछला मैच हारी जिससे मेजबान दक्षिण अफ्रीका को वापसी का मौका मिल गया, लेकिन मंगलवार को पांचवें वनडे में उसके पास सबक लेते हुए सीरीज पर कब्जा सुनिश्चित करने का फिर से अवसर रहेगा।

भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका की जमीन पर अपना आखिरी टेस्ट और छह मैचों की सीरीज के शुरूआती तीनों वनडे जीतने के बाद बेहतरीन लय में दिखाई दे रही थी लेकिन ‘गुलाबी जर्सी’ में अफ्रीकी टीम कमाल कर गयी और उसने 3-1 के साथ वापसी का संकेत दे दिया। हालांकि कप्तान विराट कोहली की टीम के पास 25 वर्षाें में दक्षिण अफ्रीकी जमीन पर अपनी पहली सीरीज जीतकर इतिहास रचने के अभी दो मौके हैं, लेकिन बेहतर होगा कि टीम यह काम पोर्ट एलिजाबेथ में निपटा ले।

जोहानसबर्ग में भारतीय फील्डरों ने वर्षा प्रभावित मैच में कई कैच टपकाये, नो बॉल उसके लिये जी का जंजाल बन गयी तो पिछले तीन मैचों के हीरो कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की स्टार स्पिन जोड़ी ने मिलकर 11.3 ओवर की गेंदबाजी में 119 रन दिये। विराट इस प्रदर्शन से इतने खफा दिये कि उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत इस मैच में जीत का हकदार नहीं था। एक बात साफ है कि टीम अपनी गलतियों और कमियों को जानती है, और उसकी कोशिश इसे दोहराने से बचने की होगी।

295 अंक की बढ़त के साथ 34,300 के स्तर पर बंद हुआ Sensex

Sensex closes at 34300, up 295 points

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में आज सुबह कारोबार बढ़त के साथ शुरू हुआ और कारोबार की समाप्ति पर भी बढ़त दर्ज की गई। पूरे दिन कारोबार करने के बाद समाप्ति पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बढ़त बनाकर बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स कारोबार की समाप्ति पर 294.71 अंक यानि 0.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ 34,300.47 के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 84.80 अंक यानि 0.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,539.75 के स्तर पर बंद हुआ।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सुबह गिरावट के साथ खुला बाजार अंत में लाल निशान पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सबसे बुरा हाल सेंसेक्स का रहा और यह कारोबार की समाप्ति पर 407.40 अंक की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई।

आपको बता दें कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 407.40 अंक यानि 1.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 34,005.76 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 121.90 अंक यानि 1.15 प्रतिशत गिरकर 10,454.95 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

स्मार्ट सिटी मिशन के लिए 9940 करोड़ रुपए जारी

Samachar Jagat | Monday, 12 Feb 2018 12:54:01 PM

9940 crores released for smart city mission

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने शहरों को अत्याधुनिक नागरिक सुविधाओं से लैस करने की स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए राज्य सरकारों को 9940 करोड़ रुपए जारी कर दिया है। इसमें पुणे और नासिक सहित महाराष्ट्र के आठ शहरों के लिए सर्वाधिक 1378 करोड़ रुपए और सात शहरों वाले मध्य प्रदेश को 984 करोड़ रुपए मिले हैं। 

आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने अब तक केन्द्रीय सहायता से 99 शहरों को स्मार्ट सिटी योजना के दायरे में शामिल किया है। इन शहरों को अत्याधुनिक सुविधाओं वाला बनाने की मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना पर 2.03 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश करने की योजना है। 

मंत्रालय द्बारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना में सर्वाधिक 11 शहरों वाले तमिलनाडु को अब तक 848 करोड़ रुपए, सात शहरों को स्मार्ट बना रहे कर्नाटक को 836 करोड़ रुपए और चार शहरों (जयपुर, उदयपुर, कोटा एवं अजमेर) वाले राजस्थान को 784 करोड़ रुपए मिले हैं। 

योजना में आंध्र प्रदेश के चार शहरों के लिए केन्द्रीय सहायता के रूप में 588 करोड़ रुपए मिले हैं जबकि 10 शहरों वाले उत्तर प्रदेश को 547 करोड़ रुपए और छह शहरों वाले गुजरात को 509 करोड़ रुपए केन्द्र सरकार ने अब तक दिए हैं। सबसे कम राशि (आठ करोड़ रुपए) एक मात्र शहर वाले पश्चिम बंगाल को मिली है।

मई 2016 में न्यू टाउन कोलकाता को स्मार्ट सिटी परियोजना में शुमार किया गया था। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से योजना में शामिल होने के लिए न तो किसी शहर का प्रस्ताव आया और ना ही एकमात्र शहर के लिए परियोजना व्यय रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेजी गयी है जिस कारण से राज्य सरकार को राशि जारी कर पाना मुमकिन नहीं हो पाया है। 

इस योजना के तहत स्मार्ट सिटी में शामिल शहरों में स्मार्ट सड़क, स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट पुलिसतंत्र और स्मार्ट स्ट्रीट लाइट के अलावा जलाशयों के पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना पेश करने पर केन्द्र सरकार द्बारा राशि जारी की जाती है। राज्य सरकारें और स्थानीय निकाय स्थानीय बॉंड सहित अन्य विकल्प अपनाकर भी इस योजना के लिए स्वयं राशि एकत्र करते हैं। -एजेंसी 

जैकलीन का कहना, माधुरी को समर्पित है 'एक दो तीन' का संस्करण

jacqueline fernandez says, Madhuri is dedicated to ek do teen version

मुंबई। बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्री और पूर्व मिस श्रीलंका जैकलीन फर्नांडीस का कहना है एक दो तीन का नया संस्करण माधुरी दीक्षित को समर्पित है। जैकलीन फर्नांडीज का कहना है कि वह'बागी 2' में 'एक दो तीन' गाने के जरिए माधुरी दीक्षित को समर्पित करने की कोशिश कर रही हैं।

जैकलीन से जब पूछा गया कि एक दो तीन गाने को दोबारा पर्दे पर फिल्माने के बारे में सुनकर क्या आप पर प्रेशर आया था, इस पर जैकलीन ने कहा,'मुझे लगता है कि मुझ पर सबसे पहला दबाव था कि जिसकी संभावना ही नहीं है, उस मशहूर गाने को दोबारा से कैसे फिल्माया जा सकता है। जब मुझे लगा कि यह संभव ही नहीं है तो यह मेरे लिए और आसान हो गया, जो माधुरी और सरोज ने किया, हम उसके समान करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं।'

जैकलीन ने कहा ,'हम वास्तव में और किसी चीज से भी ज्यादा उनके काम के बड़े फैन हैं, और जो प्रसिद्ध गाना उन्होंने हमें दिया है यह वास्तव में उन्हें समर्पित है। बतौर अभिनेत्री मेरे लिए यह सम्मान की बात है और मेरी साथी अभिनेत्रियां यह सुनकर जल रही हैं कि मैं'एक दो तीन' कर रही हूं। यह करना किसी भी लड़की के लिए सपना होगा।

मुझे लगता है कि वास्तव में भगवान की कृपा है कि निर्देशक अहमद खान, साजिद नाडियाडवाला और गणेश आचार्य ने मुझे यह मौका दिया। मुझे हमेशा से पता है कि मैं माधुरी दीक्षित से कभी मेल नहीं खा सकती और मैं ऐसा करने का कभी प्रयास भी नहीं करने जा रही, क्योंकि आप माधुरी दीक्षित जैसे किसी को फिर से नहीं दोहरा सकते। यह केवल एक माधुरी दीक्षित हैं और मैं जानती हूं कि यह मेरी तरफ से उन्हें समर्पित है।

जन्मदिवस विशेष: बॉलीवुड में प्राण ने खलनायकी की दुनिया में बनाई खास पहचान

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मुंबई। बॉलीवुड में प्राण एक ऐसे खलनायक थे जिन्होंने पचास और सत्तर के दशक के बीच फिल्म इंडस्ट्री पर खलनायकी के क्षेत्र में एकछत्र राज किया और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। जिस फिल्म में प्राण होते दर्शक उसे देखने सिनेमाहॉल अवश्य जाया करते थे। इस दौरान उन्होंने जितनी भी फिल्मों में अभिनय किया, उसे देखकर ऐसा लगा कि वे किरदार वही निभा सकते थे।

तिरछे होंठो से शब्दों को चबा-चबा कर बोलना सिगरेट के धुएं से छल्ले बनाना और चेहरे के भाव को पल-पल बदलने में निपुण प्राण ने उस दौर में खलनायक को भी एक अहम पात्र के रूप में सिने जगत में स्थापित कर दिया। खलनायकी को एक नया आयाम देने वाले प्राण के पर्दे पर आते ही दर्शकों के अंदर एक अजीब सी सिहरन होने लगती थी।

प्राण अभिनीत भूमिकाओं की यह विशेषता रही है कि उन्होंने जितनी भी फिल्मों मे अभिनय किया उनमें हर पात्र को एक अलग अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया। रूपहले पर्दे पर प्राण ने जितनी भी भूमिकांए निभायीं, उनमें वह हर बार नये तरीके से संवाद बोलते नजर आये। खलनायक का अभिनय करते समय प्राण उस भूमिका में पूरी तरह डूब जाते थे। उनका गेट अप अलग तरीके का होता था। 

दुष्ट और बुरे आदमी का किरदार निभाने वाले प्राण ने अपने सशक्त अभिनय से एक ऐसी छवि बना ली थी कि लोग फिल्म में उसे देखते ही धिक्कारने लगते थे। इतना ही नहीं उनके नाम प्राण को बुरी नजर से देखा जाता था और शायद हीं ऐसा कोई घर होगा जिसमें बच्चे का नाम प्राण रखा गया हो। प्राण के हिंदी फिल्मों में आने की कहानी काफी दिलचस्प है। प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता केवल कृष्ण सिकंद सरकारी ठेकेदार थे। उनकी कंपनी सड़कें और पुल बनाने के ठेके लिया करती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राण अपने पिता के काम में हाथ बंटाने लगे। एक दिन पान की दुकान पर उनकी मुलाकात लाहौर के मशहूर पटकथा लेखक वली मोहम्मद से हुयी। वली मोहम्मद ने प्राण की सूरत देखकर उनसे फिल्मों में काम करने का प्रस्ताव दिया।

प्राण ने उस समय वली मोहम्मद के प्रस्ताव पर ध्यान नहीं दिया लेकिन उनके बार-बार कहने पर वह तैयार हो गये। वर्ष में प्रदर्शित फिल्म यमला जट से प्राण ने अपने सिने करियर की शुरुआत की। फिल्म की सफलता के बाद प्राण को यह महसूस हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में यदि वह करियर बनायेंगे तो ज्यादा शोहरत हासिल कर सकते हैं। इस बीच भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद प्राण मुंबई आ गये। 

इस बीच प्राण ने लगभग 22 फिल्मों में अभिनय किया और उनकी फिल्में सफल भी हुयीं लेकिन उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि मुख्य अभिनेता की बजाय खलनायक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। वर्ष 1948 में उन्हें बांबे टॉकीज की निर्मित फिल्म जिद्दी में बतौर खलनायक काम करने का मौका मिला। फिल्म की सफलता के बाद प्राण ने यह निश्चय किया कि वह खलनायकी को ही करियर का आधार बनाएंगे और इसके बाद प्राण ने लगभग चार दशक तक खलनायकी की लंबी पारी खेली और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

प्राण जब रुपहले पर्दे पर फिल्म अभिनेता से बात करते होते तो उनके बोलने के पहले दर्शक बोल पड़ते यह झूठ बोल रहा है, इसकी बात पर विश्वास नहीं करना यह प्राण है, इसकी रग-रग में मक्कारी भरी पड़ी है। वर्ष 1958 में प्रदर्शित फिल्म 'अदालत' में प्राण ने इतने खतरनाक तरीके से अभिनय किया कि महिलाएं हॉल से भाग खड़ी हुयी और दर्शकों को पसीने आ गये। सत्तर के दशक में प्राण खलनायक की छवि से बाहर निकलकर चरित्र भूमिका पाने की कोशिश में लग गये।

वर्ष 1967 में निर्माता -निर्देशक मनोज कुमार ने अपनी फिल्म उपकार में प्राण को मलंग काका का एक ऐसा रोल दिया जो प्राण के सिने करियर में मील का पत्थर साबित हुआ। फिल्म उपकार में प्राण ने मलंग काका के रोल को इतनी शिद्दत के साथ निभाया कि लोग प्राण के खलनायक होने की बात भूल गये। इस फिल्म के बाद प्राण के पास चरित्र भूमिका निभाने का तांता सा लग गया। इसके बाद प्राण ने सत्तर से नब्बे के दशक तक अपने चरित्र भूमिकाओं से दर्शकों का मन मोहे रखा।

सदी के खलनायक प्राण की जीवनी भी लिखी जा चुकी है,जिसका टाइटल एंड प्राण रखा गया है। पुस्तक का यह टाइटल इसलिए रखा गया है कि प्राण की अधिकतर फिल्मों में उनका नाम सभी कलाकारों के पीछे और प्राण लिखा हुआ आता था। कभी कभी उनके नाम को इस तरह पेश किया जाता था एबव आल प्राण। प्राण ने अपने चार दशक से भी ज्यादा लंबे सिने करियर में लगभग 350 फिल्मों मे अपने अभिनय का जौहर दिखाया। प्राण के मिले सम्मान पर यदि नजर डालें तो अपने दमदार अभिनय के लिये वह तीन बार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

वर्ष 2013 में प्राण को फिल्म जगत के सर्वश्रेष्ठ सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया था। प्राण को उनके कैरियर के शिखर काल में कभी उन्हें फिल्म के नायक से भी ज्यादा भुगतान किया जाता था। डॉन फिल्म में काम करने के लिए उन्हें नायक अमिताभ बच्चन से ज्यादा रकम मिली थी। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले प्राण 12 जुलाई 2013 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।- एजेंसी



 
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