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Samachar Jagat | Wednesday, 16 May 2018 04:34:43 PM
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येदियुरप्पा भाजपा विधायक दल के नेता निर्वाचित

Yeddyurappa elected leader of BJP Legislature Party

बेंगलुरू। कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल ने बी एस येदियुरप्पा को आज अपना नेता चुन लिया और पार्टी नेताओं ने तत्काल राज्यपाल वाजूभाई वाला से मुलाकात कर राज्य में सरकार गठन को लेकर उनके समक्ष अपना दावा पेश किया।

राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरी है, हालांकि वह सरकार बनाने के लिए सात सीटों के अंतर से चूक गयी। बहरहाल येदियुरप्पा ने राज्यपाल को 104 विधायकों की सूची सौंपी है और कहा है कि उनकी पार्टी बाहरी समर्थन से सरकार गठन के लिए सक्षम है। उन्होंने नयी सरकार बनाने के लिए अपनी पार्टी को आमंत्रित किये जाने का अनुरोध किया है।

प्रदेश भाजपा मुख्यालय में 10 मिनट के लिए आयोजित बैठक में पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद येदियुरप्पा ने पार्टी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर एवं पी मुरलीधर राव तथा अन्य नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाकात की ओर भाजपा विधायकों की सूची सौंपी। पार्टी सूत्रों के मुताबिकयेदियुरप्पा ने राज्यपाल से भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने के लिए पहले प्राथमिकता देने की अपील की।

#IPL-11: केकेआर ने राजस्थान रॉयल्स को छह विकेट से हराया

KKR beat Rajasthan Royals by six wickets

कोलकाता। बाएं हाथ के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की फिरकी के जादू के दम पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने इंडियन प्रीमियर लीग में मंगलवार को यहां राजस्थान रॉयल्स को छह विकेट से हराकर नॉकआउट के लिए क्वालीफाई करने की ओर कदम बढ़ाए।

कुलदीप (20 रन पर चार विकेट), आंद्रे रसेल (13 रन पर दो विकेट)और प्रसिद्ध कृष्णा (35 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने तूफानी शुरुआत के बावजूद रॉयल्स की टीम 19 ओवर में 142 रन पर सिमट गई। सुनील नारायण और शिवम मावी को एक-एक विकेट मिला।

इसके जवाब में केकेआर ने क्रिस लिन (45) और कप्तान दिनेश कार्तिक (नाबाद 41) के बीच चौथे विकेट की 48 रन की साझेदारी की बदौलत 18 ओवर में चार विकेट पर 145 रन बनाकर जीत दर्ज की।

रॉयल्स की ओर से बेन स्टोक्स ने चार ओवर में 15 रन देकर तीन विकेट हासिल किए, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। ईश सोढ़ी ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 21 रन देकर एक विकेट चटकाया।

इस जीत से केकेआर के 13 मैचों में सात जीत से 14 अंक हो गए हैं और उसने तीसरे स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। रॉयल्स की टीम 13 मैचों में 12 अंक के साथ चौथे स्थान पर बरकार है।

लक्ष्य का पीछा करते हुए सुनील नारायण (21) ने पहले ही ओवर में कृष्णप्पा गौतम की लगातार गेंदों पर दो चौके और दो छक्के मारे, लेकिन बेन स्टोक्स ने अगले ओवर में उन्हें गौतम के ही हाथों कैच करा दिया।

कर्नाटक: BJP बनी सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से 8 सीट दूर, सबकी नजरें राजभवन पर

Karnataka: BJP is biggest party, but 8 seats away with majority

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने और बीजेपी और चुनाव के बाद एकजुट हुए कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के सरकार बनाने के दावे पेश करने के बाद अब सबकी नजरें राज्यपाल वजूभाई वाला पर हैं कि वे किसे सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं।

विधानसभा की 224 में से 222 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी 104 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रुप में उभरी है जबकि कांग्रेस को 78 सीटें, जनता दल (एस) को 37 और उसकी सहयोगी बहुजन समाज पार्टी(बसपा)को एक सीट मिली है। एक सीट केपीजेपी को तथा एक सीट निर्दलीय के खाते में गई है। कांग्रेस और भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बने इस चुनाव में प्रचार के दौरान दोनों के बीच जमकर घमासान हुआ जिसमें कटुता भी दिखायी पड़ी।

अब दोनों के बीच एक दूसरे को सत्ता से दूर रखने के लिए घमासान शुरु हो गया है जिसकी झलक दोपहर से नजर आने लगा जब चुनावी होड़ में पिछड़ी कांग्रेस ने बीजेपी को सरकार बनाने से रोकने के लिए अचानक जनता दल (एस) को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का एलान कर दिया। उस समय तक विधानसभा की आधी सीटों के भी परिणाम नहीं आये थे लेकिन रुझानों के आधार पर इन दोनों दलों को स्पष्ट बहुमत से ज्यादा सीटें मिलती दिख रहीं थी।

बीजेपी ने सबसे बड़े दल के रुप में उभरने के आधार पर सरकार बनाने का दावा किया है। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी एस येद्यियुरप्पा ने पार्टी के नेताओं के साथ राज्यपाल से मिलकर उन्हें सरकार बनाने का मौका देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि पार्टी विधानसभा में बहुमत सिद्ध कर देगी।

इसी के कुछ देर बाद जनता दल (एस) के नेता एच डी कुमारस्वामी, निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारामैया और कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश किया। कांग्रेस का दावा है कि दोनों दलों के विधायकों के अलावा 2 अन्य विधायक भी उनके साथ हैं। सरकार बनाने के दावे और प्रतिदावे के बाद अब राज्यपाल के फैसले का इंतजार है। इस स्थिति को देखते हुये इस बात पर बहस शुरु हो गई है कि राज्यपाल को ऐसे में क्या करना चाहिए।

इसे लेकर बोम्मई मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया जा रहा है जिसमें कहा गया था कि बहुमत का फैसला विधानसभा के अंदर होना चाहिए। इस संबंध में गोवा और मणिपुर के घटनाक्रम का भी उल्लेख किया जा रहा है जहां कांग्रेस के सबसे बड़े दल के रुप में उभरने के बावजूद बीजेपी ने छोटे दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।

जावड़ेकर ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के जद (एस) आरोपों को किया खारिज

Javadekar rejects JD (S) charges of purchase and distribution of MLAs

बेंगलुरु। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और कर्नाटक के पार्टी प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया कि जनता दल (एस) और कांग्रेस ऐसी ही राजनीति करती है।

भाजपा नेता ने आज जदएस नेता एच डी कुमारस्वामी के कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए उनकी पार्टी के विधायकों को लालच देकर तोड़ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह भाजपा पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। भाजपा हार्स ट्रेडिंग नहीं करती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसके लिए मशहूर है। उसके अपने विधायक इस गठबंधन से खुश नहीं है।

कर्नाटक की त्रिशंकु विधानसभा के बाद कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने के लिए प्रयासरत कुमारस्वामी ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने उनके विधायकों को 100-100 करोड़ रुपए और मंत्री पद देने का लालच दिया है। 

भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक जिसमें बी एस येद्दियुरप्पा को विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक के बाद जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा, वास्तविकता यह है कि पार्टी तोड़ने को बढ़ावा देने का प्रचलन जद एस और कांग्रेस करती है। भाजपा ऐसा नहीं करती। जदएस और कांग्रेस दोनों के कुछ नाराज विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। 

कुमारस्वामी के 100 करोड़ रुपए देने के आरोप को जावड़ेकर ने कल्पना मात्र बताते हुए कहा कि जदएस और कांग्रेस ऐसी ही राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि वह नियमों का पालन कर रहे हैं और उनका दल सबसे बड़ी एकल पार्टी के रुप में उभरी है। भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी होने के लिए कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए राज्यपाल वजूभाई वाला को आमंत्रित करना चाहिए। पार्टी ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया है।

नए हथियारों से दशकों तक रूस का भविष्य सुरक्षित रहेगा: पुतिन

Russia's future will be safe with new weapons Putin

मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि नई परमाणु प्रणालियों समेत नए हथियार दशकों तक देश की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। सोची में पुतिन ने कल कहा कि इस साल सेना में शामिल की गई नई प्रणालियां रूस की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाएगी और दशकों तक सामरिक संतुलन सुनिश्चित करेगी। 

गौरतलब है कि रूसी नेता ने मार्च में नए परमाणु हथियारों की श्रृंखला पेश की थी जिन्हें बीच में भेदा नहीं जा सकता। इनमें अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल, परमाणु शक्ति संपन्न वैश्विक दूरी की क्रूज मिसाइल और समुद्र के भीतर चलने वाला ड्रोन शामिल है। पुतिन ने कहा कि हथियार विकसित करना हमेशा उच्च प्राथमिकता रहेगी। 

मुशर्रफ ने कारगिल से पाकिस्तानी सेना के पीछे हटने के लिए शरीफ को जिम्मेदार ठहराया

Musharraf blames Sharif for withdrawing Pakistani army from Kargil

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने अपदस्थ प्रधानंमत्री नवाज शरीफ को 1999 में पाकिस्तान की सेना के मजबूत स्थिति में होने के बाद भी भारत के दबाव में कारगिल से पीछे हटने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

कारगिल लड़ाई के दौरान सेना प्रमुख रहे मुशर्रफ ने यह भी मांग की कि शरीफ पर 2008 के मुम्बई हमले के बारे में विवादास्पद बयान देने को लेकर राजद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए।

पाकिस्तान में कई मामलों का सामना कर रहे 74 वर्षीय सेवानिवृत जनरल पिछले साल से दुबई में रह रहे हैं। उन्हें चिकित्सा के लिए देश से बाहर जाने की अनुमति दी गई थी।

मुम्बई हमले पर शरीफ के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के प्रमुख मुशर्रफ ने कारगिल युद्ध के बारे में भी बात की और पाकिस्तान सेना के पीछे हटने के लिए शरीफ को जिम्मेदार ठहराया।

इस युद्ध और तत्कालीन घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस लड़ाई में 5 अलग-अलग स्थानों पर मजबूत स्थिति में था और तत्कालीन प्रधानमंत्री को कम से कम दो बार इस स्थिति के बारे में बताया गया।

उन्होंने शरीफ के इस दावे को खारिज कर दिया कि कारगिल से पाकिस्तानी सेना के हटने के बारे में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। मुशर्रफ ने एक वीडियो बयान में कहा कि वह मुझसे पूछते रहे कि क्या हमें वापस आ जाना चाहिए।

पूर्व राष्ट्रपति और सैन्य शासक ने यह भी कहा कि तत्कालीन सीनेटर राजा जफारुल हक तथा तत्कालीन गृह मंत्री चौधरी शुजात ने भी सेना के वापस लौटने का विरोध किया था। लेकिन अमेरिका से लौटने के बाद शरीफ ने सेना के कारगिल से पीछे हटने का आदेश दिया। शरीफ भारत सरकार के दबाव में थे। 

यू क्रेन संकट, सीरिया में युद्ध और अन्य विवादों के चलते पश्चिम देशों से संबंध बिगड़ने के कारण रूस ने सेना के आधुनिकीकरण को शीर्ष प्राथमिकता दी है।

विंडीज- बांग्लादेश के बीच फ्लोरिडा में होगा टी-20 मैच

West Indies - Bangladesh to be T20 match in Florida

न्यूयार्क। वेस्टइंडीका की मेजबानी में बांग्लादेश के साथ खेली जाने वाली द्विपक्षीय सीरीज के दो ट्वंटी 20 मैचों को अगस्त में अमेरिका के फ्लोरिडा में कराया जाएगा। क्रिकेट वेस्टइंडीका (सीडब्ल्यूआई) ने इसकी घोषणा की है। उत्तरी अमेरिका में क्रिकेट को बढ़ावा देने के इरादे से विंडीज और बांग्लादेश के बीच मैच को अमेरिका में कराने का फैसला किया गया है।

दो वर्ष पहले वेस्टइंडीज और भारत के बीच भी इसी स्टेडियम में 2 ट््वंटी 20 मैच खेले गए थे। दक्षिण फ्लोरिडा के लॉडरहिल स्थित सेंट्रल ब्रोवार्ड ओवल में 4 और 5 अगस्त को ये मैच खेले जाएंगे। क्रिकेट वेस्टइंडीज के मुख्य कार्यकारी जॉनी ग्रेव ने कहा दोनों मैचों को सप्ताहंत पर लाइट में कराया जाएगा।

हमारा लक्ष्य आईसीसी अमेरिका, यूएसए क्रिकेट एंड क्रिकेट कनाडा के साथ मिलकर काम करने की है ताकि उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाया जा सके। वेस्टइंडीज की टीम गत कुछ वक्त में अपने पसंदीदा टेस्ट प्रारूप में बहुत निचले स्तर पर आ गयी है।

लेकिन ट्वंटी 20 प्रारूप में वह अभी भी दुनिया की बड़ी टीमों में गिनी जाती है जिसमें वह गत विश्व चैंपियन भी है। बांग्लादेश के जुलाई में होने वाले वेस्टइंडीका दौरे में दो टेस्ट, तीन वनडे और दो ट्वंटी 20 खेले जाने हैं, जिसमें अब दोनों ट्वंटी 20 फ्लोरिडा में कराए जाएंगे। श्रीलंकाई टीम भी अगले माह वेस्टइंडीका के दौरे पर जाएगी जहां 3 टेस्टों की सीरीका त्रिनिदाद एंड टोबैगो, सेंट लुसिया और बारबाडोस में खेली जानी है। 

राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सेंसेक्स 156 अंक टूटा

Sensex plunges 156 points in political uncertainty

मुंबई। कर्नाटक में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता के बीच बुधवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 156 अंक टूटकर 35,387.88 अंक पर आ गया। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भी बाजार दबाव में रहा। वॉल स्ट्रीट में कल आई गिरावट के बाद बुधवार को अन्य एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख था।

उत्तर कोरिया द्वारा दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत रोकने के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में भू राजनीतिक तनाव बढ़ा है। ब्रोकरों ने कहा कि कर्नाटक में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशकों की धारणा कमजोर हुई। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 35,452.35 अंक पर कमजोरी के रुख के साथ खुला और अंत में 156.06 अंक या 0.44 फीसदी के नुकसान से 35,387.88 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान यह 35,241.63 से 35,543.89 अंक के दायरे में रहा। कल कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 400 से अधिक अंक चढ़ गया था। बीजेपी के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने से बाजार में तेजी आई थी। लेकिन बाद में कांग्रेस द्वारा जद ( एस ) को सरकार बनाने के लिए समर्थन की घोषणा के बाद बाजार नीचे आ गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी कारोबार के दौरान नकारात्मक दायरे में रहने के बाद अंत में 60.75 अंक या 0.56 प्रतिशत के नुकसान से 10,741.10 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 10,699.70 से 10,790.45 अंक के दायरे में रहा।

वृहद मोर्चे पर व्यापार घाटा अप्रैल में बढक़र 13.7 अरब डॉलर हो गया , जिससे बाजार प्रभावित हुआ। शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने कल 518.47 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 531.33 करोड़ रुपए की लिवाली की। 

फिल्मी चमक से दूर अमेरिका में बसना चाहते थे संजय दत्त

Sanjay Dutt wanted to settle in America

नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार संजय दत्त की उतार-चढ़ाव से भरी जिंदगी में एक समय ऐसा भी आया था जब उन्होंने फिल्मी दुनिया की गलाकाट प्रतिस्पर्धा और चकाचौंध से दूर जाकर अमेरिका में बसने और वहां जानवर पालने का मन बना लिया था। उनके मन में यह इरादा उस समय आया था जब वह नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए अमेरिका में रिहैब कार्यक्रम से गुजर रहे थे।

उन्हें मुंबई की चमकती रोशनी से दूर वहां की सुकून भरी दुनिया में मजा आने लगा था और उनके मन में अमेरिका में बस जाने और वहां जानवर पालने की इच्छा जागृति हो गई थी। मुन्ना भाई के नाम से मशहूर संजय दत्त की इस ख्वाहिश का खुलासा जाने-माने लेखक यासिर उस्मान ने अपनी किताब ‘बॉलीवुड का बिगड़ा शहजादा संजय दत्त’ में किया है।

लेखक के मुताबिक संजय को अमेरिका में रिहैब के दौरान यह ख्याल आया था और इस बात को उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त से भी साझा किया था। संजू बाबा जनवरी 1984 में अपने नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए अमेरिका गए थे। रिहैब के दौरान उनकी मुलाकात बिल नामक शख्स से हुई जिससे उनकी दोस्ती हो गई।

बिल संजय को टेक्सास अपने घर लेकर गए। किताब के अनुसार संजय ने याद करते हुए कहा कि उसके पापा रेंचर थे। उनके घर बहुत सारे लम्बे सींगों वाले मवेशी थे और वे पूरे टेक्सास में मीट की आपूर्ति किया करते थे। बिल ने एक दिन संजय से कहा कि, यहीं रुक जाओ, हम लोग जानवर पालेंगे।

संजय को यह सब कुछ पसंद आने लगा और वह खुद को फिल्मी दुनिया से दूर करना चाहते थे। उनकी अपने पिता से हर सप्ताह एक बार बात होती थी। उन्होंने अपने पिता से कहा, मैं वापिस नहीं आना चाहता, मैं जानवर पालना चाहता हूं। संजय के बैंक खाते में उस समय 50 लाख रुपए थे। संजू ने अपने पिता से कहा कि वह यह पैसे उन्हें अमेरिका भेज दे ताकि वह उसे यहां निवेश कर सकें और जमीन खरीद सकें।

सुनील दत्त अपने बेटे की बातों से काफी निराश हुए और अगली फ्लाइट से अमेरिका पहुंच गए। पिता ने अपने बेटे से कहा कि उसे एक बार फिल्म इंडस्ट्री में लौटकर यह साबित करना है कि वह भागा नहीं है। सुनील दत्त के बहुत समझाने पर संजय ने अपने पिता के सामने एक शर्त रखी कि वह एक साल के लिए भारत वापस आएगा और यदि फिल्मी करियर नहीं चला तो वह फिर अमेरिका लौट आएंगे और वहीं बस जाएंगेे। संजय दत्त सितम्बर 1984 में मुंबई लौट आए।

उनके पास कोई काम नहीं था और करीब 8 माह ऐसे ही निकल गए तब उन्हें लगने लगा था कि उनकी जिंदगी मवेशीपालक बनने की तरफ बढ़ रही है पर किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था। निर्माता पप्पू वर्मा ने संजय दत्त के पास एक एक्शन मूवी ‘जान की बाजी’ में काम करने का प्रस्ताव लेकर आए तो संजू बाबा का पहला सवाल किया कि मूवी में कितना समय लगेगा तो वर्मा का जवाब था दो-तीन महीने। संजय के पास खाली समय था और वह तैयार हो गए।

उन्हें लगा कि अमेरिका लौटने का जितना समय बचा है। उसे वे इस मूवी के जरिए काट देंगे। यह फिल्म हिट हो गई और संजय दत्त मुंबई के ही होकर रह गए। वे फिर लौटकर अमेरिका नहीं गए। कई वर्ष बाद जब संजय अमेरिका की यात्रा पर थे तो डलास में लंच करते वक्त एक अजनबी उनसे आकर मिला तो संजय हैरत में रह गए क्योंकि यह उनका पुराना दोस्त बिल था।

वह संजय को अपनी रॉल्स रॉयस और फिर जेट में लेकर आस्टिन गए, जहां उनका आलीशान महल था जिसमें 12 कमरे, स्विमिंग पूल, हेलीकाप्टर और 800 एकड़ खेती की जमीन थी। संजय ने तब कुछ अफसोस के साथ कहा कि अगर उन्होंने तब 50 लाख रुपए का निवेश किया होता तो यह सब उनका होता।

हॉट अदाओं के जलवे बिखेरने में कम नहीं हैं इस अभिनेता की बेटी...!

trishala dutt bold photo on instagram

इंटरनेट डेस्क। आजकल बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की बेटी खूब सुर्खियों में छाई हुई है, उनकी सुर्खियों में छाने की वजह हैं उनकी हॉट फोटोज। जी हां आजकल संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त की कुछ फोटोज वायरल हो रही हैं। जिसमें वे बेहद हॉट नजर आ रही हैं। आपको बता दें कि त्रिशाला दत्त तो बॉलीवुड से अभी काफी दूर है लेकिन फिर भी वो उनकी हॉट अदाओं के जलवे बिखेरने में पीछे नहीं रहती हैं।

आजकल त्रिशाला अपनी हॉट फोटोज के जरिए एक बार फिर चर्चाओं में आ गई हैं। त्रिशाला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से कुछ बोल्ड फोटोज शेयर की हैं जिसमे उनका कातिलाना अंदाज दिखाई दे रहा है। त्रिशाला भले ही बॉलीवुड से दूर हो, लेकिन फिर भी उनकी काफी अधिक पॉपुलैरिटी हैं। इंस्टाग्राम पर ही त्रिशाला के दो लाख से ज्यादा फॉलोवर्स है।

त्रिशाला ने इस बार समर लुक में अपने हॉट फोटो शेयर किए हैं। फोटोज में आप देख सकते हैं उन्होंने वाइट कलर की बिकिनी पहनी हैं और उसके पर ट्रांसपेरेंट टॉप पहना हुआ हैं। इस ड्रेस पर त्रिशाला ने कातिलाना पोज दिया हैं। उनके इस हॉट लुक को फैंस खूब पसंद कर रहे हैं। त्रिशाला दत्त के इस बोल्ड लुक को फैंस तो बहुत पसंद कर ही रहे हैं इसके साथ ही संजय दत्त की पहली पत्नी रिया पिल्लई को भी त्रिशाला का ये हॉट लुक काफी अधिक पसंद आया। 

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