आगामी माह होने वाले चुनावों को देखते हुएं, सताने लगी चालान की चिंता

Samachar Jagat | Thursday, 12 Sep 2019 01:06:34 PM
Looking at the elections for the coming month, worrying about challan started

इंटरनेट डेस्क। केन्द्र की मोदी सरकार के द्वारा नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू किया गया है। नये मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होते ही लोगों गाड़ी नहीं चलाने का चलन भी देखा जा रहा है। एक सितंबर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद देशभर में ताबड़तोड़ चालान काटे जा रहे हैं। एक मामले में तो जुर्माना एक लाख 41 हजार रुपये तक पहुंच गया।


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लेकिन इस कदम से उन राज्यों में डर पैदा हो गया है, जिनमें आगामी महीनों में चुनाव होने वाले हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड ऐसे ही राज्य हैं, जहां मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ सुर उठने लगे हैं। इन राज्यों की सरकारों का कहना है कि जुर्माने की राशि बहुत ज्यादा है और इसे कम किया जाना चाहिए. राज्य सरकारों को डर है कहीं केंद्र सरकार का ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने वाला दांव उनकी सरकार पर भारी न पड़ जाए।

महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने तो सीधे तौर पर जुर्माने की राशि को कम करने के लिए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को खत लिख दिया है। झारखंड सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन करने के संकेत दिए हैं। चुनाव की आहट के बीच महाराष्ट्र सरकार ने भी जुर्माना राशि कम करने की मांग उठा दी है। राज्य के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने खत में भारी जुर्माना राशि पर फिर से विचार करने को कहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से गुहार लगाई कि जुर्माना कम किया जाए. सरकार का कहना है कि जुर्माना जनता की जद से बाहर है। इतना जुर्माना लोग नहीं भर सकते। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी इस मामले में नरम रुख दिखाया हैै।

उन्होंने कहा कि 45 दिनों तक लोगों को ट्रैफिक के नए नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने कहा कि 70-80 फीसदी लोग बिना चालान के मानने वाले नहीं हैं। वे लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। लेकिन चुनावी साल में लोगों को नाराज करने का रिस्क खट्टर भी नहीं लेना चाहेंगे। राज्यों के रुख से यह तो साफ है कि चुनावी साल में जनता पर भारी जुर्माने का बोझ वह कतई लादना नहीं चाहेंगे क्योंकि नाराज जनता सरकारों के लिए ही राज्यों में सत्ता का दरवाजा बंद भी कर सकती है।
 



 

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