दिग्गजों की सीटों पर मतदान में उलटफेर, बदले प्रत्याशियों वाली सीटों पर दिखा अंतर

Samachar Jagat | Tuesday, 04 Dec 2018 03:48:09 PM
Madhya Pradesh assembly elections 2018

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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों के दिग्गजों के विधानसभा क्षेत्रों में इस बार मतदान प्रतिशत में खासा अंतर दिखाई दिया है। जिन सीटों पर मतदान प्रतिशत में काफी इजाफा हुआ है, उनमें से बड़ी संख्या उनकी है, जहां प्रत्याशियों में बदलाव किया गया है।


हालांकि 4 मंत्री ऐसे भी हैं, जिनके क्षेत्रों में मतदाताओं ने पिछले चुनाव की तुलना में इस बार मतदान करने के प्रति उदासीनता दिखाई। मंत्री उमाशंकर गुप्ता के विधानसभा क्षेत्र भोपाल दक्षिण-पश्चिम, पारस जैन के उज्जैन उत्तर, गौरीशंकर बिसेन के बालाघाट और संजय पाठक के विजयराघवगढ क्षेत्र में इस बार मतदान वर्ष 2013 की तुलना में कम हो गया है।

मंत्रियों की इन सीटों पर मतदान में एक से चार प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की परंपरागत कही जाने वाली गोविदपुरा सीट पर भी मतदान में गिरावट आई है। यहां से इस बार गौर की पुत्रवधू कृष्णा गौर मैदान में हैं। यही हाल भोपाल भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ सिह के क्षेत्र भोपाल मध्य का भी है।

इंदौर की तीन सीटों इंदौर-दो, चार और पांच पर भी मतदाताओं ने पिछले चुनाव की तुलना में कम उत्साह दिखाया। यहां भी मतदान में एक से तीन प्रतिशत की गिरावट आई है। कांग्रेस के दिग्गज और पूर्व मंत्री डॉ गोविद सिह के विधानसभा क्षेत्र लहार में इस बार 63.23 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछले बार से करीब दो फीसदी कम है।

दूसरी ओर मंत्री विजय शाह, भूपेंद्र सिंह, नारायण सिह कुशवाह, दीपक जोशी, ललिता यादव की सीटों पर मतदान में पांच से 8 फीसदी का इजाफा हुआ है। शाह के क्षेत्र हरसूद और कुशवाह के ग्वालियर ग्रामीण में वर्ष 2018 में 2013 की तुलना में सात-सात फीसदी मतदान बढ गया है।

जोशी की सीट हाटपिपल्या और सिंह की खुरई में पिछले साल की तुलना में करीब छह फीसदी ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस बार जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान में पिछले चुनाव की तुलना में छह फीसदी से भी ज्यादा का इजाफा हुआ है, उनमें ज्यादातर ऐसी हैं, जहां दोनों ही मुख्य दलों में से किसी एक ने भी अपने प्रत्याशियों में बदलाव किया है।

गुन्नौर विधानसभा पर मतदान में करीब नौ फीसदी का इजाफा हुआ। यहां से भाजपा ने इस बार मौजूदा विधायक महेंद्र सिंह का टिकट काट कर राजेश वर्मा को मौका दिया है। हालांकि यहां बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशी के भी मजबूत होने से मुकाबला त्रिकोणीय बना हुआ है। रैगांव, झाबुआ, देवसर और उदयपुरा सीटों पर भी मतदान में छह से नौ फीसदी की बढोत्तरी दर्ज हुई है।

इन सभी सीटों पर भाजपा या कांग्रेस या दोनों ही दलों ने अपने पुराने प्रत्याशियों के स्थान पर नए चेहरों पर दांव खेला था। कांग्रेस सांसद कांतिलाल भूरिया के क्षेत्र झाबुआ में इस बार कांग्रेस ने भूरिया के बेटे विक्रांत भूरिया को प्रत्याशी बनाया है। पूर्व मंत्री मुकेश नायक की सीट पवई भी छह फीसदी मतदान इजाफे के साथ इस सूची में हैं।

यहां से भाजपा ने पिछली बार मैदान में उतरे ब्रजेंद्र प्रताप सिंह के स्थान पर प्रहलाद सिंह को मौका दिया है। प्रदेश में 28 नवंबर को मतदान के बाद सामने आ रहे मतदान प्रतिशत में अंतर को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक किसी उलटफेर की संभावना से इंकार नहीं कर रहे। 11 दिसंबर को नतीजे आने के बाद अगली सरकार को लेकर तस्वीर साफ होगी।

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