मक्का मस्जिद विस्फोटः जाने कौन है असीमानंद जो फैसला आने में लग गए 11 साल

Samachar Jagat | Monday, 16 Apr 2018 02:25:04 PM
mecca-masjid-blast-case-accused-Swami Aseemanand acquitted by court

नेशनल डेस्क। हैदराबाद के मक्का मस्जिद में 11 वर्ष पहले हुए बम बलास्ट के दौरान 9 लोगों की मौत हुई थी और इस दौरान कई लोग घायल भी हुए थे, आज इस मामले में एनआईए की विशेष कोर्ट ने 2007 के इस मामले में पांचों आरोपियों को बरी कर दिया है। इन पांचों आरोपियों में असीमानंद मुख्य आरोपी थे। हालांकि इन पांचों आरोपियों के बरी होने के बाद मृतकों के परिजन निराश जरूर हुए होंगे क्योंकि जीन लोगों ने अपने परिवार के लोग खो दिए उनकों अगर ऐसा फैसला सुनने को मिले तो कौन खुश होगा।  

कब हुआ था धमाकाः 

आपकों बतादें की 18 मई 2007 को नमाज के दौरान ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में विस्फोट हुआ था और इस विस्फोट में नौ लोग मारे गए थे और 58 अन्य घायल हुए थे। स्थानीय पुलिस की शुरुआती जांच के बाद मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था। 

सीबीआई के पास से मामला गया एनआईएः

इस मामले में सीबीआई ने एक आरोपपत्र दाखिल किया और इसके बाद 2011 में सीबीआई से यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को सौंपा गया। इस धमाके में स्वामी असीमानंद समेत कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है। बाद में इस मामले में पांच आरोपियों पर सुनवाई हुई थी।

कौन-कौन थे आरोपीः

आरोपियों में स्वामी असीमानंद, देवेंदर गुप्ता, लोकेश शर्मा (अजय तिवारी), लक्ष्मण दास महाराज, मोहनलाल रातेश्वर, राजेंदर चैधरी, भारत मोहनलाल रातेश्वर, रामचंद्र कलसांगरा (फरार), संदीप डांगे (फरार), सुनील जोशी (मृत) शामिल थे।

कितने लोगों के हुए बयान दर्जः

हैदराबाद के मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में अब तक कुल 226 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए थे और अदालत में 411 दस्तावेज पेश किए गए, लेकिन उसके बाद भी सभी पांचों आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

कौन है असीमानंदः

असीमानंद का पूरा नाम नभकुमार सरकार है और वे पश्चिमी बंगाल के हुगली के रहने वाले हैं। सूत्रों की माने तो 1995 में कट्टरपंथी नेता के तौर पर पहली बार असीमांनद सक्रिय हुए। इस दौरान उन्होंने हिंदू संगठनों के साथ मिलकर गुजरात में हिंदू धर्म जागरण और शुद्धिकरण अभियान चलाया। उन्होंने अपनी गतिविधियां संचालित करने के लिए शबरी माता का मंदिर बनाया। वर्ष 1990 से 2007 के बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ी संस्था वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांत प्रचारक प्रमुख भी रहे है। असीमानंद को अजमेर बम ब्लास्ट समेत विभिन्न मामलों में 19 नवंबर 2010 को हरिद्वार में गिरफ्तार किया गया था।

जाने कब-कब क्या हुआ इस मामले मेंः

18 मई 2007 को नमाज के दौरान धमाका हुआ।

ब्लास्ट के समय 5000 से अधिक लोग मौजूद थे।

धमाके में 9 लोग मारे गए जबकि 58 घायल हुए।

धमाके के बाद मस्जिद में तीन बम और मिले।

एनआईए ने असीमानंद और लक्ष्मण दास महाराज जैसे कई लोगों को गिरफ्तार किया।

13 मार्च 2018 को डॉक्युमेंट जांच के दौरान असीमानंद की डिस्क्लोजर रिपोर्ट गायब हुई।

आज करीब 11 साल बाद ब्लास्ट केस में फैसला आया।
 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.