10 सरकारी बैंकों के विलय होने से ग्राहकों में होगा असर  

Samachar Jagat | Saturday, 31 Aug 2019 10:53:58 AM
Merger of 10 state-owned banks will affect customers

इंटरनेट डेस्क। भारत सरकार की ओर से 10 सरकारी बैंकों का विलय किया गया है। सरकारी बैंकों के विलय की कवायद से बैंक मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएं जाएंगे। ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए विलय की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।


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उद्योगों को आसानी से कर्ज मिलने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़ाने और पांच ट्रिलियन डालर की इकोनॉमी के तहत सरकार ने दस सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने का ऐलान किया है। केंद्र के इस कदम के बाद सरकारी बैंक घटकर 12 रह जाएंगे। जबकि 2017 में इनकी संख्या 27 थी। इसके अलावा सरकारी बैंकों का पूंजी आधार मजबूत बनाने को उन्हें भारी भरकम मदद भी दी जाएगी। इकोनॉमी को रफ्तार देने के उद्देश्य से वित्त मंत्रालय ने ये कवायद की है।

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एफपीआई पर सरचार्ज से लेकर बैंकिंग सेक्टर में सस्ते कर्ज की स्थिति बनाने संबंधी उपायों की घोषणा की थी। वित्त मंत्री के अनुसार रियल एस्टेट सेक्टर के लिए शहरी विकास मंत्रालय पैकेज पर काम कर रहा है जिसका ऐलान आने वाले दिनों में होगा। सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों के विलय का जो रोडमैप घोषित किया है उसमें चार विलय होंगे।

जिनमें पहला विलय पंजाब नेशनल बैंक में दो बैंकों- ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को मिलाकर किया जाएगा। जबकि दूसरा विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्रा बैंक और कारपोरेशन बैंक को मिलाकर होगा।

तीसरे विलय प्रस्ताव के तहत केनरा बैंक में सिंडीकेट बैंक को मिलाया जाएगा। जबकि चैथे विलय में इंडियन बैंक के साथ इलाहबाद बैंक को मिलाया जाएगा। विलय में शामिल दस बैंकों का बिजनेस देश के व्यवसायिक बैंकों के कुल बिजनेस का 56 प्रतिशत और सरकारी बैंकों के कुल बिजनेस का 82 प्रतिशत है। विलय के बाद पीएनबी, ओबीसी और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया तीनों का कुल कारोबार 17.94 लाख करोड़ रुपये होगा और यह कारोबार के मामले में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक के बाद दूसरे स्थान पर होगा। 


दोनों बैंकों के पीएनबी में विलय होने के बाद पीएनबी की 11,437 बैंक शाखाएं और एक लाख से अधिक कर्मचारी होंगे। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि विलय की प्रक्रिया में कर्मचारियों की छंटनी नहीं होगी। इसी तरह सिंडीकेट बैंक के साथ विलय के बाद केनरा बैंक का कारोबार 15.20 लाख करोड़ रुपये होगा और यह देश का चैथा सबसे बड़ा बैंक होगा। इसकी 10,342 शाखाएं और 89,885 कर्मचारी होंगे।


आंध्रा बैंक और कारपोरेशन बैंक के मिलने पर यूनियन बैंक का कारोबार बढ़कर 14.59 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा और यह देश का पांचवा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। यूनियन बैंक की 9609 घरेलू शाखाएं और 75,384 कर्मचारी होंगे। ऐसे ही इंडियन बैंक को मिलाने के बाद इलाहबाद बैंक का कारोबार बढ़कर 8.07 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। यह देश का सातवां बड़ा बैंक बन जाएगा। इसकी 6,104 घरेलू शाखाएं होंगी और इसमें 42,814 कर्मचारी होंगे। विलय के बाद देश में सार्वजनिक क्षेत्र के ये 12 बैंक होंगे। जिनका बैंक कारोबार लाख करोड़ रूपए में है। 


1. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का बैंक कारोबार 52.05 लाख करोड़ रूपए, 2. पंजाब नेशनल बैंक बैंक कारोबार 17.94 लाख करोड़ रूपए, 3. बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक कारोबार 16.13 लाख करोड़ रूपए, 4. केनरा बैंक बैंक कारोबार 15.20 लाख करोड़ रूपए, 5. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया बैंक कारोबार 14.59 लाख करोड़ रूपए, 6. बैंक ऑफ इंडिया बैंक कारोबार 9.03 लाख करोड़ रूपए, 7. इंडियन बैंक बैंक कारोबार 8.08 लाख करोड़ रूपए, 8. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बैंक कारोबार 4.68 लाख करोड़ रूपए, 9. इंडियन ओवरसीज बैंक बैंक कारोबार 3.75 लाख करोड़ रूपए, 10. यूको बैंक बैंक कारोबार 3.17 लाख करोड़ रूपए, 11. बैंक ऑफ महाराष्ट्र बैंक कारोबार 2.34 लाख करोड़ रूपए, 12. पंजाब एंड सिंध बैंक बैंक कारोबार 1.71 लाख करोड़ रूपए
 



 

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