ओलांद के खुलासे से मोदी और सीतारमण के दावे की हकीकत उजागर: माकपा

Samachar Jagat | Saturday, 22 Sep 2018 04:52:01 PM
narendra Modi and Sitharaman latest news

नई दिल्ली। माकपा ने कहा है कि राफेल विमान सौदे में 'ऑफसेट साझेदार’ के संदर्भ में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के कथित बयान ने इस रक्षा करार के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के दावों की हकीकत को उजागर कर दिया है।

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माकपा पोलित ब्यूरो ने शनिवार को यहां एक बयान में कहा कि ओलांद ने कहा है कि उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को डसॉल्ट ने ऑफसेट पार्टनर के रूप में चुना था, क्योंकि भारत सरकार ने उसका नाम प्रस्तावित किया था। इस करार के समय ओलांद फ्रांस के राष्ट्रपति थे।

पोलित ब्यूरो ने कहा कि ओलांद के इस खुलासे से अंबानी की कंपनी को सौदे का हिस्सा बनाने में सरकार की कोई भूमिका नहीं होने के मोदी और सीतारमण के दावे की हकीकत सामने आ गई है। माकपा ने इस मामले में तत्काल संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की मांग की है। जिससे इस सौदे में मोदी और सरकार की भूमिका का सच उजागर हो सके।

माकपा ने शिक्षण संस्थाओं में 'सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ मनाने संबंधी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का निर्देश वापस लेने की भी मांग की है। पार्टी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आदेश पर पारित यूजीसी के निर्देश को मोदी सरकार की संकीर्ण सोच का परिणाम बताया।

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पोलित ब्यूरो ने कहा कि हर वर्ष 28 सितंबर को विश्वविद्यालयों में 'सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ मनाने का यूजीसी का निर्देश विभिन्न संस्थाओं की स्वायत्तता को खत्म करने की कोशिश का नतीजा है। पार्टी ने यूजीसी का निर्देश बाध्यकारी नहीं होने संबंधी मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के बयान को खारिज करते हुए कहा कि यह सरकार का कमजोर और लचर बचाव है।



 

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