राफेल सौदा: राहुल ने बयान पर फिर खेद जताया, केंद्र ने मांगा और समय

Samachar Jagat | Tuesday, 30 Apr 2019 11:57:10 AM
Rafael Deal: Rahul expressed regret over the statement; Center sought and time

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नई दिल्ली। राफेल विमान मुद्दे पर पुनर्विचार याचिका मामले में केन्द्र ने सोमवार को हलफनामा दाखिल करने के लिए अधिक समय मांगते हुए सुनवाई की तिथि आगे बढ़ाने की अपील की जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हलफनामा दाखिल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चौकीदार चोर है बयान पर खेद व्यक्त करते हुए आपराधिक अवमानना याचिका खारिज करने की गुहार लगाई।

गांधी ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए राफेल मामले में अपने बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद मीनाक्षी लेखी की ओर से दायर अवमानना याचिका के संदर्भ में नया हलफनामा दाखिल किया। लेखी ने कांग्रेस अध्यक्ष के उस बयान को लेकर शीर्ष न्यायालय में याचिका दाखिल की थी जिसमें गांधी ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय के फैसले से भी साफ हो गया है कि चौकीदार चोर है।

गांधी ने न्यायालय के समक्ष अपने बयान पर खेद जताया लेकिन दावा किया कि लेखी अवमानना याचिका दायर कर राजनीतिक फायदा लेने का प्रयास कर रही थी। नए हलफनामे में गांधी ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा राजनीतिक लड़ाई में न्यायालय को शामिल करने का नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा न्यायालय का निरादर करने की करने की भी नहीं थी।

उन्होंने चौकीदार चोर है के नारे को उच्चतम न्यायालय के मत्थे मढèने पर खेद व्यक्त करते हुए कहा​ कि मुझे अपने बयान पर खेद है और मेरा इरादा उच्चतम न्यायालय को राजनीतिक दायरे में लाने का नहीं था। मैंने एक टिप्पणी कर गलती की है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिक्रिया राफेल मामले में आम धारणा पर आधारित थी। इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार (30 अप्रैल) को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी।

केन्द्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ से हलफनामा दाखिल दाखिल करने के लिए और समय मांगा। केन्द्र ने मामले की सुनवाई की तिथि बढ़ाये जाने की भी अपील की। न्यायालय ने केन्द्र को हलफनामे के लिए और समय दे दिया लेकिन सुनवाई की तिथि बढ़ाये जाने को लेकर कोई आदेश नहीं जारी किया।

न्यायालय ने सॉलिसिटर जनरल को इस मामले में स्थगन के अनुरोध से संबंधित लेटर सर्कुलेट करने की इजाजत दे दी। उच्चतम न्यायालय ने 10 अप्रैल को कहा था कि जहां तक राफेल सौदे से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई का सवाल है, इस पर बाद में विस्तार से सुनवाई की जाएगी। राफेल मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है।



 

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