कैलाश मानसरोवर की शरण में राहुल गांधी, कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की करेंगे 'परिक्रमा’ 

Samachar Jagat | Saturday, 01 Sep 2018 08:18:22 AM
Rahul Gandhi in shelter of Kailash Mansarovar

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हो गए। दरअसल, इस वर्ष कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए राज्य की यात्रा के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गया था, जिसके बाद अप्रैल में उन्होंने इस तीर्थयात्रा पर जाने की इच्छा जताई थी।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि इस तीर्थयात्रा का उद्देश्य देश और उसके लोगों की समृद्धि और सफलता के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करना है। यह यात्रा करीब 12 दिन में पूरी होगी। हालांकि, उन्होंने सुरक्षा कारणों को लेकर यात्रा के मार्ग के बारे में नहीं बताया।

राहुल ने ट्विटर पर उपनिषदों से लिया गया संस्कृत का एक 'श्लोक’ लिखा और उसके साथ कैलाश पर्वत की एक तस्वीर पोस्ट की।
सुरजेवाला ने कहा कि शिव भक्त कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए, जहां वह भगवान शिव के निवास स्थान कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की 'परिक्रमा’ करेंगे। यात्रा में करीब 12 से 15 दिन लगेंगे, लेकिन सुरक्षा कारणों से सटीक मार्ग के बारे में नहीं बताया जा सकता।

बीजेपी ने इस पर तुरंत ही प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि राहुल चाहते थे कि आज कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना होते समय चीनी राजदूत उन्हें पारंपरिक रूप से विदा करें। साथ ही, उन पर ''चीनी प्रवक्ता’’ की तरह हर जगह चीन के लिए बोलने का आरोप भी लगाया।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस से जानना चाहा कि किस नेता और अधिकारी से राहुल अपने पसंदीदा देश चीन की यात्रा के दौरान मुलाकात करेंगे। हालांकि, पात्रा ने उनकी तीर्थयात्रा पर टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि यह राहुल की निजी यात्रा है।

'कैलाश मानसरोवर’ चीन के क्षेत्र में आता है। पात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष के चीन कनेक्शन के बारे में पूछते हुए कहा कि आप राहुल गांधी हैं ना कि चाइनीज गांधी। चीनी राजदूत एक गैर चीनी व्यक्ति को क्यों विदा करना चाहते हैं ?

ऐसा कोई प्रोटोकॉल नहीं है। उन्होंने पूछा कि ये रिश्ता क्या कहलाता है? वहीं, सुरजेवाला ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी यात्रा में अड़चनें पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके वह भगवान शिव का कोपभाजन बन रही है।

उन्होंने कहा कि हतोत्साहित प्रधानमंत्री और परेशान बीजेपी ने महा कैलाश की राहुल की धार्मिक यात्रा का मजाक उड़ा कर अपनी संकुचित-घृणित मानसिकता दिखाई है। बीजेपी द्बारा इस पवित्र यात्रा को ''हनीमून पर्यटन’’ बताना हिदुओं की आस्था और मान्यता पर निदनीय हमला है।

सुरजेवाला ने कहा कि निश्चित तौर पर यह दुखद है कि बीजेपी ऐसी तुच्छ राजनीतिक हथकंडे अपनाकर भगवान शिव और मां पार्वती के निवास स्थान का अपमान कर रही है। हम प्रार्थना करते हैं कि महादेव उन्हें सदबुद्धि का मार्ग दिखाएं, ताकि वह (बीजेपी) अपने दिमाग और आत्मा को शुद्ध कर सके।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता देश को आगे ले जाने और सफलता हासिल करने और देश की सुरक्षा के लिए यह यात्रा कर रहे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि परंपरा के मुताबिक जब कोई तीर्थयात्रा शुरू करता है तो लोग उसकी सफलता की प्रार्थना करते हैं लेकिन यह दुर्भाग्यपूण है कि भाजपा इस यात्रा को लेकर परेशान है। उन्होंने कहा कि आज सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा अड़चनें पैदा कर रही है और यात्रा के खिलाफ साजिश रच रही है।

भाजपा छोटी और तुच्छ साजिशें कर सकती है लेकिन वह 'शिव भक्त’ राहुल और 'भोले शंकर’ के प्रति उनके (राहुल के) समर्पण के बीच नहीं आ पाएगी। सुरजेवाला ने कहा कि राहुल देश की प्रगति के लिए प्रार्थनाओं साथ लेकर मारसरोवर यात्रा पर रवाना हुए।

यह सफल होगी जबकि नफरत, बाधाएं और लोगों को बांटने वाली ताकतों की साजिशें नाकाम होगी।उन्होंने कहा, ''भाजपा इस कैलाश मानसरोवर यात्रा से क्यों डरी हुई है। क्या वह देश की प्रगति एवं समृद्धि की प्रार्थना करने के लिए यात्रा पर नहीं जा सकते या उन्हें नरेंद्र मोदी जी से अनुमति लेनी होगी। क्या भाजपा का अहंकार इस स्तर पर पहुंच गया है।

हम भाजपा के लोगों से इस देश की दशकों पुरानी परंपराओं तथा संस्कृति का सम्मान करने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल ने कर्नाटक चुनावों के दौरान एक हवाई दुर्घटना में बाल-बाल बचने के बाद कैलाश मानसरोवर की दुर्गम और आध्यात्मिक यात्रा करने का संकल्प लिया था। अब डीजीसीए की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है।  

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस साल अप्रैल में उत्तरी कर्नाटक के हुबली में राहुल के चार्टर्ड विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कगार पर पहुंच जाने के लिए पायलटों को जिम्मेदार ठहराया है। गौरतलब है कि 26 अप्रैल को राहुल को लेकर जा रहा दस सीटों वाला यह चार्टर्ड विमान उत्तरी कर्नाटक में हुबली हवाई अड्डे पर उतरने से पहले बायीं तरफ काफी नीचे झुक गया था और तेज कंपन के साथ वह काफी नीचे आ गया था।

साथ ही, कांग्रेस ब्रीफिग में पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिघवी ने कहा कि क्या रिपोर्ट यह नहीं कहती है कि एक दुर्घटना होने की आशंका थी। उन्होंने कहा कि भाजपा या इसके नेताओं या प्रधानमंत्री का जो स्वभाव है, उसे देखते हुए वह सहानूभूति की उम्मीद नहीं करते हैं।



 

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