नोटबंदी के फायदों के बारे में लोगों को बताये आरबीआई-उप राष्ट्रपति

Samachar Jagat | Wednesday, 06 Dec 2017 09:06:45 PM
RBI told people about the benefits of notebndi -Vice President

नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को लोगों को नोटबंदी से हुए फायदों और अधिक मूल्य के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा के बाद बैंकों में जमा हुए कालाधन की मात्रा के बारे में जल्द बताना चाहिए। साथ ही, उन्होंने देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने की भी वकालत की।

 

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नायडू ने कहा कि नोटबंदी का लक्ष्य भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और समूचे धन को बैंकिंग प्रणाली में लाना था। इसमें बेडरूम, बाथरूम या तकिये में रखे नोट भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, कुछ लोग पूछ रहे हैं, यदि सारा धन बैंकों में पहुंच गया तो उसका क्या फायदा है नोटबंदी का उद्देश्य समूचे धन को बैंकों में लाना था उनमें से कितना कालाधन और कितना सफेद धन था, यह पता करना आरबीआई का काम है।

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उप राष्ट्रपति ने कहा, आरबीआई को यह काम यथाशीघ्र पूरा करना चाहिए और लोगों को इस बारे में बताना चाहिए। उन्होंने (जनता ने) एटीएम से रूपये निकालने के लिए 50 दिनों तक काफी कष्ट सहा। उन लोगों को इस बारे में बताना होगा कि ये फायदे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि लोगों को इन पहलुओं के बारे में बताया जाता है तो प्रणाली में उनका भरोसा बढ़ेगा। नायडू यहां केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के 12 वें सालाना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने की हिमायत की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत में हर छह महीने में एक चुनाव होता है। साथ - साथ चुनाव कराने से लोगों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। उप राष्ट्रपति ने कहा कि सूचना आयुक्तों को अपने पास दायर मामलों के त्वरित निपटारे के लिए गंभीर कोशिशें करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को मुहैया की जाने वाली सूचना शीघ्र एवं सही होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आदेश आवेदकों की मातृभाषा में दिया जाना चाहिए क्योंकि देश में 95 फीसदी लोग अंग्रेजी नहीं जानते।

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नायडू ने कहा, मैंने संबद्ध मंत्री को सुझाव दिया है कि अर्जी पर आदेश याचिकाकर्ता की मातृभाषा में मिलना क्रमश बढ़ता जाए। साधारण लोगों को अपनी मातृभाषा में जवाब मिलने का फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालतों में बहस भी ऐसी भाषा में होनी चाहिए, जो वादियों -प्रतिवादियों को समझ आती हो। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सूचना का अधिकार अधिनियम का दुरूपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरटीआई एक मिशन है। उन्होंने कहा कि सूचना के अभाव से अफवाह फैल सकता है, शोषण और भ्रष्टाचार हो सकता है।



 

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