दिल्ली में बाढ का खतरा और गहराया, हरियाणा ने 241656 क्यूसेक और पानी छोड़ा

Samachar Jagat | Sunday, 29 Jul 2018 04:55:10 PM
Risk and depth of flood in Delhi; Haryana left 241656 cusec and water

नई दिल्ली। बारिश और हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से दिल्ली में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। हरिणाया ने जमुना में रविवार सुबह नौ बजे दो लाख 41 हजार 656 क्यूसेक पानी और छोड़ा जिससे यमुना का जल स्तर 205़ 40 से बढ़कर 206़ 70 हो गया है। शनिवार को ही यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर था।

कल इस बैराज से पांच लाख क्यूसेक जल छोड़ा गया था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बाढ़ के खतरे की आशंका के मद्देनजर कल आपात बैठक बुलाई थी और सभी मंत्रालय को अलर्ट किया था। दिल्ली के बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार लोहे के पुल पर शनिवार शाम सात बजे यमुना नदी का जल स्तर 205.30 मीटर हो गया जो खतरे के निशान 204.83 मीटर से 0.47 मीटर अधिक है।

भारत अपनी धार्मिक अल्पसंख्यक आबादी को 'अभूतपूर्व' सुविधाएं देता है: रिपोर्ट

आज सुबह यह स्तर 206़ 70 पर पहुंच गया। विभाग के अनुसार हथिनी कुंड बैरोज से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। विभाग का कहना है कि पानी की मात्रा को देखते हुए यमुना के जल में और बढ़ोतरी हो सकती हैं। नदी में बढ़ते जल स्तर को देखते एहतियातन किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। नदी क्षेत्र में स्थित कुछ गाँवों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में नदी के किनारे बसे न्यू उस्मानपुर, गढ़ी मांडू और सोनिया विहार से लोगों को हटाकर वहीं पास में सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। पानी में वृद्धि को देखते हुए निचले इलाके में रहने वाले लोग स्वयं भी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।

हथिनी कुंड बैराज दिल्ली से 200 किलोमीटर दूर हरियाणा के यमुना नगर में है। बैराज से छोड़े गये पानी यमुनानगर, करनाल और पानीपत होते हुए दिल्ली पहुंचेगा। कई वर्षों बाद हथिनी कुंड से इतना अधिक पानी यमुना में दिल्ली की तरफ छोड़ा गया है। दिल्ली सरकार का बाढ़ नियंत्रण विभाग सतर्क है और यमुना के किनारे बसे लोगों को हटाने का काम जोरों पर किया जा रहा है। पूर्वी जिले के एसडीएम अरुण गुप्ता ने बताया कि लोगों से ऊपरी स्थानों पर जाने की अपील की गई है। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने कई स्थानों पर प्रभावितों के रहने के लिए टेंट का इंतजाम किया है।

मन की बात कार्यक्रम में PM मोदी ने कहा, सुराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार कहने का वक्त आ गया

केजरीवाल ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी संबंधित मंत्रालयों तथा विभागों को अलर्ट करते हुए दिशा निर्देश दिए। श्री केजरीवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपातकालीन नियंत्रण कक्ष नंबर 1077 के बारे में विज्ञापन के जरिए जानकारी दी जाए ताकि लोगों को इसके बारे में पता चल सके। बाढ़ की स्थिति में लोग इस नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। संबंधित एजेंसियों ने श्री केजरीवाल को बताया कि निचले इलाकों से लोगों को निकालने का काम पहले ही शुरू किया जा सकता है।

नदी क्षेत्र में स्थित कुछ गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। उनके लिए टेंट लगाने का काम किया जा रहा है।केजरीवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों के लिए बिजली, भोजन और पेयजल सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी देखरेख में कोई कसर नहीं रहनी चाहिए। बैठक में बाढ़ संभावित क्षेत्र के पार्षदों, मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस, शहरी विकास, भसचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, सेना, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, स्वास्थ्य, राजस्व, डीयूएसआईबी, डीडीएमए, डीजेबी और अन्य संबंधित मंत्रालय और विभागों ने हिस्सा लिया।- एजेंसी

64 वर्षो में बाढ़ के कारण एक लाख से अधिक मौतें, 109202 करोड़ मूल्य की फसलों को नुकसान

मोदी रखेंगे 60 हजार करोड़ रूपए की परियोजनाओं की नींव

 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.